The Download Link has been successfully sent to your Mobile Number. Please Download the App.
You are welcome to the world of inspiring, thrilling and motivating stories written in your own language by the young and aspiring authors on Matrubharti. You will get a life time experience of falling in love with stories.
अधूरी किताब – सीजन 2एपिसोड 39 : भूले हुए अध्यायों का लोकभूले हुए अध्यायों का लोक...
भाग 1: खंडहरों में गूंजता संगीत (प्रस्तावना)राजस्थान के सुनहरे और अनंत धोरों (रे...
“ब्रह्म सत्यं जगत् मिथ्या, जीवो ब्रह्मैव नापरः।अनेन वेद्यं सच्छास्त्रं, इति वेदा...
अब्दुल हकीम, जो अब तक खामोश अपनी पुरानी रिवॉल्वर को सहला रहा था, अचानक आगे बढ़ा।...
रात का सन्नाटा कमरे की चार दीवारों के भीतर और गहराता जा रहा था। मद्धम पीली रोशनी...
(श्री के फोन में एक नोटिफिकेशन आया अब एक हफ्ते के बाद श्री को उत्तराखंड में as a...
किताबों का घरलेखक: विजय शर्मा एरीगाँव के किनारे, जहाँ पुरानी नीम की छाँव में धूल...
अगली सुबह घर में हल्की रौनक थी…श्रेया और करण सोफे पर बैठे हुए थे… और सामने स्पीक...
"चलो बच्चों, अब हम गार्डन में मस्ती करेंगे "यह सुनकर बच्चे खुश हो जाते हैं Ooo y...
आगे के भाग में आप ने सुना की कैसे दोनों मां बेटी के पर दुखों का समंदर आन पड़ा है...
अपने महापुरुषों का स्मरण भारत में एक श्रेष्ठ परम्परा रही है। कथा-कहानियों से लगाकर पुस्तकों तक उनके कर्तृत्व और आदर्श जीवन का सजीव चित्रण किया गया है। यदा-कदा पर्वों के माध्यम से भ...
दिव्य जीवन की एक झलक हमारा सौभाग्य है कि हमारी वसुन्धरा कभी संतों से विरहित नहीं रही। संतों की चेष्टायें साधन काल में भी एवं सिद्धावस्था में भी विभिन्न प्रकार की होती हैं पर होती...
फिल्मी दुनिया की बेरुखी और हद दर्जे की खुदगर्जी को भी काफी गहराई से महसूस किया है मैने। चढ़ते सूरज को नमस्कार करना ही शहर की फितरत में हैं।गिरते हुए को धक्का मार कर जमीन पर लेटा द...
"क्या देख रही हो?" उन दिनों मैं साल 1966 की बात कर रहा हूँ।तब कालेज आज की तरह जगह जगह नही हुआ करते थे।मेरे पिता रेलवे में थे और उनके ट्रांसफर होते रहते थे।इसलिए मेरी शिक्ष...
छत्रपति शिवाजी महाराज अप्रतिम थे। उनका पराक्रम, कूटनीति, दूरदृष्टि, साहस व प्रजा के प्रति स्नेहभाव अद्वितीय है। सैन्य-प्रबंधन, रक्षा नीति, अर्थशास्त्र, विदेश नीति, वित्त, प्रबंधन —...
यदा यदा हि धर्मस्य ग्लानिर्भवति भारत। अभ्युत्थानमधर्मस्य तदात्मानं सृजाम्यहम्।। — श्रीमद्भगवद्गीता संसार में दो प्रकार के पुरुष होते हैं। एक तो वह जो संसार के पीछे चलते हैं और...
मीठी की माँ को गुजरे कुछ ही वक्त हुआ था, और उसके रिश्तेदार उसके पापा की दूसरी शादी के लिए रिश्ते लाने लगे। पिताजी की सरकारी नोकरी होने के कारण किसी को भी ज्यादा वक्त नहीं लगता था...
एक बुक है जिसका में जिक्र कर रहा हूं। गृहस्थ संन्यासी जो बहुत पोपुलर है, जिसका आज सेमिनार आयोजित किया गया है और उसमें उसके लेखक खुद प्रस्तुत होने वाले हैं, जो स्टेज पर जा कर बुक के...
मेरा जन्म कृषक परिवार में हुआ था।पुश्तेनी पेशा खेती था।लेकिन बाद में सर्विस में भी आने लगे थे।मेरे बड़े ताऊजी रेलवे में ड्राइवर थे।उनसे छोटे खेती सम्हालते थे।उनसे छोटे हेड मास्टर...
में खुद से अलग हुआ जब मुझे घर से निकाला गया। तब मे कुछ नहीं करता था, मे बस घूमता रहता था, इसीलिए मुझे अपने घर से निकला दिया था। घरवालों ने कहा, "घर से निकाल जाओ।" तो म...
लॉग इन करें
लॉगिन से आप मातृभारती के "उपयोग के नियम" और "गोपनीयता नीति" से अपनी सहमती प्रकट करते हैं.
वेरिफिकेशन
ऐप डाउनलोड करें
ऐप डाउनलोड करने के लिए लिंक प्राप्त करें
Copyright © 2026, Matrubharti Technologies Pvt. Ltd. All Rights Reserved | Powered by Custom Web Development Company India.
Please enable javascript on your browser