सामाजिक कहानियां कहानियाँ पढ़े और PDF में डाउनलोड करे

Stories and books have been a fundamental part of human culture since the dawn of civilization, acting as a powerful tool for communication, education, and entertainment. Whether told around a campfire, written in ancient texts, or shared through modern media, Moral Stories in hindi books and stories have the unique ability to transcend time and space, connecting people across generations and cult...Read More


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सन्यासी -- भाग - 23 By Saroj Verma

जब सबने नाश्ता कर लिया तो शिवनन्दन जी हरदयाल से बोले...."तो हरदयाल! अब हम सभी को निकालना चाहिए","जी! अब ना रोकूँगा साहब जी!,आपने मेरी बात का मान रखा और रात भर को यहाँ ठहरे,इतने में...

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शोहरत का घमंड - 98 By shama parveen

तब ईशा बोलती है, "वैसे भी हम स्कूल से दोपहर में आ जाते है और स्कूल से आने के बाद हम फ्री ही रहते हैं"।तब मीनू बोलती है, "मगर इस तरह के आलीशान घर में रह कर हम, रेहड़ी लगाएंगे तो कैस...

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सावन का फोड़ - 8 By नंदलाल मणि त्रिपाठी

सिद्धार्थ ने बड़े ध्यान से पत्नी माधवी को देखते और स्तब्ध रह गए पल भर के लिए स्वंय सोच में पड़ गए की आखिर माधवी को हुआ क्या है? बहुत हिम्मत करते हुए उन्होंने माधवी को पुकारा माधवी मा...

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शुभम - कहीं दीप जले कहीं दिल - पार्ट 9 By Kaushik Dave

" शुभम - कहीं दीप जले कहीं दिल"( पार्ट -९)जब कोई व्यक्ति किसी का भला करने का प्रयास कर रहा होता है तो विघ्नों का सामना करना पड़ता है।इंसान की कुछ यादें चाहे अच्छी हों या दुखद, भुला...

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कामवासना से प्रेम तक - भाग - 5 By सीमा कपूर

मुकेश:- मैं कल फ्री हूं तो मिलते हैं कल डिनर पर, ऐसा करो तुम चाहें छुट्टी ले लो।अजय:- पर छुट्टी सर /आप तो रात में आ रहे हों।मुकेश:- हां भाई एक दिन तो मेनेज हो ही जाएगा अजय:-जी सर।"...

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लाचार By Suresh Chaudhary

,, तुमने आज तक दिया ही क्या है, पूरे साल में केवल एक सूट, कई कई दिन में एक बार सब्जी और दिन चटनी के साथ रोटी वो पेट भराई नही,,। पत्नी अंजुम की आवाज में आज बहुत ही कड़वे अंदाज का एह...

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उजाले की ओर –संस्मरण By DrPranava Bharti

=================== स्नेहिल नमस्कार मित्रो भीग उठता है मन जब देखते हैं कि रिश्तों में गांठ पड़ रही है। य...

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My Devil Hubby Rebirth Love - 23 By Naaz Zehra

1 घंटे बाद रुद्र रूही के कमरे में आया रूही जो मोबाइल चला रही थी उसने जैसे ही अपने कमरे में किसी आहट सुनी दरवाजे की तरफ देखा तो रुद्रा खड़ा हुआ था उसका एक हाथ पेंट की जेब में था और...

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महिला पुरूषों मे टकराव क्यों ? - 104 By Captain Dharnidhar

बदली ने अभय को सॉरी कहा तो अभय मुस्कुराकर बोला ..बदली ! तुम्हारा शकिया दिमाग किसी दिन जीव का जंजाल बन जायेगा । तुम्हारी शादी होजाने पर तो तुम्हारे हसबैंड की वाट लग जायेगी । बदली ने...

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कच्ची उम्र का प्रेम - एक अभिशाप By Nikku

एक शांत शहर में, नदियों के बीच बसा लखीमपुर, अनीका नाम की एक लड़की रहती थी। अनीका सुंदर और मासूम थी। उसका जीवन सरल था, दोस्तों की हंसी और परिवार की खुशियों से भरा हुआ। फिर भी, इस सर...

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पर्दाफाश - भाग - 9 (अंतिम भाग) By Ratna Pandey

आहुति की दर्द और डर से भरी बातें सुनते ही वंदना वह पत्र लेकर अंदर कमरे में आ गई और वहाँ खड़ी होकर रोने लगी। उसे देखते ही आहुति और पार्वती उठकर बैठ गए। आहुति ने पूछा, "मम्मा क्या हु...

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ख्वाहिश,,,,कत्ल उम्मीदों का - भाग 4 By Paramjeet Kaur

भाग 4जहां एक ओर पुलिस थाने से इंस्पेक्टर द्वारा सुखविंदर जी को जबर्दस्ती भेज दिया गया था तो वही दूसरी ओर रिश्तेदारों के ताने सुन रही अल्का जी को रह रह कर जब भी अपनी बेटी की याद आती...

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गुनगुनाते पंछी By DINESH KUMAR KEER

1. शरारती बच्चाचिंटू बहुत शरारती बच्चा था । वह अक्सर शरारत करता था और लोगों को परेशान करके खूब हँसता था । एक दिन चिंटू को शरारत सूझी । उसके पास कुछ रुपये थे । चिंटू को भूख लगी थी ।...

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लोकतंत्र का उत्सव By DINESH KUMAR KEER

1. लोकतंत्र का उत्सवएक छोटे से गाँव में एक साधारण - सा परिवार रहता था । परिवार में सभी लोग एक - दूसरे को बहुत ही प्यार करते थे और बहुत ही प्यार से रहते थे । उस परिवार में दो बेटे थ...

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तब ईशा बोलती है, "वैसे भी हम स्कूल से दोपहर में आ जाते है और स्कूल से आने के बाद हम फ्री ही रहते हैं"।तब मीनू बोलती है, "मगर इस तरह के आलीशान घर में रह कर हम, रेहड़ी लगाएंगे तो कैस...

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सावन का फोड़ - 8 By नंदलाल मणि त्रिपाठी

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,, तुमने आज तक दिया ही क्या है, पूरे साल में केवल एक सूट, कई कई दिन में एक बार सब्जी और दिन चटनी के साथ रोटी वो पेट भराई नही,,। पत्नी अंजुम की आवाज में आज बहुत ही कड़वे अंदाज का एह...

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