नाटक कहानियाँ पढ़े और PDF में डाउनलोड करे

Stories and books have been a fundamental part of human culture since the dawn of civilization, acting as a powerful tool for communication, education, and entertainment. Whether told around a campfire, written in ancient texts, or shared through modern media, Drama in hindi books and stories have the unique ability to transcend time and space, connecting people across generations and cultures. Th...Read More


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  • Honted Jobplace - 10

    8th फ्लोर — अंदर श्राव्या डरी हुई कोने में सिमटी है। बाहर से ज़ोर-ज़ोर की आवाज़े...

  • ​अरेंज मैरिज का संदूक

    **एपिसोड: बदलते रंग**कहा जाता है कि प्रेम विवाह (लव मैरिज) में इंसान जो रोता है,...

  • पवित्र प्रेम या अभिशाप ? - 4

    अगली सुबह…ऑफिस का माहौल सामान्य था…लोग अपने काम में लगे हुए थे…लेकिन हवा में एक...

मौत से भागती दुल्हन - 10 By Sonam Brijwasi

किशिराज की बात हवा में रुक-सी गई—तुम्हें मुझसे शादी करनी होगी।━━━━━━━━━━━━━━━कमरे में एकदम सन्नाटा छा गया। बारिश की आवाज़ भी जैसे धीमी पड़ गई हो। शुभिका उसे घूरकर देखती रह गई। कुछ...

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अनकहा जुनूँ - 1 By Priya Chaudhary

(बैकग्राउंड में हल्की बारिश की आवाज़, धीरे-धीरे एक उदास पियानो म्यूजिक शुरू होता है)नरेटर (गहरी और शांत आवाज़): "इंसान की ज़िंदगी में कुछ लम्हे ऐसे आते हैं, जहाँ वो हार मान लेता है। उ...

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50 दिन का सन्नाटा - एपिसोड 10 By Priya Chaudhary

(एक अजीब सी गूँज, जैसे हज़ारों लोग एक साथ फुसफुसा रहे हों। आईने के कमरों में टकराती हुई आर्यन की अपनी ही चीखें। हर तरफ से आ रही 'हंसने' की आवाज़ें जो किसी डरावने मेले का एह...

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Honted Jobplace - 10 By Sonam Brijwasi

8th फ्लोर — अंदर श्राव्या डरी हुई कोने में सिमटी है। बाहर से ज़ोर-ज़ोर की आवाज़ें आ रही हैं।कृषांत (बाहर से, गुस्से में) बोला - श्राव्या!! पीछे हटो!!अचानक — एक ज़ोरदार किक…धड़ाम!!!...

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रोशनी जिंदगी की कैसी कशमकश By RAAHULL SHARMA

उत्तर प्रदेश के छोटे से गांव मेहनूपुर की मिट्टी की खुशबू कहानीकहानी की शुरुआत: मेहनूपुर की गलियांमेहनूपुर एक ऐसा गांव है जहां सूरज की पहली किरण के साथ ही हल की आवाजें गूँजने लगती ह...

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फुटपाथिया - 2 By Dr. Suryapal Singh

अंक दो (थाने के अन्दर का मैदान। एक मेज़ और दो कुर्सियाँ रखी हैं। वापट खुश होकर चहलकदमी करता है। मेज़ पर फाइल रखी है।)बापट- मिल गया चोर। दूसरे किसी को क्यों नहीं मिला? बापट सभी कैसे ह...

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आशिकी.....अब तुम ही हो। - 12 By vaishnavi Shukla

अध्याय: 12दृश्य: सनाया का घर,आशुतोष तेज कदमों से सीढ़ियां चढ़ते हुए सनाया के कमरे के सामने पहुंचता है। कमरे का दरवाजा अंदर से बंद था ।आशुतोष:(कमरे के दरवाजे के सामने खड़े होकर) सना...

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​अरेंज मैरिज का संदूक By sukhvinder Singh Rai

**एपिसोड: बदलते रंग**कहा जाता है कि प्रेम विवाह (लव मैरिज) में इंसान जो रोता है, वह शादी से पहले रो लेता है। लेकिन अरेंज मैरिज एक ऐसा बंद संदूक है, जिसे खोलने के बाद अगर किस्मत दगा...

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पवित्र प्रेम या अभिशाप ? - 4 By Sonam Brijwasi

अगली सुबह…ऑफिस का माहौल सामान्य था…लोग अपने काम में लगे हुए थे…लेकिन हवा में एक अजीब भारीपन था। तभी मुख्य दरवाज़ा खुला…और अंदर आई सिद्धिका। आज वो पहले जैसी नहीं लग रही थी। उसने वही...

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दरवाज़ा खुला था, पर उड़ने की हिम्मत मर चुकी थी - 4 By Praveen Kumrawat

जब अपना ही दिमाग दुश्मन बन जाए: OCD का चक्रव्यूहमानव जीवन में सबसे सुरक्षित स्थान उसका अपना मन माना जाता है। जब दुनिया विरोध में खड़ी हो, तब भी इंसान अपने विचारों में शरण ढूँढ़ लेत...

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तनुदा का अपहरण - 1 By Dr. Suryapal Singh

 (तनु का कमरा। एक मेज़ और चार कुर्सियाँ। मेज़ पर एक साधारण मेज़पोश। उस पर कुछ पत्रिकाएँ एवं फाइलें, कमरे के कोने में पानी से भरा एक घड़ा है। घड़ा परई से ढका है। परई के ऊपर एक गिलास औंधा...

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MTNL की घंटी - 17 By kalpita

महक हाल से बाहर आ गई थी। भीतर की भीड़, शोर और हवा में फैली हुई परफ्यूम की मिली-जुली महक उसे घुटन जैसी लग रही थी। बाहर निकलते ही हल्की-हल्की बूंदें उसके चेहरे को छू गईं। हवा में ठंड...

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नशा - 2 By Dr. Suryapal Singh

नागरिक- पंडित जी मैं लोटा तो नहीं खरीदता मगर आप मार नहीं सकते । लोटा आपको ले जाना चाहिए। इसके छू लेने से लोटा नापाक नहीं हो गया। दर्शक बन्धु ठीक कह रहा हूँ।त्रिवेणीनाथ- दर्शकों से...

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उन्हें नींद नहीं आती-3 By Dr. Suryapal Singh

अंक- 3 (स्थान वही, कटियार एक कुर्सी पर ऊँघ रहा है। मटरू दौड़ता हुआ आता है।)मटरू- सरकार? (मटरू थर-थर काँपता है। एक बार दौड़कर अन्दर झाँककर) सरकार? (कटियार के चारो ओर चक्कर लगाकर) सरका...

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दो पतियों की लाडली पत्नी - 28 By Sonam Brijwasi

रात के 2 बजे। बाहर तेज़ हवा चल रही है। घर में गहरा सन्नाटा है।श्रेया अचानक घबरा कर उठ बैठती है। चेहरे पर पसीना… साँस तेज़-तेज़ चल रही है।श्रेया (रोते हुए, काँपती आवाज़ में) बोली - ...

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इस घर में प्यार मना है - 37 By Sonam Brijwasi

घर का लिविंग रूम…संशिका और अंशिका अब थोड़ी बड़ी हो गई थीं…दोनों भाग-दौड़ मचा रही थीं कार्तिक उन्हें पकड़ने की कोशिश कर रहा था —कार्तिक बोला - अरे मेरी परियों… इधर आओ!दोनों एक साथ...

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इश्क़ का इलाका - 3 By Aarushi Singh Rajput

पटना।बिहार की राजधानी।उस रात शहर के सबसे बड़े बैंक्वेट हॉल में शादी थी।सिन्हा जी की बेटी की शादी।पुराने नेता। बड़ा नाम। इसलिए शादी में नेता, अफसर, बिज़नेसमैन — सब आए हुए थे। बाहर म...

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गीत गाने दो मुझे - 3 By Dr. Suryapal Singh

अंक तीन (निराला का वही घर । ओसारा जर्जर हो चुका है। तख्ते पर रजाई बिछी है। तकिए की जगह ईट रखी है। दीवाल के निकट ही पानी से भरा घड़ा रखा है। घड़ा एक कुल्हड़ से ढका है। दीवाल के सहारे प...

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अकथ - भाग 5 By silent script

अवनि की आँखें अचानक खुल गईं। वह इतनी हैरान थी कि उसका दिमाग सुन्न पड़ गया था। उसे समझ नहीं आ रहा था कि वह इस बात से राहत महसूस करे कि उस मासूम बच्चे की मौत की वजह वह खुद नहीं थी, य...

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मौत से भागती दुल्हन - 10 By Sonam Brijwasi

किशिराज की बात हवा में रुक-सी गई—तुम्हें मुझसे शादी करनी होगी।━━━━━━━━━━━━━━━कमरे में एकदम सन्नाटा छा गया। बारिश की आवाज़ भी जैसे धीमी पड़ गई हो। शुभिका उसे घूरकर देखती रह गई। कुछ...

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अनकहा जुनूँ - 1 By Priya Chaudhary

(बैकग्राउंड में हल्की बारिश की आवाज़, धीरे-धीरे एक उदास पियानो म्यूजिक शुरू होता है)नरेटर (गहरी और शांत आवाज़): "इंसान की ज़िंदगी में कुछ लम्हे ऐसे आते हैं, जहाँ वो हार मान लेता है। उ...

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50 दिन का सन्नाटा - एपिसोड 10 By Priya Chaudhary

(एक अजीब सी गूँज, जैसे हज़ारों लोग एक साथ फुसफुसा रहे हों। आईने के कमरों में टकराती हुई आर्यन की अपनी ही चीखें। हर तरफ से आ रही 'हंसने' की आवाज़ें जो किसी डरावने मेले का एह...

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Honted Jobplace - 10 By Sonam Brijwasi

8th फ्लोर — अंदर श्राव्या डरी हुई कोने में सिमटी है। बाहर से ज़ोर-ज़ोर की आवाज़ें आ रही हैं।कृषांत (बाहर से, गुस्से में) बोला - श्राव्या!! पीछे हटो!!अचानक — एक ज़ोरदार किक…धड़ाम!!!...

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रोशनी जिंदगी की कैसी कशमकश By RAAHULL SHARMA

उत्तर प्रदेश के छोटे से गांव मेहनूपुर की मिट्टी की खुशबू कहानीकहानी की शुरुआत: मेहनूपुर की गलियांमेहनूपुर एक ऐसा गांव है जहां सूरज की पहली किरण के साथ ही हल की आवाजें गूँजने लगती ह...

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फुटपाथिया - 2 By Dr. Suryapal Singh

अंक दो (थाने के अन्दर का मैदान। एक मेज़ और दो कुर्सियाँ रखी हैं। वापट खुश होकर चहलकदमी करता है। मेज़ पर फाइल रखी है।)बापट- मिल गया चोर। दूसरे किसी को क्यों नहीं मिला? बापट सभी कैसे ह...

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आशिकी.....अब तुम ही हो। - 12 By vaishnavi Shukla

अध्याय: 12दृश्य: सनाया का घर,आशुतोष तेज कदमों से सीढ़ियां चढ़ते हुए सनाया के कमरे के सामने पहुंचता है। कमरे का दरवाजा अंदर से बंद था ।आशुतोष:(कमरे के दरवाजे के सामने खड़े होकर) सना...

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​अरेंज मैरिज का संदूक By sukhvinder Singh Rai

**एपिसोड: बदलते रंग**कहा जाता है कि प्रेम विवाह (लव मैरिज) में इंसान जो रोता है, वह शादी से पहले रो लेता है। लेकिन अरेंज मैरिज एक ऐसा बंद संदूक है, जिसे खोलने के बाद अगर किस्मत दगा...

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पवित्र प्रेम या अभिशाप ? - 4 By Sonam Brijwasi

अगली सुबह…ऑफिस का माहौल सामान्य था…लोग अपने काम में लगे हुए थे…लेकिन हवा में एक अजीब भारीपन था। तभी मुख्य दरवाज़ा खुला…और अंदर आई सिद्धिका। आज वो पहले जैसी नहीं लग रही थी। उसने वही...

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दरवाज़ा खुला था, पर उड़ने की हिम्मत मर चुकी थी - 4 By Praveen Kumrawat

जब अपना ही दिमाग दुश्मन बन जाए: OCD का चक्रव्यूहमानव जीवन में सबसे सुरक्षित स्थान उसका अपना मन माना जाता है। जब दुनिया विरोध में खड़ी हो, तब भी इंसान अपने विचारों में शरण ढूँढ़ लेत...

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 (तनु का कमरा। एक मेज़ और चार कुर्सियाँ। मेज़ पर एक साधारण मेज़पोश। उस पर कुछ पत्रिकाएँ एवं फाइलें, कमरे के कोने में पानी से भरा एक घड़ा है। घड़ा परई से ढका है। परई के ऊपर एक गिलास औंधा...

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नागरिक- पंडित जी मैं लोटा तो नहीं खरीदता मगर आप मार नहीं सकते । लोटा आपको ले जाना चाहिए। इसके छू लेने से लोटा नापाक नहीं हो गया। दर्शक बन्धु ठीक कह रहा हूँ।त्रिवेणीनाथ- दर्शकों से...

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उन्हें नींद नहीं आती-3 By Dr. Suryapal Singh

अंक- 3 (स्थान वही, कटियार एक कुर्सी पर ऊँघ रहा है। मटरू दौड़ता हुआ आता है।)मटरू- सरकार? (मटरू थर-थर काँपता है। एक बार दौड़कर अन्दर झाँककर) सरकार? (कटियार के चारो ओर चक्कर लगाकर) सरका...

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दो पतियों की लाडली पत्नी - 28 By Sonam Brijwasi

रात के 2 बजे। बाहर तेज़ हवा चल रही है। घर में गहरा सन्नाटा है।श्रेया अचानक घबरा कर उठ बैठती है। चेहरे पर पसीना… साँस तेज़-तेज़ चल रही है।श्रेया (रोते हुए, काँपती आवाज़ में) बोली - ...

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इस घर में प्यार मना है - 37 By Sonam Brijwasi

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अकथ - भाग 5 By silent script

अवनि की आँखें अचानक खुल गईं। वह इतनी हैरान थी कि उसका दिमाग सुन्न पड़ गया था। उसे समझ नहीं आ रहा था कि वह इस बात से राहत महसूस करे कि उस मासूम बच्चे की मौत की वजह वह खुद नहीं थी, य...

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