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Stories and books have been a fundamental part of human culture since the dawn of civilization, acting as a powerful tool for communication, education, and entertainment. Whether told around a campfire, written in ancient texts, or shared through modern media, Classic Stories in hindi books and stories have the unique ability to transcend time and space, connecting people across generations and cu...Read More


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द्वारावती - 46 By Vrajesh Shashikant Dave

46केशव ने जब गुरुकुल में प्रवेश किया तो उसे द्वार पर दो छात्र मिले। केशव ने उनको देखा, उन्होंने भी केशव को देखा। केशव ने उन्हें स्मित प्रदान किया किन्तु उन दोनों ने उसका कोई प्रतिभ...

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तमस ज्योति - 22 By Dr. Pruthvi Gohel

प्रकरण - २२ममतादेवीने फातिमा को एक और जिम्मेदारी सौंपी। वो थी अतिथियों के लिए निमंत्रण पत्रिका तैयार करने की। जब ममतादेवीने यह बात फातिमा को बताई तो फातिमाने ममतादेवी से कहा, "आप ब...

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मीरा प्रेम का अर्थ - 3 - माधव की मीरा By sunita maurya

वहा इतनी सारी लड़किया थी जिन्होंने रंग बिरंगी कपडे पहने थे। उन में से कुछ ने भी कथक की ड्रेस पहनी थी....अब माधव के लिए ये काफी मुश्किल हो गया था मीरा को ढूंढ़ना...तब उसकी नजर एक बै...

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गोर्की देव का मुरब्बा By Prabodh Kumar Govil

"सच में नई पीढ़ी हमसे बहुत अच्छी है। इसे कम से कम हमारी जैसी लत तो नहीं है कि इतने बजे पेप्सी चाहिए, इतने बजे पिज़्ज़ा! हमें देखो, चार बजे नहीं कि बस, चाय चाहिए। ऐसी तलब लगती है कि...

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रेत होते रिश्ते - भाग 12 ( अंतिम भाग ) By Prabodh Kumar Govil

जोसफ नादिर से मेरा परिचय बिना किसी शक-शुबहे के परवान चढ़ गया। मैं एक विशुद्ध कारोबारी ग्राहक के तौर पर ही उससे कई बार मिल लिया था और वह अब मेरे प्रति पूर्ण आश्वस्त था। अपने गैरकानू...

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जाको राखे सांईयां मार सके ना कोय By Rajesh Maheshwari

जाको राखे सांईयां मार सके ना कोय   मध्यप्रदेश की संस्कारधानी जबलपुर के समीप पतित पावनी नर्मदा नदी के किनारे मोहनिया नामक गांव में रामदास एवं रामेश्वरदास नाम के दो नजदीकी मित्रों के...

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इंद्रप्रस्थ - 2 By Shakti

परम पराक्रमी युधिष्ठिर नगरी के राजा बने। भीम मुख्य सेनापति बने। अर्जुन नकुल सहदेव मंत्री बने। युधिष्ठिर के राज्य में सब सुखी थे। अगल-बगल के गरीब लोग भी आकर युधिस्ठिर की नगरी में बस...

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अनीश (माँ का प्यार) By DINESH KUMAR KEER

1. अनीश और माँ का प्यारएक दिन की बात है । अनीश अपने दोस्तों के साथ रविवार की शाम मेला देखने पास के गाँव ये कह कर माँ से गया कि - "माँ ! मैं बस थोड़ी देर में ही आ जाऊँगा । पास के मै...

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रंजना By Narayan Menariya

रंजना - एक सच्ची घटना पर आधारित एक अधूरे प्यार की कहानी है, जिसको मैने दिनाँक 26 जुलाई, 2015 को लिखा था। अधूरा प्यार इसलिए क्योंकि, इस कहानी का एक पात्र अब हमारे बीच इस दुनियां में...

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पैरासाइट By ABHAY SINGH

पैरासाइट, याने पिस्सू !!!खून चूसने वाला, दूसरे के दिये पर जीने वाला, औरो को खाकर जीने वाला.. हिंदी में परजीवी कहते है। परजीवी का अस्तित्व स्वतंत्र नही होता। उसे जिंदा रहने के लिए क...

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अमर अमर By Shakti

अमर मै अमर तो हो गया। लेकिन फिर इससे कई प्रॉब्लम भी आने लगी। जवान और अमर होने के फायदे तो कई हुए। लेकिन घाटे भी कई हुए। सैकड़ो साल जिंदा रहने के कुछ फायदे हैं तो कुछ नुकसान भी हैं।...

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मकान नम्बर बासठ By Lalit Kishor Aka Shitiz

सुबह सुबह नहा धो कर मैं सेकेंड फ्लोर की बालकनी में आ कर बैठ गया... करीबन छ: सवा छ: बज रहे थेसीढ़िया चढ़ते हुए जब आ रहा था तो सभी कमरों के बाहर लगे कूलर सररर सरर्र कर रहे थे, किसी क...

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परिक्षाफल (हम आगे बढ़ सकें) By DINESH KUMAR KEER

15 मई को बच्चों का परीक्षा परिणाम घोषित किया जाना था। बच्चों को परीक्षा परिणाम जानने की बहुत ही उत्सुकता थी। सभी बच्चे आपस में एक - दूसरे से चर्चा करते कि - "मैंने ऐसा लिखा है... म...

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