The Download Link has been successfully sent to your Mobile Number. Please Download the App.
You are welcome to the world of inspiring, thrilling and motivating stories written in your own language by the young and aspiring authors on Matrubharti. You will get a life time experience of falling in love with stories.
[34]शैल ने सारा के साथ आश्रम में प्रवेश किया। संध्या हो चुकी थी। आश्रम में विशेष...
(सुबह का वक्त।)(सुनीति रसोई में खड़ी है। चाय उबल रही है…वो ध्यान में नहीं।)(चाय...
उस तांत्रीक ने अपने जेब से मुठ्ठी बंद करके कुछ निकालता है और मंत्र बड़बड़ाकर वर्...
बगावत के सुर, एपिसोड 14: नया शत्रु, टूटती एकजुटआरव की पहली हँसी ने घर भर दिया। श...
वेदान्त 2.0 — ज्ञान नहीं, जीवन का बोध 1. आज का “ज्ञान” जीवन को सूखा बना रहा है आ...
एक पुराने मंदिर में शरण ली। माया ने बच्चे को स्तनपान कराया। नीली दूध की धारा ऊर्...
अर्शित किचेन में गया और सिया के लिए सूप बनाने लगा उसने सिया को अपने हाथों से सूप...
भोग से भी बड़ा आनंद:- रोहित ने उस बांसुरी को श्रद्धा पूर्वक अपने मस्तक स...
प्रश्न- महाविद्यालय भटवली बाजार में आप 15 वर्ष रह गये। वहाँ का अनुभव कैसा रहा ? ...
महाभारत की कहानी - भाग-१८८ राजा के मित्र, दंडविधि, राजकर, युद्धनीति विषय में भीष...
महाभारत की कहानी - भाग- १ शिखंडी की कहानी और भीष्म की इच्छामृत्यु प्रस्तावना संपूर्ण महाभारत पढ़ने वाले लोगों की संख्या बहुत कम है। अधिकांश लोगों ने महाभारत की कुछ कहानी पढ़ी, सु...
नेहरू की भूलों की सूची में ‘आजादी से पूर्व की भूलों’ के तहत अधिक भूलें दर्ज नहीं हैं, जबकि उनकी ‘आजादी के बाद की भूलों’ की सूची काफी लंबी है और ऐसा शायद इसलिए है; क्योंकि आजादी से...
इस कहानी के सभी पात्र काल्पनिक है इसका किसी जीवित, जंतु, मानव संसाधन से कोई लेना देना नही है अगर ऐसा होता है तो ये मात्र एक सयोग होगा ,,, जय हिन्द, इस कहानी को लिखने का उद्देश्य क...
में और मेरे अहसास भाग-१ *** ईश्क में तेरे जोगन बन गई lआज राधा जोगन बन गई ll *** गरघर कीदीवार केकर्णहोतेकोई घरखड़ाना होता ll *** काटे नहीं कटता एक पल यहां lकैसे कटेगी एक उम्र भला यहा...
यह शब्द सुना तो बहुत था, बचपन में इस पर निबंध भी बहुत लिखे थे पर मेरे लिए यह शब्द तब तक अस्तित्व में नहीं था जब तक की मुझे मेरी सहेली ने इसका असल अर्थ समझाया नहीं था। मेरे पिताज...
हॉस्पिटल में आईसीयू के बाहर की हवा भारी थी, जिसमें फिनाइल की तीखी गंध और वेंटिलेटर की 'बीप-बीप' करती डरावनी आवाज़ मिली हुई थी। सान्वी वर्मा के हाथ में पकड़ा हुआ वह बीस लाख...
शाम का समय था । जानवी अपने पापा अशोक मुखर्जी से अपने पसंद के लड़के से शादी करने की जिद कर रही थी । जिस कारण से अशोक अपनी एकलौती बेटी जानवी को डांटता है । अशोक धनबाद शहर का एक जाना...
इस शाम की तरह जिंदगी भी ढल रही थी राधा की.... शाम के 4:00 रहे थे, राधा अपने कमरे से निकल कर बाहर आती है। क्या हुआ राधा कुछ चाहिए क्या तुम्हें? तुम उठकर क्यों चली आई मुझे ब...
"रात 3:12 बजे की दस्तक" — इस सीरीज के हर एपिसोड में आपको मिलेगी एक बिल्कुल नई और रोंगटे खड़े कर देने वाली कहानी। एपिसोड 1: रात 3:12 बजे की दस्तक रात का सन्नाटा इतना गह...
घड़ी की टिक टिक आवाज आ रही थी। जिसके साथ ही फोन पर एक टिंग की आवाज आई। जिसे सुन डेस्क पर बैठी उस लड़की ने एक गहरी सांस लेकर फोन उठाया । उस फोन पर कई मैसेज आए हुए थे " अना...
लॉग इन करें
लॉगिन से आप मातृभारती के "उपयोग के नियम" और "गोपनीयता नीति" से अपनी सहमती प्रकट करते हैं.
वेरिफिकेशन
ऐप डाउनलोड करें
ऐप डाउनलोड करने के लिए लिंक प्राप्त करें
Copyright © 2026, Matrubharti Technologies Pvt. Ltd. All Rights Reserved.
Please enable javascript on your browser