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  • Sirf Tumhara - 11

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  • दो पतियों की लाडली पत्नी - 61

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  • भरोसा मत तोड़िए

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  • दादी की सीख

    प्रियांशी मधु नगर में अपनी दादी कमला के साथ रहती थी। उसके परिवार में कमला के अला...

  • बांसुरी की धुन - भाग 1

    बांसुरी की वह धुनभाग — प्रथमभारत को आज़ाद हुए अभी कुछ ही वर्ष हुए थे।देश स्वतंत्...

  • अभी कहानी बाकी है - 1

    जन्म से कॉलेज तक मेरा नाम अंकित है। मैं उत्तराखंड के चमोली जिले के एक छोटे से गा...

  • दो धड़कनें, एक वादा - 1

    एक भाई का प्यार... एक लड़की का समर्पण... और एक ऐसा राज़, जो तीन जिंदगियों को बदल...

क्या तुम वापस आ गयी ? By zeba Praveen

क्या तुम वापस आ गयी ? मुख्य पात्र डॉ साहिल आलिया डॉ विवेक कहानी का आधार -ये कहानी एक डॉक्टर की हैं जिसका दो साल पहले तलाक हो चूका...

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रात का सूरजमुखी By S Bhagyam Sharma

रात का सूरजमुखी मूल तमिल लेखक राजेश कुमार हिन्दी अनुवाद एस. भाग्यम शर्मा संपादिका रितु वर्मा तमिल लेखक राजेश कुमार इस कहानी के मूल तमिल लेखक राजेश कुमार है। आपने 50 वर्षों में डेढ़...

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काले कोस, अंधेरी रातें By Kavita Sonsi

काले कोस, अंधेरी रातें (1) ‘महावीर एन्क्लेव’ पहुँचने के बाद मैं जरा ठहरी थी, वहाँ से कई संकरी गलियां मुख्य सड़क से नीचे उतर रही थीं। बेटी को गोद मेँ उठाए कच्चे से रास्ते पर लोगों से...

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राज By Anil Sainger

अंकुर डायरी में लिखे नाम और पते को घर के बाहर लगी नाम पटिका(name plate) से मिलाता है | पता तो ठीक था लेकिन नाम अलग लिखे थे | यह देख वह असमंजस में पड़ जाता है | सिर खुजाते हुए वह अभी...

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और कहानी मरती है By PANKAJ SUBEER

और कहानी मरती है (कहानी - पंकज सुबीर) (1) कहानी के पात्र आज फिर बग़ावत पर उतारू हैं, ऐसा पिछले एक सप्ताह से हो रहा है। अपनी इस कहानी को जब भी आगे बढ़ाने का प्रयास करता, इसके पात्र फ़...

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धनिया By Govardhan Yadav

भिनसारे उठ बैठती धनिया और बाउण्ड्री वाल से चिपकर खड़ी हो जाती। उसकी खोजी नजरें, पहाड़ों की गहराइयों में अपना गाँव खोजने में व्यस्त हो जातीं। गहरे नीले-भूरे रंग के धुंधलके की चादर त...

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ये चकलेवालियां, ये चकलेबाज By Neela Prasad

ये चकलेवालियां, ये चकलेबाज नीला प्रसाद (1) सुबह दफ्तर में वह दिन और दिनों जैसा ही था– एकरसता की लड़ी में गुथा, जाने - पहचाने स्वाद वाला। जाते वसंत की खिली धूप में चमकदार, कुरमुरा,...

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सीप में बंद घुटन.... By Zakia Zubairi

सीप में बंद घुटन.... ज़किया ज़ुबैरी (ब्रिटेन) (1) आज वह घुट रही थी कि रवि चुप क्यों है---!! जब रवि की बड़ी बड़ी शरबती आँखों में शीला की गहरी काली काली आँखों ने झाँका था तो रवि ने अपन...

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बिकी हुई लड़कियां By Neela Prasad

बिकी हुई लड़कियां नीला प्रसाद (1) मैं उसके घर के दरवाजे के सामने खड़ी हूं. दूसरे तल्ले के उसके घर के बाहर तक सीढ़ियां लांघकर नहीं, अंदर उमड़ती लहरों को चीरकर पहुंची हूं. अलग-अलग कि...

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मेगा 325 By Harish Kumar Amit

मेगा 325 हरीश कुमार 'अमित' (1) ''वैरी-वैरी हैप्पी बर्थडे, बड़े दादू।'' कहते हुए शशांक ने दादा जी को जगाया. शशांक की आवाज़ सुनते ही बड़े दादा जी एकदम से उठ गए....

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