महिला विशेष कहानियाँ पढ़े और PDF में डाउनलोड करे

Stories and books have been a fundamental part of human culture since the dawn of civilization, acting as a powerful tool for communication, education, and entertainment. Whether told around a campfire, written in ancient texts, or shared through modern media, Women Focused in hindi books and stories have the unique ability to transcend time and space, connecting people across generations and cult...Read More


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  • अन्धायुग और नारी - भाग(४३)

    और फिर उस दिन नवाब साहब से हमारी मुलाकात बस इतनी ही रही ,वे कुछ देर हमारे साथ रु...

  • एक थी नचनिया - भाग(३५)

    और अब इस विषय में डाक्टर मोरमुकुट सिंह से बात की गई तो वे बोले.... "क्या शुभांकर...

  • एहिवात - भाग 20

    सौभाग्य को चिन्मय के प्रति भाव कि अनुभूति में प्यार का समन्वय हो चुका था जब भी च...

अन्धायुग और नारी - भाग(४३) By Saroj Verma

और फिर उस दिन नवाब साहब से हमारी मुलाकात बस इतनी ही रही ,वे कुछ देर हमारे साथ रुके और कुछ बातें की,उन्होंने हमसे कहा.... "सुना है,आप आलिम हैं,शेर कह लेतीं हैं और अंग्रेजी भी जानतीं...

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एक थी नचनिया - भाग(३५) By Saroj Verma

और अब इस विषय में डाक्टर मोरमुकुट सिंह से बात की गई तो वे बोले.... "क्या शुभांकर के मन में माधुरी के प्रति गलतफहमी पैदा करना ठीक रहेगा? अगर उसने इस बात को दिल से लगा लिया तो फिर तो...

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एहिवात - भाग 20 By नंदलाल मणि त्रिपाठी

सौभाग्य को चिन्मय के प्रति भाव कि अनुभूति में प्यार का समन्वय हो चुका था जब भी चिन्मय को देखती उसके मन मे भविष्य के लिए अनेको भवनाओं के ज्वार उठने लगते उसे लगता कि चिन्मय ही उसके अ...

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एक बेटी के लिए क्या होते हैं पिता ..... By Purnima Kaushik

एक बेटी जब इस दुनिया में जन्म लेती है तो सबसे अधिक खुशी, उसके पिता को होती है। बेटी का जन्म होने पर एक पिता अपनी बेटी सबसे पहले गोद में उठाना चाहता है। अपनी नन्हीं सी जान के लिए वह...

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आत्मरक्षा By Dr. Pradeep Kumar Sharma

आत्मरक्षा दुबली-पतली 22 वर्षीया रेशमा एम.ए. फायनल ईयर की एक होनहार स्टूडेंट थी। पढ़ाई-लिखाई ही नहीं, अच्छे व्यवहार और खूबसूरती में भी वह अपने कॉलेज में नंबर वन थी। कुछ महीने पहले ही...

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नारी शक्ति के नौ रूप By नंदलाल मणि त्रिपाठी

नारी शक्ति के नौ रूपों कि आराधना नौरात एवं वर्तमान में भारत में नारी का यथार्थ -किसी भी युग या समाज के अस्तित्व कि कल्पना ही नही की जा सकती है ब्रह्म भी बिना नारी शक्ति के अधूरा है...

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गुलाबो - भाग 17 By Neerja Pandey

भाग 17जितने भी दिन रज्जो गांव में रही कोई भी दिन बिना तानों के नही बीता उसका। गांव या रिश्तेदारी से कोई भी अगर मिलने आ जाता तो जगत रानी का रोना शुरू हो जाता। दबे स्वर में ही सही पर...

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कुलटा By Vishram Goswami

                             गर्मियों की छुट्टियों में जब मैं अक्सर मेरे घर पर होता था रात्रि भोजन के पश्चात करीब 8:00 बजे टहलने एक पार्क को निकल जाता था, जो मेरे घर से करीब एक किम...

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नारी गौरव By नंदलाल मणि त्रिपाठी

पंडित जमुना प्रसाद लखीसराय गांव के प्रतिष्ठित व्यक्तियों में माने जाते थे लखीसराय वैसे भी धनाढ्य और विद्वत लोंगो का गांव था गांव में सभी जाति के लोग थे जोअपने परिश्रम से साक्षर शिक...

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वह सिसकती रही By नंदलाल मणि त्रिपाठी

भोपाल भारत के मशहूर शहरों में शुमार अपनी विशिष्ट विशेषताओं के लिये मशहूर भोपाल अपनी खूबसूरती प्राकृतिक सुंदरता के लिये जाना जाता है अमूमन यहां के लोग शांति प्रिय और भारत की सांस्कृ...

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आइएस जेहादी By bhagirath

    आइएस जेहादी     (धर्म की जंग स्त्री की देह पर लड़ी जाती है।) यकायक आई.एस. ( Islamic states of Iraq and Syria ) जेहादी इराक के सिन्जर जिले में घुस आए। सिन्जर जिले में ज्यादातर ये...

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क्या तुमने - भाग १३ (अंतिम भाग) By Ratna Pandey

अपनी बेचैनी को मिटाने का माया ने पक्का मन बना ही लिया। एक रात जब वह दोनों अपने कमरे में थे, तब माया ने सखाराम से पूछा, “सखा एक प्रश्न मेरे मन को बेचैन कर रहा है?” “जानता हूँ माया त...

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क्यों By Diksha Raghuwanshi

ये कहानी है उन दिनों की जब नीरू दसवीं कक्षा में पढ़ती थी। सुबह का समय था और आज स्कूल का पहला दिन था। “मां जल्दी करो मेरी बस आती ही होगी”, नीरू ने कहा। मां अपना दुप्पटा संभालती हुई...

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अवनि चेतना स्त्री नारी By नंदलाल मणि त्रिपाठी

शीर्षक - अवनि चेतना स्त्री नारीअवधारणा एवं स्वरूप -साहित्यिक आंदोलन जिसमे स्त्री कि गरिमा महिमा मर्यादा के सापेक्ष एकात्म भाव से स्त्री साहित्य कि रचना कि जाती है जिसमें स्त्री अस्...

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अन्धायुग और नारी - भाग(४३) By Saroj Verma

और फिर उस दिन नवाब साहब से हमारी मुलाकात बस इतनी ही रही ,वे कुछ देर हमारे साथ रुके और कुछ बातें की,उन्होंने हमसे कहा.... "सुना है,आप आलिम हैं,शेर कह लेतीं हैं और अंग्रेजी भी जानतीं...

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एक थी नचनिया - भाग(३५) By Saroj Verma

और अब इस विषय में डाक्टर मोरमुकुट सिंह से बात की गई तो वे बोले.... "क्या शुभांकर के मन में माधुरी के प्रति गलतफहमी पैदा करना ठीक रहेगा? अगर उसने इस बात को दिल से लगा लिया तो फिर तो...

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एहिवात - भाग 20 By नंदलाल मणि त्रिपाठी

सौभाग्य को चिन्मय के प्रति भाव कि अनुभूति में प्यार का समन्वय हो चुका था जब भी चिन्मय को देखती उसके मन मे भविष्य के लिए अनेको भवनाओं के ज्वार उठने लगते उसे लगता कि चिन्मय ही उसके अ...

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एक बेटी के लिए क्या होते हैं पिता ..... By Purnima Kaushik

एक बेटी जब इस दुनिया में जन्म लेती है तो सबसे अधिक खुशी, उसके पिता को होती है। बेटी का जन्म होने पर एक पिता अपनी बेटी सबसे पहले गोद में उठाना चाहता है। अपनी नन्हीं सी जान के लिए वह...

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आत्मरक्षा By Dr. Pradeep Kumar Sharma

आत्मरक्षा दुबली-पतली 22 वर्षीया रेशमा एम.ए. फायनल ईयर की एक होनहार स्टूडेंट थी। पढ़ाई-लिखाई ही नहीं, अच्छे व्यवहार और खूबसूरती में भी वह अपने कॉलेज में नंबर वन थी। कुछ महीने पहले ही...

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नारी शक्ति के नौ रूप By नंदलाल मणि त्रिपाठी

नारी शक्ति के नौ रूपों कि आराधना नौरात एवं वर्तमान में भारत में नारी का यथार्थ -किसी भी युग या समाज के अस्तित्व कि कल्पना ही नही की जा सकती है ब्रह्म भी बिना नारी शक्ति के अधूरा है...

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गुलाबो - भाग 17 By Neerja Pandey

भाग 17जितने भी दिन रज्जो गांव में रही कोई भी दिन बिना तानों के नही बीता उसका। गांव या रिश्तेदारी से कोई भी अगर मिलने आ जाता तो जगत रानी का रोना शुरू हो जाता। दबे स्वर में ही सही पर...

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कुलटा By Vishram Goswami

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नारी गौरव By नंदलाल मणि त्रिपाठी

पंडित जमुना प्रसाद लखीसराय गांव के प्रतिष्ठित व्यक्तियों में माने जाते थे लखीसराय वैसे भी धनाढ्य और विद्वत लोंगो का गांव था गांव में सभी जाति के लोग थे जोअपने परिश्रम से साक्षर शिक...

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वह सिसकती रही By नंदलाल मणि त्रिपाठी

भोपाल भारत के मशहूर शहरों में शुमार अपनी विशिष्ट विशेषताओं के लिये मशहूर भोपाल अपनी खूबसूरती प्राकृतिक सुंदरता के लिये जाना जाता है अमूमन यहां के लोग शांति प्रिय और भारत की सांस्कृ...

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आइएस जेहादी By bhagirath

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क्या तुमने - भाग १३ (अंतिम भाग) By Ratna Pandey

अपनी बेचैनी को मिटाने का माया ने पक्का मन बना ही लिया। एक रात जब वह दोनों अपने कमरे में थे, तब माया ने सखाराम से पूछा, “सखा एक प्रश्न मेरे मन को बेचैन कर रहा है?” “जानता हूँ माया त...

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क्यों By Diksha Raghuwanshi

ये कहानी है उन दिनों की जब नीरू दसवीं कक्षा में पढ़ती थी। सुबह का समय था और आज स्कूल का पहला दिन था। “मां जल्दी करो मेरी बस आती ही होगी”, नीरू ने कहा। मां अपना दुप्पटा संभालती हुई...

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अवनि चेतना स्त्री नारी By नंदलाल मणि त्रिपाठी

शीर्षक - अवनि चेतना स्त्री नारीअवधारणा एवं स्वरूप -साहित्यिक आंदोलन जिसमे स्त्री कि गरिमा महिमा मर्यादा के सापेक्ष एकात्म भाव से स्त्री साहित्य कि रचना कि जाती है जिसमें स्त्री अस्...

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