महिला विशेष कहानियाँ पढ़े और PDF में डाउनलोड करे

Stories and books have been a fundamental part of human culture since the dawn of civilization, acting as a powerful tool for communication, education, and entertainment. Whether told around a campfire, written in ancient texts, or shared through modern media, Women Focused in hindi books and stories have the unique ability to transcend time and space, connecting people across generations and cult...Read More


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मुझे न्याय चाहिए - भाग 10 By Pallavi Saxena

भाग-10   छी ....! नरेश मैं कभी सोच भी नहीं सकती थी कि तुम अपने ही भाई के विषय में ऐसी गंदी सोच रखते हो. आज मुझे तुम्हें अपना बेटा कहते हुए भी शर्म आरही है, चले जाओ यहाँ से....! अभी...

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तेरा सुरूर - 1 By Saritashukla51 Shukla

Ch 1 - मेरा वजूद क्या है क्लब में बैठी एक लड़की शराब की कई बोतलों को खाली किया जा रहे थी,,,, और अपने बगल में बैठी हुई अपनी सहेली से कहती है,,,, आलिया क्या कमी है मुझ में,, मेरे पति...

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मा की ममता By Dinesh Tripathi

मां जो सुनने से ही पूर्णता से भरा होता है , मां जिसकी महिमा कही व सुनी नहीं जा सकती। वह अस्तित्व को पूर्ण करने वाली जनन होती है। हमे उसके उपकार नही भूलने चाहिए। झगड़ा बढ़ता गया साव...

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अन्धायुग और नारी - (अन्तिम भाग) By Saroj Verma

विम्मो सोलह सत्रह साल की हुई तो उसे किसी पड़ोसी की शादी में सतपाल ने देखा और पसंद कर लिया,सतपाल भी बिन माँ बाप का बच्चा था,उसे उसके भाई भाभी ने पालपोसकर बड़ा किया था,उसके भाई भाभी के...

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इंतजार By Dinesh Tripathi

 मिस्टर खुराना के घर मातम का पांचवा दिन था, कारण था पुत्र का प्रेम विवाह।उनके पुत्र आकाश ने साथ में पढ़ने वाली पिंकी से प्रेम विवाह कर लिया, मां-बाप को पता तक नहीं। पिंकी और आकाश...

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निरमा (मेरी छोटी बहन) By DINESH KUMAR KEER

"अम्मा! बच्चा तो बच गया है, पर उसकी माँ को नहीं बचा सके! काफी प्रयास किया टीम ने", आप्रेशन थियेटर से बाहर निकल दादी को ढ़ाढ़स बँधाते हुए बताया नर्स ने। "ओ इज्या मेरि, मेरि आब् कमरै...

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महिलाओं का नेतृत्व और शासन सत्ता की बागडोर By Sudhir Srivastava

आलेखमहिलाओं का नेतृत्व और शासन सत्ता की बागडोर ********** आज की नारी अबला नहीं रही, आज की नारी आकाश की ऊंचाइयां,समुद्र की गहराई ही नहीं, देश की सरहदों और युद्ध के मैदान के साथ कला...

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आख़री बात By FARHA KHAN

कभी कभी तो मुझे लगता था कि माँ के बारें मे वह सब अल्फाज़ झूठ ही होते हैं जो किताबों मे लिखे होते हैँ।। जो लोग अक्सर सोशल मीडिया पर वाइब्स् बना कर डालते हैँ।। माँ ऐसी होती है।। माँ व...

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गुलाबो - भाग 20 By Neerja Pandey

भाग 20पिछले भाग में आपने पढ़ा की जय, रतन की बताता है की अम्मा उसकी दूसरी शादी करवाना चाहती है। पर उसने इनकार कर दिया। जय अम्मा के तानों से रज्जो को बचाने के लिए छुट्टी बाकी खत्म हो...

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वीरा हमारी बहादुर मुखिया - 17 By Pooja Singh

निमी चोरी छिपे निराली के घर एंटर होती है और उस दवाई को खाने में मिला देती है...लेकिन तभी उसके कंधे पर कोई हाथ रखता है ...........अब आगे.....निमि काफी घबराई सी धीरे धीरे पीछे मुड़ती...

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एक थी नचनिया - (अन्तिम भाग) By Saroj Verma

कुछ ही देर में मोरमुकुट सिंह उस अँधेरी रात में खण्डहर मिल में पहुँच गया,उसकी मोटर कार अब उस सुनसान जगह पर मिल के सामने खड़ी थी,उस मिल में से कुछ रोशनी आ रही थी,ऐसा लग रहा था कि जैसे...

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एहिवात - भाग 8 By नंदलाल मणि त्रिपाठी

चिन्मय अपने गांव बल्लीपुर लौट गया पिता शोभराज तिवारी ने बेटे चिन्मय से पूछा बेटा गांव के जो लड़के तुम्हारे साथ पढ़ते है बहुत पहले स्कूल से घर लौट आए तुम्हे लौटने में क्यो विलंब हुआ?...

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आत्मनिर्भरता By Dr. Pradeep Kumar Sharma

आत्मनिर्भरता सेठ किरोड़ीमल कई फैक्ट्रियों के मालिक थे। ईश्वर की कृपा से उन्हें पैसों की कोई कमी नहीं थी। यही कारण है कि वे अपने कर्मचारियों को पर्याप्त वेतन, भत्ते और सुविधाएं देते...

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Social Media ( एक खतरनाक जाल ) By Krishna

कहानी एक रचना है जिसमें जीवन के किसी एक अंग या किसी एक मनोभाव को प्रदर्शित करना ही लेखक का उद्देश्य रहता है। लेकिन आज की ये कहानी किसी और की नही लेकिन मेरी खुद की आप बीती है जिसको...

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मुझे न्याय चाहिए - भाग 10 By Pallavi Saxena

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Ch 1 - मेरा वजूद क्या है क्लब में बैठी एक लड़की शराब की कई बोतलों को खाली किया जा रहे थी,,,, और अपने बगल में बैठी हुई अपनी सहेली से कहती है,,,, आलिया क्या कमी है मुझ में,, मेरे पति...

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मा की ममता By Dinesh Tripathi

मां जो सुनने से ही पूर्णता से भरा होता है , मां जिसकी महिमा कही व सुनी नहीं जा सकती। वह अस्तित्व को पूर्ण करने वाली जनन होती है। हमे उसके उपकार नही भूलने चाहिए। झगड़ा बढ़ता गया साव...

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इंतजार By Dinesh Tripathi

 मिस्टर खुराना के घर मातम का पांचवा दिन था, कारण था पुत्र का प्रेम विवाह।उनके पुत्र आकाश ने साथ में पढ़ने वाली पिंकी से प्रेम विवाह कर लिया, मां-बाप को पता तक नहीं। पिंकी और आकाश...

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कभी कभी तो मुझे लगता था कि माँ के बारें मे वह सब अल्फाज़ झूठ ही होते हैं जो किताबों मे लिखे होते हैँ।। जो लोग अक्सर सोशल मीडिया पर वाइब्स् बना कर डालते हैँ।। माँ ऐसी होती है।। माँ व...

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वीरा हमारी बहादुर मुखिया - 17 By Pooja Singh

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एक थी नचनिया - (अन्तिम भाग) By Saroj Verma

कुछ ही देर में मोरमुकुट सिंह उस अँधेरी रात में खण्डहर मिल में पहुँच गया,उसकी मोटर कार अब उस सुनसान जगह पर मिल के सामने खड़ी थी,उस मिल में से कुछ रोशनी आ रही थी,ऐसा लग रहा था कि जैसे...

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एहिवात - भाग 8 By नंदलाल मणि त्रिपाठी

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आत्मनिर्भरता सेठ किरोड़ीमल कई फैक्ट्रियों के मालिक थे। ईश्वर की कृपा से उन्हें पैसों की कोई कमी नहीं थी। यही कारण है कि वे अपने कर्मचारियों को पर्याप्त वेतन, भत्ते और सुविधाएं देते...

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