लघुकथा कहानियाँ पढ़े और PDF में डाउनलोड करे

Stories and books have been a fundamental part of human culture since the dawn of civilization, acting as a powerful tool for communication, education, and entertainment. Whether told around a campfire, written in ancient texts, or shared through modern media, Short Stories in hindi books and stories have the unique ability to transcend time and space, connecting people across generations and cult...Read More


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Featured Books
  • आत्मागमन

    एक व्यक्ति जो मानसिक बीमारी से पीड़ित होता है उसे किस तरह से देख जाता है. अनजान ल...

  • कोलाज

    शाम के धुंधलके में खिड़की से बाहर मैं क्या देख रही थी मुझे भी नहीं पता। थोड़ी दे...

  • घंटियाँ

    एक निरीह लड़की का जीवन बर्बाद करने वाले इंसान को, अपने कर्मों का फल भविष्य में मि...

राजपूत कैदी By Munshi Premchand

धर्म सिंह नामी राजपूत राजपूताना की सेना में एक अफसर था। एक दिन माता की पत्री आई कि मैं बूढ़ी होती जाती हूँ, मरने से पहले एक बार तुम्हें देखने की अभिलाषा है, यहाँ आकर मुझे विदा कर आ...

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अलिफ़ लैला - 14 By MB (Official)

अभी पहले फकीर की अद्भुत आप बीती सुनकर पैदा होने वाले आश्चर्य से लोग उबरे नहीं थे कि जुबैदा ने दूसरे फकीर से कहा कि तुम बताओ कि तुम कौन हो और कहाँ से आए हो। उसने कहा कि आपकी आज्ञानु...

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मन के मोती 9 By Ashish Kumar Trivedi

यह मेरी कहानियों का संग्रह है यह सभी कहानियां जीवन के विभिन्न मनोभावों को दिखाती हैं. जीवन के उतार चढ़ाव में डटे रहने वा उम्मीद न छोड़ने की प्रेरणा देती हैं।

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मूर्ख सुमंत By Munshi Premchand

एक समय एक गांव में एक धनी किसान रहता था। उसके तीन पुत्र थे-विजय सिपाही, तारा वणिक, सुमंत मूर्ख। गूंगीबहरी मनोरमा नाम की एक कुंवारी कन्या भी थी। विजय तो जाकर किसी राजा की सेना में भ...

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एक नया अध्याय By Vinita Shukla

जमीन से ऊपर उठे एक व्यक्ति और उसकी पत्नी की कहानी. परिस्थितियां ही उन्हें एक- दूजे से विमुख करती हैं और परिस्थितियां ही आपस में जोड़ भी देतीं हैं. रिश्तों की जोड़- तोड़ से बुनी गयी कह...

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भांग का भूत By Dharm

कभी कभी हम मजाक में किसी को भांग खिला देते हैं, या फिर किसी से बड़ी मजाक कर देते है. लेकिन वही मजाक जब विकराल रूप धारण कर लेट है तो हमारे हाथ पैर फूल जाते हैं. कुछ का कुछ समझा जाता...

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बचपन By Pawnesh Dixit

हर उम्र में सपने पंख पसारते हैं कुछ को गरीबी ले डूबती है कुछ पैदा करनेवाले माँ बाप के कारनामों के भेंट चढ़ जाते हैं ऐसा ही किस्सा पेश है आप लोगों के लिए -नन्ही सी जान कैसे फैसला क...

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मुंगेरी By Vinita Shukla

मुंगेरीलाल के हसीन सपने देखने वाली लड़की, जिसका नाम ही मुंगेरी पड़ गया था. बड़ी बड़ी हांकने और जमीनी हकीक़त को नज़रअंदाज़ करने वाला उसका रवैया क्या रंग लाया, पढ़ें इस कहानी में.

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चरैवेति By महेश रौतेला

ऐसा लगता है,साठ साल के दो मित्रों के अंतरंग क्षणों का संक्षिप्त वार्तालाप अपनी सुगंध खोया नहीं है।निशांत इस बीच अराध्या को एक यात्रा वृतान्त व्हाइटस एप्प पर पोस्ट करता है-

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ध्रुवनिवासी रीछ का शिकार By Munshi Premchand

हम एक दिन रीछ के शिकार को निकले। मेरे साथी ने एक रीछ पर गोली चलाई। वह गहरी नहीं लगी। रीछ भाग गया। बर्फ पर लहू के चिह्न बाकी रह गए।
हम एकत्र होकर यह विचार करने लगे कि तुरंत पीछा कर...

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मोबाइल का झंझट By Dharm

एक मोबाइल सुविधा के साथ साथ कुछ मुश्किलें भी खड़ी कर देता है. अगर आप पहली बार मोबाइल लाये हैं तो और बड़ी मुश्किल. इस कहानी में आपको एक मुश्किल का मजेदार किस्सा पढने को मिलेगा.

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मिडिल क्लास के कारनामे By Pawnesh Dixit

कैसी होती है एक ज़िंदगी- मिडिल क्लास सोसायटी की जो अपनी नैतिकता और संस्कारों से कभी जकड़ी हुयी दिखाई देती है तो कभी आधुनिकता के पहलु में चुपके से सराबोर होती हुयी दिखती है ये पैसे...

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क्षमादान By Munshi Premchand

दिल्ली नगर में भागीरथ नाम का युवक सौदागर रहता था। वहाँ उसकी अपनी दो दुकानें और एक रहने का मकान था। वह सुंदर था। उसके बाल कोमल, चमकीले और घुँघराले थे। वह हँसोड़ और गाने का बड़ा प्रे...

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आंधी की आग By Dharm

सुबह एक बाप अपने छोटे बच्चे को किसी बात पर डांट फटकार देता है. लेकिन घर से बाहर जा उसे उस बच्चे के प्रति दया उत्पन्न हो जाती है. लेकिन शाम को घर लौट कर आता है तो पता चलता है कि अब...

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एक चिनगारी घर को जला देती है By Munshi Premchand

एक चिनगारी घर को जला देती है
-राजपूत कैदी
-ध्रुवनिवासी रीछ का शिकार
-मनुष्य का जीवन आधार क्या है
-एक चिनगारी घर को जला देती है
-दो वृद्ध पुरुष
-प्रेम में परमेश्वर
-मूर्ख सुम...

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अधूरा वजूद By Vinita Shukla

घर के काम में व्यस्त रहने वाली गृहणी, अपने व्यक्तित्व को निखारने और अपना शौक पूरा करने के लिए कुछ समय निकालना चाहती है किन्तु परिवारजन उसकी भावनाओं को नहीं समझते.

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आत्मागमन By Dharm

एक व्यक्ति जो मानसिक बीमारी से पीड़ित होता है उसे किस तरह से देख जाता है. अनजान लोग उसे भूत की संज्ञा देते हैं. जिसका तांत्रिकों पर वाकायदा इलाज भी करवाया जाता है. इलाज भी इकदम डोक्...

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एक किन्नर की लव स्टोरी By Qais Jaunpuri

एक किन्नर की लव स्टोरी

रानो नामक किन्नर - ऑटो ड्राइवर राजू - लड़की समज के राजू का दिल दे बैठना - धीरे धीरे राजू भी रानो के साथ समय बिताने लगा - रानो भी राजू को अपना पति मानकर उसक...

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नयी भोर By Vinita Shukla

नवविवाहिता श्रुति की कहानी, जो ब्याह के बाद ससुराल में, वह शालीन व्यवहार नहीं कर रही है, जो उससे अपेक्षित है. इसके पीछे उसका कौन सा मनोविज्ञान है यही दर्शाने का प्रयास किया गया है...

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कोलाज By Pratibha

शाम के धुंधलके में खिड़की से बाहर मैं क्या देख रही थी मुझे भी नहीं पता। थोड़ी देर में आकाश एक काली गुफा हो जाएगा बिल्कुल ब्लैक होल जैसा.....अंधेरा धीरे-धीरे सारी सृष्टि को अपने आगो...

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कजरी By Dharm

एक सीधी सादी असहाय गरीब लड़की, मनचलों का तांडव. ऊपर से उस लडकी का बाप हो शराबी. फिर जो लड़की पे बीतती है उसे वही जानती है. यही है इस कहानी कजरी में..

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घंटियाँ By Vinita Shukla

एक निरीह लड़की का जीवन बर्बाद करने वाले इंसान को, अपने कर्मों का फल भविष्य में मिलता है, जब वह मानसिक रूप से विक्षिप्त बेटी का पिता बनता है. मासूम जिंदगियों से खेलने वालों को चेताने...

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यादों के झरोखे से By Sandhya Tiwari

आज एक संस्मरण सुनाना चाहती हूँ । वैसे मैं उसे कहानी मे ढाल सकती थी लेकिन उसकी आत्मा यदि उस खोल में न समाती तो ----
इसलिये जस का तस रख रही हूँ।
डिग्री काॅलेज मे प्राध्यापको की भर्...

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घासलेट का घी By Dharm

क्या होता है जब एक गरीब के घर पहली बार शहर में रहने वाले दामाद लड़की आते हैं . उसके घर में घी नहीं होता, वे लोग आते ही घी माँगते हैं. फिर जो तरकीब लगाकर इज्जत बचाई जाती है वो कमाल क...

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दूसरा पहलू By Qais Jaunpuri

मुझे यक़ीन नहीं हो रहा था कि ये वही रीमा है...जिसका एक बार कार से एक्सीडेण्ट हुआ था और जो पूरे एक महीने बिस्तर पे पड़ी थी...जिसकी जाँघ में चोट लगी थी...जिसकी वजह से वो ठीक से खड़ी भी...

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एक थोपा हुआ संग्राम By Vinita Shukla

दूसरे दोस्तों की पत्नियों की तारीफ़ करने वाले पतियों से त्रस्त पत्नियां . वे आपस में मिलकर कैसे अपनी परिस्थितियों में बदलाव लाने में सफल होती हैं- यह बयां करती हुई कहानी.

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वैल विशर - 3 By Rashmi Tarika

' वॉट इज़ दिस अमित ..फ्रॉम वन वीक वेयर आर यू ..नो मैसेज नो फ़ोन ? नाराज़ हो मुझसे ? बोलो न ...? एक इल्तेज़ा सी थी आवाज़ में सोनिया की ।
'नो हनी ..नथिंग लाइक दैट...बस बिजी था ।...

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संग्राम अंक 4 By Munshi Premchand

अमरकथा शिल्पी मुंशी प्रेमचंद ने इस नाटक में किसानों के संघर्ष का बहुत ही सजीव चित्रण किया है। इस नाटक में लेखक ने पाठकों का ध्यान किसान की उन कुरीतियों और फिजूल-खर्चियों की ओर भी द...

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मगरमच्छ By HARI PRAKASH DUBEY

यह मात्र एक कहानी है जिसके माध्यम से वर्तमान सरकारी व्यवस्था में मौजूद भ्रष्ट तंत्र की श्रंखला को उजागर करने का प्रयास किया गया है , यह आज कि परिस्थितियों में भी प्रासंगिक है !

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वापसी By Ashish Kumar Trivedi

यह एक स्त्री की कहानी है जो अपने पति की मृत्यु के बाद मायके में रह रही थी। किंतु उसे महसूस हुआ कि यह उसके आत्मसम्मान के लिए ठीक नही। अतः उसने अपने घर वापस जाने का निर्णय किया।

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त्रिया चरित्तर By Vinita Shukla

स्त्रियों के प्रपंची स्वभाव का विश्लेषण करने वाली रचना. आपसी राग- द्वेष एवं पारिवारिक झगड़ों में फंसी स्त्रियों की, बनी बनाई लीक से हटकर, चलने का प्रयत्न करती हुई नायिका किन्तु अपनी...

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डील By Qais Jaunpuri

उस औरत ने उस आदमी की आँखों में ‘औरत’ की भूख देख ली थी. उसे मालूम था कि, “ये पहले बस थोड़ा सा ड्रामा करेगा, फिर कुत्‍ते की तरह दुम हिलाता हुआ मेरे पीछे ज़रूर आएगा.” उसको भरोसा था ख़ुद...

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पटाक्षेप By Vinita Shukla

एक सीधी साधी प्रेम -कहानी, जिसमें कई उतार -चढ़ाव आते हैं लेकिन कई आजमाइशों से गुजरकर भी दिलों का वह अहसास नहीं मरता, वह ज़िंदा रहता है और समय आने पर पूरी शिद्दत से सामने आता है.

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राजपूत कैदी By Munshi Premchand

धर्म सिंह नामी राजपूत राजपूताना की सेना में एक अफसर था। एक दिन माता की पत्री आई कि मैं बूढ़ी होती जाती हूँ, मरने से पहले एक बार तुम्हें देखने की अभिलाषा है, यहाँ आकर मुझे विदा कर आ...

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अलिफ़ लैला - 14 By MB (Official)

अभी पहले फकीर की अद्भुत आप बीती सुनकर पैदा होने वाले आश्चर्य से लोग उबरे नहीं थे कि जुबैदा ने दूसरे फकीर से कहा कि तुम बताओ कि तुम कौन हो और कहाँ से आए हो। उसने कहा कि आपकी आज्ञानु...

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मन के मोती 9 By Ashish Kumar Trivedi

यह मेरी कहानियों का संग्रह है यह सभी कहानियां जीवन के विभिन्न मनोभावों को दिखाती हैं. जीवन के उतार चढ़ाव में डटे रहने वा उम्मीद न छोड़ने की प्रेरणा देती हैं।

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मूर्ख सुमंत By Munshi Premchand

एक समय एक गांव में एक धनी किसान रहता था। उसके तीन पुत्र थे-विजय सिपाही, तारा वणिक, सुमंत मूर्ख। गूंगीबहरी मनोरमा नाम की एक कुंवारी कन्या भी थी। विजय तो जाकर किसी राजा की सेना में भ...

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एक नया अध्याय By Vinita Shukla

जमीन से ऊपर उठे एक व्यक्ति और उसकी पत्नी की कहानी. परिस्थितियां ही उन्हें एक- दूजे से विमुख करती हैं और परिस्थितियां ही आपस में जोड़ भी देतीं हैं. रिश्तों की जोड़- तोड़ से बुनी गयी कह...

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भांग का भूत By Dharm

कभी कभी हम मजाक में किसी को भांग खिला देते हैं, या फिर किसी से बड़ी मजाक कर देते है. लेकिन वही मजाक जब विकराल रूप धारण कर लेट है तो हमारे हाथ पैर फूल जाते हैं. कुछ का कुछ समझा जाता...

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बचपन By Pawnesh Dixit

हर उम्र में सपने पंख पसारते हैं कुछ को गरीबी ले डूबती है कुछ पैदा करनेवाले माँ बाप के कारनामों के भेंट चढ़ जाते हैं ऐसा ही किस्सा पेश है आप लोगों के लिए -नन्ही सी जान कैसे फैसला क...

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मुंगेरी By Vinita Shukla

मुंगेरीलाल के हसीन सपने देखने वाली लड़की, जिसका नाम ही मुंगेरी पड़ गया था. बड़ी बड़ी हांकने और जमीनी हकीक़त को नज़रअंदाज़ करने वाला उसका रवैया क्या रंग लाया, पढ़ें इस कहानी में.

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चरैवेति By महेश रौतेला

ऐसा लगता है,साठ साल के दो मित्रों के अंतरंग क्षणों का संक्षिप्त वार्तालाप अपनी सुगंध खोया नहीं है।निशांत इस बीच अराध्या को एक यात्रा वृतान्त व्हाइटस एप्प पर पोस्ट करता है-

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ध्रुवनिवासी रीछ का शिकार By Munshi Premchand

हम एक दिन रीछ के शिकार को निकले। मेरे साथी ने एक रीछ पर गोली चलाई। वह गहरी नहीं लगी। रीछ भाग गया। बर्फ पर लहू के चिह्न बाकी रह गए।
हम एकत्र होकर यह विचार करने लगे कि तुरंत पीछा कर...

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मोबाइल का झंझट By Dharm

एक मोबाइल सुविधा के साथ साथ कुछ मुश्किलें भी खड़ी कर देता है. अगर आप पहली बार मोबाइल लाये हैं तो और बड़ी मुश्किल. इस कहानी में आपको एक मुश्किल का मजेदार किस्सा पढने को मिलेगा.

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मिडिल क्लास के कारनामे By Pawnesh Dixit

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क्षमादान By Munshi Premchand

दिल्ली नगर में भागीरथ नाम का युवक सौदागर रहता था। वहाँ उसकी अपनी दो दुकानें और एक रहने का मकान था। वह सुंदर था। उसके बाल कोमल, चमकीले और घुँघराले थे। वह हँसोड़ और गाने का बड़ा प्रे...

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आंधी की आग By Dharm

सुबह एक बाप अपने छोटे बच्चे को किसी बात पर डांट फटकार देता है. लेकिन घर से बाहर जा उसे उस बच्चे के प्रति दया उत्पन्न हो जाती है. लेकिन शाम को घर लौट कर आता है तो पता चलता है कि अब...

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एक चिनगारी घर को जला देती है By Munshi Premchand

एक चिनगारी घर को जला देती है
-राजपूत कैदी
-ध्रुवनिवासी रीछ का शिकार
-मनुष्य का जीवन आधार क्या है
-एक चिनगारी घर को जला देती है
-दो वृद्ध पुरुष
-प्रेम में परमेश्वर
-मूर्ख सुम...

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अधूरा वजूद By Vinita Shukla

घर के काम में व्यस्त रहने वाली गृहणी, अपने व्यक्तित्व को निखारने और अपना शौक पूरा करने के लिए कुछ समय निकालना चाहती है किन्तु परिवारजन उसकी भावनाओं को नहीं समझते.

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आत्मागमन By Dharm

एक व्यक्ति जो मानसिक बीमारी से पीड़ित होता है उसे किस तरह से देख जाता है. अनजान लोग उसे भूत की संज्ञा देते हैं. जिसका तांत्रिकों पर वाकायदा इलाज भी करवाया जाता है. इलाज भी इकदम डोक्...

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एक किन्नर की लव स्टोरी By Qais Jaunpuri

एक किन्नर की लव स्टोरी

रानो नामक किन्नर - ऑटो ड्राइवर राजू - लड़की समज के राजू का दिल दे बैठना - धीरे धीरे राजू भी रानो के साथ समय बिताने लगा - रानो भी राजू को अपना पति मानकर उसक...

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नयी भोर By Vinita Shukla

नवविवाहिता श्रुति की कहानी, जो ब्याह के बाद ससुराल में, वह शालीन व्यवहार नहीं कर रही है, जो उससे अपेक्षित है. इसके पीछे उसका कौन सा मनोविज्ञान है यही दर्शाने का प्रयास किया गया है...

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शाम के धुंधलके में खिड़की से बाहर मैं क्या देख रही थी मुझे भी नहीं पता। थोड़ी देर में आकाश एक काली गुफा हो जाएगा बिल्कुल ब्लैक होल जैसा.....अंधेरा धीरे-धीरे सारी सृष्टि को अपने आगो...

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कजरी By Dharm

एक सीधी सादी असहाय गरीब लड़की, मनचलों का तांडव. ऊपर से उस लडकी का बाप हो शराबी. फिर जो लड़की पे बीतती है उसे वही जानती है. यही है इस कहानी कजरी में..

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घंटियाँ By Vinita Shukla

एक निरीह लड़की का जीवन बर्बाद करने वाले इंसान को, अपने कर्मों का फल भविष्य में मिलता है, जब वह मानसिक रूप से विक्षिप्त बेटी का पिता बनता है. मासूम जिंदगियों से खेलने वालों को चेताने...

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घासलेट का घी By Dharm

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अमरकथा शिल्पी मुंशी प्रेमचंद ने इस नाटक में किसानों के संघर्ष का बहुत ही सजीव चित्रण किया है। इस नाटक में लेखक ने पाठकों का ध्यान किसान की उन कुरीतियों और फिजूल-खर्चियों की ओर भी द...

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वापसी By Ashish Kumar Trivedi

यह एक स्त्री की कहानी है जो अपने पति की मृत्यु के बाद मायके में रह रही थी। किंतु उसे महसूस हुआ कि यह उसके आत्मसम्मान के लिए ठीक नही। अतः उसने अपने घर वापस जाने का निर्णय किया।

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स्त्रियों के प्रपंची स्वभाव का विश्लेषण करने वाली रचना. आपसी राग- द्वेष एवं पारिवारिक झगड़ों में फंसी स्त्रियों की, बनी बनाई लीक से हटकर, चलने का प्रयत्न करती हुई नायिका किन्तु अपनी...

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डील By Qais Jaunpuri

उस औरत ने उस आदमी की आँखों में ‘औरत’ की भूख देख ली थी. उसे मालूम था कि, “ये पहले बस थोड़ा सा ड्रामा करेगा, फिर कुत्‍ते की तरह दुम हिलाता हुआ मेरे पीछे ज़रूर आएगा.” उसको भरोसा था ख़ुद...

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पटाक्षेप By Vinita Shukla

एक सीधी साधी प्रेम -कहानी, जिसमें कई उतार -चढ़ाव आते हैं लेकिन कई आजमाइशों से गुजरकर भी दिलों का वह अहसास नहीं मरता, वह ज़िंदा रहता है और समय आने पर पूरी शिद्दत से सामने आता है.

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