लघुकथा कहानियाँ पढ़े और PDF में डाउनलोड करे

Stories and books have been a fundamental part of human culture since the dawn of civilization, acting as a powerful tool for communication, education, and entertainment. Whether told around a campfire, written in ancient texts, or shared through modern media, Short Stories in hindi books and stories have the unique ability to transcend time and space, connecting people across generations and cult...Read More


Categories
Featured Books
  • अभिनय और प्रेम

    बीते कुछ वर्षों से कहानियों में मेरा रूम, एकांत, दोपहर, शाम, आस्था नाम की लड़की...

  • नागिन का आखरी महायुध्द - अंतिम भाग

    हमणे पिछले भाग मैं देखा राधा और शिव मर जाते हैं अब वो घडी आणे वाली हैं जो पुरे ध...

  • इश्क. - 8

    ️️सिम्मी का एक्सिडेंट हो जाता है ।सिम्मी बाल -बाल बच जाती है।और उसके सामने अपने...

अभिनय और प्रेम By Lalit Rathod

बीते कुछ वर्षों से कहानियों में मेरा रूम, एकांत, दोपहर, शाम, आस्था नाम की लड़की अक्सर शामिल रहे हैं। असल में यह सभी शब्द मेरे कलाकार है, जो कहानियों को लिखते वक्त अभिनय करते है। उन...

Read Free

नागिन का आखरी महायुध्द - अंतिम भाग By Datta Shinde

हमणे पिछले भाग मैं देखा राधा और शिव मर जाते हैं अब वो घडी आणे वाली हैं जो पुरे धरती केलिए खतरनाक हैं तो चलो देखे आगे क्या होता है तब देवता और रावन शिवगाव जाते हैं तब देवता बोलता है...

Read Free

इश्क. - 8 By om prakash Jain

️️सिम्मी का एक्सिडेंट हो जाता है ।सिम्मी बाल -बाल बच जाती है।और उसके सामने अपने प्रेम को पाने के लिए संघर्ष है।शेखर ने सिम्मी को वेदांत के घर ले जाता है ।सातवें भाग में आप ने पढ़ा ....

Read Free

प्लेटफॉर्म नम्बर 1 By Priya Maurya

टैक्सी रुकते ही मै रेलवे स्टेशन के अंदर प्लेटफॉर्म नम्बर 1 पर मै आ पहुची। मै अकेले ही वाराणसी से कानपुर के लिये सफर करने वाली थी । प्लेटफॉर्म पर एक सीट पर अपना समान रखते हुये मै वह...

Read Free

मेरी गर्लफ्रैंड - 5 By jitin tyagi

चेप्टर - 5अब पाँच अगस्त तक सबकुछ ठीक- ठाक चलता रहा था। हमने उन चीज़ों के बारे में बात करना बंद कर दिया था जो परेशानी का कारण बनती थी। हम केवल अपनी ही चर्चा किया करते थे। इस बीच दो अ...

Read Free

Last Letter Of Captain Vijayant Thapar By Dhaval

कैप्टन विजयंत थापर का जन्म 26 दिसंबर 1976 को एक सैन्य परिवार में कर्नल वी एन थापर और श्रीमती तृप्ता थापर के घर हुआ था। सेना परिवार में पले-बढ़े कैप्टन थापर हमेशा अपने पिता के नक्श...

Read Free

स्वच्छता का नन्हा सिपाही   By Ratna Pandey

दो दिनों की छुट्टी के बाद युवान जब स्कूल आया तो वह बेहद ख़ुश था। वह अपने दोस्तों को बता रहा था, "मेरे घर में एक नया, नन्हा, प्यारा-सा दोस्त आया है पता है वह कौन है? मेरी गाय का बछड...

Read Free

झूठ का संसार By Lalit Rathod

मैं हर दिन एक झूठ कहता हूं। मेरे झूठ कहते ही एक नया संसार बनकर तैयार हो जाता है, जिसे में सच समझकर उसे दिनभर जीता हूं। असल में मुझे अपना झूठ सच के सामान लगता है। हर दिन नया जीवन जी...

Read Free

वह सुभग कन्या और निरा मूर्ख मैं By Chinmay Mishra

जब अनुभूतियाँ अपने शीर्ष पर बहने लगें। भाव-नव तरंगें अपने चरम पर गोता लगा रहीं हों। हृदय के कोर-कोर में विस्फोट आलिंगन दे रहे हों, तो क्या है वह? विशुद्ध प्रेम!, मोह अथवा...

Read Free

मेरी प्रिय लघुकथाएं By Krishna manu

तालीम पुलिस इन्स्पेक्टर जरूरी काम निपटाकर उठने ही वाला था कि एक आदमी सहमा-सकुचाया उसके टेबल के पास आकर खड़ा हो गया। -' क्या बात है?' पुलिस इंस्पेक्टर ने सामने की कुर्सी की ओ...

Read Free

नीम का पेड़ ( भाग 11) By Kishanlal Sharma

34--कारोबार"मैने आगरा वालों का क्या बिगाड़ा था?'रफीक फ्लो के थोक विक्रेता नदीम के यहाँ नौकरी करता था।मालिक से किसी बात पर तकरार होने पर उसने नौकरी छोड़ दी।कुछ दिनों तक बेकार रहने...

Read Free

कमजोर By Anton Chekhov

अंतोन चेखव आज मैं अपने बच्चों की अध्यापिका यूलिमा वार्सीयेव्जा का हिसाब चुकता करना चाहता था। ''बैठ जाओ, यूलिमा वार्सीयेव्जा।'' मेंने उससे कहा, ''तुम्हारा हि...

Read Free

Block इश्क़ (भाग 2) By Shrikar Dixit

Block Ishq is the story Of today love which is started from add a new number to block from all social sites....

Read Free

पसंदगी By Minal Vegad

" आज तो बड़ी ही खुशी का दिन है।" पापा शाम को दफ्तर से आते ही बड़ी खुशी से मा से कहने लगे। "ऐसी कौन सी लॉटरी लग गई है आपको तो आप इतने खुश हो रहे है?" मां ने देखा पापा बहु...

Read Free

कुंडी रिश्तों की By Shwet Kumar Sinha

फैमिली कोर्ट में जज साहब अपने चैम्बर में बैठे आरव और वर्षा की दलीलें ध्यान से सुन रहे थें। आज उनदोनों की आपसी सहमति से तलाक की आखिरी सुनवाई थी। जज साहब ने दोनों पति-पत्नी को समझाने...

Read Free

सुखांत By Anton Chekhov

अंतोन चेखव बतौर हेड कंडक्टर काम करने वाले निकोलाई निकोलाएविच स्टिचकिन ने छुट्टी के एक दिन लुबोव ग्रिगोर्येव्ना नाम की खास महिला को एक जरूरी बात के लिए अपने घर बुलाया। लुबोव ग्रिगोर...

Read Free

बोझल मन By Pushp Saini

कहानी ( बोझल मन )--------------------------------छः माह हुए भुवन को गाँव से शहर आए,साथ में पत्नी केसर और पाँच वर्षिय गोपाल भी था।किराये का एक छोटा-सा कमरा लेकर भुवन ने अपनी गृहस्...

Read Free

दुख By Anton Chekhov

अंतोन चेखव 'मैं अपना दुखड़ा किसे सुनाऊँ?' शाम के धुँधलके का समय है। सड़क के खंभों की रोशनी के चारों ओर बर्फ की एक गीली और मोटी परत धीरे-धीरे फैलती जा रही है। बर्फबारी के का...

Read Free

अनसुनी दास्तान By Word Dreamer

मोहल्ले में पहले ही मकान में वो रहती थीखूबसूरती की वो मूरत थी मगर अभिमानबिल्कुल नहीं करती थी सबके साथघुलमिलकर रहती थी सबको अपनी तरफ सेज्यादा से मदद मिले उसके लिए तैयार रहती थीउसको...

Read Free

ओ हेनरी की कहानियाँ - प्रेस की शक्ति By Tanu Kadri

(ओ हेनरी की कहानियाँ का अनुवादित पुस्तक से ) सुबह के आठ बजे दुकान पर समाचार पत्र के ताज़ा अंक रस्सी पर लटक रहे थे। ग्राहक चलते फिरते समाचार पत्र के शीर्षक देखते या फिर एक पेन्नी का...

Read Free

आखिरी खत By S Sinha

कहानी - आखिरी खत प्रकृति की गोद में बसा झारखंड राज्य का एक छोटा सा शहर झुमरीतलैया .यहीं के सैनिक स्कूल में पढ़ता था एक लड़का सागर .सागर एक मेघावी...

Read Free

एक छोटा-सा मजाक By Anton Chekhov

अंतोन चेखव सरदियों की ख़ूबसूरत दोपहर... सरदी बहुत तेज़ है। नाद्या ने मेरी बाँह पकड़ रखी है। उसके घुंघराले बालों में बर्फ़ इस तरह जम गई है कि वे चांदनी की तरह झलकने लगे हैं। होंठों...

Read Free

शेफ By Akshata alias shubhadaTirodkar

"हैलो राहुल मुझे नानी के के यहाँ से आने में देर हो जायेगी तुम और पापा कुछ पार्सल आर्डर कर खा लेना " "डोंट वोर्री माँ मैं ने बिर्यानी बनायी हैं " "मज़ाक मत कर " "नहीं माँ सच्ची" "मज़ा...

Read Free

शाखाओं से जुङा आदमी By Sneh Goswami

शाखाओं से जुङा आदमी “ तुम इन बच्चों का भविष्य बिगाङ रहे हो “ भीङ में से किसी ने सत्यव्रत को ललकारा । “ तुम इन्हें गलत बातें सिखा रहे हो “ । ये दूसरा व्यक्ति था । “ मैने गलत ब...

Read Free

एक कलाकृति By Anton Chekhov

अंतोन चेखव साशा स्मिरनोव अपनी माँ का इकलौता बेटा था। उसने वित्तीय खबरों से भरे 223 नंबर के अखबार में लिपटी कोई चीज अपने बगल में दबा रखी थी। जब वह डॉ. कोशेलकोव के चिकित्सालय में पहु...

Read Free

अधूरा इश्क (लघुकथा) By Kumar Kishan Kirti

रिया ऑटो रिक्शा से समाहरणालय के पास पहुँची और ऑटो रिक्शा चालक को रुपये देकर जल्दी से जिलाधिकारी कार्यालय के पास पहुँची, लेकिन वहाँ खड़े सिपाही ने जब रोका तब वह हाँफती हुई बोली"मैं.....

Read Free

Quotes of June 2020 By Rudra S. Sharma

०४-०६-२०२०(०१) समय - १०:२१ पर - "यदि उचित एवं अनुचित को उनकी वास्तविकता के अनुसार जानना है तो उन्हें अपनी विडंबनाओं द्वारा निर्मित द्रष्टिकोण के बिना देखना होगा ।अपने परिस्थितियों...

Read Free

ट्रेन एक स्टेशन पर रुकी By Bhanuben Prajapati

ट्रेन एक स्टेशन पर रुकी ... ******************* नीलिमा और रोहन दोनों दिवाली की छुट्टियों में घूमने गए थे ।उन्होंने ट्रेन में बुकिंग करवाई थी नीलिमा और रोहन दोनों ट्रेन में बैठे हुए...

Read Free

खानगी By Deepak sharma

मैं नहीं जानती जवाहर के संग रहा वह प्रसंग मात्र एक प्रपंच था अथवा सम्मोहन किंतु यह जरूर कह सकती हूँ स्नातकोत्तर की मेरी पढ़ाई में उसने न केवल साझा ही लगाया था वरन् संकीर्ण मेरी दृष्...

Read Free

आई एम सॉरी...। By Kumar Kishan Kirti

ऑफिस से छुटकारा पाने के बाद मैं एक होटल में कॉफी पीने के लिए चला गया।दिनभर की कामों से निवृत होकर मैं प्रतिदिन कॉफी पीया करता हूँ।शाम को पांच बजे थे।घर पर प्रिया से बोल चुका था की...

Read Free

चिकोटी By Deepak sharma

वर-वधू घर पर ही हैं ना? दरवाजे पर बहू की बड़ी दो बहनें अपने बच्चों के साथ खड़ी थी । आइए, उन्होंने मुस्कराने की चेष्टा की । बहू के परिवार का कोई भी सदस्य उन्हें न भाता । आज छुट्टी हो...

Read Free

अनसुलझा प्रश्न - लघुकथाएं(पार्ट2) By Kishanlal Sharma

3--असमंजस"रमेश लौट आया " रमेश कुछ महीने पहले हमारी कॉलोनी में आया था।उसकी पत्नी दीपा गर्भवती थी।डिलीवरी का समय नजदीक आने पर रमेश पत्नी को मा के पास गांव में छोड़ आया।एक दिन सीढ़ियो...

Read Free

सुलगता कमरा और ठिठुरती ज़िन्दगी By Manju Mahima

The story - written 50 years ago in 1971सुलगता कमरा ओ' ठिठुरती ज़िंदगी....लेखिका- मंजु महिमा 'ऊफ!! कितनी गर्मी ....''..................''लग रहा है, जैसे सार...

Read Free

परिधान By राज कुमार कांदु

पुरुष व महिलाओं के दो समूहों में जिनमें अधिकांश अधिकारी व बुद्धिजीवी वर्ग के लोग शामिल थे, बहस जोरों पर थी। मुद्दा था 'समाज में बलात्कार की बढ़ती घटनाएं- कारण व निवारण' !शह...

Read Free

झँकवैया By Deepak sharma

मैं जानती हूँ मेरी पीठ पीछे लोगों ने मुझे तीन-तीन नाम दे रखे हैं; गपिया, गौसिप और झँकवैया । आप सोचते हैं मैं दूसरों की एकांतता पर अतिक्रमण करती हूँ? उनके भेद जानने और खोलने का मुझे...

Read Free

प्यार का पहला खत By Kumar Kishan Kirti

रविवार का दिन होने के कारण मैं घर पर ही था।ऑफिस बन्द था।आज कोई काम करने का मन भी नहीं कर रहा था।ना कुछ लिखने का मन कर रहा था और ना ही कोई साहित्यिक पुुस्तक पढ़ने को मन कर रहा...

Read Free

सवारी By Deepak sharma

मानव-स्मृति, में घटनाएं कोई पदानुक्रम नहीं रखतीं । न समय का कोई सोपान-उतरान। वहाँ क्लिक नहीं, ट्रिगर काम करता है । तभी 27 नवम्बर, 2019 की तिथि में डॉ. प्रियंका रेड्डी के संग हुआ जघ...

Read Free

डबलू पंडित By કાળુજી મફાજી રાજપુત

जिन्होंने अपना पूरा जीवन हिंदुत्व के लिए समर्पण कर दिया कृपया माफ करना आजकल हिंदू मुस्लिम सिख ईसाई धर्म कोई अच्छा नहीं मनुष्य हमारा धर्म यह बात कहने में अच्छी लगती है वास्तविकता मे...

Read Free

माता अन्नपूर्णा की वापसी By Anand M Mishra

आदि गुरु शंकराचार्यजी के अनुसार शुद्ध मन ही सबसे अच्छा और बड़ा तीर्थ है। इसके अलावा कुछ और कहने-सुनने की आवश्यकता नहीं होती है। शुद्ध मन से सफलता मिलते रहती है। इस कड़ी में देश की...

Read Free

शातिराना By ARUN SINGH

"शातिराना"(1) राज आइने के सामने खड़ा होकर शेविंग कर रहा है। तभी प्रिया की आवाज आती है। प्रिया:-"राज जल्दी से ड्राइंगरूम में आ जाओ, चाय रेडी है। "राज:-"बस दो मिनट मेरी जान आया। " शे...

Read Free

अभिनय और प्रेम By Lalit Rathod

बीते कुछ वर्षों से कहानियों में मेरा रूम, एकांत, दोपहर, शाम, आस्था नाम की लड़की अक्सर शामिल रहे हैं। असल में यह सभी शब्द मेरे कलाकार है, जो कहानियों को लिखते वक्त अभिनय करते है। उन...

Read Free

नागिन का आखरी महायुध्द - अंतिम भाग By Datta Shinde

हमणे पिछले भाग मैं देखा राधा और शिव मर जाते हैं अब वो घडी आणे वाली हैं जो पुरे धरती केलिए खतरनाक हैं तो चलो देखे आगे क्या होता है तब देवता और रावन शिवगाव जाते हैं तब देवता बोलता है...

Read Free

इश्क. - 8 By om prakash Jain

️️सिम्मी का एक्सिडेंट हो जाता है ।सिम्मी बाल -बाल बच जाती है।और उसके सामने अपने प्रेम को पाने के लिए संघर्ष है।शेखर ने सिम्मी को वेदांत के घर ले जाता है ।सातवें भाग में आप ने पढ़ा ....

Read Free

प्लेटफॉर्म नम्बर 1 By Priya Maurya

टैक्सी रुकते ही मै रेलवे स्टेशन के अंदर प्लेटफॉर्म नम्बर 1 पर मै आ पहुची। मै अकेले ही वाराणसी से कानपुर के लिये सफर करने वाली थी । प्लेटफॉर्म पर एक सीट पर अपना समान रखते हुये मै वह...

Read Free

मेरी गर्लफ्रैंड - 5 By jitin tyagi

चेप्टर - 5अब पाँच अगस्त तक सबकुछ ठीक- ठाक चलता रहा था। हमने उन चीज़ों के बारे में बात करना बंद कर दिया था जो परेशानी का कारण बनती थी। हम केवल अपनी ही चर्चा किया करते थे। इस बीच दो अ...

Read Free

Last Letter Of Captain Vijayant Thapar By Dhaval

कैप्टन विजयंत थापर का जन्म 26 दिसंबर 1976 को एक सैन्य परिवार में कर्नल वी एन थापर और श्रीमती तृप्ता थापर के घर हुआ था। सेना परिवार में पले-बढ़े कैप्टन थापर हमेशा अपने पिता के नक्श...

Read Free

स्वच्छता का नन्हा सिपाही   By Ratna Pandey

दो दिनों की छुट्टी के बाद युवान जब स्कूल आया तो वह बेहद ख़ुश था। वह अपने दोस्तों को बता रहा था, "मेरे घर में एक नया, नन्हा, प्यारा-सा दोस्त आया है पता है वह कौन है? मेरी गाय का बछड...

Read Free

झूठ का संसार By Lalit Rathod

मैं हर दिन एक झूठ कहता हूं। मेरे झूठ कहते ही एक नया संसार बनकर तैयार हो जाता है, जिसे में सच समझकर उसे दिनभर जीता हूं। असल में मुझे अपना झूठ सच के सामान लगता है। हर दिन नया जीवन जी...

Read Free

वह सुभग कन्या और निरा मूर्ख मैं By Chinmay Mishra

जब अनुभूतियाँ अपने शीर्ष पर बहने लगें। भाव-नव तरंगें अपने चरम पर गोता लगा रहीं हों। हृदय के कोर-कोर में विस्फोट आलिंगन दे रहे हों, तो क्या है वह? विशुद्ध प्रेम!, मोह अथवा...

Read Free

मेरी प्रिय लघुकथाएं By Krishna manu

तालीम पुलिस इन्स्पेक्टर जरूरी काम निपटाकर उठने ही वाला था कि एक आदमी सहमा-सकुचाया उसके टेबल के पास आकर खड़ा हो गया। -' क्या बात है?' पुलिस इंस्पेक्टर ने सामने की कुर्सी की ओ...

Read Free

नीम का पेड़ ( भाग 11) By Kishanlal Sharma

34--कारोबार"मैने आगरा वालों का क्या बिगाड़ा था?'रफीक फ्लो के थोक विक्रेता नदीम के यहाँ नौकरी करता था।मालिक से किसी बात पर तकरार होने पर उसने नौकरी छोड़ दी।कुछ दिनों तक बेकार रहने...

Read Free

कमजोर By Anton Chekhov

अंतोन चेखव आज मैं अपने बच्चों की अध्यापिका यूलिमा वार्सीयेव्जा का हिसाब चुकता करना चाहता था। ''बैठ जाओ, यूलिमा वार्सीयेव्जा।'' मेंने उससे कहा, ''तुम्हारा हि...

Read Free

Block इश्क़ (भाग 2) By Shrikar Dixit

Block Ishq is the story Of today love which is started from add a new number to block from all social sites....

Read Free

पसंदगी By Minal Vegad

" आज तो बड़ी ही खुशी का दिन है।" पापा शाम को दफ्तर से आते ही बड़ी खुशी से मा से कहने लगे। "ऐसी कौन सी लॉटरी लग गई है आपको तो आप इतने खुश हो रहे है?" मां ने देखा पापा बहु...

Read Free

कुंडी रिश्तों की By Shwet Kumar Sinha

फैमिली कोर्ट में जज साहब अपने चैम्बर में बैठे आरव और वर्षा की दलीलें ध्यान से सुन रहे थें। आज उनदोनों की आपसी सहमति से तलाक की आखिरी सुनवाई थी। जज साहब ने दोनों पति-पत्नी को समझाने...

Read Free

सुखांत By Anton Chekhov

अंतोन चेखव बतौर हेड कंडक्टर काम करने वाले निकोलाई निकोलाएविच स्टिचकिन ने छुट्टी के एक दिन लुबोव ग्रिगोर्येव्ना नाम की खास महिला को एक जरूरी बात के लिए अपने घर बुलाया। लुबोव ग्रिगोर...

Read Free

बोझल मन By Pushp Saini

कहानी ( बोझल मन )--------------------------------छः माह हुए भुवन को गाँव से शहर आए,साथ में पत्नी केसर और पाँच वर्षिय गोपाल भी था।किराये का एक छोटा-सा कमरा लेकर भुवन ने अपनी गृहस्...

Read Free

दुख By Anton Chekhov

अंतोन चेखव 'मैं अपना दुखड़ा किसे सुनाऊँ?' शाम के धुँधलके का समय है। सड़क के खंभों की रोशनी के चारों ओर बर्फ की एक गीली और मोटी परत धीरे-धीरे फैलती जा रही है। बर्फबारी के का...

Read Free

अनसुनी दास्तान By Word Dreamer

मोहल्ले में पहले ही मकान में वो रहती थीखूबसूरती की वो मूरत थी मगर अभिमानबिल्कुल नहीं करती थी सबके साथघुलमिलकर रहती थी सबको अपनी तरफ सेज्यादा से मदद मिले उसके लिए तैयार रहती थीउसको...

Read Free

ओ हेनरी की कहानियाँ - प्रेस की शक्ति By Tanu Kadri

(ओ हेनरी की कहानियाँ का अनुवादित पुस्तक से ) सुबह के आठ बजे दुकान पर समाचार पत्र के ताज़ा अंक रस्सी पर लटक रहे थे। ग्राहक चलते फिरते समाचार पत्र के शीर्षक देखते या फिर एक पेन्नी का...

Read Free

आखिरी खत By S Sinha

कहानी - आखिरी खत प्रकृति की गोद में बसा झारखंड राज्य का एक छोटा सा शहर झुमरीतलैया .यहीं के सैनिक स्कूल में पढ़ता था एक लड़का सागर .सागर एक मेघावी...

Read Free

एक छोटा-सा मजाक By Anton Chekhov

अंतोन चेखव सरदियों की ख़ूबसूरत दोपहर... सरदी बहुत तेज़ है। नाद्या ने मेरी बाँह पकड़ रखी है। उसके घुंघराले बालों में बर्फ़ इस तरह जम गई है कि वे चांदनी की तरह झलकने लगे हैं। होंठों...

Read Free

शेफ By Akshata alias shubhadaTirodkar

"हैलो राहुल मुझे नानी के के यहाँ से आने में देर हो जायेगी तुम और पापा कुछ पार्सल आर्डर कर खा लेना " "डोंट वोर्री माँ मैं ने बिर्यानी बनायी हैं " "मज़ाक मत कर " "नहीं माँ सच्ची" "मज़ा...

Read Free

शाखाओं से जुङा आदमी By Sneh Goswami

शाखाओं से जुङा आदमी “ तुम इन बच्चों का भविष्य बिगाङ रहे हो “ भीङ में से किसी ने सत्यव्रत को ललकारा । “ तुम इन्हें गलत बातें सिखा रहे हो “ । ये दूसरा व्यक्ति था । “ मैने गलत ब...

Read Free

एक कलाकृति By Anton Chekhov

अंतोन चेखव साशा स्मिरनोव अपनी माँ का इकलौता बेटा था। उसने वित्तीय खबरों से भरे 223 नंबर के अखबार में लिपटी कोई चीज अपने बगल में दबा रखी थी। जब वह डॉ. कोशेलकोव के चिकित्सालय में पहु...

Read Free

अधूरा इश्क (लघुकथा) By Kumar Kishan Kirti

रिया ऑटो रिक्शा से समाहरणालय के पास पहुँची और ऑटो रिक्शा चालक को रुपये देकर जल्दी से जिलाधिकारी कार्यालय के पास पहुँची, लेकिन वहाँ खड़े सिपाही ने जब रोका तब वह हाँफती हुई बोली"मैं.....

Read Free

Quotes of June 2020 By Rudra S. Sharma

०४-०६-२०२०(०१) समय - १०:२१ पर - "यदि उचित एवं अनुचित को उनकी वास्तविकता के अनुसार जानना है तो उन्हें अपनी विडंबनाओं द्वारा निर्मित द्रष्टिकोण के बिना देखना होगा ।अपने परिस्थितियों...

Read Free

ट्रेन एक स्टेशन पर रुकी By Bhanuben Prajapati

ट्रेन एक स्टेशन पर रुकी ... ******************* नीलिमा और रोहन दोनों दिवाली की छुट्टियों में घूमने गए थे ।उन्होंने ट्रेन में बुकिंग करवाई थी नीलिमा और रोहन दोनों ट्रेन में बैठे हुए...

Read Free

खानगी By Deepak sharma

मैं नहीं जानती जवाहर के संग रहा वह प्रसंग मात्र एक प्रपंच था अथवा सम्मोहन किंतु यह जरूर कह सकती हूँ स्नातकोत्तर की मेरी पढ़ाई में उसने न केवल साझा ही लगाया था वरन् संकीर्ण मेरी दृष्...

Read Free

आई एम सॉरी...। By Kumar Kishan Kirti

ऑफिस से छुटकारा पाने के बाद मैं एक होटल में कॉफी पीने के लिए चला गया।दिनभर की कामों से निवृत होकर मैं प्रतिदिन कॉफी पीया करता हूँ।शाम को पांच बजे थे।घर पर प्रिया से बोल चुका था की...

Read Free

चिकोटी By Deepak sharma

वर-वधू घर पर ही हैं ना? दरवाजे पर बहू की बड़ी दो बहनें अपने बच्चों के साथ खड़ी थी । आइए, उन्होंने मुस्कराने की चेष्टा की । बहू के परिवार का कोई भी सदस्य उन्हें न भाता । आज छुट्टी हो...

Read Free

अनसुलझा प्रश्न - लघुकथाएं(पार्ट2) By Kishanlal Sharma

3--असमंजस"रमेश लौट आया " रमेश कुछ महीने पहले हमारी कॉलोनी में आया था।उसकी पत्नी दीपा गर्भवती थी।डिलीवरी का समय नजदीक आने पर रमेश पत्नी को मा के पास गांव में छोड़ आया।एक दिन सीढ़ियो...

Read Free

सुलगता कमरा और ठिठुरती ज़िन्दगी By Manju Mahima

The story - written 50 years ago in 1971सुलगता कमरा ओ' ठिठुरती ज़िंदगी....लेखिका- मंजु महिमा 'ऊफ!! कितनी गर्मी ....''..................''लग रहा है, जैसे सार...

Read Free

परिधान By राज कुमार कांदु

पुरुष व महिलाओं के दो समूहों में जिनमें अधिकांश अधिकारी व बुद्धिजीवी वर्ग के लोग शामिल थे, बहस जोरों पर थी। मुद्दा था 'समाज में बलात्कार की बढ़ती घटनाएं- कारण व निवारण' !शह...

Read Free

झँकवैया By Deepak sharma

मैं जानती हूँ मेरी पीठ पीछे लोगों ने मुझे तीन-तीन नाम दे रखे हैं; गपिया, गौसिप और झँकवैया । आप सोचते हैं मैं दूसरों की एकांतता पर अतिक्रमण करती हूँ? उनके भेद जानने और खोलने का मुझे...

Read Free

प्यार का पहला खत By Kumar Kishan Kirti

रविवार का दिन होने के कारण मैं घर पर ही था।ऑफिस बन्द था।आज कोई काम करने का मन भी नहीं कर रहा था।ना कुछ लिखने का मन कर रहा था और ना ही कोई साहित्यिक पुुस्तक पढ़ने को मन कर रहा...

Read Free

सवारी By Deepak sharma

मानव-स्मृति, में घटनाएं कोई पदानुक्रम नहीं रखतीं । न समय का कोई सोपान-उतरान। वहाँ क्लिक नहीं, ट्रिगर काम करता है । तभी 27 नवम्बर, 2019 की तिथि में डॉ. प्रियंका रेड्डी के संग हुआ जघ...

Read Free

डबलू पंडित By કાળુજી મફાજી રાજપુત

जिन्होंने अपना पूरा जीवन हिंदुत्व के लिए समर्पण कर दिया कृपया माफ करना आजकल हिंदू मुस्लिम सिख ईसाई धर्म कोई अच्छा नहीं मनुष्य हमारा धर्म यह बात कहने में अच्छी लगती है वास्तविकता मे...

Read Free

माता अन्नपूर्णा की वापसी By Anand M Mishra

आदि गुरु शंकराचार्यजी के अनुसार शुद्ध मन ही सबसे अच्छा और बड़ा तीर्थ है। इसके अलावा कुछ और कहने-सुनने की आवश्यकता नहीं होती है। शुद्ध मन से सफलता मिलते रहती है। इस कड़ी में देश की...

Read Free

शातिराना By ARUN SINGH

"शातिराना"(1) राज आइने के सामने खड़ा होकर शेविंग कर रहा है। तभी प्रिया की आवाज आती है। प्रिया:-"राज जल्दी से ड्राइंगरूम में आ जाओ, चाय रेडी है। "राज:-"बस दो मिनट मेरी जान आया। " शे...

Read Free