लघुकथा कहानियाँ पढ़े और PDF में डाउनलोड करे

Stories and books have been a fundamental part of human culture since the dawn of civilization, acting as a powerful tool for communication, education, and entertainment. Whether told around a campfire, written in ancient texts, or shared through modern media, Short Stories in hindi books and stories have the unique ability to transcend time and space, connecting people across generations and cult...Read More


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  • झूठ

    आज गाँव में कुछ ज्यादा हि हलचल दिख रही है, मानो कोई मेला लगा है, सभी लोग मुखियाज...

  • अनकही बातें

    ये कहानी हैं 10 साल की रिया की। रिया बहुत ही शांत लड़की थी लेकिन जब उसका सब्र का...

  • सफ़र

    एक बुज़ुर्ग शिक्षिका भीषण गर्मियों के दिन में एक बस में सवार हुई, पैरों के दर्द...

झूठ By Gajendra Kudmate

आज गाँव में कुछ ज्यादा हि हलचल दिख रही है, मानो कोई मेला लगा है, सभी लोग मुखियाजी कि हवेली कि तरफ जा रहे है. कुछ लोग आपस में खुसपूस कर रहे है कि मुखियाजी नहीं रहे. कल वह दूसरे गाँव...

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कशिश - पार्ट 3 By Ashish Bagerwal

अब रविवार का दिन आ जाता है।सभी लोग गांव के मंदिर के पास खड़े होकर मुखिया जी के आने का इंतजार करते हैं।मुखिया जी के आने के कुछ देर पश्चात वहां एक कार आती है उसके पीछे - पीछे एक लग्ज...

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BLACK LIST... By Lotus

मेने तुमको जाना पर तुम मुझे जान नही पाए..मे करता रहा हर शक दूर पर तुम्हारे शक दूर हो न पाए...Black list......Black list ky hai..और क्यो है ..... एक ऐसा ख्वाब जो पुरा ना हो सारे अरम...

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अनकही बातें By Tunisha Sahu

ये कहानी हैं 10 साल की रिया की। रिया बहुत ही शांत लड़की थी लेकिन जब उसका सब्र का बाण छूटता हैं तो उसका गुस्सा सातवें आसमान में चला जाता है।रिया ज्यादा घर से बाहर नहीं निकलती थीं और...

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सफ़र By सीमा

एक बुज़ुर्ग शिक्षिका भीषण गर्मियों के दिन में एक बस में सवार हुई, पैरों के दर्द से बेहाल, लेकिन बस में खाली सीट न देख कर जैसे – तैसे खड़ी हो गई।   कुछ दूरी ही तय की थी ब...

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जीवन के रंग By DINESH KUMAR KEER

एक वृद्ध ट्रेन में सफर कर रहा था, संयोग से वह कोच खाली था। तभी 8-10 लड़के उस कोच में आये और बैठ कर मस्ती करने लगे।   एक ने कहा - "चलो, जंजीर खीचते है". दूसरे ने कहा - "यहां लिख...

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भाभी के चरण (व्यंग) By Ashwajit Patil

मैं एक टुच्चे से थाने का इंचार्ज तथा पुलिस निरीक्षक था. मेरे सामने बैठा आदमी एक बड़ा उद्योगपति तथा स्विमिंग एकेडमी का अध्यक्ष था. उसका मोटा (बड़ा) भाई शहर का जाना माना नेता और मंत्...

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पश्चाताप By नंदलाल मणि त्रिपाठी

पश्चाताप -उत्तर प्रदेश वन सेवा के सर्वोच्च अधिकारी थे भूपेश कुमार उत्तर प्रदेश वन सेना में आने से पूर्व भूपेश कुमार भारतीय सेना में उच्च अधिकारी थे भारतीय सेना में उनकी बहादुरी के...

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यादें बचपन की By DINESH KUMAR KEER

बच्चें मन के सच्चे... बचपन में याद है …..अब इस तरह का आशीर्वाद कम ही मिलता है…..जब कोई रिश्तेदार व परिवार वाले हमारे घर आते थेतब फल व खिलौने लेकर आते थेऔर जब उनके वाप...

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विनायक दामोदर सावरकर By सीमा

दो बार आजीवन कारावास की सजा पाने वाले स्वतंत्रता सेनानी वीर सावरकर... विनायक दामोदर सावरकर स्वतंत्रता सेनानी, राजनीतिज्ञ कवि और लेखक भी थे । सावरकर दुनिया के शायद अकेले स्वतंत्रता...

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बुजुर्गों का सहारा By सीमा

माँ आप यहां पर ऐसे क्यों बैठी है, चाय बना लाऊं आपके लिए। नही कुछ नही सीमा..., बस ऐसे ही नींद नहीं आ रही थी, सासु - माँ जी बोली... माँ, स्वास्थ्य तो सही है ना आपका, दिखाइए... शरीर क...

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मिठाई मिथक By नंदलाल मणि त्रिपाठी

मिठाई का मिथक --- पण्डित ऊगन बहुत प्रतिष्टित पिता के पुत्र थे वह स्वंय भी पांडित्य पद्धति कर्म एव संस्कारो के विद्वान थे ।उनकी चार बेटियाँ एव दो बेटे थे बड़ा बेटा तीन बेटियों के बाद...

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शिक्षक की महिमा By DINESH KUMAR KEER

*शिक्षक की महिमा**मत पूछिए कि शिक्षक कौन है?**आपके प्रश्न का सटीक उत्तर**आपका मौन है।**शिक्षक न पद है, न पेशा है,**न व्यवसाय है ।**ना ही गृहस्थी चलाने वाली**कोई आय हैं।।**शिक्षक सभ...

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सच्चे दोस्त By DINESH KUMAR KEER

सच्चे दोस्त...   उन तीनों को होटल में बैठा देख, रमेश हड़बड़ाहट सा गया...   लगभग 22 सालों बाद वे फिर उसके सामने दिखे थे...   शायद अब वो बहुत बड़े और संपन्न आदमी हो गये...

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चिरयुवा बूटी - 6 - अंतिम भाग By Brijmohan sharma

(6)  जतिवाद ड्रामाआम लोगो में जन जाग्रति फ़ैलाने के लिए मोहन ने कुछ युवाओ की टीम बनाई व देश के अनेक गावों व शहरों में नाटक प्रस्तुत करने के आयोजन करने का बीड़ा उठाया | नाटक प्रस...

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सुनहरे भविष्य की ओर… अतीत से होकर By Ruchi Modi Kakkad

The story is all about the hardship of daughter with the help of her mother towards her golden future...

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आइसक्रीम वाला By Urooj Khan

शीर्षक = आइसक्रीम वालादोपहर के 2.30 बजते ही, एक आइसक्रीम वाले की रेडी पर बच्चों की भीड़ इकट्टी हो गयी, कोई उस आइसक्रीम वाले भैया से कच्चा आम मांग रहा था तो कोई संतरे वाली आइसक्र...

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बाल गोपाल By सीमा

. "बाल गोपाल की कथा" लाला ने देखा कि बहुत देर से मैया दही बिलो रही है तो उठकर आये, रात्रि को सोते समय मैया कृष्ण की आँखों में काजल लगाती है तो सबेरे उठते ही कन्हैया दोनों हाथ से आँ...

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अंधा इश्क By नंदलाल मणि त्रिपाठी

अंधा इश्क ---- पण्डित धरणीधर संभ्रांत ब्राह्मण जवार में बहुत इज़्ज़त थी उनकी उनके पास ईश्वर कि कृपा से क्या नही था ।एक भाई कालेज में प्रधानाचार्य खेती बारी कि कोई कमी नही पण्डित जी क...

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नीयत का फल By सीमा

नीयत का फल .कुछ धनी किसानों ने मिलकर खेती के लिए एक कुँआ बनवाया. पानी निकालने के लिए सबकी अपनी-अपनी बारी बंधी थी..कुंआ एक निर्धन किसान के खेतों के पास था लेकिन चूंकि उसने कुंआ बनान...

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प्यार में बंधन नही By नंदलाल मणि त्रिपाठी

प्यार में बंधन नही - करीम अंसारी बी एस सी प्रथम वर्ष के विद्यर्थि था हाई स्कूल एव इंटरमीडिएट में करीम ने अपने मेहनत परिश्रम से जवार में अब्बू अम्मी एव कुनबे का नाम रौशन किया था ।बी...

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Ek Masoom Ladki By Reshu Sachan

शाम के लगभग छः बज रहे थे। पतिदेव के ऑफिस से घर आने का वक्त हो रहा था । बस रोज़ दिनचर्या का हिस्सा सा होता है उस वक्त उनको फ़ोन करके पूँछने का , कि निकले या नहीं , कब तक घर पहुँच रह...

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ईमानदारी व स्वाभिमान By सीमा

एक बार बाजार में चहलकदमी करते एक व्यापारी को व्यापार के लिए एक अच्छी नस्ल का ऊँट नज़र आया। . व्यापारी और ऊँट बेचने वाले ने वार्ता कर, एक कठिन सौदेबाजी की।   ऊँट विक्रेता ने अपन...

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बैल और किसान By सीमा

बैल और किसान...   हल खींचते समय यदि कोई बैल गोबर या मूत्र करने की स्थिति में होता था तो किसान कुछ देर के लिए हल चलाना बन्द करके बैल के मल - मूत्र त्यागने तक खड़ा रहता था ताकि ब...

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जेनरेशन गैप By S Sinha

                                                       कहानी - जेनरेशन गैप       “ नेहा  बेटी , मेरा कहना मान लो , तेरे पापा कभी भी इस रिश्ते के लिए तैयार नहीं होंगे  . यह बात तुम...

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माँ - बाप की सेवा By सीमा

मानवता का अप्रतिम उदाहरण... कल बाज़ार में फल खरीदने गया, तो देखा कि एक फल की रेहड़ी की छत से एक छोटा सा बोर्ड लटक रहा था, उस पर मोटे अक्षरों से लिखा हुआ था..."घर मे कोई नहीं है, मेरी...

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व्यथा गुलामी की By LM Sharma

बात 1920 और 1930 के दशक की है। यह वह समय था जब भारत गुलामी की चरम सीमा पर था। गरीबी भी अपने चरम सीमा पर थी। अधिकांश किसान लगान देने की स्थिति में नहीं थे।परंतु अंग्रेजी शासक वर्ग क...

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ईमानदारी By सीमा

सच्चाई व ईमानदारी   एक मिस्त्री किसी गांव में काम करने गया, लेकिन वह अपने औजारों में हथौड़ा साथ ले जाना भूल गया । उसने गांव के लोहार के पास जाकर कहा, 'मेरे लिए एक अच्छा सा...

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मासूम लड़की व डाकिया की कहानी By सीमा

  एक दिन एक बुजुर्ग डाकिये ने एक घर के दरवाजे पर दस्तक देते हुए कहा... "चिट्ठी ले लीजिये।"   आवाज़ सुनते ही तुरंत अंदर से एक लड़की की आवाज गूंजी... " अभी आ रही हूँ... ठहरो।...

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माँ और बेटी By सीमा

माँ और बेटी एक सौदागर राजा के महल में दो गायों को लेकर आया। दोनों ही स्वस्थ, सुंदर व दिखने में लगभग एक जैसी थीं। सौदागर ने राजा से कहा - "महाराज! ये गायें माँ - बेटी हैं परन्तु मुझ...

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राधा रानी By सीमा

बरसाना के राधारानी की कथा   बरसाने में एक छोटा सा स्थान है मोर - कुटी. इस स्थान कि महिमा मै बताने जा रहा हूँ. एक समय की बात है जब लीला करते हुए राधा जी प्रभु से रूठ गयी और वो...

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नया घर By सीमा

किसका घर माता-पिता का या बेटे का "पापा नया घर बिल्कुल तैयार हो चुका है। सोच रहा हूं कि वहां दीपावली पर शिफ्ट कर लूं।" सिद्धार्थ ने अपने पापा गोविंद प्रसाद जी से कहा।सिद्धार्थ गोविं...

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एक संस्मरण - मम्मी का ग़ुस्सा … By Piyush Goel

बात सन् १९७५ की हैं मेरे पिता जी सरकारी नौकरी में सहारनपुर के एक गाँव सबदलपुर में स्वास्थ विभाग में कार्यरत थे. पिता जी का स्थानांतरण थाना भवन( जलालाबाद) से हुआ था.मेरे पिता जी को...

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खुली हवा में By Deepak sharma

तारीख और साल उषा को याद है.....10 दिसंबर, 1975..... आपरेशन की पूर्व-संध्या डॉः सत्या दुबे ने उसे अस्पताल के कमरे में बुला लिया था। उसे एनीमा, एन्टीबायोटिक और मैगनीशियम साइट्रेट दिल...

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गुमनाम दोस्ती By Kartik

हम 4 दोस्त थे और बड़ी ही गहरी दोस्ती थी हमारी। हाँ, मैंने कहा गहरी दोस्ती थी हमारी। एक ऐसी दोस्ती जो खुद मे एक मिसाल हुआ करती थी, ऐसा नहीं है की आज नहीं हैं, पर अब शायद कहीं गुम गय...

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पिता By सीमा

"पिता, प्रेम और त्याग"   ट्रेन में समय गुजारने के लिए बगल में बैठे बुजुर्ग से नीति बात करना शुरु किया... " आप कहाँ तक जाएंगे दादा जी " " इलाहाबाद तक । " नीति ने मजाक में कहा "...

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बंधक By Deepak sharma

मेरी ननिहाल में शाम गहराते ही पाँचों बच्चे मुझे आ घेरते, ’’तुमसे तुम्हारे दादा की कहानी सुनेंगे....’’ उनमें कुक्कू और हिरणी मुझसे बड़े थे। कुक्कू दो साल और ह...

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प्यार का स्पर्श By सीमा

"प्यार का स्पर्श.....लो देखो यहां आराम से पसरकर सो रही है कुम्भकर्ण की तरह ....अरे उठ देख बिरजू दफ्तर से लौट आया है कोई चाय पानी पूछ ....ये लक्षण है इन नयी बहु के .....अरी निगोड़ी य...

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Trapped By Smriti Singh

It was 3:40 in the morning and my friend had finally succeeded in convincing me to meet him. He lived in a neighbouring country. I already had the visa and the border was just 2 ho...

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वट सावित्री व्रत By सीमा

"वट सावित्री व्रत" वट सावित्री व्रत का हिंदू धर्म में काफी महत्व माना जाता है। इस दिन सुहागन महिलायें अपने सुहाग की रक्षा के लिए वट वृक्ष और यमदेव की पूजा करती हैं। शाम के समय वट क...

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भूख की ताब By Deepak sharma

’’कुछ खाने को बना लाऊँ क्या?’’ अपनी शादी के बाद साधना मुझे पहली बार मिल रही थी। ’’क्यों नहीं?’’ मैं उस पर रीझ ली, ’’बल्क...

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राव हम्मीर देव चौहान By सीमा

  रणथम्भौर "रणतभँवर के शासक थे। ये पृथ्वीराज चौहाण के वंशज थे। इनके पिता का नाम जैत्रसिंह था। ये इतिहास में ''हठी हम्मीर के नाम से प्रसिद्ध हुए हैं। जब हम्मीर वि॰सं॰ 1...

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चिलक By Deepak sharma

अस्पताल में अरूण साहब मुझे वार्ड के बाहर ही मिल गए। ’’तुम्हें किसने बताया ?’’ अरूण साहब इधर-उधर देखने लगे, ’’किसी ने तुम्हें देखा तो नहीं है ?&r...

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हमारी जड़ By Pragati

ये कहानी एक परिवार की जगह ब्लॉग अपने कम में मसरफ। घर में पापा मम्मी के साथ 3बचे हैं। सब अपने कम में बिजी सबका रूम अलग अलग। पापा की ड्यूटी और घर के मेकओवर मम्मी संबलती और बचे पढाई म...

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यादें बचपन की By सीमा

बच्चें मन के सच्चे...   बचपन में याद है ….. अब इस तरह का आशीर्वाद कम ही मिलता है….. जब कोई रिश्तेदार व परिवार वाले हमारे घर आते थे तब फल व खिलौने लेकर आते थे और...

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झूठ By Gajendra Kudmate

आज गाँव में कुछ ज्यादा हि हलचल दिख रही है, मानो कोई मेला लगा है, सभी लोग मुखियाजी कि हवेली कि तरफ जा रहे है. कुछ लोग आपस में खुसपूस कर रहे है कि मुखियाजी नहीं रहे. कल वह दूसरे गाँव...

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कशिश - पार्ट 3 By Ashish Bagerwal

अब रविवार का दिन आ जाता है।सभी लोग गांव के मंदिर के पास खड़े होकर मुखिया जी के आने का इंतजार करते हैं।मुखिया जी के आने के कुछ देर पश्चात वहां एक कार आती है उसके पीछे - पीछे एक लग्ज...

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BLACK LIST... By Lotus

मेने तुमको जाना पर तुम मुझे जान नही पाए..मे करता रहा हर शक दूर पर तुम्हारे शक दूर हो न पाए...Black list......Black list ky hai..और क्यो है ..... एक ऐसा ख्वाब जो पुरा ना हो सारे अरम...

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अनकही बातें By Tunisha Sahu

ये कहानी हैं 10 साल की रिया की। रिया बहुत ही शांत लड़की थी लेकिन जब उसका सब्र का बाण छूटता हैं तो उसका गुस्सा सातवें आसमान में चला जाता है।रिया ज्यादा घर से बाहर नहीं निकलती थीं और...

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सफ़र By सीमा

एक बुज़ुर्ग शिक्षिका भीषण गर्मियों के दिन में एक बस में सवार हुई, पैरों के दर्द से बेहाल, लेकिन बस में खाली सीट न देख कर जैसे – तैसे खड़ी हो गई।   कुछ दूरी ही तय की थी ब...

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जीवन के रंग By DINESH KUMAR KEER

एक वृद्ध ट्रेन में सफर कर रहा था, संयोग से वह कोच खाली था। तभी 8-10 लड़के उस कोच में आये और बैठ कर मस्ती करने लगे।   एक ने कहा - "चलो, जंजीर खीचते है". दूसरे ने कहा - "यहां लिख...

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भाभी के चरण (व्यंग) By Ashwajit Patil

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पश्चाताप By नंदलाल मणि त्रिपाठी

पश्चाताप -उत्तर प्रदेश वन सेवा के सर्वोच्च अधिकारी थे भूपेश कुमार उत्तर प्रदेश वन सेना में आने से पूर्व भूपेश कुमार भारतीय सेना में उच्च अधिकारी थे भारतीय सेना में उनकी बहादुरी के...

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यादें बचपन की By DINESH KUMAR KEER

बच्चें मन के सच्चे... बचपन में याद है …..अब इस तरह का आशीर्वाद कम ही मिलता है…..जब कोई रिश्तेदार व परिवार वाले हमारे घर आते थेतब फल व खिलौने लेकर आते थेऔर जब उनके वाप...

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विनायक दामोदर सावरकर By सीमा

दो बार आजीवन कारावास की सजा पाने वाले स्वतंत्रता सेनानी वीर सावरकर... विनायक दामोदर सावरकर स्वतंत्रता सेनानी, राजनीतिज्ञ कवि और लेखक भी थे । सावरकर दुनिया के शायद अकेले स्वतंत्रता...

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बुजुर्गों का सहारा By सीमा

माँ आप यहां पर ऐसे क्यों बैठी है, चाय बना लाऊं आपके लिए। नही कुछ नही सीमा..., बस ऐसे ही नींद नहीं आ रही थी, सासु - माँ जी बोली... माँ, स्वास्थ्य तो सही है ना आपका, दिखाइए... शरीर क...

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मिठाई का मिथक --- पण्डित ऊगन बहुत प्रतिष्टित पिता के पुत्र थे वह स्वंय भी पांडित्य पद्धति कर्म एव संस्कारो के विद्वान थे ।उनकी चार बेटियाँ एव दो बेटे थे बड़ा बेटा तीन बेटियों के बाद...

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शिक्षक की महिमा By DINESH KUMAR KEER

*शिक्षक की महिमा**मत पूछिए कि शिक्षक कौन है?**आपके प्रश्न का सटीक उत्तर**आपका मौन है।**शिक्षक न पद है, न पेशा है,**न व्यवसाय है ।**ना ही गृहस्थी चलाने वाली**कोई आय हैं।।**शिक्षक सभ...

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सच्चे दोस्त By DINESH KUMAR KEER

सच्चे दोस्त...   उन तीनों को होटल में बैठा देख, रमेश हड़बड़ाहट सा गया...   लगभग 22 सालों बाद वे फिर उसके सामने दिखे थे...   शायद अब वो बहुत बड़े और संपन्न आदमी हो गये...

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चिरयुवा बूटी - 6 - अंतिम भाग By Brijmohan sharma

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सुनहरे भविष्य की ओर… अतीत से होकर By Ruchi Modi Kakkad

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आइसक्रीम वाला By Urooj Khan

शीर्षक = आइसक्रीम वालादोपहर के 2.30 बजते ही, एक आइसक्रीम वाले की रेडी पर बच्चों की भीड़ इकट्टी हो गयी, कोई उस आइसक्रीम वाले भैया से कच्चा आम मांग रहा था तो कोई संतरे वाली आइसक्र...

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. "बाल गोपाल की कथा" लाला ने देखा कि बहुत देर से मैया दही बिलो रही है तो उठकर आये, रात्रि को सोते समय मैया कृष्ण की आँखों में काजल लगाती है तो सबेरे उठते ही कन्हैया दोनों हाथ से आँ...

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अंधा इश्क By नंदलाल मणि त्रिपाठी

अंधा इश्क ---- पण्डित धरणीधर संभ्रांत ब्राह्मण जवार में बहुत इज़्ज़त थी उनकी उनके पास ईश्वर कि कृपा से क्या नही था ।एक भाई कालेज में प्रधानाचार्य खेती बारी कि कोई कमी नही पण्डित जी क...

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नीयत का फल By सीमा

नीयत का फल .कुछ धनी किसानों ने मिलकर खेती के लिए एक कुँआ बनवाया. पानी निकालने के लिए सबकी अपनी-अपनी बारी बंधी थी..कुंआ एक निर्धन किसान के खेतों के पास था लेकिन चूंकि उसने कुंआ बनान...

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प्यार में बंधन नही By नंदलाल मणि त्रिपाठी

प्यार में बंधन नही - करीम अंसारी बी एस सी प्रथम वर्ष के विद्यर्थि था हाई स्कूल एव इंटरमीडिएट में करीम ने अपने मेहनत परिश्रम से जवार में अब्बू अम्मी एव कुनबे का नाम रौशन किया था ।बी...

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Ek Masoom Ladki By Reshu Sachan

शाम के लगभग छः बज रहे थे। पतिदेव के ऑफिस से घर आने का वक्त हो रहा था । बस रोज़ दिनचर्या का हिस्सा सा होता है उस वक्त उनको फ़ोन करके पूँछने का , कि निकले या नहीं , कब तक घर पहुँच रह...

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ईमानदारी व स्वाभिमान By सीमा

एक बार बाजार में चहलकदमी करते एक व्यापारी को व्यापार के लिए एक अच्छी नस्ल का ऊँट नज़र आया। . व्यापारी और ऊँट बेचने वाले ने वार्ता कर, एक कठिन सौदेबाजी की।   ऊँट विक्रेता ने अपन...

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बैल और किसान By सीमा

बैल और किसान...   हल खींचते समय यदि कोई बैल गोबर या मूत्र करने की स्थिति में होता था तो किसान कुछ देर के लिए हल चलाना बन्द करके बैल के मल - मूत्र त्यागने तक खड़ा रहता था ताकि ब...

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माँ - बाप की सेवा By सीमा

मानवता का अप्रतिम उदाहरण... कल बाज़ार में फल खरीदने गया, तो देखा कि एक फल की रेहड़ी की छत से एक छोटा सा बोर्ड लटक रहा था, उस पर मोटे अक्षरों से लिखा हुआ था..."घर मे कोई नहीं है, मेरी...

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व्यथा गुलामी की By LM Sharma

बात 1920 और 1930 के दशक की है। यह वह समय था जब भारत गुलामी की चरम सीमा पर था। गरीबी भी अपने चरम सीमा पर थी। अधिकांश किसान लगान देने की स्थिति में नहीं थे।परंतु अंग्रेजी शासक वर्ग क...

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ईमानदारी By सीमा

सच्चाई व ईमानदारी   एक मिस्त्री किसी गांव में काम करने गया, लेकिन वह अपने औजारों में हथौड़ा साथ ले जाना भूल गया । उसने गांव के लोहार के पास जाकर कहा, 'मेरे लिए एक अच्छा सा...

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मासूम लड़की व डाकिया की कहानी By सीमा

  एक दिन एक बुजुर्ग डाकिये ने एक घर के दरवाजे पर दस्तक देते हुए कहा... "चिट्ठी ले लीजिये।"   आवाज़ सुनते ही तुरंत अंदर से एक लड़की की आवाज गूंजी... " अभी आ रही हूँ... ठहरो।...

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माँ और बेटी By सीमा

माँ और बेटी एक सौदागर राजा के महल में दो गायों को लेकर आया। दोनों ही स्वस्थ, सुंदर व दिखने में लगभग एक जैसी थीं। सौदागर ने राजा से कहा - "महाराज! ये गायें माँ - बेटी हैं परन्तु मुझ...

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राधा रानी By सीमा

बरसाना के राधारानी की कथा   बरसाने में एक छोटा सा स्थान है मोर - कुटी. इस स्थान कि महिमा मै बताने जा रहा हूँ. एक समय की बात है जब लीला करते हुए राधा जी प्रभु से रूठ गयी और वो...

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नया घर By सीमा

किसका घर माता-पिता का या बेटे का "पापा नया घर बिल्कुल तैयार हो चुका है। सोच रहा हूं कि वहां दीपावली पर शिफ्ट कर लूं।" सिद्धार्थ ने अपने पापा गोविंद प्रसाद जी से कहा।सिद्धार्थ गोविं...

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एक संस्मरण - मम्मी का ग़ुस्सा … By Piyush Goel

बात सन् १९७५ की हैं मेरे पिता जी सरकारी नौकरी में सहारनपुर के एक गाँव सबदलपुर में स्वास्थ विभाग में कार्यरत थे. पिता जी का स्थानांतरण थाना भवन( जलालाबाद) से हुआ था.मेरे पिता जी को...

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खुली हवा में By Deepak sharma

तारीख और साल उषा को याद है.....10 दिसंबर, 1975..... आपरेशन की पूर्व-संध्या डॉः सत्या दुबे ने उसे अस्पताल के कमरे में बुला लिया था। उसे एनीमा, एन्टीबायोटिक और मैगनीशियम साइट्रेट दिल...

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गुमनाम दोस्ती By Kartik

हम 4 दोस्त थे और बड़ी ही गहरी दोस्ती थी हमारी। हाँ, मैंने कहा गहरी दोस्ती थी हमारी। एक ऐसी दोस्ती जो खुद मे एक मिसाल हुआ करती थी, ऐसा नहीं है की आज नहीं हैं, पर अब शायद कहीं गुम गय...

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पिता By सीमा

"पिता, प्रेम और त्याग"   ट्रेन में समय गुजारने के लिए बगल में बैठे बुजुर्ग से नीति बात करना शुरु किया... " आप कहाँ तक जाएंगे दादा जी " " इलाहाबाद तक । " नीति ने मजाक में कहा "...

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बंधक By Deepak sharma

मेरी ननिहाल में शाम गहराते ही पाँचों बच्चे मुझे आ घेरते, ’’तुमसे तुम्हारे दादा की कहानी सुनेंगे....’’ उनमें कुक्कू और हिरणी मुझसे बड़े थे। कुक्कू दो साल और ह...

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प्यार का स्पर्श By सीमा

"प्यार का स्पर्श.....लो देखो यहां आराम से पसरकर सो रही है कुम्भकर्ण की तरह ....अरे उठ देख बिरजू दफ्तर से लौट आया है कोई चाय पानी पूछ ....ये लक्षण है इन नयी बहु के .....अरी निगोड़ी य...

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Trapped By Smriti Singh

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वट सावित्री व्रत By सीमा

"वट सावित्री व्रत" वट सावित्री व्रत का हिंदू धर्म में काफी महत्व माना जाता है। इस दिन सुहागन महिलायें अपने सुहाग की रक्षा के लिए वट वृक्ष और यमदेव की पूजा करती हैं। शाम के समय वट क...

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भूख की ताब By Deepak sharma

’’कुछ खाने को बना लाऊँ क्या?’’ अपनी शादी के बाद साधना मुझे पहली बार मिल रही थी। ’’क्यों नहीं?’’ मैं उस पर रीझ ली, ’’बल्क...

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राव हम्मीर देव चौहान By सीमा

  रणथम्भौर "रणतभँवर के शासक थे। ये पृथ्वीराज चौहाण के वंशज थे। इनके पिता का नाम जैत्रसिंह था। ये इतिहास में ''हठी हम्मीर के नाम से प्रसिद्ध हुए हैं। जब हम्मीर वि॰सं॰ 1...

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चिलक By Deepak sharma

अस्पताल में अरूण साहब मुझे वार्ड के बाहर ही मिल गए। ’’तुम्हें किसने बताया ?’’ अरूण साहब इधर-उधर देखने लगे, ’’किसी ने तुम्हें देखा तो नहीं है ?&r...

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हमारी जड़ By Pragati

ये कहानी एक परिवार की जगह ब्लॉग अपने कम में मसरफ। घर में पापा मम्मी के साथ 3बचे हैं। सब अपने कम में बिजी सबका रूम अलग अलग। पापा की ड्यूटी और घर के मेकओवर मम्मी संबलती और बचे पढाई म...

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यादें बचपन की By सीमा

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