कविता कहानियाँ पढ़े और PDF में डाउनलोड करे

Stories and books have been a fundamental part of human culture since the dawn of civilization, acting as a powerful tool for communication, education, and entertainment. Whether told around a campfire, written in ancient texts, or shared through modern media, Poems in hindi books and stories have the unique ability to transcend time and space, connecting people across generations and cultures. Th...Read More


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सचमुच तुम ईश्वर हो ! 6 By ramgopal bhavuk

काव्य संकलन सचमुच तुम ईश्वर हो!...

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में और मेरे अहसास - 30 By Dr Darshita Babubhai Shah

  वादा साथ रहने का नहीं lउम्रभर साथ निभाने का था llकल की किसको ख़बर lउम्रभर हाथ पकडने का था ll ****************************************** तेरी खामोशी ने बेचैनी बढ़ा दी है lमेर...

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मेरी हिंदी कविताएं By Falguni Shah

✍️शफ़क़✍️मेरी हर शफ़क़ को इत्र सी महका जाती है मेरी रुह में बसकर बिख़र जाती है तेरी वो बेसुमार महोब्बत की कशीश जो आज भी तेरी ख़ामोशी और मेरे इंतज़ार के दरम्या भीकुछ तो राब्ता होने...

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सुरेश पाण्‍डे सरस डबरा का काव्‍य संग्रह - 6 By Ramgopal Bhavuk Gwaaliyar

सुरेश पाण्‍डे सरस डबरा का काव्‍य संग्रह 6 सरस प्रीत सुरेश पाण्‍डे सरस डबरा स...

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तुम्हारे बाद - 5 By DrPranava Bharti

25---- एक मनी-प्लांट की बेल ने सजा रखा था घर को मेरे दूर-दूर तलक फैली थी सुंदर बेल एक किनारे से दूसरे किनारे तक सच कहूँ तो वो मेरी हमजोली थी देख हरियाली की एक चादर सी मेरे चेहरे का...

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वो भारत! है कहाँ मेरा? 11 By बेदराम प्रजापति "मनमस्त"

वो भारत! है कहाँ मेरा? 11 (काव्य संकलन) सत्यमेव जयते समर्पण मानव अवनी के, चिंतन शील मनीषियों के,...

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મારા કાવ્ય - 6 By Nikita panchal

1. કંઇ જ નથીશું છે આ પ્રેમ, કંઈ જ નથી...હા બસ મારા દિલમાં ધરબાયેલી...એક કૂણી લાગણી છે તારા માટે...શું છે આ પ્રેમ, કંઈ જ નથી...હા બસ જાણે ઉજ્જડ રણમાં...એક અટૂલો એરંડો ઊગ્યો તારા માટ...

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Unfinished Lovosophy By M. Sohil shaikh

इज़हार ए इश्क़ किया हे अभी, खोयी मुस्कराहट याद करने दो। आग़ाज़ ए इश्क़ हुआ हे अभी, थोड़ा तो उनका ज़िक्र करने दो। तौबा करेंगे सुकून से सोहिल, अभी गुनाह तो मुक़म्मल करने दो।Ijhar e is...

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बिछड़ना By praveen singh

मै सोच रहा हूँ, कुछ गुजरी हुई बातों को जो संग में गुजरी थी, उन हसीं रातों को...

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उत्‍सुक काव्‍य कुन्‍ज - 7 By Ramgopal Bhavuk Gwaaliyar

उत्‍सुक काव्‍य कुन्‍ज 7 कवि नरेन्‍द्र उत्‍सुक प्रधान सम्‍पादक – रामगोपाल भावुक सम्‍पादक – वेदराम प्रजापति मनमस्‍त, धीरेन्‍द्र गहलोत धीर, ओमप्रकाश सेन आजाद सम्‍पादकीय नरेन्‍...

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माँ कि ममता By praveen singh

“माँ”दर्द होता था हमें अगर, तो माँ की नींद उड़ जाती थी ठण्ड में ऐसे रहो,गर्मी में ये करो, माँ ही तो थी जो हर पल पीछे पड़ जाती थी ऐसा नहीं है की हमें प्यार नहीं था उनसे, पर लड़ना ही उन...

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पप्पू बगुला... By Ritesh Shrivastava

हमारे प्यारे पप्पू जी जाने अनजाने में अक्सर कुछ ना कुछ ऐसा कहते रहते हैं जो उनके दिमागी खोखलेपन पर एक मोहर सी लगा देता है | अभी कल ही उन्होंने एक बार फिर इस बात का सत्यापन किया और...

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इश्क़ सूफियाना? अब लावारिश है।। By Aníruddhα "कौशल्य" "ֆ"

१.गाऊं मैं जो एक गज़ल, पर गज़लों में तुम मत पड़ना...अश्क छलक जाए यूं, पर ग़ज़लों में विघ्न ना करना!मैं अभिलाषी सी पुस्तक था,अंत समय में तुम मत पढ़ना...अश्क छलक जाए यूं, पर गज़लों म...

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स्‍वतंत्र सक्‍सेना की कविताएं - 9 By बेदराम प्रजापति "मनमस्त"

स्‍वतंत्र सक्‍सेना की कविताएं काव्‍य संग्रह सरल नहीं था यह काम स्‍वतंत्र कुमार सक्‍सेना सवित्री सेवा आ...

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अधूरे संवाद भाग-4 By Alok Mishra

वो कहाँ गया जीवन की आपाधापी में वो कहां गया, वो किधर गया । वो सखा बचपन का था वो कहां गया,वो किधर गया ।। वो साथ ही मेरे हंसता था । वो मेरे साथ ही रोता था ।...

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सचमुच तुम ईश्वर हो ! 6 By ramgopal bhavuk

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