कविता कहानियाँ पढ़े और PDF में डाउनलोड करे

Stories and books have been a fundamental part of human culture since the dawn of civilization, acting as a powerful tool for communication, education, and entertainment. Whether told around a campfire, written in ancient texts, or shared through modern media, Poems in hindi books and stories have the unique ability to transcend time and space, connecting people across generations and cultures. Th...Read More


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उत्‍सुक काव्‍य कुन्‍ज - 1 By Ramgopal Bhavuk Gwaaliyar

उत्‍सुक काव्‍य कुन्‍ज कवि नरेन्‍द्र उत्‍सुक प्रधान सम्‍पादक – रामगोपाल भावुक सम्‍पादक – वेदराम प्रजापति मनमस्‍त, धीरेन्‍द्र गहलोत धीर, ओमप्रकाश सेन आजाद सम्‍पादकीय नरेन्‍द्...

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स्‍वतंत्र सक्‍सेना की कविताएं - 9 By बेदराम प्रजापति "मनमस्त"

स्‍वतंत्र सक्‍सेना की कविताएं काव्‍य संग्रह सरल नहीं था यह काम स्‍वतंत्र कुमार सक्‍सेना सवित्री सेवा आ...

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में और मेरे अहसास - 28 By Dr Darshita Babubhai Shah

  वफ़ा पे मेरी गर एतमाद हो तो इंतजार करना l कभी मेरी वफ़ाओ का शायरी मे ज़िक्र करना ll   *************************************   हस्ते हुए चहरे को देख धोखा खा गए l अं...

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अधूरे संवाद भाग-4 By Alok Mishra

वो कहाँ गया जीवन की आपाधापी में वो कहां गया, वो किधर गया । वो सखा बचपन का था वो कहां गया,वो किधर गया ।। वो साथ ही मेरे हंसता था । वो मेरे साथ ही रोता था ।...

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मैं बन जाऊं तेरी जिंदगी... By Priyanka Kumbhar-Wagh

तू उजलता सुरज, मैं तेरी किरणतू सुबह, मैं तेरी पेहली पहर ।मेरे बिना ना हो तेरा कोई दिनमैं थम जाऊं तुझमे इस कदर ।।मैं थम जाऊं तुझमे इस कदर ।।१।।तू चाय, मैं तेरी प्यालीतू दूध, मैं तेर...

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बेनाम शायरी - 6 By Er.Bhargav Joshi અડિયલ

"बेनाम शायरी"?? ?? ?? ?? ?? ??सुबह को शाम और शाम को रात लिख देता है।वो खुदा जिंदगी को बेवफाओं नाम लिख देता है।।?? ?? ?? ?? ?? ??खुशनुमा चहेरे अक्सर खामोश रहते ह...

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कल तक जो केवल मकान थे रातों-रात निवास हो गए By कृष्ण विहारी लाल पांडेय

खंडित सब विश्वास हो गए आयोजन उपहास हो गए अब हम उन्हें नहीं दिखते हैं उनके कितने पास हो गए इतनी सी है राम कहानी राजतिलक बनवास हो गए घटना स्थल से दूर रहे जो आज वही इतिहास हो गए...

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चांदी के कल्दारी दिन By कृष्ण विहारी लाल पांडेय

चांदी के कल्दारी दिन रातों के घर बंधुआ बैठे बच्चों से बेगारी दिन खूनी तारीखे बनकर आते हैं त्योहारी दिन ! 1 पेट काटकर बाबा ने जो जमा किए थे वर्षों में उड़ा दिए दो दिन में हम...

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किन्नर ( कविता) By आदित्य अभिनव

रोटी रोटी हमें जीवन देती हैरोटी पाने के लिए आदमी घर छोड़ता हैऔर रोटी खाने के लिए घर आता हैरोटी जीवन देती भी हैऔरजीवन लेती भी हैरोटी के लिए मुंबई गएरामदीन,सोहन...

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कविता - बिटिया By उषा जरवाल

हर एक लड़की के जीवन में उसके पिता का अहम् स्थान होता है | मेरी जिंदगी में मेरे पापा का भी सबसे ऊँचा स्थान है | आज मेरे पापा मेरे मेरे साथ नहीं हैं पर उनका आशीर्वाद और उनकी यादें ह...

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उड़ान होंसलो की By Mohit Rajak

ये कहानी उन दोस्तों के लिए लिये जो केवल सोचते रहते हैं, जो केवल सपने देखते की वे एक दिन आसमान की बुलंदी को छू लेगे, लेकिन वो सिर्फ सपने देखते है और कुछ करते नहीं है, और केवल बैठे ब...

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स्वर दो तुम्हें मैं गीत का उपहार दूंगा By कृष्ण विहारी लाल पांडेय

तुम मुझे स्वर दो तुम्हें मैं गीत का उपहार दूंगा खोजता था मैं अभी तक आंधियों में शांति के क्षण, जिन्दगी से हार मांगे मौत से दो मधुर चुम्बन। अमा के तम में अमर आलोक की बस कल्पना ही,...

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भले रूठ कर शाप दे, शाप सहने का वरदान दो By कृष्ण विहारी लाल पांडेय

भले रूठ कर शाप देते रहो प्रिय, मगर शाप सहने का वरदान दे दो। अभी तो बहुत देर है जबकि तम चीर सूरज धरा पर उजाला करेगा, अभी तो बहुत देर है जबकि शशि दीप नभ में सितारों के बाला करेगा ॥...

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गीत मेरी जिंदगी का प्यार है By कृष्ण विहारी लाल पांडेय

के बी एल पांडेय के गीत गीत मेरी जिंदगी का प्यार है आधार है जब बसंती ओढ्नी में पुष्प पंखुरिया विहंसती मंजरी पर झूम कोकिल तान मुकुलों पर थिरकती। सुरभि में हो अंध मतवाला मधुप कुछ...

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जनजीवन - 11 By Rajesh Maheshwari

जीवन का क्रम मेघाच्छादित नील-गगन गरजते मेघ और तड़कती विद्युत भी आकाश के अस्तित्व और अस्मिता को नष्ट नहीं कर पाते, वायु का प्रवाह छिन्न-भिन्न कर देता है मेघों को, आकाश वहीं रहता है...

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मेरे अल्फ़ाज़ - शेर...शायरी By anjana Vegda

मेरे अल्फाज......by Anjana Vegda❤️❤️❤️❤️❤️❤️❤️❤️❤️❤️❤️❤️जुखाम तो दिल को होना ही था,तेरी यादों की बारिश में भीगे जोो थे।❤️❤️❤️❤️❤️❤️❤️❤️❤️❤️❤️❤️तुमसेेे होती शिकायतें तो और बात थी......

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कर्मण्येवाधिकारस्ते By Annada patni

कर्मण्येवाधिकारस्ते   अन्नदा पाटनी       छिटक कर आती वातायन से किरणें   सूरज की,   कमरे की दीवार पर बनाती हुई एक आकृति अंगूठे की   जैसे चिढ़ा रही...

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सिर्फ तुम.. - 5 By Sarita Sharma

सिर्फ तुम-5 चलो एक बार फिर से अजनबी बन जाएँ, फिर से किसी मोड़ पर मिलें, और फिर से दिल हार जाएं... पर इसबार जो मिलेंगे तो इतना समझा देना, मैं नहीं हूं तुम्हारे जैसी बस इतना समझ जाना....

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पहला पहला प्यार है। By Nurussaba Nishi

पहला पहला प्यार है।पहली पहली बार है।।हर वक़्त आता ज़ेहन में तेरा ख़याल है।ख़ुद से भी ज़्यादा चाहा तुझको मेरे यार है।पहला पहला प्यार है। पहली पहली बार है।।ज़िन्दगी में आया, अनमोल तोहफा या...

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कविताएँ By Abha Dave

१)मुहूर्त---------हरेक त्यौहार का होता है मुहूर्तलोग इस मुहूर्त में जिंदगी के महत्त्वपूर्ण काम को करने में लग जाते हैं । इंतजार करते हैं उसशुभ घड़ी का जोजीवन को खुशियों से भर देसार...

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मैं भारत बोल रहा हूं-काव्य संकलन - 14 By बेदराम प्रजापति "मनमस्त"

मैं भारत बोल रहा हूं 14 (काव्य संकलन) वेदराम प्रजापति‘ मनमस्त’ 56. सोच में गदहे.......... राजनीति से दुखित हो, गदहे करत विचार। सुसाइड करते पुरूष, हमरो नह...

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उनको याद करते हैं ..... । By Vyas Dhara

" उनको याद करते हैं ...... " चलो आज फिर उनको याद करते हैं। वही पुरानी किताब खोलते हैं। उन किताबों के पन्नों पर रखी यादो को याद कर हैं । चलो...

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कुछ अल्फाज़ By anjana Vegda

दिल से निकले कुछ अल्फ़ाज़ यहां पेश किए है....उम्मीद है पसंद आयेंगे। दिल की बातेकुछ ख्वाबों में कुछ ख्यालों में कुछ सपनों में कुछ सवालों में हर चहेरे आती जाती निग...

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उत्‍सुक काव्‍य कुन्‍ज - 1 By Ramgopal Bhavuk Gwaaliyar

उत्‍सुक काव्‍य कुन्‍ज कवि नरेन्‍द्र उत्‍सुक प्रधान सम्‍पादक – रामगोपाल भावुक सम्‍पादक – वेदराम प्रजापति मनमस्‍त, धीरेन्‍द्र गहलोत धीर, ओमप्रकाश सेन आजाद सम्‍पादकीय नरेन्‍द्...

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स्‍वतंत्र सक्‍सेना की कविताएं - 9 By बेदराम प्रजापति "मनमस्त"

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में और मेरे अहसास - 28 By Dr Darshita Babubhai Shah

  वफ़ा पे मेरी गर एतमाद हो तो इंतजार करना l कभी मेरी वफ़ाओ का शायरी मे ज़िक्र करना ll   *************************************   हस्ते हुए चहरे को देख धोखा खा गए l अं...

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अधूरे संवाद भाग-4 By Alok Mishra

वो कहाँ गया जीवन की आपाधापी में वो कहां गया, वो किधर गया । वो सखा बचपन का था वो कहां गया,वो किधर गया ।। वो साथ ही मेरे हंसता था । वो मेरे साथ ही रोता था ।...

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मैं बन जाऊं तेरी जिंदगी... By Priyanka Kumbhar-Wagh

तू उजलता सुरज, मैं तेरी किरणतू सुबह, मैं तेरी पेहली पहर ।मेरे बिना ना हो तेरा कोई दिनमैं थम जाऊं तुझमे इस कदर ।।मैं थम जाऊं तुझमे इस कदर ।।१।।तू चाय, मैं तेरी प्यालीतू दूध, मैं तेर...

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बेनाम शायरी - 6 By Er.Bhargav Joshi અડિયલ

"बेनाम शायरी"?? ?? ?? ?? ?? ??सुबह को शाम और शाम को रात लिख देता है।वो खुदा जिंदगी को बेवफाओं नाम लिख देता है।।?? ?? ?? ?? ?? ??खुशनुमा चहेरे अक्सर खामोश रहते ह...

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कल तक जो केवल मकान थे रातों-रात निवास हो गए By कृष्ण विहारी लाल पांडेय

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चांदी के कल्दारी दिन By कृष्ण विहारी लाल पांडेय

चांदी के कल्दारी दिन रातों के घर बंधुआ बैठे बच्चों से बेगारी दिन खूनी तारीखे बनकर आते हैं त्योहारी दिन ! 1 पेट काटकर बाबा ने जो जमा किए थे वर्षों में उड़ा दिए दो दिन में हम...

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रोटी रोटी हमें जीवन देती हैरोटी पाने के लिए आदमी घर छोड़ता हैऔर रोटी खाने के लिए घर आता हैरोटी जीवन देती भी हैऔरजीवन लेती भी हैरोटी के लिए मुंबई गएरामदीन,सोहन...

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कविता - बिटिया By उषा जरवाल

हर एक लड़की के जीवन में उसके पिता का अहम् स्थान होता है | मेरी जिंदगी में मेरे पापा का भी सबसे ऊँचा स्थान है | आज मेरे पापा मेरे मेरे साथ नहीं हैं पर उनका आशीर्वाद और उनकी यादें ह...

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ये कहानी उन दोस्तों के लिए लिये जो केवल सोचते रहते हैं, जो केवल सपने देखते की वे एक दिन आसमान की बुलंदी को छू लेगे, लेकिन वो सिर्फ सपने देखते है और कुछ करते नहीं है, और केवल बैठे ब...

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स्वर दो तुम्हें मैं गीत का उपहार दूंगा By कृष्ण विहारी लाल पांडेय

तुम मुझे स्वर दो तुम्हें मैं गीत का उपहार दूंगा खोजता था मैं अभी तक आंधियों में शांति के क्षण, जिन्दगी से हार मांगे मौत से दो मधुर चुम्बन। अमा के तम में अमर आलोक की बस कल्पना ही,...

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भले रूठ कर शाप देते रहो प्रिय, मगर शाप सहने का वरदान दे दो। अभी तो बहुत देर है जबकि तम चीर सूरज धरा पर उजाला करेगा, अभी तो बहुत देर है जबकि शशि दीप नभ में सितारों के बाला करेगा ॥...

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गीत मेरी जिंदगी का प्यार है By कृष्ण विहारी लाल पांडेय

के बी एल पांडेय के गीत गीत मेरी जिंदगी का प्यार है आधार है जब बसंती ओढ्नी में पुष्प पंखुरिया विहंसती मंजरी पर झूम कोकिल तान मुकुलों पर थिरकती। सुरभि में हो अंध मतवाला मधुप कुछ...

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जनजीवन - 11 By Rajesh Maheshwari

जीवन का क्रम मेघाच्छादित नील-गगन गरजते मेघ और तड़कती विद्युत भी आकाश के अस्तित्व और अस्मिता को नष्ट नहीं कर पाते, वायु का प्रवाह छिन्न-भिन्न कर देता है मेघों को, आकाश वहीं रहता है...

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मेरे अल्फ़ाज़ - शेर...शायरी By anjana Vegda

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पहला पहला प्यार है।पहली पहली बार है।।हर वक़्त आता ज़ेहन में तेरा ख़याल है।ख़ुद से भी ज़्यादा चाहा तुझको मेरे यार है।पहला पहला प्यार है। पहली पहली बार है।।ज़िन्दगी में आया, अनमोल तोहफा या...

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मैं भारत बोल रहा हूं-काव्य संकलन - 14 By बेदराम प्रजापति "मनमस्त"

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उनको याद करते हैं ..... । By Vyas Dhara

" उनको याद करते हैं ...... " चलो आज फिर उनको याद करते हैं। वही पुरानी किताब खोलते हैं। उन किताबों के पन्नों पर रखी यादो को याद कर हैं । चलो...

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कुछ अल्फाज़ By anjana Vegda

दिल से निकले कुछ अल्फ़ाज़ यहां पेश किए है....उम्मीद है पसंद आयेंगे। दिल की बातेकुछ ख्वाबों में कुछ ख्यालों में कुछ सपनों में कुछ सवालों में हर चहेरे आती जाती निग...

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