कविता कहानियाँ पढ़े और PDF में डाउनलोड करे

Stories and books have been a fundamental part of human culture since the dawn of civilization, acting as a powerful tool for communication, education, and entertainment. Whether told around a campfire, written in ancient texts, or shared through modern media, Poems in hindi books and stories have the unique ability to transcend time and space, connecting people across generations and cultures. Th...Read More


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मैं भारत बोल रहा हूं-काव्य संकलन - 9 By बेदराम प्रजापति "मनमस्त"

मैं भारत बोल रहा हूं 9 (काव्य संकलन) वेदराम प्रजापति‘ मनमस्त’ 33. शहीदों को........... अब-भी कुछ ऑंखों से अश्क बहालो साथी! पाषाणों का हृदय दरकता नजर...

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मे और मेरे अह्सास - 23 By Dr Darshita Babubhai Shah

दिल के दर्दो का इलाज ।  जाम में मिलता नही ॥   ************************************************* मेरे इश्क का अंदाजा नहीं है तूझे lसागर की कोई नाप सका है भला ll   ***...

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जिंदगी सिर्फ शीर्षक बदलती रही॥ By कृष्ण विहारी लाल पांडेय

के बी एल पांडेय के गीत है कथानक सभी का वही दुख भरा जिंदगी सिर्फ शीर्षक बदलती रही॥ जिंदगी ज्यों किसी कर्ज के पत्र पर कांपती उंगलियों के विवश दस्तखत, सांस भर भर चुकाती रहीं पीढ़ियां...

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મારા કાવ્ય - 2 By Nikita panchal

1. झूठबस जीना है अब इस झूठ के साथ,तू मौजूद है मेरी हर रूह के साथ ,झूठ अपनी जुबां को कहें ने देते ,हमें उस झूठ में ही अब रहने देते.वो तुम्हारा प्यार नहीं था एक झूठ था ,मुझे उस झूठ म...

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हमारे पास कितना कम समय है By कृष्ण विहारी लाल पांडेय

केबीएल पांडे के गीत गीत हमारे पास कितना कम समय है डाल पर अब पक न पाते फल हमारे पास कितना कम समय है कौन मौसम के भरोसे बैठता है चाहतों के लिए पूरी उम्र कम है मंडियां संभावनाएं...

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कविता कोश By Archana Singh

कविता कोश 'मुझे तुम्हारा प्रस्ताव स्वीकार है'मुझे तुम्हारा प्रस्ताव स्वीकार है,फिर भी तुम्हें न जाने क्यूंअपनी मोहब्बत से इंकार है।न चा...

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ऐसा क्यों होता है By कृष्ण विहारी लाल पांडेय

केबीएल पांडे के गीत ऐसा क्यों होता है ऐसा क्यों होता है कि धुले खुले आसमान में अचानक भर जाते हैं धुंए और आग की लपटों के बादल धुंआ जिससे होना चाहिए था हर घर में चूल्हा सुलगने का...

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अधूरे संवाद ( अतुकांत ) By Alok Mishra

कुछ रचनाऐं भाव के प्रवाह मेंं .... सोचने को क्षजबूर करेंगी । संवाद तब पूर्ण होगा जब पाठक पढ़ेगा और चिंतन करेगा।

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मन की बातें By મુકેશ રાઠોડ

मन की बातें ।_मुकेश राठोड़ ।************ शायराना अंदाज से।========================...

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कविता संग्रह भाग 7th By Prahlad Pk Verma

???????????????कविता 1st इन दिनों सबके लबों पर कोरोनावायरस का नाम चल रहा हैं ????????????इन दिनों सबके लबों पर कोरोनावायरस का नाम चल रहा हैपूरी दुनिया में इसका हाहाकार मच रहा हैकुछ...

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बेटी! तुम्‍हें विदा कर रहा हूँ!! By rajendra shrivastava

बेटी! तुम्‍हें विदा कर रहा हूँ!! --- 1 --- बेटी! तुम्‍हें विदा कर रहा हूँ!! तुम गौरव हो मेरा, विकल जीवन हो मेरा, संसार सागर लांघकर,...

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बाल कविताएं By Saurabh kumar Thakur

1) नया जूनून जलवा दिखाना जनवरी में, फ़रमाइश करना फरवरी में, मंजूर करना मार्च में, अँगराई लेना अप्रैल में, मिलने जाना मई में, जुदा होना जून में, जूनून रखना जुलाई में, अवतरित हो...

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जाग उठा है रे इन्सान By Bhavesh Lakhani

** जाग उठा है रे इन्सान ** जाग उठा है रे इन्सानभगा दे अपने अंदर का शैतानछिपा है तुजमे अखुट ज्ञानयही है तेरी सच्ची पहेचानइसलिए तू है सबसे महान महेलो का तू होगा दिवानदीवारों के भी...

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गीता के रतन ( कविता संग्रह ) By Geeta Kaushik Ratan

1• कविता----"मोह-जाल" आज अचानक चली आई फिर, याद तुम्हारी द्वार प्रिये। बिखर पड़ी अश्रुजल धारा, गई क्यूँ हिम्मत हार प्रिये।। सब भाव जोड़ मन चितवन के, करके सब संचित अनुराग। कभी चि...

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समय का दौर - 7 - अंत By बेदराम प्रजापति "मनमस्त"

काव्य संकलन - समय का दौर वेदराम प्रजापति मनमस्त सम्पर्क सूत्र. गायत्री शक्ति...

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सफर-ए-अल्फाज़ By Deepak Bundela Arymoulik

1.कोई गुज़रे या ना गुज़रे इन आंखों से जो मिरा अश्क़ गुज़र गया.. !अपना तो इक अश्क़ ही था जो अपनों की याद में कहर गया...!कोई देखें या ना दिखे अपनों से मिले जो ज़माना गुज़र गया. !!दूर बैठ...

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दरिंदगी से इंसाफ़... By Dear Zindagi

दुख दर्द और जख्मी जिस्म ,तड़प रही रूह दुनिया के सामने,जूझ रहा कायनात का हर वक़्त,नन्ही कली को कैद बना रख घर ,बिखरा हुआ हर एक शक्श जहा से,निखर जाए जो लड़ा जाए इस सोच पर,सुनना एक दर्...

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स्कूल के वो दिन ही अच्छे थे By Tarkeshwer Kumar

प्रिय दोस्तो, जिंदगी बहुत तेज़ी से अपने मुक़ाम की और दौड़ रहीं हैं। इस छोटी सी जिंदगी में अनेकों पड़ाव आते हैं जिन्हें पार कर के हम आगे बढ़ते रहते हैं। इस दौरान बहुत ही अच्छे, बुरे, और...

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स्त्री By Asmita Madhesiya

एक स्त्री में बहुत शक्ती होती है,कभी कभी बिना गलती के भी रोती है,समाज के तानो से डरती है,फिर भी पीछे ना हटती है,एक स्त्री में बहुत शक्ती होती है,अपने आप में ही सं...

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उन्हें सूर्य के संघर्षों का कोई क्या महत्व समझाएं By कृष्ण विहारी लाल पांडेय

केबीएल पांडे के गीत संधि पत्र अंधकार के साथ जिन्होंने संधि पत्र लिखिए खुशी से उन्हें सूर्य के संघर्षों का कोई क्या महत्व समझाएं मेले संदर्भों पर जीवित यह ऐसी आधुनिक शिक्षाएं मोहक...

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विज्ञापन की महिला By padma sharma

विज्ञापन की महिला चेहरे पर खुशी आँखों में उत्साह मेकअप की कई पर्तों में ढँकी सजी-सँवरी बाहर से हँसती हुई अन्दर से गमगीन पर खिली हुई दीखती हैं विज्ञापन की महिलाएँ दिल में हैं...

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खाली मन By my star kid

"जिंदगी रंगीन होनी चाहिए,ब्लैक एंड व्हाइट तो टीवी भी होते हैं।जिंदगी खुशनुमा होनी चाहिए,गमगीन तो मातम हुआ करते हैं।आज कल घरों में डाइनिंग टेबल तो है,लेकिन साथ में खाना खाने वाले नह...

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पीढ़ी की पीड़ा बादामी By padma sharma

मुझे हतप्रभ छोड बादामी तो एक झटके से बाहर निकल गई लेकिन मैं उसके शब्दों के अर्थ खोजने लगी थी। उसकी बातें दुगने बेग से मेरे विचारों पर छाती चली गई। दूसरी औंरतों से कुछ अलग व्यक्ति...

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स्त्री सशक्तिकरण By padma sharma

कहानी मॉल रह-रहकर बच्चे का चेहरा उसकी आँखों के सामने आ रहा था। कैसे वह दुपट्टे को पकड़कर उससे रुकने का आग्रह कर रहा था। उम्र ही क्या है उसकी ... अभी वो ढाई साल का ही तो है। इस उम्...

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मैं भारत बोल रहा हूं-काव्य संकलन - 9 By बेदराम प्रजापति "मनमस्त"

मैं भारत बोल रहा हूं 9 (काव्य संकलन) वेदराम प्रजापति‘ मनमस्त’ 33. शहीदों को........... अब-भी कुछ ऑंखों से अश्क बहालो साथी! पाषाणों का हृदय दरकता नजर...

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मे और मेरे अह्सास - 23 By Dr Darshita Babubhai Shah

दिल के दर्दो का इलाज ।  जाम में मिलता नही ॥   ************************************************* मेरे इश्क का अंदाजा नहीं है तूझे lसागर की कोई नाप सका है भला ll   ***...

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जिंदगी सिर्फ शीर्षक बदलती रही॥ By कृष्ण विहारी लाल पांडेय

के बी एल पांडेय के गीत है कथानक सभी का वही दुख भरा जिंदगी सिर्फ शीर्षक बदलती रही॥ जिंदगी ज्यों किसी कर्ज के पत्र पर कांपती उंगलियों के विवश दस्तखत, सांस भर भर चुकाती रहीं पीढ़ियां...

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મારા કાવ્ય - 2 By Nikita panchal

1. झूठबस जीना है अब इस झूठ के साथ,तू मौजूद है मेरी हर रूह के साथ ,झूठ अपनी जुबां को कहें ने देते ,हमें उस झूठ में ही अब रहने देते.वो तुम्हारा प्यार नहीं था एक झूठ था ,मुझे उस झूठ म...

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हमारे पास कितना कम समय है By कृष्ण विहारी लाल पांडेय

केबीएल पांडे के गीत गीत हमारे पास कितना कम समय है डाल पर अब पक न पाते फल हमारे पास कितना कम समय है कौन मौसम के भरोसे बैठता है चाहतों के लिए पूरी उम्र कम है मंडियां संभावनाएं...

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कविता कोश By Archana Singh

कविता कोश 'मुझे तुम्हारा प्रस्ताव स्वीकार है'मुझे तुम्हारा प्रस्ताव स्वीकार है,फिर भी तुम्हें न जाने क्यूंअपनी मोहब्बत से इंकार है।न चा...

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ऐसा क्यों होता है By कृष्ण विहारी लाल पांडेय

केबीएल पांडे के गीत ऐसा क्यों होता है ऐसा क्यों होता है कि धुले खुले आसमान में अचानक भर जाते हैं धुंए और आग की लपटों के बादल धुंआ जिससे होना चाहिए था हर घर में चूल्हा सुलगने का...

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अधूरे संवाद ( अतुकांत ) By Alok Mishra

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मन की बातें ।_मुकेश राठोड़ ।************ शायराना अंदाज से।========================...

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कविता संग्रह भाग 7th By Prahlad Pk Verma

???????????????कविता 1st इन दिनों सबके लबों पर कोरोनावायरस का नाम चल रहा हैं ????????????इन दिनों सबके लबों पर कोरोनावायरस का नाम चल रहा हैपूरी दुनिया में इसका हाहाकार मच रहा हैकुछ...

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बेटी! तुम्‍हें विदा कर रहा हूँ!! By rajendra shrivastava

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** जाग उठा है रे इन्सान ** जाग उठा है रे इन्सानभगा दे अपने अंदर का शैतानछिपा है तुजमे अखुट ज्ञानयही है तेरी सच्ची पहेचानइसलिए तू है सबसे महान महेलो का तू होगा दिवानदीवारों के भी...

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गीता के रतन ( कविता संग्रह ) By Geeta Kaushik Ratan

1• कविता----"मोह-जाल" आज अचानक चली आई फिर, याद तुम्हारी द्वार प्रिये। बिखर पड़ी अश्रुजल धारा, गई क्यूँ हिम्मत हार प्रिये।। सब भाव जोड़ मन चितवन के, करके सब संचित अनुराग। कभी चि...

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दरिंदगी से इंसाफ़... By Dear Zindagi

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एक स्त्री में बहुत शक्ती होती है,कभी कभी बिना गलती के भी रोती है,समाज के तानो से डरती है,फिर भी पीछे ना हटती है,एक स्त्री में बहुत शक्ती होती है,अपने आप में ही सं...

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केबीएल पांडे के गीत संधि पत्र अंधकार के साथ जिन्होंने संधि पत्र लिखिए खुशी से उन्हें सूर्य के संघर्षों का कोई क्या महत्व समझाएं मेले संदर्भों पर जीवित यह ऐसी आधुनिक शिक्षाएं मोहक...

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विज्ञापन की महिला By padma sharma

विज्ञापन की महिला चेहरे पर खुशी आँखों में उत्साह मेकअप की कई पर्तों में ढँकी सजी-सँवरी बाहर से हँसती हुई अन्दर से गमगीन पर खिली हुई दीखती हैं विज्ञापन की महिलाएँ दिल में हैं...

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खाली मन By my star kid

"जिंदगी रंगीन होनी चाहिए,ब्लैक एंड व्हाइट तो टीवी भी होते हैं।जिंदगी खुशनुमा होनी चाहिए,गमगीन तो मातम हुआ करते हैं।आज कल घरों में डाइनिंग टेबल तो है,लेकिन साथ में खाना खाने वाले नह...

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पीढ़ी की पीड़ा बादामी By padma sharma

मुझे हतप्रभ छोड बादामी तो एक झटके से बाहर निकल गई लेकिन मैं उसके शब्दों के अर्थ खोजने लगी थी। उसकी बातें दुगने बेग से मेरे विचारों पर छाती चली गई। दूसरी औंरतों से कुछ अलग व्यक्ति...

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स्त्री सशक्तिकरण By padma sharma

कहानी मॉल रह-रहकर बच्चे का चेहरा उसकी आँखों के सामने आ रहा था। कैसे वह दुपट्टे को पकड़कर उससे रुकने का आग्रह कर रहा था। उम्र ही क्या है उसकी ... अभी वो ढाई साल का ही तो है। इस उम्...

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