सामाजिक कहानियां कहानियाँ पढ़े और PDF में डाउनलोड करे

Stories and books have been a fundamental part of human culture since the dawn of civilization, acting as a powerful tool for communication, education, and entertainment. Whether told around a campfire, written in ancient texts, or shared through modern media, Moral Stories in hindi books and stories have the unique ability to transcend time and space, connecting people across generations and cult...Read More


Categories
Featured Books
  • कंचन मृग - 4. माई साउन आए

    4. माई साउन आए- बारहवीं शती का उत्तरार्द्ध। महोत्सव वास्तव में उत्सवों का नगर था...

  • माँ का आँचल

    माँ का आँचलएक छोटे से गाँव में लीला नाम की एक महिला अपने तीन बच्चों के साथ मेहनत...

  • खलनायक कौन ?

    गांव के एक छोटी सी जगह पर विद्यालय थी । जहां पर अध्यापक बहुत दूर दूसरे गांव से आ...

कंचन मृग - 4. माई साउन आए By Dr. Suryapal Singh

4. माई साउन आए- बारहवीं शती का उत्तरार्द्ध। महोत्सव वास्तव में उत्सवों का नगर था। नर-नारी उल्लासमय वातावरण का सृजन करने में संलग्न रहते। ऋतुओं के परिवर्तन के साथ ही नगर का परिवेश ब...

Read Free

सर्कस - 6 By Madhavi Marathe

                                                                                                       सर्कस : ६            सुबह जब मैं नींद से जगा, तो आँगन में पेडों की डालियों पर...

Read Free

बन्धन प्यार का - 23 By Kishanlal Sharma

शौहर के साथ घूमते समय उसे ऐसा लगा था सचमुच रात को उसने सच बोला था।दोस्तो ने पार्टी में उसे जबर्दस्ती शराब पिला दी होगी।लेकिन ऐसा सोचना उसका भरम था जो जल्दी ही टूट गया था।वह जान गई...

Read Free

उजाले की ओर –संस्मरण By DrPranava Bharti

================= नमस्कार स्नेहिल मित्रों आशा है, आप सब स्वस्थ व आनंदित हैं जीवन में न जाने कितने उतार-चढ़ाव आते...

Read Free

माँ का आँचल By DINESH KUMAR KEER

माँ का आँचलएक छोटे से गाँव में लीला नाम की एक महिला अपने तीन बच्चों के साथ मेहनत मजदूरी करके अपने परिवार का पालन - पोषण कर रही थी। साथ ही अपने बच्चों को गाँव के स्कूल में पढ़ने को...

Read Free

शालिनी (प्यारी सी बालिका) By DINESH KUMAR KEER

शालिनी ( प्यारी सी बालिका ) बात हाल ही के कुछ वर्ष पहले की है । जब हमारे विद्यालय में शालिनी का प्रवेश कक्षा एक में हुआ था । एक बहुत सुंदर - सी, बहुत प्यारी - सी और विद्यालय का गृह...

Read Free

खलनायक कौन ? By नंदी

गांव के एक छोटी सी जगह पर विद्यालय थी । जहां पर अध्यापक बहुत दूर दूसरे गांव से आया करते थे । जहां पर विद्यालय थी उस गांव का नाम श्रवणपुर था , और जहां से अध्यापक आया करते थे उस गांव...

Read Free

एक अदद औरत - 5 By Kishanlal Sharma

कमला कोई साध्वी या विरहणी नही थी।वह एक आम नारी थी।दूसरी औरतों की तरह हाड़ मास का पुतला।जैसे दूसरी औरतों को सेक्स की भूख होती है।वह भी पुरुष संसर्ग चाहती थी।औऱ इस काम के लिए औरत को ए...

Read Free

पागल By Makvana Bhavek

  यह वही साल था जब भारत में इन्टरनेट ने अपने कदम रखे थे। भारत पूरे विश्व के साथ कदम-से-कदम मिलाकर चलने के लिए तैयार था। पर यह बात सिर्फ गिने-चुने बड़े शहरों तक ही सीमित थी। अभी भी...

Read Free

क्या से क्या हो गया By Bhawani Bhai

EVERYTHING IS OVER.....क्या से क्या हो गया।एक धराशायी मकान के मलबे में दबे कुछ लोग।उनमे से एक शख्स जिसका नाम राजू है और फ़िल्म का नायक है। राजू के पास उसी के दो हम शक्ल बैठे है । जि...

Read Free

प्रेम ( पति - पत्नी का ) By DINESH KUMAR KEER

प्रेम ( पति - पत्नी का ) एक साहूकार जी थे उनके घर में एक गरीब आदमी काम करता था । जिसका नाम था । मोहन लाल जैसे ही मोहन लाल के फ़ोन की घंटी बजी मोहन लाल डर गया । तब साहूकार जी ने पूछ...

Read Free

गुमनाम ढांचा By Chaya Agarwal

गुमनाम ढाँचाचार मंजिला आलीशान इमारत, पूरी तरह रोशनी से नहाई हुई थी और रात में ऐसी लग रही थी मानो कोई पांच सितारा होटल हो। ठीक ऊपर की तरफ बीचों -बीच में बड़ा-बड़ा लिखा था 'जीवन...

Read Free

पंचलाइट By Vikas rajput

कहानी में परंपरागत और आधुनिक तथा समाज में व्यक्ति विशेष के बीच का द्वंद्व है। कहानी में गोदन नाम का लड़का जो लड़कियों को देखकर गाने गाया करता था उसे गाने गाने के कारण समाज से बहिष्...

Read Free

मातृभाषा By Er.Vishal Dhusiya

आजकल लोगों में एक अलग भावना पैदा हो चुकी है गाँव छोड़ना और अपनी मातृभाषा भूलना। जहां तक बात है गाँव छोड़ने की तो समझ में आता है कि शहरों में गाँव के अपेक्षा अच्छी सुविधाएं मिलती है...

Read Free

दानी By Dr. Pradeep Kumar Sharma

दानी सेठ किरोड़ीमल जी ने शहर से कुछ ही दूरी पर स्थित रायपुर गांव में अपनी नई फैक्ट्री खोलने के साथ ही साथ उसके सामने एक भव्य मंदिर का भी निर्माण कराया। अपने पंडित जी की सलाह पर सेठ...

Read Free

किन्नर अफ़सर By Dr Sunita Shrivastava

मनीष कोटा का निवासी साधारण सा संस्कारी गरीब घर का बेटा, मम्मी पापा तो कैंसर से खतम हो गए पैसे के कमी के कारण इलाज करने के लिए असक्षम थे। रोज दफ़्तर जाता सिर्फ महीने के ₹15,000 मिलत...

Read Free

हंस और हंसिनी By DINESH KUMAR KEER

हंस और हंसिनी एक बार एक हंस और हंसिनी हरिद्वार के सुरम्य वातावरण से भटकते हुए, उजड़े वीरान और रेगिस्तान के इलाके में आ गये। हंसिनी ने हंस को कहा कि 'ये किस उजड़े इलाके में आ गय...

Read Free

अंधविश्वास By Dr. Pradeep Kumar Sharma

अंधविश्वास बात उन दिनों की है जब मैं पांचवी कक्षा में पढ़ता था। हमारे परिवार में सिर्फ चार प्राणी रहते थे। मम्मी-पापा, मैं और दादी माँ। मम्मी-पापा मुझसे बहुत प्यार करते थे और मैं भी...

Read Free

साथ तेरा मेरा By Kishanlal Sharma

"कलमुँही भिखारी की औलाद निकल जा घर सेकमल के पिता को कैंसर था।उनकी तबियत बिगड़ती जा रही थी।वह पत्नी से बोले,"मैं आंखे बंद करने से पहले बहु चाहता हूँकमल किसी लडक़ी से प्यार करता था।वह...

Read Free

बदलाव By Anonymous

एक औरत अपनी पड़ोस की औरत के साथ बेटी हुई कह रही है ''अरे बहन फलानी औरत कितनी बदल गई है , उसका आदमी जब से एक सेठ के काम करने लगा है और चार पैसे क्या कमाने लग गए उनके तो बोल...

Read Free

नागफनी By Bharati babbar

प्रभा ने खिड़की खोली तभी मेट्रो ट्रेन सामने से धड़धड़ाते हुए निकल गयी।दीवारें एकबारगी हिलती हुई-सी महसूस हुई।बिलकुल आँखों के सामने ही है मेट्रो लाइन, लगता है खिड़की से हाथ निकाल कर उसे...

Read Free

पुलिस की ट्रेनिंग By Dr. Pradeep Kumar Sharma

पुलिस की ट्रेनिंग सिपाही की नौकरी पाने के बाद रामलाल को जिस थाने में पहली पोस्टिंग मिली, वहाँ के थानेदार साहब उससे पुत्रवत स्नेह रखते थे। रामलाल भी थानेदार साहब को पितातुल्य मानते...

Read Free

खुशियों का बीमा By Dr. Pradeep Kumar Sharma

खुशियों का बीमा भारतीय सभ्यता और संस्कृति की बात ही निराली है। यहाँ मानव जीवन का ऐसा कोई भी क्षेत्र नहीं है जिसमेँ धर्म और अध्यात्म की घुसपैठ न हो। सौ बात की एक बात कहूँ तो ये कि म...

Read Free

कहा है इंसान ? By Bharat(Raj)

कहा है इंशान ?संवेदनाओ की क्या बात करे आत्मा तक मार बैठा है इंशान, आँखों से ओझल नही हो पाती वो निर्भया कांड की न्यूज की हेडलाईने अब भी कभी बैठे बैठे एकाएक वो हादसा याद आता रूह काप...

Read Free

एक थी बिल्लो By Wajid Husain

वाजिद हुसैन की कहानी उत्तर प्रदेश के तराई क्षेत्र में बनखेड़ी एक गांव है जिसमें अधिकतर सिखों के फॉर्म हाउस हैं। सरकारी ज़मीन पर एक बंगाली मज़दूरों की बस्ती है जिममें अधिकांश फार्मि...

Read Free

पेट्रोल लोन के साथ मुफ्त कार का ऑफर By Dr. Pradeep Kumar Sharma

पेट्रोल लोन के साथ मुफ्त कार का ऑफर वैसे जानने वाले तो मानते ही हैं लेकिन अब यह बात तो आपको भी मान ही लेनी चाहिए कि मैं बचपन से ही टेलेंटेड बंदा रहा हूँ। खोटा सिक्का किस बाजार या द...

Read Free

ड्यूटी और संतुष्टि By Dr. Pradeep Kumar Sharma

ड्यूटी और संतुष्टि रमेश कुमार बचपन से ही प्रतिभाशाली था। वह बड़ा होकर सेना या पुलिस विभाग में उच्च अधिकारी बन देश की सेवा करना चाहता था। इसके लिए वह हाड़तोड़ मेहनत भी कर रहा था। पर कह...

Read Free

सहायता By Dr. Pradeep Kumar Sharma

सहायता """"'" अगले सप्ताह रागिनी की शादी है। खरीददारी के लिए मां-बेटी अक्सर बाजार जाती थीं। प्राय: उन्हें लौटते समय शाम, तो कभी-कभी रात भी हो जाया करती थी। एक दिन उन्होंने शाम...

Read Free

कंचन मृग - 4. माई साउन आए By Dr. Suryapal Singh

4. माई साउन आए- बारहवीं शती का उत्तरार्द्ध। महोत्सव वास्तव में उत्सवों का नगर था। नर-नारी उल्लासमय वातावरण का सृजन करने में संलग्न रहते। ऋतुओं के परिवर्तन के साथ ही नगर का परिवेश ब...

Read Free

सर्कस - 6 By Madhavi Marathe

                                                                                                       सर्कस : ६            सुबह जब मैं नींद से जगा, तो आँगन में पेडों की डालियों पर...

Read Free

बन्धन प्यार का - 23 By Kishanlal Sharma

शौहर के साथ घूमते समय उसे ऐसा लगा था सचमुच रात को उसने सच बोला था।दोस्तो ने पार्टी में उसे जबर्दस्ती शराब पिला दी होगी।लेकिन ऐसा सोचना उसका भरम था जो जल्दी ही टूट गया था।वह जान गई...

Read Free

उजाले की ओर –संस्मरण By DrPranava Bharti

================= नमस्कार स्नेहिल मित्रों आशा है, आप सब स्वस्थ व आनंदित हैं जीवन में न जाने कितने उतार-चढ़ाव आते...

Read Free

माँ का आँचल By DINESH KUMAR KEER

माँ का आँचलएक छोटे से गाँव में लीला नाम की एक महिला अपने तीन बच्चों के साथ मेहनत मजदूरी करके अपने परिवार का पालन - पोषण कर रही थी। साथ ही अपने बच्चों को गाँव के स्कूल में पढ़ने को...

Read Free

शालिनी (प्यारी सी बालिका) By DINESH KUMAR KEER

शालिनी ( प्यारी सी बालिका ) बात हाल ही के कुछ वर्ष पहले की है । जब हमारे विद्यालय में शालिनी का प्रवेश कक्षा एक में हुआ था । एक बहुत सुंदर - सी, बहुत प्यारी - सी और विद्यालय का गृह...

Read Free

खलनायक कौन ? By नंदी

गांव के एक छोटी सी जगह पर विद्यालय थी । जहां पर अध्यापक बहुत दूर दूसरे गांव से आया करते थे । जहां पर विद्यालय थी उस गांव का नाम श्रवणपुर था , और जहां से अध्यापक आया करते थे उस गांव...

Read Free

एक अदद औरत - 5 By Kishanlal Sharma

कमला कोई साध्वी या विरहणी नही थी।वह एक आम नारी थी।दूसरी औरतों की तरह हाड़ मास का पुतला।जैसे दूसरी औरतों को सेक्स की भूख होती है।वह भी पुरुष संसर्ग चाहती थी।औऱ इस काम के लिए औरत को ए...

Read Free

पागल By Makvana Bhavek

  यह वही साल था जब भारत में इन्टरनेट ने अपने कदम रखे थे। भारत पूरे विश्व के साथ कदम-से-कदम मिलाकर चलने के लिए तैयार था। पर यह बात सिर्फ गिने-चुने बड़े शहरों तक ही सीमित थी। अभी भी...

Read Free

क्या से क्या हो गया By Bhawani Bhai

EVERYTHING IS OVER.....क्या से क्या हो गया।एक धराशायी मकान के मलबे में दबे कुछ लोग।उनमे से एक शख्स जिसका नाम राजू है और फ़िल्म का नायक है। राजू के पास उसी के दो हम शक्ल बैठे है । जि...

Read Free

प्रेम ( पति - पत्नी का ) By DINESH KUMAR KEER

प्रेम ( पति - पत्नी का ) एक साहूकार जी थे उनके घर में एक गरीब आदमी काम करता था । जिसका नाम था । मोहन लाल जैसे ही मोहन लाल के फ़ोन की घंटी बजी मोहन लाल डर गया । तब साहूकार जी ने पूछ...

Read Free

गुमनाम ढांचा By Chaya Agarwal

गुमनाम ढाँचाचार मंजिला आलीशान इमारत, पूरी तरह रोशनी से नहाई हुई थी और रात में ऐसी लग रही थी मानो कोई पांच सितारा होटल हो। ठीक ऊपर की तरफ बीचों -बीच में बड़ा-बड़ा लिखा था 'जीवन...

Read Free

पंचलाइट By Vikas rajput

कहानी में परंपरागत और आधुनिक तथा समाज में व्यक्ति विशेष के बीच का द्वंद्व है। कहानी में गोदन नाम का लड़का जो लड़कियों को देखकर गाने गाया करता था उसे गाने गाने के कारण समाज से बहिष्...

Read Free

मातृभाषा By Er.Vishal Dhusiya

आजकल लोगों में एक अलग भावना पैदा हो चुकी है गाँव छोड़ना और अपनी मातृभाषा भूलना। जहां तक बात है गाँव छोड़ने की तो समझ में आता है कि शहरों में गाँव के अपेक्षा अच्छी सुविधाएं मिलती है...

Read Free

दानी By Dr. Pradeep Kumar Sharma

दानी सेठ किरोड़ीमल जी ने शहर से कुछ ही दूरी पर स्थित रायपुर गांव में अपनी नई फैक्ट्री खोलने के साथ ही साथ उसके सामने एक भव्य मंदिर का भी निर्माण कराया। अपने पंडित जी की सलाह पर सेठ...

Read Free

किन्नर अफ़सर By Dr Sunita Shrivastava

मनीष कोटा का निवासी साधारण सा संस्कारी गरीब घर का बेटा, मम्मी पापा तो कैंसर से खतम हो गए पैसे के कमी के कारण इलाज करने के लिए असक्षम थे। रोज दफ़्तर जाता सिर्फ महीने के ₹15,000 मिलत...

Read Free

हंस और हंसिनी By DINESH KUMAR KEER

हंस और हंसिनी एक बार एक हंस और हंसिनी हरिद्वार के सुरम्य वातावरण से भटकते हुए, उजड़े वीरान और रेगिस्तान के इलाके में आ गये। हंसिनी ने हंस को कहा कि 'ये किस उजड़े इलाके में आ गय...

Read Free

अंधविश्वास By Dr. Pradeep Kumar Sharma

अंधविश्वास बात उन दिनों की है जब मैं पांचवी कक्षा में पढ़ता था। हमारे परिवार में सिर्फ चार प्राणी रहते थे। मम्मी-पापा, मैं और दादी माँ। मम्मी-पापा मुझसे बहुत प्यार करते थे और मैं भी...

Read Free

साथ तेरा मेरा By Kishanlal Sharma

"कलमुँही भिखारी की औलाद निकल जा घर सेकमल के पिता को कैंसर था।उनकी तबियत बिगड़ती जा रही थी।वह पत्नी से बोले,"मैं आंखे बंद करने से पहले बहु चाहता हूँकमल किसी लडक़ी से प्यार करता था।वह...

Read Free

बदलाव By Anonymous

एक औरत अपनी पड़ोस की औरत के साथ बेटी हुई कह रही है ''अरे बहन फलानी औरत कितनी बदल गई है , उसका आदमी जब से एक सेठ के काम करने लगा है और चार पैसे क्या कमाने लग गए उनके तो बोल...

Read Free

नागफनी By Bharati babbar

प्रभा ने खिड़की खोली तभी मेट्रो ट्रेन सामने से धड़धड़ाते हुए निकल गयी।दीवारें एकबारगी हिलती हुई-सी महसूस हुई।बिलकुल आँखों के सामने ही है मेट्रो लाइन, लगता है खिड़की से हाथ निकाल कर उसे...

Read Free

पुलिस की ट्रेनिंग By Dr. Pradeep Kumar Sharma

पुलिस की ट्रेनिंग सिपाही की नौकरी पाने के बाद रामलाल को जिस थाने में पहली पोस्टिंग मिली, वहाँ के थानेदार साहब उससे पुत्रवत स्नेह रखते थे। रामलाल भी थानेदार साहब को पितातुल्य मानते...

Read Free

खुशियों का बीमा By Dr. Pradeep Kumar Sharma

खुशियों का बीमा भारतीय सभ्यता और संस्कृति की बात ही निराली है। यहाँ मानव जीवन का ऐसा कोई भी क्षेत्र नहीं है जिसमेँ धर्म और अध्यात्म की घुसपैठ न हो। सौ बात की एक बात कहूँ तो ये कि म...

Read Free

कहा है इंसान ? By Bharat(Raj)

कहा है इंशान ?संवेदनाओ की क्या बात करे आत्मा तक मार बैठा है इंशान, आँखों से ओझल नही हो पाती वो निर्भया कांड की न्यूज की हेडलाईने अब भी कभी बैठे बैठे एकाएक वो हादसा याद आता रूह काप...

Read Free

एक थी बिल्लो By Wajid Husain

वाजिद हुसैन की कहानी उत्तर प्रदेश के तराई क्षेत्र में बनखेड़ी एक गांव है जिसमें अधिकतर सिखों के फॉर्म हाउस हैं। सरकारी ज़मीन पर एक बंगाली मज़दूरों की बस्ती है जिममें अधिकांश फार्मि...

Read Free

पेट्रोल लोन के साथ मुफ्त कार का ऑफर By Dr. Pradeep Kumar Sharma

पेट्रोल लोन के साथ मुफ्त कार का ऑफर वैसे जानने वाले तो मानते ही हैं लेकिन अब यह बात तो आपको भी मान ही लेनी चाहिए कि मैं बचपन से ही टेलेंटेड बंदा रहा हूँ। खोटा सिक्का किस बाजार या द...

Read Free

ड्यूटी और संतुष्टि By Dr. Pradeep Kumar Sharma

ड्यूटी और संतुष्टि रमेश कुमार बचपन से ही प्रतिभाशाली था। वह बड़ा होकर सेना या पुलिस विभाग में उच्च अधिकारी बन देश की सेवा करना चाहता था। इसके लिए वह हाड़तोड़ मेहनत भी कर रहा था। पर कह...

Read Free

सहायता By Dr. Pradeep Kumar Sharma

सहायता """"'" अगले सप्ताह रागिनी की शादी है। खरीददारी के लिए मां-बेटी अक्सर बाजार जाती थीं। प्राय: उन्हें लौटते समय शाम, तो कभी-कभी रात भी हो जाया करती थी। एक दिन उन्होंने शाम...

Read Free