सामाजिक कहानियां कहानियाँ पढ़े और PDF में डाउनलोड करे

Stories and books have been a fundamental part of human culture since the dawn of civilization, acting as a powerful tool for communication, education, and entertainment. Whether told around a campfire, written in ancient texts, or shared through modern media, Moral Stories in hindi books and stories have the unique ability to transcend time and space, connecting people across generations and cult...Read More


Categories
Featured Books

शाकुनपाॅंखी - 40 - आहत मन By Dr. Suryapal Singh

59. आहत मन जल्हण कालिन्दी तट पर रुके। अश्व को थोड़ी दूर पर उगे एक शहतूत के पेड़ से बाँध दिया। वस्त्र उतार कर स्नान के लिए नदी में उतर गए। स्नान किया। अर्यमा का अर्घ्य देकर निकले। त...

Read Free

जीने का हक By Dr. Pradeep Kumar Sharma

जीने का हकरात को सबके सो जाने के बाद मालती ने अपने पति जयंत के कान में धीरे से फुसफुसाया, ‘‘अजी सो गए क्या ?’’‘‘नहीं, क्या बात है मालती ? मैं देख रहा हूँ कि तुम पिछले कुछ दिनों से...

Read Free

उजाले की ओर –संस्मरण By Pranava Bharti

उजाले की ओर - - - संस्मरण  =================== मित्रो !  स्नेहिल नमस्कार      म...

Read Free

बंधन प्यार का - 1 By Kishanlal Sharma

नरेश से आकर एक युवती टकरायी तो उसके हाथ से बेग गिर गया।नरेश बेग उठाने को झुका तो वह युवती भी झुकते हुए बोली,"सॉरी।""नो मेंशन।आल राइटवह युवती चली गयी लेकिन उसकी मोहिनी छवि नरेश के द...

Read Free

रक अदद औरत - 2 By Kishanlal Sharma

इसलिये वह बात बात पर ताने मारती और कोसती,"खुद तो मर गए लेकिन मेरी जान को इसे छोड़ गए।"चाची के घर मे कमला नौकरानी की तरह दिन रात पिसती रहती।सुबह अंधेरे ही चाची उसे आकर झिंझोड़ती,"उठना...

Read Free

जलसतह By Bharati babbar

उसके स्टेशन पहुँचते ही बूँदाबाँदी शुरू हो गयी।मॉनसून के साथ ही शहर का मूड जैसे बदल गया।सबके चेहरे खिले हुए लगे।एक मॉनसून ही तो बदलता है मुंबई शहर को, अन्यथा दो ही मौसम हैं यहाँ,गर्...

Read Free

सरला लौट आई By Wajid Husain

वाजिद हुसैन की कहानी -मार्मिक सरला का प्रभाव कुछ ऐसा था कि लोग उसे सर्वगुण संपन्न लड़की मानते थे‌। उसकी सम्मोहक आंखों का जादू चल जाता तो कोई शायर शायरी लिखने लगता‌। उसके पापा के पा...

Read Free

मछरगन्धा... By Saroj Verma

"क्या हुआ पुरोहित जी! ऐसे उदास क्यों बैठें हैं"? राममूरत ने बूढ़े पुरोहित जी से पूछा.... "बहुत बुरा हुआ बेटा उसके साथ,ऐसा नहीं होना चाहिए था,उसके कर्मों की इतनी बुरी सजा उसे नहीं मि...

Read Free

दिखता नहीं क्या By vinayak sharma

दशरथ पढ़ा लिखा वहीं तक था, जहाँ तक कि कुछ लिखा पढ़ सके। दशरथ का बचपन बहुत हिंज्यादा गरीबी में बीता था। गरीबी इतनी ज्यादा थी कि बहुत ही मुश्किल से परिवार का पेट भर पाता था। किसी दिन ए...

Read Free

बीते दिनों का करवा चौथ By Sudhir Srivastava

संस्मरणबीते दिनों में करवा चौथ"""""""""""""""""""""""""******* करवा चौथ का पर्व आते ही मुझे अपने बचपन के दिनों की याद आ जाती है, जब घर के आंगन में हफ्तों पहले से ही बड़ी मां दादी क...

Read Free

सानिध्या By Lakhan Nagar

अंततया , अंतिम रूप से रेलवे की परीक्षा में चयन के बाद आज देहरादून से दिल्ली जा रहा हूँ  । सारा सामान पैक कर लिया हैं । घर-परिवार स्टेशन तक छोड़कर चला गया हैं । स्टेशन पर पहुँचते ही...

Read Free

मैं ग़लत था - भाग - 11 (अंतिम भाग) By Ratna Pandey

विवाह के दो दिन बाद पग फेरे के लिए जब छोटे लाल छुटकी और भले राम को अपने घर ले गया तब उसने अपने माँ-बाप की आपस में बात सुनी। उसकी माँ ने कहा, "छोटे के बाबूजी एक परात में पानी रख लेत...

Read Free

शाकुनपाॅंखी - 40 - आहत मन By Dr. Suryapal Singh

59. आहत मन जल्हण कालिन्दी तट पर रुके। अश्व को थोड़ी दूर पर उगे एक शहतूत के पेड़ से बाँध दिया। वस्त्र उतार कर स्नान के लिए नदी में उतर गए। स्नान किया। अर्यमा का अर्घ्य देकर निकले। त...

Read Free

जीने का हक By Dr. Pradeep Kumar Sharma

जीने का हकरात को सबके सो जाने के बाद मालती ने अपने पति जयंत के कान में धीरे से फुसफुसाया, ‘‘अजी सो गए क्या ?’’‘‘नहीं, क्या बात है मालती ? मैं देख रहा हूँ कि तुम पिछले कुछ दिनों से...

Read Free

उजाले की ओर –संस्मरण By Pranava Bharti

उजाले की ओर - - - संस्मरण  =================== मित्रो !  स्नेहिल नमस्कार      म...

Read Free

बंधन प्यार का - 1 By Kishanlal Sharma

नरेश से आकर एक युवती टकरायी तो उसके हाथ से बेग गिर गया।नरेश बेग उठाने को झुका तो वह युवती भी झुकते हुए बोली,"सॉरी।""नो मेंशन।आल राइटवह युवती चली गयी लेकिन उसकी मोहिनी छवि नरेश के द...

Read Free

रक अदद औरत - 2 By Kishanlal Sharma

इसलिये वह बात बात पर ताने मारती और कोसती,"खुद तो मर गए लेकिन मेरी जान को इसे छोड़ गए।"चाची के घर मे कमला नौकरानी की तरह दिन रात पिसती रहती।सुबह अंधेरे ही चाची उसे आकर झिंझोड़ती,"उठना...

Read Free

जलसतह By Bharati babbar

उसके स्टेशन पहुँचते ही बूँदाबाँदी शुरू हो गयी।मॉनसून के साथ ही शहर का मूड जैसे बदल गया।सबके चेहरे खिले हुए लगे।एक मॉनसून ही तो बदलता है मुंबई शहर को, अन्यथा दो ही मौसम हैं यहाँ,गर्...

Read Free

सरला लौट आई By Wajid Husain

वाजिद हुसैन की कहानी -मार्मिक सरला का प्रभाव कुछ ऐसा था कि लोग उसे सर्वगुण संपन्न लड़की मानते थे‌। उसकी सम्मोहक आंखों का जादू चल जाता तो कोई शायर शायरी लिखने लगता‌। उसके पापा के पा...

Read Free

मछरगन्धा... By Saroj Verma

"क्या हुआ पुरोहित जी! ऐसे उदास क्यों बैठें हैं"? राममूरत ने बूढ़े पुरोहित जी से पूछा.... "बहुत बुरा हुआ बेटा उसके साथ,ऐसा नहीं होना चाहिए था,उसके कर्मों की इतनी बुरी सजा उसे नहीं मि...

Read Free

दिखता नहीं क्या By vinayak sharma

दशरथ पढ़ा लिखा वहीं तक था, जहाँ तक कि कुछ लिखा पढ़ सके। दशरथ का बचपन बहुत हिंज्यादा गरीबी में बीता था। गरीबी इतनी ज्यादा थी कि बहुत ही मुश्किल से परिवार का पेट भर पाता था। किसी दिन ए...

Read Free

बीते दिनों का करवा चौथ By Sudhir Srivastava

संस्मरणबीते दिनों में करवा चौथ"""""""""""""""""""""""""******* करवा चौथ का पर्व आते ही मुझे अपने बचपन के दिनों की याद आ जाती है, जब घर के आंगन में हफ्तों पहले से ही बड़ी मां दादी क...

Read Free

सानिध्या By Lakhan Nagar

अंततया , अंतिम रूप से रेलवे की परीक्षा में चयन के बाद आज देहरादून से दिल्ली जा रहा हूँ  । सारा सामान पैक कर लिया हैं । घर-परिवार स्टेशन तक छोड़कर चला गया हैं । स्टेशन पर पहुँचते ही...

Read Free

मैं ग़लत था - भाग - 11 (अंतिम भाग) By Ratna Pandey

विवाह के दो दिन बाद पग फेरे के लिए जब छोटे लाल छुटकी और भले राम को अपने घर ले गया तब उसने अपने माँ-बाप की आपस में बात सुनी। उसकी माँ ने कहा, "छोटे के बाबूजी एक परात में पानी रख लेत...

Read Free