सामाजिक कहानियां कहानियाँ पढ़े और PDF में डाउनलोड करे

Stories and books have been a fundamental part of human culture since the dawn of civilization, acting as a powerful tool for communication, education, and entertainment. Whether told around a campfire, written in ancient texts, or shared through modern media, Moral Stories in hindi books and stories have the unique ability to transcend time and space, connecting people across generations and cult...Read More


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  • मुझे सजा ना दो - भाग 2

    दिमाग को झटका लगा ___अब आगे, कहीं ये वो तो नहीं जब हम सदर बजार मे रहते थे, मैं उ...

  • प्यार का पंचनामा

     बात अब से 20 वर्ष पहले की है। जब मैंने इंटर पास करके कॉलेज में दाखिला लिया...

  • टूटे तारे

    टूटे तारे.     (लघु कथा)          ...

खेल प्यार का भाग - 5 By Sayra Ishak Khan

खेल प्यार का...भाग 5प्रस्तावनायह कहानी वसिम और कायनात की प्रेम कहानी है मैं इस कहानी को आपके समक्ष पहली बार रजू करने जा रही हूं!  लिखना आता है या नहीं वह तो आप पर निर्भर करता...

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तुम मिले (7) By Ashish Kumar Trivedi

                                     तुम मिले (7)मुग्धा के मन में कई सारे सवाल उभरने...

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एक छोटी सी कहानी By Megh Thakur

बहुत पहले की बात है । जब मैं आईडिया कंपनी में फील्ड करता था । तो एक लड़की मुझे मिली जिनका नाम था मंजू बहुत ही अच्छी बहुत ज्यादा समझदार लेकिन मैं उसको काम के वजह से समय नहीँ दे पाता...

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हतभाग्य By ALOK SHARMA

मैं तो उस वक़्त पूरी तरह टूट चुकी थी जब पिता के देहान्त के बाद दो छोटे भाईयों के साथ घर का बोझ मेरे ऊपर आ गया । माँ तो बचपन मे ही छोड़ चली थी एक पिता का ही सहारा था वो भी मुझसे छी...

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मुझे सजा ना दो - भाग 2 By Surjeet Singh Bindra

दिमाग को झटका लगा ___अब आगे, कहीं ये वो तो नहीं जब हम सदर बजार मे रहते थे, मैं उस वक़्त जमीन पर बेठा , था सामने दिवार से सटी सहमी डर से कांपती मट्टी के तेल में भीगी हुई, खाट पर सिख...

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प्रोफेसर साहिब की लव स्टोरी By Sonia chetan kanoongo

हाथों में चाय का प्याला लिए हुए ,बाल्कनी में सुबह का दृश्य देखते देखते स्नेहा जी की सुबह होती, पर आज अचानक मन बीती यादों के पिटारे में से एक याद को खींच लाया ,यकीनन वो प्रोफेसर साह...

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साबित By amit sonu

साहिल मध्यमवर्गीय परिवार से संबध रखने वाला एक आम लड़का था। उसे आज तक ये समझ में नहीं आया था कि मध्यमवर्ग  में निम्न और उच्च मध्यम वर्ग का वर्गीकरण क्यों किया गया है? खेर अब उस...

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मेरे दिल का हाल - भाग 3 By Shaihla Ansari

"मै भला क्यों छुपूंगी...वो भी तुम्हारे भाई से" मायरा ने झूठ बोला!!"आपी... अब आप मुझसे तो झूठ मत बोलो.. बहुत दिन से मैं नोट कर रहा हूं जब भाई घर में होते हैं तो आप अपने कमरे से बाहर...

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प्यार का पंचनामा By Namita Gupta

 बात अब से 20 वर्ष पहले की है। जब मैंने इंटर पास करके कॉलेज में दाखिला लिया । कॉलेज में दाखिला क्या लिया ? मैं भी आसमान में उड़ने लगा नया खून ,नई जवानी ,नया जोश, नई उमंग और नए...

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बहूधन By ALOK SHARMA

सेठ खेलावनदास अपने गाँव में बहुत जाने-माने पहुँचे हुये व्यक्ति थे धन-दौलत किसी भी प्रकार की कोई कमी न थी। उनके एकलौता ही पुत्र था। दुनिया समाज को देखते हुये उन्हे ये डर था कि पुत्र...

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दाग... By Sarvesh Saxena

"मैं नहीं जाऊंगी, बोल दिया ना, फिर क्यों बार-बार तुम लोग मुझसे पूछते हो", कहकर गरिमा आज फिर अपने कमरे में चली गई, उसकी सहेलियां चुपचाप घर से बाहर चली गई l मां भी अपने कमरे में गरिम...

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टूटे तारे By इशरत हिदायत ख़ान

टूटे तारे.     (लघु कथा)                   -ख़ान इशरत परवेज़ "क्या लाऊँ, साहब?" बड़ी ही नम्रता से उसने पूछा. म...

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OUT OF CONTROL - 4 By Raaj

(जेरी , स्टेसी और चक तीनो अपनी आंखें बंद करते हैं और उस पोधेको छूते हैं  । उस पौधे को छूतेही बेन्जेमिन के घर का दरवाजा खुल जाता हैं । तीनो घर के अंदर प्रवेश करते हैं । अब आगे...

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चाहत - 2 By p

इसके पहले हिस्से मे हमने देखा की रोशनी अपने आप मे खोयी हुई कही जा रही है ।और गिर जाती है तो आइये अब जानते है की आगे क्या होता है रोशनी की लाइफ मे ।        &nbsp...

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कुछ बदलाव ज़रूरी By Ajitesh Arya Firenib

"बदलते वक़्त पर कुछ ही लोगों का हक है क्या?" अपनी मम्मी से शिवाली ने पूछा, घर में चर्चा ज़ोरों पर थी, अठ्ठ‌ईस वर्षीया शिवाली जो सरकारी बैंक में मैनेजर हो गई है उसके लिए योग्य वर कौ...

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कर्ज By Daisy

ज्ञानचंद अस्पताल के आईसीयू बाहर परेशान सा  टहल रहा है ।तभी आईसीयू से बाहर एक नर्स ज्ञानचंद को बोलती है ,आपके बेटे के पास कम समय है वह आपसे कुछ बात करना चाहता है और अपनी पत्नी...

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पिता जी सूर्या जीजी के लिए नहीं रोये थे By Nirdesh Nidhi

                     “पिता जी सूर्या जीजी के लिए नहीं रोये थे”कड़कड़ाती सर्दी भरी...

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झुकी हुई फूलों भरी डाल - 7 By Neelam Kulshreshtha

एक समाजसेविका अविवाहित रहने का व स्त्रियों के लिए काम करने का व्रत लेती है। शोध करने वडोदरा आती है क्योंकि गुजरात आत्महत्या करने वाली स्त्रियों के आंकड़ों में अग्रणी है। यहाँ उसे पत...

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उनका प्रश्न By Nirdesh Nidhi

      “उनका प्रश्न” दूसरे स्टेशन पर समय के साथ पहुँचने का वादा निभाना था न सो ट्रेन ने सीटी दी और धीरे - धीरे अपने वृत्ताकार पाँवों को लोहे की पटरियों...

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अफसोस By shekhar kharadi Idriya

अचानक मोबाईल की रिंग टाॅन बजी , बड़ी हड़बड़ी में मनीषने कोल रिंसीव किया ।।" हेल्लो... कौन  ?मैं दामिनी...!कौन दामिनी  ?तुम्हारे कोलेज की बेस्ट फ्रेंड...क्या आप मुझे नही प...

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बलात्कारी शादियां हैं ये By Ajitesh Arya Firenib

एकल परिवार की संख्या बढ़ती जारही है, शायद भीड़ भरी दुनियां भी भीड़ से परेशान है, आज वक़्त बदल चुका है, हम किसी को फोन करें तो एक सवाल और पूछने लगे है , 'कहां है आप?' क्यूंक...

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खामोश मोहब्बत By Shaihla Ansari

सादत खान एक देहाती इंसान थे। अपने उसूलों के पक्के, जो बात उनकी जबान से निकल जाती वो पत्थर की लकीर हो जाती। 3 साल पहले गांव में अपनी जमीन जायदाद बेचकर यहां शहर में आ बसे लेकिन रोब आ...

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राबिया का जूता By Omprakash Kshatriya

राबिया का जूता ओमप्रकाश क्षत्रिय 'प्रकाश' राबिया अपने भाई के पुराने जूते पहन—पहन कर परेशान हो गई थी. उस ने कई कोशिश की मगर, उसे नए जूते नहीं मिले. इस बार उस ने पापा से कह दिया, ''...

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वैसी लड़की By Ravi

1सब से सुना पन महसूस हो रहा है। इस फैले हुए आसमान से, धूप से। धरती सबसे छोटी हो चुकी है। जैसे इस धरती पर कोई है ही नहीं। हवा चेहरे को और भी ज़्यादा सूखा रही है। पता नहीं गीता को मेह...

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ख़्वाहिश By Shaihla Ansari

चलती ट्रेन पकड़ने के चक्कर में वो अपने बैग के साथ बड़ी जोर से गिरी थी। बैठते हुए लायबा ने अपनी कोहनी को सहलाया था। उसने बोगी में इधर उधर  देखा तो वहां बैठे लोग उसे ही देख रहे...

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मंजिल प्यार की By Ankit Maharshi

"   शिवम अरे आ भी जाओ ना यार... क्या हो गया तुम्हारी आंखों को..."   " आज पता नहीं क्या हुआ ..."" रुको तुम यह सेहरा लगा के देखो "  शिवम की आंखें लाल थी और व...

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अहसास. By Shaihla Ansari

"मां बहुत भूख बहुत लगी है.... जल्दी खाना लगाओ" राज ने कोट सोफे पर डालते हुए कहा। लेकिन मां को फोन पर बातें करते देख राज बाथरूम में घुस गया!!  "बेटा तीन दिन से तुम लेट आ र...

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दाना डाकू By Kazi Taufique

कहीं सारे घोड़ो की दोडने की आवाझ आईं और पुरे गांव मे अफरा तफरी मच गई लोग इधर-उधर भागने लगे कोई अपना सामान छोड भागता तो कोई आनन-फानन मे जितना हाँथ लगा उतना ले भागता। लोग इस तरह भाग...

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सपने में शिमला By अमरदीप कुमार

"सरला!सरला?""हाँ, रवि!किचेन में हूँ।अभी आयी।""जल्दी आओ न,कुछ जरूरी बात करनी है तुझसे।""हाँ, बोलो।क्या बात है!"सरला तौलिए से अपना हाथ पोछते हुए आयी और रवि का चेहरा देखकर समझ गयी कि...

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Ek Geet... Ek Ehsaas... By Bibekananda Nayak

एक प्यारी-सी गीत कब सुनने को मन होता है...? जब दिल में कोई दर्द हो या ज़िन्दगी की कोई सबसे अनमोल खुसी; जब कोई बेचैनी हो या बहुत कड़ी मेहनत के बाद मिली हुई प्यारी-सी सुकून... चाहे कुछ...

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तीसरी आँख। By Neha Sharma

आज उसने शहर से दूर उस सफेद बंगले पर निगाहें टिकाए हुई थी। और वह बस मौका मिलते ही बंगले पर हाथ साफ करने की ताक में था। तकरीबन 20 22 साल का वह लड़का दिखने में गोरा चिट्टा मोटी-मोटी क...

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पुरानी-जींस By Rajan Singh

मयकशी ने मयकशी को मयकशी में चूम लिया है...... दिल्लगी ही दिल्लगी में दल्लगी कर झूम लिया है....... नशा ये ज़ाम का है या तुम्हारे नाम का यारों...... नशे में इस जहाँ के जन्नत-ए-कायनात...

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खाली हाथ आखिरी भाग By Shaihla Ansari

"देखो रानो अब निखिल को तुम्हे ही संभालना है और ये कैसे होगा ये तुम्हें सोचना है"  प्रमिला अपनी बात कह कर जाने के लिए उठ गई 'और एक बात का आगे से ध्यान रखना अपने झगड़े को अप...

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खेल प्यार का भाग - 5 By Sayra Ishak Khan

खेल प्यार का...भाग 5प्रस्तावनायह कहानी वसिम और कायनात की प्रेम कहानी है मैं इस कहानी को आपके समक्ष पहली बार रजू करने जा रही हूं!  लिखना आता है या नहीं वह तो आप पर निर्भर करता...

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                                     तुम मिले (7)मुग्धा के मन में कई सारे सवाल उभरने...

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मुझे सजा ना दो - भाग 2 By Surjeet Singh Bindra

दिमाग को झटका लगा ___अब आगे, कहीं ये वो तो नहीं जब हम सदर बजार मे रहते थे, मैं उस वक़्त जमीन पर बेठा , था सामने दिवार से सटी सहमी डर से कांपती मट्टी के तेल में भीगी हुई, खाट पर सिख...

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प्रोफेसर साहिब की लव स्टोरी By Sonia chetan kanoongo

हाथों में चाय का प्याला लिए हुए ,बाल्कनी में सुबह का दृश्य देखते देखते स्नेहा जी की सुबह होती, पर आज अचानक मन बीती यादों के पिटारे में से एक याद को खींच लाया ,यकीनन वो प्रोफेसर साह...

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मेरे दिल का हाल - भाग 3 By Shaihla Ansari

"मै भला क्यों छुपूंगी...वो भी तुम्हारे भाई से" मायरा ने झूठ बोला!!"आपी... अब आप मुझसे तो झूठ मत बोलो.. बहुत दिन से मैं नोट कर रहा हूं जब भाई घर में होते हैं तो आप अपने कमरे से बाहर...

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दाग... By Sarvesh Saxena

"मैं नहीं जाऊंगी, बोल दिया ना, फिर क्यों बार-बार तुम लोग मुझसे पूछते हो", कहकर गरिमा आज फिर अपने कमरे में चली गई, उसकी सहेलियां चुपचाप घर से बाहर चली गई l मां भी अपने कमरे में गरिम...

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टूटे तारे By इशरत हिदायत ख़ान

टूटे तारे.     (लघु कथा)                   -ख़ान इशरत परवेज़ "क्या लाऊँ, साहब?" बड़ी ही नम्रता से उसने पूछा. म...

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                     “पिता जी सूर्या जीजी के लिए नहीं रोये थे”कड़कड़ाती सर्दी भरी...

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      “उनका प्रश्न” दूसरे स्टेशन पर समय के साथ पहुँचने का वादा निभाना था न सो ट्रेन ने सीटी दी और धीरे - धीरे अपने वृत्ताकार पाँवों को लोहे की पटरियों...

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अचानक मोबाईल की रिंग टाॅन बजी , बड़ी हड़बड़ी में मनीषने कोल रिंसीव किया ।।" हेल्लो... कौन  ?मैं दामिनी...!कौन दामिनी  ?तुम्हारे कोलेज की बेस्ट फ्रेंड...क्या आप मुझे नही प...

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खामोश मोहब्बत By Shaihla Ansari

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राबिया का जूता By Omprakash Kshatriya

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Ek Geet... Ek Ehsaas... By Bibekananda Nayak

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तीसरी आँख। By Neha Sharma

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मयकशी ने मयकशी को मयकशी में चूम लिया है...... दिल्लगी ही दिल्लगी में दल्लगी कर झूम लिया है....... नशा ये ज़ाम का है या तुम्हारे नाम का यारों...... नशे में इस जहाँ के जन्नत-ए-कायनात...

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खाली हाथ आखिरी भाग By Shaihla Ansari

"देखो रानो अब निखिल को तुम्हे ही संभालना है और ये कैसे होगा ये तुम्हें सोचना है"  प्रमिला अपनी बात कह कर जाने के लिए उठ गई 'और एक बात का आगे से ध्यान रखना अपने झगड़े को अप...

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