The Download Link has been successfully sent to your Mobile Number. Please Download the App.
You are welcome to the world of inspiring, thrilling and motivating stories written in your own language by the young and aspiring authors on Matrubharti. You will get a life time experience of falling in love with stories.
6 किलोमीटर। सीधी रेखा में। लेकिन 2087 के पुरानी दिल्ली में कोई चीज़ सीधी रेखा मे...
प्रोफेसर शरद देशमुख यांच्या या भावूक कथेचा हिंदी अनुवाद खालीलप्रमाणे आहे. मी भाष...
निलु के इतना कहने पर गाड़ी अपने आप रुक जाती है। गाड़ी रुकने के बाद निलु गुस्से स...
Chapter 7 — धुंध की वापसीआर्यन ने उस जली हुई चाबी को अपनी मुट्ठी में इतनी ज़ोर स...
_______________________________गाँव के पश्चिम छोर पर एक कुआँ था। वह पुराना, गोल...
जिंदगी की दूसरे किनारा पार्ट 10और वही अब धीरे-धीरे समय देखा गया मेघना अब धीरे-धी...
Chapter 1: डर की शुरुआतरतनपुर…एक छोटा सा गाँव… गुजरात के किनारे बसा हुआ।दिन में...
Episode 6 – पहली खुली बातआउटिंग के बाद वाला दिन घर में थोड़ा शांत था।कोई खास हलच...
कोलकाता की एक पुरानी, शांत दोपहर थी। खिड़की से आती हल्की धूप कमरे में फैली हुई थ...
वैवाहिक जीवन में प्रेम कैसे बना रहे?परम पूज्य दादा भगवान कहते हैं, “पूरी दुनिया...
* जिंदगी किसी फिल्म से कम है क्या , किस मोड़ पर क्या होगा पता नहीं , अगर कुछ मिला नहीं इक क्षण पर कुछ घटा नहीं , मोड़ भी जिंदगी में रास्तों से ज़्यादा है , दुख चाहे कितने हों ह...
उदास हूं पर इस क़दर नही,, की तेरी खुशी भी न देख सकू,,, मैं वहां भी चुप रहती हूं,, जहां मेरे अपनो की खुशी हो ╭─❀⊰╯ ╨────────────━❥ ╭─?•••••••अंजू कुमारी••••• ╨───,,,,,,,,────...
रात साक्षी है ‘रात साक्षी है’ डॉ० सूर्यपाल सिंह की कविता पुस्तक है। इसमें सीता के अन्तिम रात की कथा है। इसे छह खंडों में प्रस्तुत किया जा रहा है। प्रथम खंड प्रस्तुत है। कथा...
‘’रत्नावली’’ पर एक दृष्टि बद्री नारायण तिवारी आज वातानुकूलित कमरों में बैठ कर जो लिखा जा रहा है उसका क्षणिक प्रचार तो मिल जायेगा किन्तु वह रचनायें कालजयी नहीं हो पातीं। भक्तवत्...
प्रेम के विविध रूप हैं।यह दुनिया का सबसे खूबसूरत एहसास है।रात्रि में अंबर के चंद्र,तारे, बादल,आकाशगंगा की धवल पट्टिका,पूरी पृथ्वी में पसरी निस्तब्धता और चारों ओर फैली चांदनी..........
इज़ाज़त... आज मुझे ये शाम सजाने की इज़ाज़त दे दोदिल-ओ-जान तुम पर लुटानेकी इज़ाज़त दे दोमिले जो दर्द या मिले सुकून - कुबूल है हमेंकभी रिहा ना हो पाए वैसे क़ैद होनेकी इज़ाज़त दे दो क...
डेफोड़िल्स ! - 1 तेरे झरने से पहले समर्पित नेह को, स्नेह को डेफोड़िल्स ही क्यों ? यह प्रश्न अवश्य मस्तिष्क में आया होगा दिलो-दिमाग को सताया होगा आख़िर जब इतने खूबस...
जीवन अनुनादों के संग में,धर्म धरा पर,पावन धरती। नद-नादी संगीत सुभेरी,जीवन को अल्हादित करती। थोड़ा सा अवलोकन कर लो,यहाँ पर आकर मेरे भाई। भारत को ही स्वर्ग बनाती,पंचमहल की प...
सरस्वती मॉं बन्दना, ज्ञान ज्योति उर बार। स्वीकारो मम प्रार्थना, करदो मॉं उद्धार ।।1।। गौरी सुत, गणपति करूं, बिनती बारम्बार। विधा, बुद्धि, उर में भरो, सुनलो शीघ्र पुका...
माँ का स्नेह देता था स्वर्ग की अनुभूति। उसका आशीष भरता था जीवन में स्फूर्ति। एक दिन उसकी सांसों में हो रहा था सूर्यास्त हम थे स्तब्ध और विवेक शून्य देख रह...
लॉग इन करें
लॉगिन से आप मातृभारती के "उपयोग के नियम" और "गोपनीयता नीति" से अपनी सहमती प्रकट करते हैं.
वेरिफिकेशन
ऐप डाउनलोड करें
ऐप डाउनलोड करने के लिए लिंक प्राप्त करें
Copyright © 2026, Matrubharti Technologies Pvt. Ltd. All Rights Reserved.
Please enable javascript on your browser