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सुबह की ताज़ा धूप जब सुल्तान मेंशन के आँगन में उतरी, तो घर में चहल-पहल शुरू हो चु...
मध्य रात्रि का समय था. सन्नाटे से घिरी बीच सडक पर एक लंबे कद का आदमी धीमे- धीमे...
मैं वो हूँ जो नहीं है ,जो नहीं है वो मैं हूँ।जो अस्तित्व के परे है वो मैं हूँ।जो...
सूना-सूना घर का आँगन सूना-सूना घर का आँगन कर रही कबसे इंतजार चौबारे पर बैठी म...
------------------------------अध्याय 9: विद्यार्थी और गीता (एकाग्रता का भ्रम: रट...
“क्रोधाद्भवति संमोहः संमोहात्स्मृतिविभ्रमः।स्मृतिभ्रंशाद् बुद्धिनाशो बुद्धिनाशात...
The Weight of Wings पंखों का बोझ ...
नंदिनी की शादी कम उम्र में राघव से हुई थी। घर-परिवार अच्छा था, लेकिन रिश्ते में...
एपिसोड 32: अंधेरे की अंतिम परछाईशहर की बेचैनीशहर में शांति लौटती दिख रही थी, लेक...
अधूरी किताब: एक रूहानी दास्तानएपिसोड 30: भूला हुआ नामकालवन पहले कभी इतना शांत नह...
ममता कुर्सी पर टेक लगाए ब्याह की गहमा गहमी मे खोई हुई थी। सब इधर उधर भाग रहे थे तैयारियों में जुटे हुए। लगभग 5 साल बाद मायके आना हुआ था उसका वह भी भतीजी की शादी के बहाने से। भाई न...
वह सूनी आँखों से टुकुर-टुकुर पंखे को देख रही थी..आँखें धँस गयीं थीं..शरीर हड्डियों का पिंजर बन गया था..चमड़ी झूल कर लटक गयी थी..सिर पर सफ़ेद बालों की खूँटियाँ निकल आयी थीं..शायद कुछ...
पतीली से गिलास में चाय छान कर सबको थमा आई थी पर मुकेश कहीं नहीं दिख रहा था, वह उसको ढूँढ़ती हुई बाहर कोठरी की ओर चल दी, “बाबू !” आवाज लगाई उसने, कोठरी का किवाड़ उड़का था, धक्का दे कर...
फुलमतिया अपने गाँव की इकलौती नाउन ठकुराइन है गाँव भर में किसी के घर भी जचकी होती तो जच्चा-बच्चा की मालिश वही करती है अपने गाँव ही क्या, वह आस-पास के गाँवों में भी मालिश के लिए...
ये कहानी वास्तविक घटनाओं पर आधारित है जो गांव, शहर, कस्बा, समाज, देश को सत्य का शीशा साफतौर दिखाती है, बिना शंक गुजाइश किये बगैर... क्योंकि गुजरात और राजस्थान जैसे कई राज्यों में द...
आज भी रोज की तरह रात के 1 बजे रोबर्ट दरवाजा खटखटा रहा था। उतने मैं घरके अंदर टोबी के भोकने की आवाज़ आने लगी ।टोबी ने जेरी की थोडी फटी हुई पेंट को मुह में रखकर खिंच र...
एक गलतफहमी के कारण आदित्य और नैना अलग हो गए। लेकिन यह अलगाव भी उनके प्यार को कम नहीं कर सका। इसीलिए जब आदित्य को नैना के अचानक गायब हो जाने का पता चला तो उससे रहा नहीं गया। नैना को...
" विजय के बापू मैंने तो आपसे पहले ही कहा था, पर आपकी जिद्द के सामने मेरी चलती कहा है ? अब देख लिया ना, और जोड़ो सड़कछाप बिरादरी वालो से रिस्ता "..... " सुलोचना अपने कमरे में चली जाओ,...
म्हारी बनरी गुलाब का फूल , कि भँवरा बन्ना जी ।महारी बनरी चाँद का नूर ,कि चकोरा प्यारा बनरा जी ॥ एक घर में महिलाएं ढोल और हरमोनियम पर यह ब्याह गीत गा रही थी। यह घर था ' कटक निवा...
प्रस्तावनायह कहानी वसिम और कायनात की प्रेम कहानी है मैं इस कहानी को आपके समक्ष पहली बार रजू करने जा रही हूं! लिखना आता है या नहीं वह तो आप पर निर्भर करता है मुझे जज आप करोगे...
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