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जिंदगी की दूसरा किनारा पार्ट 20 और वही मेघना की दुनिया में कुछ देर के बाद मेघना...
रात के गहरे सन्नाटे को चीरती हुई तेज़ बारिश की गुर्राहट पूरे माहौल पर हावी थी।आस...
संन्यास क्या है?संन्यास का अर्थ किसी चीज़ को छोड़ देना नहीं, बल्कि जीवन को ऐसे द...
""सिद्धार्थ अभिमन्यु का मैनेजर सर सर बोल...
दिग्विजय सिंह, रुको!"मंत्री के कदम ठिठक गए। सुरक्षाकर्मी और आसपास खड़े नेता हैरान...
कलिंगेश की पत्नी अलीना ने भावुक होकर कहा, "मेरा बेटा हरमीत कुशल योद्धा ही नहीं ब...
शादी का दिन सुबह का समय था मंदिर के आँगन में हल्की धूप उतर रही थी हवा में अगरबत्...
अध्याय 9ध्यान और मेडिटेशन करें।“ध्यान और मेडिटेशन करें” — यह न सिर्फ मन को शांत...
(कपूर ज्वेलर्स की बेटी काम्या ने दो दिन का बॉयफ़्रेंड बनने की मदद मांगी एक वेट...
Part 10 का अगला पन्ना खोलते ही मेरा दिल फिर से तेज़ धड़कने लगा।पता नहीं क्यों.....
" मुखौटे दिख रहे हैं आजकल मुखौटे बिक रहे हैं आजकल सच दबाया जा रहा है झूठ बिक रहे हैं आजकल यूँ तो सब ज्ञानी हैं यहाँ परिस्थितियों को देख ज्ञान दे रहे आजकल। इंटरनेट के इस द...
रामरज शर्मा अभी अपना स्कूटर ठीक तरह से स्टैंड पर टिका भी नहीं पाए थे कि उनकी प्रतीक्षा में बैठा भगोना-चपरासी खड़ा हो, चलकर निकट पहुँच गया-'मालिक आपकी बाट देख रहे हैं ....बहुत जर...
रॉयल सर्कस शहर का प्रसिद्ध सर्कस था। वहा शो सप्ताह में तीन दिन होता था, इसलिए टिकट खरीदने के लिए लोगों की भीड़ उमड़ पड़ती थी। इस सर्कस के फेमस होने के पीछे की वजह वहां पर किए गए भय...
वो एक वामा हैं मोबाइल फोन की घंटी बजी। मैं उठ कर नम्बर देखती हूँ। यह नम्बर चन्दा चाची का है। आज लम्बे अरसे बाद उनका फोन आया है। मैं उत्सुकतावश तीव्र गति से फोन रिसीव करती हूँ। मेरे...
प्रस्तर मूर्ति के समान स्थिर बैठी दिव्या निर्निमेष,सूनी अश्रुविहीन नेत्रों से सामने की दीवार देखे जा रही थी।सफेद चेहरे पर ठहरी हुई पुतलियां इंगित कर रही थीं कि वह जीवित तो है, प...
अम्मा की नजरें सामने आती स्कूटी की तरफ़ ही टिकी हुई थी.. कौन है? कौन नहीं ये जानने के लिए अम्मा बेख़ौफ़ होकर सड़क पर स्कूटी के सामने ही आ रही थी.. पी..ईईईप....पीईईईईईईईप........ मैं जो...
वह अपने देश से दुबई गया तब उसके जेहन में ढेर सारे सपने थे।उसने सोचा था।परिवार की सारी दरिद्रता और अभाव हमेशा के लिए खत्म कर देगा।उस समय उसके मन मे यह ख्याल नही आया था कि जरूरी नही...
कहानी स्मृति की पोटली होती है| जो कुछ घट चुका है उसमें से काम की बातें छाँटने का सिलसिला कहानीकार के मन में निरंतर चलता रहता है| सार-तत्व को ग्रहण कर और थोथे को उड़ाते हुए सजग कहानी...
उदास इंद्रधनुष ************ रात के दस बजने वाले थे। कोमल सोने की तैयारी में लगी थी । सिरहाने पानी की बोतल रख, कमरे की बत्...
नन्दपुर गाँव___ ओ..बेला की माँ !जरा सम्भालों तो अपने लाल को देखो तो बस,रोए ही जा रहा है, दयाशंकर ने अपनी पत्नी मंगला से कहा।। आती हूँ जी! तुम्हारा ही तो काम कर रही थीं, तुम्हा...
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