The Download Link has been successfully sent to your Mobile Number. Please Download the App.
You are welcome to the world of inspiring, thrilling and motivating stories written in your own language by the young and aspiring authors on Matrubharti. You will get a life time experience of falling in love with stories.
Principal मैम ने जैसे-तैसे खुद को संभाला ही था कि बाहर खड़े दो–तीन शरारती स्टूडे...
एपिसोड: 'विस्मृति का उल्लास' — सचेतन धूल का महा-नृत्य1. 'नीले ग्रह&#...
भाग -6 रुक!!! कबीर की आवाज कमरे में गूँज गई आरव का हा...
मैंने दुःख जताते हुए कहा,“हाँ छोटे भाई… अब लोगों के अंदर इंसानियत जैसे खत्म होती...
आलेख –सादर प्रकाशनार्थ सुरक्षा गार्डों की व्यथा –कथा यशवंत कोठारी शुरू शुरू में...
ग्रिसेल्डा: कोकीन की गॉडमदर के उदय और पतन की रोंगटे खड़े कर देने वाली दास्तान (व...
दिसंबर की उस सर्द शाम के बाद, रोहन और अनन्या का रिश्ता 'द विंटेज कैफे' क...
: यादों की सहेलगाह - प्रकरण 84 स्नेहा म...
खाने पीने का सारा अरेंजमेंट अनिक देख रहा था।टेरेस पर सारा इंतजाम किया गया था।सार...
जानवी की बात को सुनकर शमिका कहती है --शमिका: - हां जानवी ... क्यों नही , तुम दोन...
चीड़ के पेड़ों की टहनियां तेज हवा के दबाव से जोरां से हिलती हैं सायं-सायं के कनफोडू षोर से काँंप उठती हूँ। इन चीड़ों से ढेर सूखी पिरूल भी लगातार झर रही है। ऊपर चढ़ने की कोशिश करते पाँव...
सुबह सवेरे गर्मियों में मन करता था कि थोड़ी देर और सो लिया जाए क्योंकि सुबह की ठंडी हवा मन को इतनी अच्छी लगती कि मन प्रफुल्लित हो जाता था । बड़े से ऑंगन में सभी की...
‘आठ हज़ार तो आप अब दे दीजिए और बाकी के आठ हज़ार आख़िरी सुनवाई से पहले दे देना.’’ कल शाम से यह वाक्य उसके दिमाग़ पर हथौड़े की तरह बज रहा था. कहाँ से लाए वह आठ हज़ार रुपए? उस जैसे पन्द...
आज फिर से स्वाति को नींद नहीं आ रही थी, वो बैचेनी से अपने बिस्तर पर करवटे बदलते बदलते थक गई तो, अपने बेड की साइड की लाइट को ऑन कर दी और उठ कर पानी का गिलास एक ही घूँट में खत्म कर द...
सुबह होगी थी शायद में बस बिस्तर पर लेटी थी थोड़ा सा उदासी सी थी दिल में एक अजीब सा जैसे दर्द सा लग रहा था जैसे किसी का दिल दुखा दिया हो मेरा फोन आज बहुत( vibrate)कर रहा था बस आख़...
एक और दमयन्ती ही क्यों? राजा नल और रानी दमयन्ती की संघर्ष -गाथा पौराणिक आख्यानों में है। इस क्षेत्र के ऐतिहासकि नरवर के किले से ही उनका सम्बन्ध रहा है। इसके साथ ही पंचम...
नवलकथा के बारे में: दोस्तों, हमारे आसपास, जान-पहचान वाले या अनजाने लोग, पता नहीं कितने लोग इस देश में आत्महत्या कर रहे है। रोज हम अखबार में, टीवी में ऐसी कई घटनाओं के बारे में सुन...
"सॉरी",डॉक्टर रत्ना,कृतिका का चेकअप करने के बाद बोली,"अब तुम कभी भी माँ नही बन सकती।" कृतिका से प्रवीण की मुलाकात एक फैशन पार्टी में हुई थी।प्रवीण को कृतिका की सु...
"यशवंत देख तेरी बेटी ने क्या कमाल कर दिया।"गांव का सरपंच बलवंत सुबह सुबह ही अखबार लेकर यशवन्त के घर जा पहुंचा।वह उसे अखबार देते हुए बोला,"ले इसे पढ़।" यशवन्त ने अखब...
इस लघु उपन्यास के प्रसिद्ध लेखक इंदिरा सौंदर्राजन हैं। यह तमिल के बहुत बड़े लेखक हैं। इन्होंने करीब 500 उपन्यास और 800 कहानियां लिखी है। आपने चार हजार के करीब लेख लिखे हैं। आप क...
लॉग इन करें
लॉगिन से आप मातृभारती के "उपयोग के नियम" और "गोपनीयता नीति" से अपनी सहमती प्रकट करते हैं.
वेरिफिकेशन
ऐप डाउनलोड करें
ऐप डाउनलोड करने के लिए लिंक प्राप्त करें
Copyright © 2026, Matrubharti Technologies Pvt. Ltd. All Rights Reserved | Powered by Nichetech.
Please enable javascript on your browser