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पहली बार तीनों की धड़कनें एक साथकमरे में हल्की रोशनी है। Shreya बीच में खड़ी है।...
वर्शाली अपना हाथ आगे करके फिर वही मंत्र कहती है---“ॐ सुप्त-शक्ति जागर्ति — रोगः...
द फोर्थ जेंडर:- चौंकते हुए स्वामी अक्षयानंद ने कहा,"यह अटपटा तो नहीं हो जाएगा और...
1वो शहर, जहाँ गलियाँ यादें छुपाती नहींउस शहर की हवा में कुछ अटका हुआ था।शायद कोई...
महाभारत की कहानी - भाग-१८५ भीष्म के पास कृष्ण-युधिष्ठिरादि का गमन और राजधर्म के...
बिग बैंग के समय सब कुछ ऊर्जा था | तथा अत्यधिक गर्मी थी | गर्मी और उर्जा आपस मिले...
भूल-118 सरदार पटेल के प्रति दुर्व्यवहार नेहरू ने उन पदों पर कब्जा कैसे किया, जिन...
कुछ ज्ञान की बातें 1 सूर्य कैसा है ! सूर्...
मैं आपके लिए एक विस्तृत, रोचक और भावनात्मक कहानी तैयार करता हूँ। इसमें रहस्य, रो...
पार्ट - 1सुहानी को भीड़ पसंद नहीं थी, लेकिन अकेलापन उससे भी ज़्यादा डराता था।...
सुबह की ठंडी हवा, कॉलेज कैंपस की हलचल और पेड़ों पर बैठे परिंदों की चहचहाहट—सब मिलकर उस दिन को जैसे खास बना रहे थे। प्रेम हमेशा की तरह अपनी किताबें थामे, थोड़ा संकोच और थोड़ा आत्मवि...
आज प्रकृति का पहला दिन था रघुवंशी मीडिया में — उसकी ड्रीम जॉब। एक नामचीन पत्रकार बनने की ओर पहला क़दम। वो अभी फील्ड रिपोर्टर नहीं बनी थी, पर अब पत्रकार थी — कागज़ पर भी, और ख़्वा...
हुक्म था — बचाओ, हसरत थी — छीन लो... और मोहब्बत कभी इजाज़त नहीं मांगती।" "प्यारे Parahearts परिवार, अध्याय 7 में मुझसे अनजाने में प्रातिलिपि पर रेटिंग लिख दी गई, जबकि मेरा...
चिड़िया की चहचहाहट सुनाई देती है। सुबह के 5:00 बज रहे हैं। दिल्ली का एक शांत मोहल्ला, जहां सुबह की ताजगी हवा में बसी है। "यॉन, यॉन," सहदेव ने एक लंबी सांस ली और बिस्तर स...
पहली मुलाक़ातसियोल की एक ठंडी शाम थी। आसमान पर हल्के बादल छाए थे, और हवा में कॉफ़ी की खुशबू तैर रही थी। शहर की चमकती रोशनी और हल्की ठंडक के बीच यूनिवर्सिटी की लाइब्रेरी एक शांत आश्...
पुरानी दिल्ली की गलियों में एक हवेली थी — *हवेली-ए-नूरजहाँ*। वक़्त की गर्द ने इसकी दीवारों को ज़रूर थका दिया था, लेकिन इसकी खिड़कियों से अब भी मुहब्बत झांकती थी। उसी हवेली में रहती...
लंबे बाल, गोरा रंग, बड़ी-बड़ी आखें... एक अजीब सी खामोशी। शादी के एक फंक्शनम में राज ने उसे पहली बार देखा था। बस एक नजर... और उस नजर ने सब कुछ बदल दिया था। उसे नजर ने राज की पूरी दु...
दोस्तों इस प्रेम कहानी की शुरुआत होती हैं उत्तर प्रदेश के एक छोटे से गांव से निकल कर IIT रुड़की उत्तराखंड देवभूमि में पढ़ने गए एक साधारण लड़के से, जिसे नैनीताल से आई ठंडी हवा के झो...
सुबह की किरणें कमरे में फैल चुकी थीं। लगभग 45-46 का चौबे, पहलवान जैसा गठीला शरीर लिए, आँगन में कसरत कर रहा था। उसकी भारी आवाज़ गूँजी— “नीचे आ जा और कसरत कर, वरना नाश्ता नहीं मिल...
वो अब तक शराब के चार बोतल ख़तम कर चुकी थी। एक आलीशान कमरा… जिसमें दीवारों कुछ महंगी पेंटिंग्स लगे थे । वो कोई आम पेंटिंग्स नहीं थे, हर जगह अलग अलग जानवरों के पेंटिंग्स थे , जैसे...
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