The Download Link has been successfully sent to your Mobile Number. Please Download the App.
You are welcome to the world of inspiring, thrilling and motivating stories written in your own language by the young and aspiring authors on Matrubharti. You will get a life time experience of falling in love with stories.
उधर वर्शाली और एकांश एक दुसरे को प्यार से बाहों मे भर रखा था और उनपर नीले पुष्प...
साये का बसेरा: 'अंधेरपुर' की अभिशप्त हवेली: एक अनचाही यात्रा कबीर एक खोज...
डॉ. ए.पी.जे. अब्दुल कलाम की पूरी जीवनीडॉ. अवुल पकिर जैनुलअबिदीन अब्दुल कलाम (A....
इन्द्रप्रस्थ की सभा उस दिन विशेष रूप से सजी हुई थी। राजसूय यज्ञ के बाद पांडवों क...
"चाय में चीनी कम है, या शायद आज मेरा ही मूड ठीक नहीं," माधव ने खिड़की के बाहर उड...
शीर्षक: “गहराइयों में तुम” ...
माया अपनी नाइट शिफ्ट पूरी करके कॉल सेंटर से निकली थी। नाइट शिफ्ट का ड्राइवर कैब...
---चुड़ैल से प्यार️ लेखक: विजय शर्मा एरी प्रस्तावनाप्यार एक ऐसा भाव है जो सीमाओ...
बगावत के सुर, एपिसोड 12: छिपी आग, नया संकटआरव के जन्म के छह महीने बाद दर्पंगा रे...
अर्जुन के हाथ काँप रहे थे। सामने वही पीला लिफाफा था—जिस पर दादी की टेढ़ी-मेढ़ी ल...
प्यार के बारे में कुछ भी लिखने से पहले, अभी यहां पर मे एक छोटी सी कहानी लिख रहा हूँ, क्योंकि इससे होगा यह कि, प्यार वाले रिस्तों के लिए जो समझदारी की गहराई जरूरी होती है, वह आसानी...
सुमित्रा वर्मा दिल्ली की एक प्रतिष्ठित बिज़नेस फैमिली से थी। उसके पिता की चाय पत्ती का व्यापार भारत और नेपाल तक फैला था। जब पिता ने उसे नेपाल के काठमांडू प्लांट की देखरेख की ज़िम्...
मुंबई का सबसे बड़ा और आलीशान घर जिसके बाहर दीवान पैलेस लिखा हुआ था आज उसे बड़ी ही खूबसूरती से सजाया गया था। रात के अंधेरे में ये घर किसी खूबसूरत तारे की तरह चमक रहा था। चारों तरफ...
"नहीं! ऐसा मत करो, छोड़ दो please..... जाने दो! नहीं! नहीं!" "रात्रि उठ! ऐसा कहकर मेघा (रात्रि की मां) ने रात्रि को झकझोर दिया। कितनी बार कहा है इस लड़की को की छोड़...
सुबह के पाँच बजे। आरती आँगन में झाड़ू लगा रही थी। ठंडी हवा के साथ उसकी साँसों में थकान भी मिल गई थी। माँ खाँस रही थीं और छोटा भाई अमित अभी तक बिस्तर में गोल होकर पड़ा था। आरती (...
कभी-कभी ज़िंदगी वो सवाल पूछ लेती है... जिनका जवाब सिर्फ ख़ामोशी के पास होता है। और मोहब्बत... वो अक्सर वहीं से शुरू होती है, जहाँ लोग टूट कर बिखर जाते हैं। सहर की हल्की सी रौ...
सड़कों पर रोज़ की तरह भीड़ दौड़ रही थी। हर कोई कहीं पहुंचने की जल्दी में था। लेकिन उन्हीं चेहरों के बीच एक चेहरा ऐसा भी था, जो न दौड़ रहा था, न रुक रहा था — बस चल रहा था... अ...
वो एक पुरानी, तीन मंज़िला इमारत थी — शहर के शोर से कुछ दूर, जहाँ दीवारों पर समय के निशान उभर आए थे। इमारत की दरारों में पुराने नोट्स की स्याही अब भी महकती थी, जैसे हर दीवार किसी अ...
“आलीज़ा, जल्दी चलो! मगरिब का वक़्त हो गया है।” ज़ायरा की आवाज़ फिर कमरे में गूंजी, लेकिन आलीज़ा को जैसे सुनाई ही नहीं दे रहा था। वो अपने बिस्तर पर अधलेटी, गहरी निगाहों से किताब के...
बेरहम सईया यह उनकी तीसरी एनिवर्सरी थी और प्राची खुशी-खुशी अपने पति के लिए एक शानदार डिनर की तैयारी कर रही थी, नितिन काम के सिलसिले में बाहर था लेकिन वह कभी भी घर आ जाता था, जिससे व...
लॉग इन करें
लॉगिन से आप मातृभारती के "उपयोग के नियम" और "गोपनीयता नीति" से अपनी सहमती प्रकट करते हैं.
वेरिफिकेशन
ऐप डाउनलोड करें
ऐप डाउनलोड करने के लिए लिंक प्राप्त करें
Copyright © 2026, Matrubharti Technologies Pvt. Ltd. All Rights Reserved.
Please enable javascript on your browser