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एक मौलिक हिन्दी कहानी प्रस्तुत है — शीर्षक “प्यार की चमक”। यह लगभग 3000 शब्दों क...
Part 17 "अगले चार महीने..."ये चार महीने मेरी ज़िंदगी के सबसे खूबसूरत भी थे...और...
**Sirf Tumhara** **Part 5**अंश का दिल ज़ोर-ज़ोर से धड़क रहा था। विहान का फोन कॉ...
शाम धीरे-धीरे ढल रही थी।पूरा दिन जैसे आँसुओं में भीगकर निकल गया। अब आँखें तो सूख...
जगह कोई आम ठिकाना नहीं, बल्कि 'रॉयल फिटनेस होटल' था। बाहर से देखने में य...
लाल निशानभाग – 1 : मौत की शुरुआतअध्याय 1रात, जिसने शहर की नींद छीन लीरात के दो ब...
Episode 12 – जब एहसास नाम माँगने लगे कुछ एहसास ऐसे होते हैंजो अचानक नहीं आते,धीर...
मैं...अपने ऑफिस का काम जल्द से जल्द निपटाने में व्यस्त था तभी मुझे कुछ हल्की सी...
अभी तक आपने पढ़ा कि बसंती लगातार रितु की देखभाल करती रही, क्योंकि उसे डर था कि बे...
अधूरी किताब – सीजन 2एपिसोड 15: पहले लेखक का उत्तराधिकारीपूरा शहर अंधेरे में डूब...
प्राग की सर्द रात थी।व्लतावा नदी के किनारे हवा में नमी थी, और शहर की रोशनी पानी पर सुनहरी झिलमिलाहट फैला रही थी।वहीँ एक कैफ़े की खिड़की के पास बैठा था , आर्यन मल्होत्रा,अपने महंगे...
शाम का समय था। आसमान में काले बादल छाए हुए थे और हल्की-हल्की बारिश पूरे शहर को भिगो रही थी। रेलवे स्टेशन की पुरानी छत से पानी की बूंदें लगातार टपक रही थीं। प्लेटफॉर्म पर लोगों की भ...
कहावत है कि जोड़ियां आसमान में बनती हैं, लेकिन कबीर और अवनि की जोड़ी दिल्ली मेट्रो के राजीव चौक स्टेशन पर एक ज़ोरदार दुर्घटना के साथ ज़मीन पर उतरी थी। शाम के छह बजे थे। मेट्रो स्ट...
पहली बारिश, पहला प्यार शाम धीरे-धीरे शहर पर उतर रही थी। आसमान बादलों से भरा था और बारिश की छोटी बूंदें खिड़कियों पर ऐसे गिर रही थीं जैसे कोई पुराना गीत चुपचाप बज रहा हो। र...
शाम का समय था । जानवी अपने पापा अशोक मुखर्जी से अपने पसंद के लड़के से शादी करने की जिद कर रही थी । जिस कारण से अशोक अपनी एकलौती बेटी जानवी को डांटता है । अशोक धनबाद शहर का एक जाना...
एपिसोड 1: रिश्तों की नीलामीशहर की रफ़्तार शाम ढलते ही और तेज़ हो गई थी, लेकिन 'खन्ना मेंशन' के भीतर वक्त जैसे ठहर गया था। यह घर नहीं, संगमरमर से बना एक आलीशान ताबूत लगता था...
अध्याय १: मुंबई की मिट्टी और बचपन की महक मुंबई। सपनों का शहर, जहां हर कोई कुछ बनने की जद्दोजहद में लगा रहता है। सी-लिंक की चमक के पास, एक साधारण से इलाके में रहती थी **निधि...
पटना की गलियों में सुबह की पहली किरणें चाय की दुकानों को जगातीं। कचौड़ी-समोसे की खुशबू हवा में घुली हुई थी। इस जीवंत मोहल्ले में रिया का छोटा सा घर था – पुरानी ईंटों की दीवारें, ले...
इन हवाओ मे इन फिजाओ मे तुझ को मेरा प्यार पुकारे.. आजा आजा तुझ को मेंरा प्यार पुक रुक ना पाऊं मैं सजती आऊं मे दिल को ज़ब दिलदार पुकारे इस गीत की पंक्तियों न...
बेरहम सईया यह उनकी तीसरी एनिवर्सरी थी और प्राची खुशी-खुशी अपने पति के लिए एक शानदार डिनर की तैयारी कर रही थी, नितिन काम के सिलसिले में बाहर था लेकिन वह कभी भी घर आ जाता था, जिससे व...
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