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सड़क के किनारे लगा इकलौता पीला बल्ब बारिश की तेज़ बौछारों के बीच किसी बीमार इंसान...
आधी रात, कमराShreya Karan से लगी हुई है, पर उसका पूरा शरीर बर्फ जैसा था—इतना ठंड...
क्या मैं मृत्युलो...
रावल खुमाण (820-860 ईसवी)खुमाण बाप्पा रावल के सीधे वंशज थे। यद्यपि उनके बीच चार...
तुम्हारे हिस्से का मौन मेरे हिस्से में आया.... और तेरा मन मेरे मन को भाया.....या...
---*मेरी डिग्री बेकार नहीं है *लेखिका: डॉ वंदना शर्मा*वो एक गुनगुनी धूप से सजी स...
अध्याय 3: नियति का ज्वारविराज अपने अंतर्मन की गहराइयों में उतरने ही वाला था, अपन...
उसका शिकारलेखन: कुमार (भयकथासूर)हर्षदा और रवि की शादी को मुश्किल से तीन महीने हु...
राघव बोलता है, चलो एक बार जाकर देख लिया जाए क्या है, उस हवेली में? सौरव कहता है,...
बाप्पा रावल (728-758 ईसवी)पिता नागादित्य एवं माता कमलावती के पुत्र बाप्पा, गुहिल...
महाभारत की कहानी - भाग- १ शिखंडी की कहानी और भीष्म की इच्छामृत्यु प्रस्तावना संपूर्ण महाभारत पढ़ने वाले लोगों की संख्या बहुत कम है। अधिकांश लोगों ने महाभारत की कुछ कहानी पढ़ी, सु...
देवक़ेड़ा का रहस्य छत्तीसगढ़ के भिलाई शहर की चकाचौंध से लगभग 200 किलोमीटर दूर, जहाँ मोबाइल के सिग्नल साथ छोड़ देते हैं और सड़कों की जगह ऊबड़-खाबड़ पगडंडियाँ ले लेती हैं, वहाँ बसा...
बहुत लंबे और थकान भरे दिन के बाद अगर जिंदगी में कहीं सुकून है तो वो है सिर्फ़ ये मसाला चाय! मैं अपने घर की बालकनी में एक खाट पर बैठी थी। पास में एक हुक्का रखा हुआ था जिसे मैं घूरे...
मैं, सतोशी नाकामोतो, और एक लकड़ी का फलसफ़ा चारों तरफ घना अँधेरा। मैं एक अजीब सी जगह पर था। मैंने अपने हाथों को देखने की कोशिश की, पर वहाँ कुछ था ही नहीं, सिर्फ घुप्प अँधेरा। "...
** कुछ अधूरी कहानियाँ कभी पीछा नहीं छोड़तीं। ## **अध्याय 1: पुराना ठिकाना और नई शुरुआत** अमित ने भारी सूटकेस को जमीन पर रखा और गहरी सांस ली। कमरा छोटा था, लेकिन उसकी खिड़की स...
एपिसोड 1: वीरान हवेली की अनकही दस्तक पहाड़ों की ऊँचाइयों पर, घने चीड़ के पेड़ों के बीच छिपी हुई थी— नीलगिरी हवेली। लेकिन अब— यहाँ सिर्फ सन्नाटा था। ऐसा सन्नाटा, जो कानों...
मां कमरे में बड़बड़ाते हुए दाखिल होती है ....ये लड़की पता नही कब सुधरेगी ...!! वंदना: 8 बज गए है । सूर्य देवता सर पर है ,पर राजकुमारी अभी तक सोई हुई है ( वो खिड़की का परदा हटाते...
अंक एक (मुंबई का फुटपाथ। आधीरात के बाद का समय। वाहनों का आना जाना बन्द हो गया है। तीन लोग सोए हुए हैं। तीनों की उम्र 20 से 30 वर्ष के बीच है। एक की नाक बजती है। फुटपाथ के किनार...
अध्याय 1: वीरान हवेली की पहली आहट पहाड़ों के बीच बसी वह जगह जितनी खूबसूरत थी, उतनी ही डरावनी भी। दूर-दूर तक फैली घनी चीड़ की जंगलों के बीच एक पुरानी हवेली खड़ी थी—नीलगिरी हवेली। द...
रात का अंधेरा बहुत गहरा था…आसमान में बादल ऐसे छाए थे जैसे किसी अनहोनी का इंतज़ार कर रहे हों। एक पुराने खंडहर जैसे महल के अंदर…लाल रोशनी टिमटिमा रही थी। वहीं धीरे-धीरे एक लड़की बाह...
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