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    बारिश और एक मुहब्बत की शुरुआत :पहली बारिश के उस दिन के बाद से जैसे मौसम ही बदल ग...

  • यमराज और Architect नेता

    आज से काफी दशक पहले यमलोक में भ्रमण करते हुए यमराज को यमलोक कि कार्यशैली में कुछ...

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  • सच्ची मित्रता

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  • मौत से भागती दुल्हन - 3

    शुभिका लगभग चीख पड़ी -अर्णव भागो!!उसकी आँखों में डर साफ था। लेकिन उससे ज्यादा डर...

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    कुछ लोग आपस में दबी आवाज़ में बात कर रहे थे। तभी उनमें से एक ने दूसरे से पूछा,...

  • अंधकार का जन्म

    मैंने दरवाज़ा खटखटाया, और अंदर से मेरी ही आवाज़ ने कहा—'आ जाओ, मैं तुम्हारा...

बारह बरश का इंतज़ार By kusum kumari

कुसुम सामने बैठे शीशे में खुद को घूरे जा रही थी। उसने खुद को देखा ! लाल साड़ी, बड़े-बड़े झुमके, माथे पे बिंदी, खुले बाल जो कमर तक थे, हाथों में चूड़ियाँ ! वो खुद को देख ही रही थी ज...

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Rebirth of a Bench By Amardeep Kumar

मैं, सतोशी नाकामोतो, और एक लकड़ी का फलसफ़ा
चारों तरफ घना अँधेरा।
मैं एक अजीब सी जगह पर था। मैंने अपने हाथों को देखने की कोशिश की, पर वहाँ कुछ था ही नहीं, सिर्फ घुप्प अँधेरा।
"...

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तेरहवा द्वार By InkImagination

भाग 1

शापित हवेली

रात के ठीक 3 बजकर 13 मिनट हुए थे।

पूरा गाँव गहरी नींद में डूबा हुआ था। बाहर तेज़ हवा चल रही थी। पेड़ों की सूखी शाखाएँ एक-दूसरे से टकराकर अजीब आवाज़ें निक...

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खण्ड - 01 महाराणा सहस्त्र वर्षों का धर्मयुद्ध By Hind Gaurav

रावल खुमाण द्वितीय 9वीं सदी में मेवाड़ के गहलोत वंश के शासक थे जो अरब आक्रमणों के खिलाफ हिंदू धर्म की सबसे बड़ी ढाल बने। उन्होंने भीनमाल के राजा नागभट्ट के साथ मिलकर सेनापति हाशिम...

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मौत से भागती दुल्हन By Sonam Brijwasi

बारिश इतनी तेज़ थी कि सड़कें धुंधली पड़ चुकी थीं…लाल जोड़े में लिपटी एक लड़की नंगे पाँव भाग रही थी…उसकी पायल बार-बार टूटे रास्तों में अटक रही थी… सांसें बिखर चुकी थीं… आँखों में डर...

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पवित्र बहु By archana

रात गहरा चुकी थी। चाँदनी खिड़की से भीतर गिर रही थी, लेकिन कमरे के माहौल में एक अनकही बेचैनी थी।

चित्रा की नींद गहरी थी, चेहरे पर मासूमियत… पर दिव्यम पूरी रात सो नहीं पाया।

वह...

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दरवाज़ा खुला था, पर उड़ने की हिम्मत मर चुकी थी By Praveen Kumrawat

दुनिया में कुछ घाव ऐसे होते हैं जो दिखाई नहीं देते। उनसे खून नहीं बहता, उनके लिए कोई पट्टी नहीं बंधती और न ही डॉक्टर की रिपोर्ट में उनका स्पष्ट उल्लेख मिलता है। फिर भी वे इंसान को...

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हैरानी - Ateet ki Yaadein By vishnupriya pandit

अस्पताल के उस वीरान कमरे में चारों ओर सफेद दीवारों का सन्नाटा पसरा हुआ था। केवल मशीनों की 'बीप-बीप' की आवाज़ उस सन्नाटे को चीर रही थी। रिया ने बहुत धीरे से अपनी पलकें झपकाई...

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अधूरी किताब: एक रूहानी दास्तान। By kajal jha

एपिसोड 1: वीरान हवेली की अनकही दस्तक

पहाड़ों की ऊँचाइयों पर, घने चीड़ के पेड़ों के बीच छिपी हुई थी— नीलगिरी हवेली।

लेकिन अब—

यहाँ सिर्फ सन्नाटा था।

ऐसा सन्नाटा, जो कानों...

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तनुदा का अपहरण By Dr. Suryapal Singh

तकनीकी दृष्टि से नाटकों से अधिक सक्षम माध्यम आज उपलब्ध हैं। महान वृत्तान्तों के साथ स्थानीय चटकीले रंग, संयोजन-विखण्डन, रडार छवि- संस्कृति, अतियथार्थता के बीच नाटकों का स्थान कहाँ...

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चारों तरफ घना अँधेरा।
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बारिश इतनी तेज़ थी कि सड़कें धुंधली पड़ चुकी थीं…लाल जोड़े में लिपटी एक लड़की नंगे पाँव भाग रही थी…उसकी पायल बार-बार टूटे रास्तों में अटक रही थी… सांसें बिखर चुकी थीं… आँखों में डर...

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लेकिन अब—

यहाँ सिर्फ सन्नाटा था।

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