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    Title: दुश्मनी के दरमियान इश्कPart 20: इश्क का अंजाम कभी-कभी…कहानियाँ खत्म नहीं...

  • चिप में कैद जिंदगी

    चिप में कैद ज़िंदगीलेखक: विजय शर्मा एरीप्रस्तावनातकनीक ने इंसान को जितना आज़ाद क...

  • शहद की गुड़िया - रंजन कुमार देसाई (37)

                                 शहद की गुड़िया - प्रकरण 37          " दादू बड़े खुश म...

  • Ishq ka Ittefaq - 3

    कॉरिडोर का वो अंधेरा कोना अब भी कबीर मेहरा की भारी साँसों से सुलग रहा था.सिया तो...

  • मुक्त - भाग 13

    एक लकीर...... उपन्यास लिखने की कोशिश, इसमें है हम लोग कैसे कैसे काम कर के भी यही...

  • महाभारत की कहानी - भाग 233

    महाभारत की कहानी - भाग-२३७ धृतराष्ट्र के पास नारद, पर्वत, वेदव्यास और युधिष्ठिरा...

  • Money Vs Me - Part 3

    मैं दिन भर कैफ़े में काम करता और शाम को सज संवर कर निकल जाता अपनी हीरोइन की तलाश...

  • भय से मुक्ति

    ऋगुवेद सूक्ति--(२५) की व्याख्या मंत्र (ऋग्वेद १/१४७/३)“दिप्सन्त इद्रिपवो नाहदेभु...

  • मंजिले - भाग 49

    परिक्रमा की ही साथ चलती पटरी की तरा है, एक से गाड़ी उतरी दूसरे पड़ चढ़ जाये, तो कहा...

  • सीप का मोती - 5

    भाग ५ "सुनेत्रा" ट्युशन से आते समय पीछे से एक लडके का आवाज आया। सुनीऔर मै पलटे म...

शहद की गुड़िया - रंजन कुमार देसाई By Ramesh Desai

15 अक्टूबर 2003 को दिल्ली की अस्पताल में मेरा जम्म हुआ था. उस वक़्त वक़्त तेज बारिश हो रही थी.मुझे देखकर मेरे माता पीता खुश हो गये थे.

मैं काफ़ी शरारती थी. नर्स ने मुझे प...

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Ishq ka Ittefaq By Alok

शहर की साफ और चौडी सडक पर कबीर मेहरा की नई' मेबैक' किसी काले चीते की तरह हवा से बातें कर रही थी. कबीर मेहरा—शहर का वो नाम जिससे बिजनेस के गलियारों में सन्नाटा पसर जाता था....

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मुक्त By Neeraj Sharma

कही से भी शुरू कर लीजिये आप को समझ पड़ जायेगी। ये कोई भी नकल के आधारत नहीं है, मै जिम्मेदारी लेता हुँ कि ये उपन्यास कुछ हट के है, जज्बात और भाबुक से बढ़ के कुछ जो रब करता है, हम हमेश...

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महाभारत की कहानी By Ashoke Ghosh

महाभारत की कहानी - भाग- १ शिखंडी की कहानी और भीष्म की इच्छामृत्यु   प्रस्तावना संपूर्ण महाभारत पढ़ने वाले लोगों की संख्या बहुत कम है। अधिकांश लोगों ने महाभारत की कुछ कहानी पढ़ी, सु...

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Money Vs Me By fiza saifi

लोग कहते हैं कि जीवन में पैसा ही सब कुछ होता है। यह बात मैं नहीं कहता—मेरे आसपास के सभी लोग कहते हैं। बचपन से ही मैं यह सुनता आया था कि अगर आपके पास पैसा हो, तो जीवन की हर चीज आसान...

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मंजिले By Neeraj Sharma

बात उन दिनों की है, एक मकान बना कर रहना, एक मिसाल और योग्यता थी। मकान अगर मंजिले हो, तो कया बात, बहुत अमीर समझे जाने वाला शक्श....." हाहाहा, "हसता हुँ, आपने पर.... ये दोगल...

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सीप का मोती. By manasvi Manu

कई सालों से मैं एक सपना देख रहा हूं, जहां सामने नीला पानी और किनारे पर फैली सुनहरी रेत... फिर एक पांव दिखता था सपने में ,जो हमेशा आधा पानी में होता और आधा किनारे पर । उस पांव की वह...

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Beginning of My Love By My imaginary world

बॉस… आपने जैसा कहा था, काम हो गया है…
वह उसी तरह एक पैर पर दूसरा पैर रखे, उस घने अंधेरे कमरे में कुर्सी को आगे-पीछे झुलाते हुए बैठा था।
छह फीट से भी लंबा उसका शरीर मानो उस अंधेरे...

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शब्द और सत्य By Shivraj Bhokare

1.प्रेम या व्यापार?

जिसे तुम प्रेम कहते हो, ज़रा उसकी तह में जाकर देखो,
क्या वो रूह का मिलन है, या बस एक गहरा समझौता?
तुमने जिसे अपना कहा, क्या उसे सच में जाना है?
या अपनी अध...

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पहली नज़र का जांदू By kajal jha

पटना की गलियों में सुबह की पहली किरणें चाय की दुकानों को जगातीं। कचौड़ी-समोसे की खुशबू हवा में घुली हुई थी। इस जीवंत मोहल्ले में रिया का छोटा सा घर था – पुरानी ईंटों की दीवारें, ले...

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शहद की गुड़िया - रंजन कुमार देसाई By Ramesh Desai

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