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समर्पित उन सभी स्त्रियों को जो किसी न किसी बंधन में जकड़ी हुई हैं।प्रस्तावनायह क...
Ep-1 दो दुनिया एक किस्मतदिल्ली.सुबह के ठीक आठ बजे.सर, नौ बजे लंदन ब...
मिट्टी में ज़हर घोलकर, कैसा स्वाद ढूंढते हो, बीमारियों की फसल बोकर, फौलाद ढूंढते...
भीड़ में अकेलीअध्याय–1 : एक अनजान संदेश रात के साढ़े दस बज रहे थे। शहर की ऊँच...
लोग कहते हैं कि बड़े शहर में आकर गाँव का इंसान बदल जाता है, पर कोई यह नहीं पूछता...
सुबह की हल्की धूप गाँव के पुराने घरों पर चमक रही थी।18 साल की आशी वर्मा, हल्के ग...
टाइटलमनोज: एक ज़िद्दी लड़के की कहानीडिस्क्रिप्शनमनोज एक छोटे शहर का लड़का है। उस...
*अध्याय 1: पुराना नक्शा*गर्मियों की छुट्टियां थीं। *विक्रम* लखनऊ से नानी के गांव...
घर में मेहमानों का ताँता लगा हुआ था और रसोई की पूरी कमान पड़ोस की ताईजी के हाथों...
GL story:- इस कहानी में 2 लड़कियों का किरदार है जिसमें पहेली लड़की जिसका नाम yuk...
पश्चिम बंगाल के कोलकाता में स्थित पांडुआ गाँव के जंगल में स्थित चंद्रताला मंदिर में वर्षों पहले राउभान नाम के चंद्रवंशी सामंत ने प्राप्त खजाने को प्रजा के हित में उपयोग किया जाए और...
एक सुबह मैं और मेरी पत्नी नाश्ते की टेबल पे बैठे थे जब नौकरानी एक तार लेके आइ। यह तार शेरलोक हॉम्ज़ की तरफ़ से था जिसमें संदेश कुछ ऐसा था: “क्या आप कुछ खाली दिन निकाल पाओगे? मुझे...
बात उस समय की है, जब मैं छै-सात साल का रहा हूंगा,अब मेरी उर्म करीब चालीस साल है,वो उस समय का माहौल था,जब लोगों को शहर की हवा नहीं लगी थी,जब लोग कहीं से अगर दूर की रिश्तेदारी निकल आ...
घबराई हुई सी पुर्णिमा तेज भागती हुई सीढ़ियों से नीचे उतरती है. और घबराहट में नीचे उतरती हुई वह दो खेड़ी एक ही बार में फांद जाती है, और सीधे बुआ जी से टकराती है. बुआ जी जोर से चिल्ल...
फूलझर वन जहाँ के फूल कभी भी कुम्हालाते नहीं थे,फूलझर वन सदैव किसी ना किसी पुष्पों की सुन्दरता से सुसज्जित रहता था,वहां की धरती पर सदैव पुष्प झड़ कर गिरते रहते हैं, इसलिए उसका नाम फू...
माया ने ये मान लिया था की चोट न केवल गहरे हिस्से पर बल्कि अपनी आत्मा पर भी गहरा असर छोड़ जाती है | चाहे वो गुस्सा हो , किसी से नफरत हो , उदासी हो , ख़ुशी हो या प्यार | इन में से कोई...
कजरी झोपड़पट्टी में रहने वाली बहुत ही मासूम, सुंदर-सी कमसिन एक बंजारन थी। बचपन से अब वह नाता तोड़ कर जवानी से रिश्ता जोड़ रही थी। पन्द्रहवाँ साल पूरा होने ही वाला था। उसके बाद नारी...
अचानक उस शहर से बच्चों की अर्थियां उठने लगी थी।सब हक्के बक्के थे। चारों और मातम पसरा हुआ था। किसी को कुछ खबर ना था की आखिर कार ऐसा क्या हुआ हैं जो इस शहर से बच्चें मारे जा रहे हैं।...
यह कहानी नफ़रत से प्यार तक की है। जिसमें मुख्य पात्र के रूप में रिया और अजय है। और यह कहानी पूरी तरह काल्पनिक है। ********* “अपने आप को समझते क्या हो तुम कितनी देर से हमारे प...
मुंबई शहर” सुबह के 7.00 बज रहे थे। “अराध्या” उठ कर बाथरूम की तरफ जाने लगी। तभी उसकी नज़र बेड से लगे टेबल पर गई । जहां एक तस्वीर रखी हुई थी। उसने तस्वीर को हाथ मे लिया और कहने लगी “...
यह कहानी कुछ ही दिन पहले की है। एक दिन मैं अपनी डायरी में कहानी लिख रहा था। तभी मेरी खिड़की के पास एक बिल्ली आ गई। वह “म्याऊँ-म्याऊँ” कर रही थी। मैंने उसे प्यार से “पूसी” कहकर बु...
प्रतिज्ञा उपन्यास विषम परिस्थितियों में घुट घुट कर जी रही भारतीय नारी की विवशताओं और नियति का सजीव चित्रण है। प्रतिज्ञा का नायक विधुर अमृतराय किसी विधवा से शादी करना चाहता है ताकि...
इत्तफाक की बात कि दक्ष के एक और पुत्री थी - विजया। वह सुन्दर नहीं थी। बुद्धिमान तो थी, पर काफी बुद्धिमान नहीं। किसी पुरुष ने उसकी कामना नहीं की, इसलिए वह बिन ब्याही रह गयी। वह प्रौ...
रसोई से सुबह सुबह आती कचोरी और हलवे के घी की खुशबू किसी खास अवसर के होने की गवाही दे रही थी. चटोरों के शहर इंदौर के वैशाली नगर का ये घर जिसके बाहर नेमप्लेट पर ऊपर बड़े बड़े अक्षर में...
दुनिया में बहुत ही कम ऐसे लोग होते हैं जो जिंदगी जीना जानते हैं उनको पता रहता है कि गमों में भी खुशियां कहां से ढूंढनी है ऐसी ही थी हमारी मीराफिर ऐसा क्या हुआ कि मीरा वो मीरा नहीं...
LOVE AT FIRST SIGHT ....Lucky ?कहते है कि दुआ करता हूँ की तेरी फतैह हो जिस का नाम है तैरे दिल पे,वही तेरी क्विन हो, चल उठ और ढुंढ अपनी मंजिल...
ये 1919-ई- की बात है भाई जान जब रौलट ऐक्ट के ख़िलाफ़ सारे पंजाब में एजीटेशन होरही थी। मैं अमृतसर की बात कररहा हूँ। सर माईकल ओडवायर ने डीफ़ैंस आफ़ इंडिया रूल्ज़ के मातहत गांधी जी का दाख़...
शहरयार और शाहजमाँ की कहानी?? फारस देश भी हिंदुस्तान और चीन के समान था और कई नरेश उसके अधीन थे। वहाँ का राजा महाप्रतापी और बड़ा तेजस्वी था और न्यायप्रिय होने के कारण प्रजा को प्रि...
’’करवट बदलता भारत’’ 1 काव्य संकलन- वेदराम प्रजापति ‘’मनमस्त’’ समर्पण— श्री सिद्ध गुरूदेव महाराज, जिनके आशीर्वाद से ही कमजोर करों को ताकत मिली, उन्हीं के श्री चरणों मे...
घना जंगल, जहाँ सूरज की किरणें भी मुश्किल से पहुँचती थीं, वहाँ एक रहस्यमयी और भयावह कहानी जन्म ले चुकी थी। इस जंगल के भीतर एक छोटा सा गाँव बसा था, जिसका नाम था 'काली वन'। यह...
एक छोटी सी बच्ची , रोते हुए मुंबई की गलियों में भाग रही थी | उस बच्ची की रोने की आवाज़ , हर कोई गुज़रता हुआ इन्सान सुन सकता था | बच्ची का नाम कायरा , जो अभी सिर्फ दो साल की ही थी | उ...
अबीर… नाम जितना सीधा, स्वभाव उतना ही उल्टा। उसे ना कल की चिंता थी, ना आज की कद्र। जिंदगी उसके लिए एक खुला मैदान थी जिसमें उसे बस आज़ादी से दौड़ते जाना था। बिना किसी मंज़िल के। हर स...
"अरे बहू रोटी ना बनी के अभी तक! अंधेरा घिरने को आया! तुझे पता है ना! मुझे सूरज छिपते ही खाने की आदत है!" "अम्मा वो उपले गीले थे ना इसलिए आंच जल ही ना रही थी। मैं तो इतनी देर से लगी...
दुनिया में ऐसी कई जगह हैं जो सुनसान हे और रहस्यमय भी हे. इस रहस्यमय जगह पर जाने से भी कुछ लोग डरते हैं. ऐसी ही एक जगह के बारेमे आज हम जानेगे. उस जगह का नाम भानगढ़ है जिस के बारेमे...
उस दिन बिशप वहां पधारने वाले थे। सैंतिएगो नासार तड़के साढ़े पाँच बजे ही उठ गया था ताकि वह भी बिशप को लाने वाली नाव का इंतज़ार कर सके। उस अभागे को क्या मालूम था कि वह उस दिन आखिरी...
मेरे घर आना ज़िंदगी आत्मकथा संतोष श्रीवास्तव (1) ज़िंदगी यूँ हुई बसर तनहा काफिला साथ और सफर तनहा जो घर फूँके आपनो कबीर मेरे जीवन में रचे बसे थे। खाली वक्त कभी रहा नहीं। रहा भी तो कबी...
प्रीतमपुरा गाओ मे एक मध्यम वर्गीय पति पत्नी रहते थे जिनका नाम सरला ओर खिमजी था।उनकी १५ ओर १६ साल की दो बेटियां थी एक निशा ओर दूसरी नियती।निशा नियती से १ साल बड़ी थी।निशा स्वभाव मे...
शंकर ओ रे शंकर। हां भाभी, क्या हुआ काहे हमारा नाम पुकारे जा रही हो ? अरे वक्त देख। तेरे भैया वहां खेत पर खाने की राह देख रहे होंगे और तू यहां खाट तोड़ रहा है। भाभी हम तो खे...
सन्नाटे की गूँज माया की ज़िंदगी एक खाली कमरे की तरह थी—चुपचाप, उदास और अकेली। तीस साल की हो चुकी थी वह, लेकिन शादी का ख्याल उसके मन के किसी कोने में दफन हो चुका था। वह एक छोटे से...
नई चेतना ----लाला धनीराम की गिनती रामपुर के धनाढ्य लोगों में होती थी । अनाज के थोक व्यापार के अलावा उनकी धान कूटने की मशीन थी । मसाला कूट कर उसकी पैकिंग करके आसपास के शहरों में वि...
ये बात आज से बहुत पहले की है जब सामाजिक कुरीतियों और वीभत्स प्रथाओं का समय हुआ करता था। उस समय एक राज्य था नागोनी होरा, ये एक आदिवासी राज्य था यहाँ उस समय सभी प्रकार की सामाजिक कुर...
एक गरीब लड़का था एक छोटे से गांव मे रहता था.फेमिली मे उसकी माँ और उसका पापा ही था | बाप बहुत बीमार रहता था और उसकी माँ लोगो के यहा बर्तन कपड़े धोने का काम करती थी| लड़के का...
जीवन के नाज़ुक मोड़ पर खड़ी थी उसकी ज़िंदगी। उम्र ने उसे कई चुनौतियों का सामना करना सिखाया था, परंतु जो उसे सबसे ज़्यादा छू गया था, वह था प्यार का बुख़ार। उसके दिल में अदा-ए-मोहब्ब...
मेरा जन्म गोरखपुर से लगभग 20 कि.मी.दूर खजनी के एक गाँव विश्वनाथपुर में को हुआ था | यह गाँव सरयूपारीण ब्राम्हणों के सुप्रसिध्ध गाँव सराय तिवारी का ही एक हिस्सा था | मेरे गाँव से लगभ...
{ एक सड़क से गुजरते हुए दो लोग. } ओ हेल्लो मिस्टर कहा चले. बिना बताए जरा हमे भी बताओ. तो हम भी चलते साथ में. मुझे तुम्हारी जरूरत नहीं है. में अलेका ही काफी हू. और हा बहेरबानी...
15 अक्टूबर 2003 को दिल्ली की अस्पताल में मेरा जन्म हुआ था. उस वक़्त वक़्त तेज बारिश हो रही थी. मेरा चेहरा देखकर मेरे माता पिता खुशी से पागल हो गये थे. मैं काफ़ी शरारती थी...
तीसरा मोर्चा सारा मोहल्ला साँय-साँय कर रहा था। रहमान को राहुल कहीं नज'र नहीं आया। वह कुछ देर परेशान-सा राहुल के घर के सामने खड़ा रहा, फि़र जाने कैसे उसे इस सन्नाटे से भय लगने लग...
"इन्हीं लोगों ने.. इन्हीं लोगों ने.. इन्हीं लोगों ने ले लीना.. दुपट्टा मेरा" दोस्तों शायद ही ऐसा कोई हो जिसने इस गाने को नहीं सुना होगा और इस गाने को सुनते ही आंखों क...
यह कहानी किसी भी जाति वर्ग स्थान भाषा धर्म लिंग से मैच नहीं खाती है इसे लिखने का मुख्य उद्देश्य सिर्फ मनोरंजन है और इसे मनोरंजन के लिए ही लिखा गया है फिर भी अगर कुछ तथ्य मिलते हैं...
हिंदी में पहली बार एक धारावाहिक लिख रहा हूं। शायद पसंद आयेगी। धारावाहिक के मुख्य किरदार शुभम है जो एक डॉक्टर है। डॉक्टर शुभम के जीवन की अनूठी कहानी। प्यार एक अनुभव है, यह द...
हेलो दोस्तों मैं एक नई कहानी आपके लिए पेश कर रही हूं। अभी उसका टाइटल क्या लिखूं वह मुझे समझ नहीं आया इसलिए लावण्या कर दिया है। स्टोरी के आगे के पार्ट रिड करके सोचकर आप मुझे सजेस्ट...
आर्यन तेरह साल का हो गया। कल उसका बर्थडे था। इस जन्मदिन को लेकर वो न जाने कब से इंतजार कर रहा था। वो बेहद एक्साइटेड था। होता भी क्यों नहीं, आख़िर ये बर्थडे उसके लिए बेहद ख़ास था। उ...
आवश्यक सूचना- इस उपन्यास में स्थानों के नाम तो वास्तविक हैं पर इसकी कहानी और पात्र नितांत काल्पनिक हैं. ____________________________________ प्रथम परिच्छेद *** 'भीख माँग...
टूटे हुए दिलो का अश्पताल l नमस्ते दोस्तो वापस आ गया हु में। फिर एक नई कहानी के साथ. तो चलो आओ शुरू करते करते है। यह कहानी एक काल्पनिक है कृपया इसको कहानी की तरह ले। आज कल...
दुर्घटना संध्या समय की चंचलता अपने मोहक वातावरण मे सूर्य की लाली संग एक अद्धभुत नजारे मे ढल रही हैँ इस समय एक खामोश सडक पर सुभाष अपनी मंजिल की ओर बेखौफ बड़े जा...
नमस्ते मित्रो हम आपके लिए एक अनोखी कहानी लेकर आए है। सो चलो शुरू करते है। सबसे पहले मिल लेते है। फैमिली वालो को फैमिली में सबसे पहले आपको मिलवाते है रुद्र से। रुद्र एक कंपनी में जॉ...
रूही अपने कमरे में अकेली बैठी अपने पास ही रखे शादी के लाल जोड़े को देख रही थी, और मन ही मन सोच रही थी, कि जब वह राहिल से शादी कर के अपने ससुराल चली जायेगी फिर उसका जीवन कैसा होगा,...
नाज़िम जब बांद्रा में मुंतक़िल हुआ तो उसे ख़ुशक़िसमती से किराए वाली बिल्डिंग में तीन कमरे मिल गए। इस बिल्डिंग में जो बंबई की ज़बान में चाली कहलाती है, निचले दर्जे के लोग रहते थे। छोटी...
राजर्षि के सम्बन्ध में कुछ कहने का अनुरोध किया गया है। कहने को विशेष कुछ नहीं है। इस बारे में मुख्य वक्तव्य यही है कि यह मेरा स्वप्न में उपलब्ध उपन्यास है। बालक पत्रिका की संपादिक...
शेख़ मुसलहुद्दीन (उपनाम सादी) का जन्म सन् 1172 ई. में शीराज़ नगर के पास एक गांव में हुआ था। उनके पिता का नाम अब्दुल्लाह और दादा का नाम शरफुद्दीन था। 'शेख़' इस घराने की सम्म...
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