महिला विशेष कहानियाँ पढ़े और PDF में डाउनलोड करे

Stories and books have been a fundamental part of human culture since the dawn of civilization, acting as a powerful tool for communication, education, and entertainment. Whether told around a campfire, written in ancient texts, or shared through modern media, Women Focused in hindi books and stories have the unique ability to transcend time and space, connecting people across generations and cult...Read More


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मैं पापन ऐसी जली--भाग(२६) By Saroj Verma

भाइयों के जाने के बाद सरगम तो जैसे टूट सी गई थी,उसे अभी तक भरोसा नहीं हो रहा था कि उसके भाई माधव और गोपाल अब इस दुनिया में नहीं हैं और उसकी माँ सुभागी अब तक अपनी सुध बुध बिसराए बैठ...

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जहाँ चाह हो राह मिल ही जाती है - भाग - 8 By Ratna Pandey

उधर शक्ति सिंह अपनी बेटी नीलू को ढूँढने का भरसक प्रयास कर रहे थे और इधर नीलू ने उस इमारत के अंदर जाकर सब लड़कियों से बात की, वह हर लड़की से उसके बारे में सब कुछ जानना चाह रही थी। उ...

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अरे बहु लाये थे या नौकरानी By Sumit Singh

मुझे आज भी वह दिन याद है जब मैं अपनीशादी के 3 साल बाद हिन्दुस्तान वापस आया था, घर का हर शक्स एयरपोर्ट पर मौजूद था, जिसमें मेरी 2 साल की बेटी आलिया भी थी। मेरी आंखें दीपा को ढूंढ रह...

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क्या तुमने - भाग - ९  By Ratna Pandey

सखाराम ने बसंती के माता-पिता से माफ़ी मांगते हुए कहा, “समधी जी मुझे ऐसा लगता है कि अब मोहन कभी नहीं सुधरेगा। हमें अब उसकी पुलिस में शिकायत कर देनी चाहिए। उनके डर से शायद वह …” “पता...

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अटूट प्यार.. By Saroj Verma

गाँव के एक पक्के मकान के पीछे के दरवाजे से एक मर्द और औरत चोरों की तरह आगे पीछे देखते हुये मकान से बाहर निकले, सामने सूरज ढल रहा था और उसकी किरणें सीधी उनके मुँह पर पड़ रही थीं,मर्द...

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दलदल से बाहर By Bhavana Shukla

दलदल से बाहर...   (डॉ.भावना शुक्ल ) ===============  आज मन बहुत प्रफुल्लित हो रहा था गर्मी की छुट्टी बिताने के बाद अपने घर जा रहे थे अब  प्रतीक्षा समाप्त हो रही थी जल्दी ही परिवार...

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नियति By Bhavana Shukla

नियति  ..(कहानी) कहानीकार ....डॉ.भावना शुक्ल ========================================== चारों ओर की आवाजें बच्चों का शोर ,मंदिर जी शंख ध्वनि का स्वर नियति को बैचैने कर रहा था .तभी...

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अलौकिक दुनिया.. By Saroj Verma

"सुना है कल गाँव में लोगों को एक डायन दिखी",अहमद अली बोले... "आप इन सब बातों पर भरोसा करते हैं",रहमान मियाँ ने पूछा... "मैं तो ऐसी बेतुकी बातों पर बिल्कुल भरोसा नहीं करता,ना कभी आँ...

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रश्मिरथ By prabhat samir

डाॅ. प्रभातसमीर इस नए प्रकार के महाभारत का सू़त्रपात उसी दिन हो गया था, जिस दिन राघव अपनी बेटी रमा का रिश्ता लेकर मिश्रा के घर गए थे । पीढ़ियों से राघव के घर में अड्डा जमाए बैठी लक्...

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मुखियाईन... By Saroj Verma

"क्यों री! आज फिर तेरी देह पर चोट के निशान हैं,आज फिर मारा क्या लल्लू ने तुझे"?, मुखियाईन ने अपनी मेहरी(कामवाली) गुन्जा से पूछा.... "क्या बताऊँ मुखियाईन कल रात फिर पीकर आया था वो,म...

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सफल औरत के पीछे कौन? By Sushma Tiwari

आरोही अब सच में अफसोस कर रही थी, ये कैसी गलती हो गई उससे! अमित ने कहा था कि ज्यादा आज्ञाकारी मत बनो, पर उसे ही भूत सवार था कि घरवालो को कम से कम बता देना सही है। अमित ने कहा भी था...

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मैं पापन ऐसी जली--भाग(२६) By Saroj Verma

भाइयों के जाने के बाद सरगम तो जैसे टूट सी गई थी,उसे अभी तक भरोसा नहीं हो रहा था कि उसके भाई माधव और गोपाल अब इस दुनिया में नहीं हैं और उसकी माँ सुभागी अब तक अपनी सुध बुध बिसराए बैठ...

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जहाँ चाह हो राह मिल ही जाती है - भाग - 8 By Ratna Pandey

उधर शक्ति सिंह अपनी बेटी नीलू को ढूँढने का भरसक प्रयास कर रहे थे और इधर नीलू ने उस इमारत के अंदर जाकर सब लड़कियों से बात की, वह हर लड़की से उसके बारे में सब कुछ जानना चाह रही थी। उ...

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अरे बहु लाये थे या नौकरानी By Sumit Singh

मुझे आज भी वह दिन याद है जब मैं अपनीशादी के 3 साल बाद हिन्दुस्तान वापस आया था, घर का हर शक्स एयरपोर्ट पर मौजूद था, जिसमें मेरी 2 साल की बेटी आलिया भी थी। मेरी आंखें दीपा को ढूंढ रह...

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अटूट प्यार.. By Saroj Verma

गाँव के एक पक्के मकान के पीछे के दरवाजे से एक मर्द और औरत चोरों की तरह आगे पीछे देखते हुये मकान से बाहर निकले, सामने सूरज ढल रहा था और उसकी किरणें सीधी उनके मुँह पर पड़ रही थीं,मर्द...

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सफल औरत के पीछे कौन? By Sushma Tiwari

आरोही अब सच में अफसोस कर रही थी, ये कैसी गलती हो गई उससे! अमित ने कहा था कि ज्यादा आज्ञाकारी मत बनो, पर उसे ही भूत सवार था कि घरवालो को कम से कम बता देना सही है। अमित ने कहा भी था...

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