लघुकथा कहानियाँ पढ़े और PDF में डाउनलोड करे

Stories and books have been a fundamental part of human culture since the dawn of civilization, acting as a powerful tool for communication, education, and entertainment. Whether told around a campfire, written in ancient texts, or shared through modern media, Short Stories in hindi books and stories have the unique ability to transcend time and space, connecting people across generations and cult...Read More


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  • सपनों का सफ़र

    राहुल का जन्म एक छोटे से कस्बे में हुआ था। उसका घर कच्चा था, छत से बारिश की बूँद...

  • Sex vs ब्रह्मचारी

    भाग 1 – आरंभअर्जुन एक साधारण परिवार का युवक था। वह पढ़ाई में अच्छा था और बचपन से...

  • सच्चे गुरु का प्रकाश

    हिमालय की गोद में बसे एक छोटे से गाँव में आदित्य नाम का एक युवक रहता था। आदित्य...

प्रेम के ईर्ष्यालु By Rajeev kumar

  अमवा के पेड़ के मुंडेर पर बैठी कोयलिया ’’ कुहू- कुहू ’’ की आवाज से गीत गा रही थी। किस फुनगी पर बैठी थी इसका पता स्पष्ट रूप से नहीं चल रहा था।नीचे नदी का पानी कल-कल बह कर मधुर राग...

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कश्मकश By Nandini Sharma

रात का सन्नाटा पूरे शहर को ढक चुका था। घड़ी की सुइयाँ बारह बजा रही थीं, लेकिन अन्वी की आँखों में नींद का नामोनिशान नहीं था। कमरे की मेज़ पर मेडिकल की मोटी किताबें खुली पड़ी थीं—एना...

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प्यार का इम्तहान By Rajeev kumar

  नज़रें इनायत हो रही थी, सारी बातें आँखों आँखों में ही हो रही थी। किसी को भी इश्क की भनक लगने की किसी भी प्रकार की गुंजाइश नहीं थी, ऐसा तो काव्या और गौरव समझ रहे थे। इश्क और मुश्क...

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दांव-पैर By Deepak sharma

उस दिन दसवीं कक्षा का मेरा आखिरी पर्चा खत्म हुआ था और मैं दोपहर की गाड़ी से मां के पास कस्बापुर वापिस जा रहा था। पिछले महीने से मां और मैं संग- संग न रहे थे। अपनी टाएफ़ड के कारण कस...

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सपनों का सफ़र By ajay

राहुल का जन्म एक छोटे से कस्बे में हुआ था। उसका घर कच्चा था, छत से बारिश की बूँदें टपकती थीं, और पिता की किराने की दुकान से मुश्किल से घर का खर्च चलता था। लेकिन गरीबी के बावजूद राह...

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दीया और तूफान By Nandini Sharma

बचपन से ही मीरा की आँखों में सपनों का समंदर था। छोटे-से कस्बे में जन्मी मीरा अक्सर आँगन में बैठकर आसमान को ताकती और सोचती—“क्या लड़कियों के सपनों की कोई सीमा होती है?” उसकी माँ मुस...

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लूसिफ़र - अँधेरों का शहज़ादा By Bikash parajuli

अध्याय 1: रौशनी का दूतबहुत समय पहले स्वर्ग के साम्राज्य में एक फ़रिश्ता था – लूसिफ़र।वह सबसे सुंदर, सबसे बुद्धिमान और सबसे चमकदार था। उसकी आवाज़ से संगीत बहता था, उसके पंखों से रौश...

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Trupti - 1 By sach tar

भारी मन से तृप्ति रिक्शे से उतरी, रेलवे स्टेशन सामने ही था।  रिक्शे वाले को पैसे चुकाकर उसने अपना सामान उठाया और स्टेशन की और चल पड़ी।  अभी वो दस कदम भी नहीं चल पायी थी की अनायास उस...

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सादगी से मोहब्बत तक By Payal Author

हरी-भरी खेतों से घिरे एक छोटे से गाँव में गौरी नाम की लड़की रहती थी। बड़ी-बड़ी आँखें, चेहरे पर मासूमियत और बातें ऐसी कि सुनने वाला दिल से जुड़ जाए। गौरी का संसार बहुत छोटा था – घर,...

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भय की छाया By AKANKSHA SRIVASTAVA

रात का समय था। शहर की गलियों में एक सन्नाटा पसरा हुआ था, और सड़कों पर दूर-दूर तक कोई नजर नहीं आ रहा था। प्रीति, जो अभी-अभी अपने काम से लौट रही थी, जल्दी से अपने कदम बढ़ा रही थी। उस...

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किसी के जाने से जिंदगी बदल गई By riya pandey

हम सब की ज़िन्दगी में कुछ न कुछ ऐसा होता है जिसे जितना भूलना चाहे भुल नहीं पाते ,.....आज 3 साल हो गय....Dear डायरी..........!तुम्हें तो पता है कि मेरे दिल की बात बस तुम ही जानती हो...

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रामायण- मर्यादा पुरुषोत्तम राम की मार्मिक कथा By Nandini Sharma

 बालकाण्डअयोध्या नगरी सरयू तट पर बसी एक ऐसी भूमि थी, जहाँ धर्म और न्याय की गंगा बहती थी। वहाँ के राजा दशरथ प्रतापी, धर्मनिष्ठ और प्रजावत्सल थे। अयोध्या में सब कुछ था, किन्तु दशरथ क...

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गोल रोटियों का सफ़र By AKANKSHA SRIVASTAVA

"प्रेम, परंपरा और परिपूर्णता की कहानी" गोल रोटी—सुनने में जितनी साधारण, बनाने में उतनी ही कठिन! यह भारतीय रसोई की वह कारीगरी है, जिसे हर नवविवाहिता से लेकर अनुभवी गृहिणी तक परिपूर्...

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Sad Story By Mohd shabab

दूर घाटी में वो बस्ती देख रहे न साहब वही पे मेरा घर था वही मेरा बाप चाय के बागान में काम किया करता था, बहुत हसमुख इंसान था मेरा बाप सारे वर्कर उसकी बहुत इज़्ज़त किया करते थे यूनियन क...

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विपरीत ध्रुव By Deepak sharma

  विषय नाज़ुक है और स्थिति जटिल….. पत्नी मेरी प्रेमपात्र है और पति मुझे अपना विश्वासपात्र बनाए चले जा रहा है….. “तुम्हारी मै'म ने आजकल घर को मुक्केबाज़...

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Unsafe Environment By AKANKSHA SRIVASTAVA

"हाय मॉम, कैसी है आप?""बेटा मैं ठीक हूँ, तू ठीक है ना। ""क्या मॉम!ऑलवेज सेम क्वेश्चन रिपीट!हद है माँ, पहले रटती थी कि खाना खाया नहीं खाया, दिन कैसा गया तेरा और अब तू ठीक है ना, तू...

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कर्नल का कोर्ट मार्शल By Devendra Kumar

  कर्नल का कोर्ट मार्शल  -देवेन्द्र कुमारकर्नल  एम.पी. सिंह, पी.वी.एस.एम को फौज से रिटायर हुए लगभग 10/12 वर्ष हो चुके थे| रिटायर होने के बाद उन्होंने दिल्ली में द्वारका सेक्टर 7 की...

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वाह ! बेटा वाह ! - भाग 2 By H.k Bhardwaj

        ■  वाह  ! बेटा वाह! ■ भाग 02(एक कलियुगी बेटे की करतूत पिता के प्रति)                ( भाग 02)-------------------------------------------------------------------------------...

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You Are My Choice - 65 By Butterfly

आकाशजैसे ही विमान चंडीगढ़ की रनवे पर उतरा, शाम की धुंध आसमान पर उतरने लगी थी। मैं अपनी सीट पर पीछे झुक गया और उस छोटे से गोल खिड़की से दूर दिख रही पहाड़ियों को देखने लगा। रोशनी ढल...

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राम और हिमालय की गाथा By Bikash parajuli

बहुत समय पहले, त्रेता युग में जब अयोध्या में भगवान राम का राज्याभिषेक हुआ, तो पूरी धरती पर सुख-शांति का युग छा गया। प्रजा खुशहाल थी, ऋषि-मुनि अपने आश्रमों में साधना कर रहे थे और वन...

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तुम्हारा ही इंतजार है By S Sinha

                                                                                 तुम्हारा ही इंतजार है       उस दिन किसी को उम्मीद नहीं थी कि मुंबई में इतनी तेज बारिश होगी  . अभी त...

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अनजानी सी दूरी By InkImagination

कहानी शीर्षक: "अनजानी सी दूरी"लेखिका: InkImaginationप्रस्तावनाकभी-कभी दोस्ती समय की कसौटी पर टूटने लगती है, लेकिन एक छोटी सी कोशिश उसे फिर से जिंदा कर सकती है। यह कहानी है सिया और...

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जाने कहां गए वो दिन By Nandini Sharma

जाने कहां गए वो दिनसंध्या का समय था। सूर्य अपनी अंतिम किरणों को धरती पर बिखेर रहा था। हवा में हल्की ठंडक घुली हुई थी, और पीपल के पेड़ की पत्तियाँ सरसराहट कर रही थीं। गली के कोने पर...

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बिकाश – एक गाथा By Bikash parajuli

अध्याय 1 – मासूम शुरुआतनेपाल की तराई का एक छोटा-सा गाँव।हरी-भरी खेतियाँ, चारों ओर फैली हवा में मिट्टी की खुशबू, और बीच में एक मिट्टी का घर – यही था बिकाश का संसार।बचपन से ही उसकी आ...

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किस – एक गाथा By Bikash parajuli

अध्याय 1 – नई शुरुआतदिल्ली यूनिवर्सिटी का कैंपस।साल 2030।बारिश की हल्की फुहारें और कैम्पस के पुराने पेड़ों के नीचे चहल-पहल।यहीं पहली बार अर्जुन ने सिया को देखा।सिया सफेद कुर्ते और...

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उसका पहला गुरु-दक्षिणा By InkImagination

कहानी शीर्षक: "उसका पहला गुरु-दक्षिणा"लेखिका: InkImaginationप्रस्तावनाकभी-कभी एक शिक्षक सिर्फ किताबों का गुरु नहीं, बल्कि जिंदगी का मार्गदर्शक बन जाता है। यह कहानी है 12वीं कक्षा...

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तुम और तुम्हारा साथ By Arya Tiwari

अध्याय 1: पहली सुबहअमला गाँव की घाटी में सूरज की सुनहरी किरणें गिर रही थीं।बेंच पर रेशु पहले से ही बैठी थी, हाथ में कॉफी का कप।आर्या धीरे-धीरे वहाँ पहुँचे, हाथ में ताज़ा कॉफी।“तुम...

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2050 – भविष्य की कहानी By Bikash parajuli

अध्याय 1 – नई सुबहसाल 2050 की पहली सुबह।दिल्ली अब वही पुरानी दिल्ली नहीं थी। चारों ओर पारदर्शी गुंबद बने थे जिनके अंदर मौसम को इंसान अपनी इच्छा से बदल सकता था। सड़कों पर अब गाड़िया...

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सारंग - एक अधूरी धड़कन By InkImagination

कहानी शीर्षक: "सारंग – एक अधूरी धड़कन"लेखिका: InkImaginationप्रस्तावनासियोल की ठंडी हवाओं में शुरू होती है एक ऐसी प्रेम कहानी, जो मासूमियत और ठंडे दिल के बीच पनपती है। यह है 20 सा...

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सत्य का बलिदान By mood Writer

सुरजनगर एक पुराना, शांत और रंग-बिरंगा शहर था। यहाँ की गलियों में बचपन से ही दोस्तियाँ पनपती थीं। मंदिर की घंटियों और मस्जिद की अज़ान की आवाज़ें एक-दूसरे में घुल-मिल जाती थीं। मोहल्...

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बहता जीवन By Nandini Sharma

गंगा किनारे बसे एक छोटे से गाँव में राघव नाम का युवक रहता था। उसका जीवन बिल्कुल नदी की तरह था—कभी शांत, कभी उफान पर। बचपन से ही उसने बड़े सपने देखे थे। वह चाहता था कि एक दिन शहर जा...

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कर्मा – एक इंसान की कहानी By Bikash parajuli

सपनों का सफ़रबिहार के एक छोटे से गाँव दरभंगा में राहुल मिश्रा नाम का एक साधारण लड़का रहता था।परिवार ग़रीब, लेकिन सपने बहुत बड़े।पिता हरिनारायण मिश्रा खेतों में मज़दूरी करते, माँ सर...

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अजीब ख़ामोशी By Nandini Sharma

शहर के बीचोंबीच खड़ा वह पुराना हवेलीनुमा मकान हमेशा लोगों के लिए रहस्य बना रहा था। उसकी टूटी हुई खिड़कियाँ और जंग लगे गेट देखने वालों को भीतर झाँकने का मन तो करातीं, पर एक अनजाना ड...

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Sex vs ब्रह्मचारी By Bikash parajuli

भाग 1 – आरंभअर्जुन एक साधारण परिवार का युवक था। वह पढ़ाई में अच्छा था और बचपन से ही धार्मिक वातावरण में बड़ा हुआ था। उसके गुरुजी हमेशा कहते –“बेटा, ब्रह्मचर्य ही जीवन की सबसे बड़ी...

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सच्चे गुरु का प्रकाश By Nandini Sharma

हिमालय की गोद में बसे एक छोटे से गाँव में आदित्य नाम का एक युवक रहता था। आदित्य बहुत जिज्ञासु स्वभाव का था। उसे हमेशा जीवन का रहस्य जानने की तलाश रहती थी। वह सोचता, “मैं कौन हूँ? ज...

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मैं कौन हूँ? By Neha kariyaal

क्या आपने कभी खुद से ये सवाल किया है- "मैं कौन हूँ?" मीरा भी ऐसे ही एक सुबह इस सवाल के साथ जागती है। बाहर की दुनिया में जवाब ढूंढती हुई, वह अपने रिश्तों, अपनों और अजनबियों से टकरात...

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तेरी मासूमियत, मेरा इकरार By InkImagination

कहानी शीर्षक: "तेरी मासूमियत, मेरा इकरार"लेखिका: InkImaginationप्रस्तावना : कभी-कभी प्यार एक मजबूरी से शुरू होता है, लेकिन दिल की गहराई में वह एक अनोखी मोहब्बत बन जाता है। यह कहान...

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कामसूत्र – प्रेम की पूर्ण कथा By Bikash parajuli

प्रस्तावनाकभी-कभी प्रेम को शब्दों से परिभाषित करना मुश्किल हो जाता है। शादी के बाद बहुत से रिश्ते केवल जिम्मेदारियों तक सीमित हो जाते हैं। लेकिन समीर और रागिनी की यात्रा इस बात का...

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महाराणा सांगा - भाग 11 By Praveen Kumrawat

साँगा के विरुद्ध गुप्त योजना कुँवर साँगा अब साधारण सैनिक न रह गए थे। राव कर्मचंद ने अपनी पुत्री का विवाह उनसे कर दिया था और अब वे एक भव्य महल में अपनी पत्नी के साथ रहते थे। राजकार्...

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तुमसे ही By p batrae

उसने अपने कमरे का दरवाजा खोला ... अपनी कैप उतार कर टेबल पर रखी...और बिस्तर पर लेट गई.... उसने देखा तो सुबह के पांच बजे थे....थकान उसके चेहरे पर साफ दिखाई दे रही थी... लगातार तीन दि...

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सरफराज की कहानी: गाँव से IAS तक By iqbaal

सरफराज एक छोटे से गाँव का लड़का था। उसका गाँव हरे-भरे खेतों और संकरी गलियों से घिरा हुआ था। सुबह-सुबह सूरज की पहली किरणें खेतों पर पड़तीं, और सरफराज अपने पिता के साथ खेतों में काम...

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रोते हुए साए By Piyush Parmar

रोते हुए साए--- Introduction ज़िन्दगी की राहों पर चलने वाला हर इंसान अपने साथ कुछ साए लिए घूमता है।कभी यह साए उसके बचपन की अधूरी हँसी होते हैं, कभी जवानी के टूटे सपनों के, और कभी र...

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देनदार By Deepak sharma

“टुकटुक की शादी मैं ने तय कर दी है,” बेटी को मेरी पूर्वपत्नी टुकटुक कहती, “शादी इसी चौबीस जुलाई को होगी। और रिसेप्शन पच्चीस को…..” “शादी से पहल...

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तेरे बिना By Bikash parajuli

भाग 1 – पहली मुलाक़ातआयुष और अनामिका की मुलाक़ात कॉलेज के पहले दिन हुई थी। भीड़-भाड़ वाले कैंपस में अनामिका की मासूम मुस्कान ने आयुष का दिल छू लिया। धीरे-धीरे दोनों दोस्त बने और फि...

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मुझे तेरी जरूरत है..... By W.Brajendra

रात के सन्नाटे में खिड़की के पास बैठा, मैं आसमान में टिमटिमाते तारों को देख रहा था। बाहर बारिश हो रही थी, लेकिन मेरे अंदर जो खालीपन था, वो किसी तूफ़ान से भी बड़ा था। ये अजीब है न,...

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दो मन गेहूँ जितना ब्याज By kunal kumar

कच्ची मिट्टी की दीवारों, बाँस की टाटी और खपरैल की छत के नीचे एक छोटा सा घर था। बरसात की रातों में जब पानी की बूँदें छत पर गिरती थीं, तो लगता था जैसे थकान खुद आकर बैठ गई हो | उस घर...

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कॉलेज फ्रेंड्स की कहानी By mood Writer

राघव पहली बार अपने शहर से बाहर पढ़ाई करने जा रहा था। उसका एडमिशन एक नामी कॉलेज में हो गया था और परिवार को उससे बहुत उम्मीदें थीं। स्टेशन पर खड़े होकर जब उसने अपने माता-पिता को अलवि...

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मैं अधूरा जी रहा हूं...... By W.Brajendra

मैं अधूरा जी रहा हूं…“तेरे बिना साँसें तो हैं, पर ज़िंदगी नहीं…”कमरे की खामोशी अब मेरी साथी बन चुकी है।ये चार दीवारें हर रोज़ मेरी तन्हाई का मज़ाक उड़ाती हैं।अलार्म बजता है, मोबाइल...

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दोस्ती का असली मतलब By Nandini Sharma

दोस्ती का असली मतलबराहुल और आरव बचपन से ही सबसे अच्छे दोस्त थे। उनके मोहल्ले में जब भी कोई उनकी जोड़ी को देखता तो कहता, "इनकी दोस्ती की मिसाल दी जा सकती है।" दोनों का रिश्ता इतना ग...

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प्रेम के ईर्ष्यालु By Rajeev kumar

  अमवा के पेड़ के मुंडेर पर बैठी कोयलिया ’’ कुहू- कुहू ’’ की आवाज से गीत गा रही थी। किस फुनगी पर बैठी थी इसका पता स्पष्ट रूप से नहीं चल रहा था।नीचे नदी का पानी कल-कल बह कर मधुर राग...

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कश्मकश By Nandini Sharma

रात का सन्नाटा पूरे शहर को ढक चुका था। घड़ी की सुइयाँ बारह बजा रही थीं, लेकिन अन्वी की आँखों में नींद का नामोनिशान नहीं था। कमरे की मेज़ पर मेडिकल की मोटी किताबें खुली पड़ी थीं—एना...

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प्यार का इम्तहान By Rajeev kumar

  नज़रें इनायत हो रही थी, सारी बातें आँखों आँखों में ही हो रही थी। किसी को भी इश्क की भनक लगने की किसी भी प्रकार की गुंजाइश नहीं थी, ऐसा तो काव्या और गौरव समझ रहे थे। इश्क और मुश्क...

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दांव-पैर By Deepak sharma

उस दिन दसवीं कक्षा का मेरा आखिरी पर्चा खत्म हुआ था और मैं दोपहर की गाड़ी से मां के पास कस्बापुर वापिस जा रहा था। पिछले महीने से मां और मैं संग- संग न रहे थे। अपनी टाएफ़ड के कारण कस...

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सपनों का सफ़र By ajay

राहुल का जन्म एक छोटे से कस्बे में हुआ था। उसका घर कच्चा था, छत से बारिश की बूँदें टपकती थीं, और पिता की किराने की दुकान से मुश्किल से घर का खर्च चलता था। लेकिन गरीबी के बावजूद राह...

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दीया और तूफान By Nandini Sharma

बचपन से ही मीरा की आँखों में सपनों का समंदर था। छोटे-से कस्बे में जन्मी मीरा अक्सर आँगन में बैठकर आसमान को ताकती और सोचती—“क्या लड़कियों के सपनों की कोई सीमा होती है?” उसकी माँ मुस...

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लूसिफ़र - अँधेरों का शहज़ादा By Bikash parajuli

अध्याय 1: रौशनी का दूतबहुत समय पहले स्वर्ग के साम्राज्य में एक फ़रिश्ता था – लूसिफ़र।वह सबसे सुंदर, सबसे बुद्धिमान और सबसे चमकदार था। उसकी आवाज़ से संगीत बहता था, उसके पंखों से रौश...

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Trupti - 1 By sach tar

भारी मन से तृप्ति रिक्शे से उतरी, रेलवे स्टेशन सामने ही था।  रिक्शे वाले को पैसे चुकाकर उसने अपना सामान उठाया और स्टेशन की और चल पड़ी।  अभी वो दस कदम भी नहीं चल पायी थी की अनायास उस...

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सादगी से मोहब्बत तक By Payal Author

हरी-भरी खेतों से घिरे एक छोटे से गाँव में गौरी नाम की लड़की रहती थी। बड़ी-बड़ी आँखें, चेहरे पर मासूमियत और बातें ऐसी कि सुनने वाला दिल से जुड़ जाए। गौरी का संसार बहुत छोटा था – घर,...

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भय की छाया By AKANKSHA SRIVASTAVA

रात का समय था। शहर की गलियों में एक सन्नाटा पसरा हुआ था, और सड़कों पर दूर-दूर तक कोई नजर नहीं आ रहा था। प्रीति, जो अभी-अभी अपने काम से लौट रही थी, जल्दी से अपने कदम बढ़ा रही थी। उस...

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रामायण- मर्यादा पुरुषोत्तम राम की मार्मिक कथा By Nandini Sharma

 बालकाण्डअयोध्या नगरी सरयू तट पर बसी एक ऐसी भूमि थी, जहाँ धर्म और न्याय की गंगा बहती थी। वहाँ के राजा दशरथ प्रतापी, धर्मनिष्ठ और प्रजावत्सल थे। अयोध्या में सब कुछ था, किन्तु दशरथ क...

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गोल रोटियों का सफ़र By AKANKSHA SRIVASTAVA

"प्रेम, परंपरा और परिपूर्णता की कहानी" गोल रोटी—सुनने में जितनी साधारण, बनाने में उतनी ही कठिन! यह भारतीय रसोई की वह कारीगरी है, जिसे हर नवविवाहिता से लेकर अनुभवी गृहिणी तक परिपूर्...

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Sad Story By Mohd shabab

दूर घाटी में वो बस्ती देख रहे न साहब वही पे मेरा घर था वही मेरा बाप चाय के बागान में काम किया करता था, बहुत हसमुख इंसान था मेरा बाप सारे वर्कर उसकी बहुत इज़्ज़त किया करते थे यूनियन क...

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विपरीत ध्रुव By Deepak sharma

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Unsafe Environment By AKANKSHA SRIVASTAVA

"हाय मॉम, कैसी है आप?""बेटा मैं ठीक हूँ, तू ठीक है ना। ""क्या मॉम!ऑलवेज सेम क्वेश्चन रिपीट!हद है माँ, पहले रटती थी कि खाना खाया नहीं खाया, दिन कैसा गया तेरा और अब तू ठीक है ना, तू...

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कर्नल का कोर्ट मार्शल By Devendra Kumar

  कर्नल का कोर्ट मार्शल  -देवेन्द्र कुमारकर्नल  एम.पी. सिंह, पी.वी.एस.एम को फौज से रिटायर हुए लगभग 10/12 वर्ष हो चुके थे| रिटायर होने के बाद उन्होंने दिल्ली में द्वारका सेक्टर 7 की...

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वाह ! बेटा वाह ! - भाग 2 By H.k Bhardwaj

        ■  वाह  ! बेटा वाह! ■ भाग 02(एक कलियुगी बेटे की करतूत पिता के प्रति)                ( भाग 02)-------------------------------------------------------------------------------...

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आकाशजैसे ही विमान चंडीगढ़ की रनवे पर उतरा, शाम की धुंध आसमान पर उतरने लगी थी। मैं अपनी सीट पर पीछे झुक गया और उस छोटे से गोल खिड़की से दूर दिख रही पहाड़ियों को देखने लगा। रोशनी ढल...

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राम और हिमालय की गाथा By Bikash parajuli

बहुत समय पहले, त्रेता युग में जब अयोध्या में भगवान राम का राज्याभिषेक हुआ, तो पूरी धरती पर सुख-शांति का युग छा गया। प्रजा खुशहाल थी, ऋषि-मुनि अपने आश्रमों में साधना कर रहे थे और वन...

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तुम्हारा ही इंतजार है By S Sinha

                                                                                 तुम्हारा ही इंतजार है       उस दिन किसी को उम्मीद नहीं थी कि मुंबई में इतनी तेज बारिश होगी  . अभी त...

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अनजानी सी दूरी By InkImagination

कहानी शीर्षक: "अनजानी सी दूरी"लेखिका: InkImaginationप्रस्तावनाकभी-कभी दोस्ती समय की कसौटी पर टूटने लगती है, लेकिन एक छोटी सी कोशिश उसे फिर से जिंदा कर सकती है। यह कहानी है सिया और...

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जाने कहां गए वो दिन By Nandini Sharma

जाने कहां गए वो दिनसंध्या का समय था। सूर्य अपनी अंतिम किरणों को धरती पर बिखेर रहा था। हवा में हल्की ठंडक घुली हुई थी, और पीपल के पेड़ की पत्तियाँ सरसराहट कर रही थीं। गली के कोने पर...

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बिकाश – एक गाथा By Bikash parajuli

अध्याय 1 – मासूम शुरुआतनेपाल की तराई का एक छोटा-सा गाँव।हरी-भरी खेतियाँ, चारों ओर फैली हवा में मिट्टी की खुशबू, और बीच में एक मिट्टी का घर – यही था बिकाश का संसार।बचपन से ही उसकी आ...

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किस – एक गाथा By Bikash parajuli

अध्याय 1 – नई शुरुआतदिल्ली यूनिवर्सिटी का कैंपस।साल 2030।बारिश की हल्की फुहारें और कैम्पस के पुराने पेड़ों के नीचे चहल-पहल।यहीं पहली बार अर्जुन ने सिया को देखा।सिया सफेद कुर्ते और...

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उसका पहला गुरु-दक्षिणा By InkImagination

कहानी शीर्षक: "उसका पहला गुरु-दक्षिणा"लेखिका: InkImaginationप्रस्तावनाकभी-कभी एक शिक्षक सिर्फ किताबों का गुरु नहीं, बल्कि जिंदगी का मार्गदर्शक बन जाता है। यह कहानी है 12वीं कक्षा...

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तुम और तुम्हारा साथ By Arya Tiwari

अध्याय 1: पहली सुबहअमला गाँव की घाटी में सूरज की सुनहरी किरणें गिर रही थीं।बेंच पर रेशु पहले से ही बैठी थी, हाथ में कॉफी का कप।आर्या धीरे-धीरे वहाँ पहुँचे, हाथ में ताज़ा कॉफी।“तुम...

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2050 – भविष्य की कहानी By Bikash parajuli

अध्याय 1 – नई सुबहसाल 2050 की पहली सुबह।दिल्ली अब वही पुरानी दिल्ली नहीं थी। चारों ओर पारदर्शी गुंबद बने थे जिनके अंदर मौसम को इंसान अपनी इच्छा से बदल सकता था। सड़कों पर अब गाड़िया...

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सारंग - एक अधूरी धड़कन By InkImagination

कहानी शीर्षक: "सारंग – एक अधूरी धड़कन"लेखिका: InkImaginationप्रस्तावनासियोल की ठंडी हवाओं में शुरू होती है एक ऐसी प्रेम कहानी, जो मासूमियत और ठंडे दिल के बीच पनपती है। यह है 20 सा...

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सत्य का बलिदान By mood Writer

सुरजनगर एक पुराना, शांत और रंग-बिरंगा शहर था। यहाँ की गलियों में बचपन से ही दोस्तियाँ पनपती थीं। मंदिर की घंटियों और मस्जिद की अज़ान की आवाज़ें एक-दूसरे में घुल-मिल जाती थीं। मोहल्...

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बहता जीवन By Nandini Sharma

गंगा किनारे बसे एक छोटे से गाँव में राघव नाम का युवक रहता था। उसका जीवन बिल्कुल नदी की तरह था—कभी शांत, कभी उफान पर। बचपन से ही उसने बड़े सपने देखे थे। वह चाहता था कि एक दिन शहर जा...

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कर्मा – एक इंसान की कहानी By Bikash parajuli

सपनों का सफ़रबिहार के एक छोटे से गाँव दरभंगा में राहुल मिश्रा नाम का एक साधारण लड़का रहता था।परिवार ग़रीब, लेकिन सपने बहुत बड़े।पिता हरिनारायण मिश्रा खेतों में मज़दूरी करते, माँ सर...

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अजीब ख़ामोशी By Nandini Sharma

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Sex vs ब्रह्मचारी By Bikash parajuli

भाग 1 – आरंभअर्जुन एक साधारण परिवार का युवक था। वह पढ़ाई में अच्छा था और बचपन से ही धार्मिक वातावरण में बड़ा हुआ था। उसके गुरुजी हमेशा कहते –“बेटा, ब्रह्मचर्य ही जीवन की सबसे बड़ी...

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सच्चे गुरु का प्रकाश By Nandini Sharma

हिमालय की गोद में बसे एक छोटे से गाँव में आदित्य नाम का एक युवक रहता था। आदित्य बहुत जिज्ञासु स्वभाव का था। उसे हमेशा जीवन का रहस्य जानने की तलाश रहती थी। वह सोचता, “मैं कौन हूँ? ज...

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मैं कौन हूँ? By Neha kariyaal

क्या आपने कभी खुद से ये सवाल किया है- "मैं कौन हूँ?" मीरा भी ऐसे ही एक सुबह इस सवाल के साथ जागती है। बाहर की दुनिया में जवाब ढूंढती हुई, वह अपने रिश्तों, अपनों और अजनबियों से टकरात...

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तेरी मासूमियत, मेरा इकरार By InkImagination

कहानी शीर्षक: "तेरी मासूमियत, मेरा इकरार"लेखिका: InkImaginationप्रस्तावना : कभी-कभी प्यार एक मजबूरी से शुरू होता है, लेकिन दिल की गहराई में वह एक अनोखी मोहब्बत बन जाता है। यह कहान...

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कामसूत्र – प्रेम की पूर्ण कथा By Bikash parajuli

प्रस्तावनाकभी-कभी प्रेम को शब्दों से परिभाषित करना मुश्किल हो जाता है। शादी के बाद बहुत से रिश्ते केवल जिम्मेदारियों तक सीमित हो जाते हैं। लेकिन समीर और रागिनी की यात्रा इस बात का...

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महाराणा सांगा - भाग 11 By Praveen Kumrawat

साँगा के विरुद्ध गुप्त योजना कुँवर साँगा अब साधारण सैनिक न रह गए थे। राव कर्मचंद ने अपनी पुत्री का विवाह उनसे कर दिया था और अब वे एक भव्य महल में अपनी पत्नी के साथ रहते थे। राजकार्...

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तुमसे ही By p batrae

उसने अपने कमरे का दरवाजा खोला ... अपनी कैप उतार कर टेबल पर रखी...और बिस्तर पर लेट गई.... उसने देखा तो सुबह के पांच बजे थे....थकान उसके चेहरे पर साफ दिखाई दे रही थी... लगातार तीन दि...

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सरफराज की कहानी: गाँव से IAS तक By iqbaal

सरफराज एक छोटे से गाँव का लड़का था। उसका गाँव हरे-भरे खेतों और संकरी गलियों से घिरा हुआ था। सुबह-सुबह सूरज की पहली किरणें खेतों पर पड़तीं, और सरफराज अपने पिता के साथ खेतों में काम...

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रोते हुए साए By Piyush Parmar

रोते हुए साए--- Introduction ज़िन्दगी की राहों पर चलने वाला हर इंसान अपने साथ कुछ साए लिए घूमता है।कभी यह साए उसके बचपन की अधूरी हँसी होते हैं, कभी जवानी के टूटे सपनों के, और कभी र...

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देनदार By Deepak sharma

“टुकटुक की शादी मैं ने तय कर दी है,” बेटी को मेरी पूर्वपत्नी टुकटुक कहती, “शादी इसी चौबीस जुलाई को होगी। और रिसेप्शन पच्चीस को…..” “शादी से पहल...

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तेरे बिना By Bikash parajuli

भाग 1 – पहली मुलाक़ातआयुष और अनामिका की मुलाक़ात कॉलेज के पहले दिन हुई थी। भीड़-भाड़ वाले कैंपस में अनामिका की मासूम मुस्कान ने आयुष का दिल छू लिया। धीरे-धीरे दोनों दोस्त बने और फि...

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मुझे तेरी जरूरत है..... By W.Brajendra

रात के सन्नाटे में खिड़की के पास बैठा, मैं आसमान में टिमटिमाते तारों को देख रहा था। बाहर बारिश हो रही थी, लेकिन मेरे अंदर जो खालीपन था, वो किसी तूफ़ान से भी बड़ा था। ये अजीब है न,...

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दो मन गेहूँ जितना ब्याज By kunal kumar

कच्ची मिट्टी की दीवारों, बाँस की टाटी और खपरैल की छत के नीचे एक छोटा सा घर था। बरसात की रातों में जब पानी की बूँदें छत पर गिरती थीं, तो लगता था जैसे थकान खुद आकर बैठ गई हो | उस घर...

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कॉलेज फ्रेंड्स की कहानी By mood Writer

राघव पहली बार अपने शहर से बाहर पढ़ाई करने जा रहा था। उसका एडमिशन एक नामी कॉलेज में हो गया था और परिवार को उससे बहुत उम्मीदें थीं। स्टेशन पर खड़े होकर जब उसने अपने माता-पिता को अलवि...

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मैं अधूरा जी रहा हूं...... By W.Brajendra

मैं अधूरा जी रहा हूं…“तेरे बिना साँसें तो हैं, पर ज़िंदगी नहीं…”कमरे की खामोशी अब मेरी साथी बन चुकी है।ये चार दीवारें हर रोज़ मेरी तन्हाई का मज़ाक उड़ाती हैं।अलार्म बजता है, मोबाइल...

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दोस्ती का असली मतलब By Nandini Sharma

दोस्ती का असली मतलबराहुल और आरव बचपन से ही सबसे अच्छे दोस्त थे। उनके मोहल्ले में जब भी कोई उनकी जोड़ी को देखता तो कहता, "इनकी दोस्ती की मिसाल दी जा सकती है।" दोनों का रिश्ता इतना ग...

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