सामाजिक कहानियां कहानियाँ पढ़े और PDF में डाउनलोड करे

Stories and books have been a fundamental part of human culture since the dawn of civilization, acting as a powerful tool for communication, education, and entertainment. Whether told around a campfire, written in ancient texts, or shared through modern media, Moral Stories in hindi books and stories have the unique ability to transcend time and space, connecting people across generations and cult...Read More


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युगांतर - भाग 32 By Dr Dilbagh Virk

'जन चेतना मंच' द्वारा उठाया गया नशे का मुद्दा भी सबसे ज्यादा शंभूदीन को प्रभावित कर रहा था। भ्रष्टाचार के आरोप तो पूरे राज्य में सभी दलों के लगभग सभी नेताओं पर लग रहे थे, ल...

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मुजाहिदा - ह़क की जंग - भाग 28 By Chaya Agarwal

भाग 28पूरे तीन दिन के बाद आज किचिन में भाभी साहब दिखाई दीं। वह रोज की तरह बच्चों का टिफिन बना रही थीं। खुशी के मारे वह उछल पड़ी जैसे कोई निआमत मिल गयी हो। सुख के लम्हों को गुजरने मे...

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आम जिंदगी की खास कहानी By DINESH KUMAR KEER

एक अनोखी प्रेम कहानीगाँव के बच्चे नारायणी को काकी कहते हैं। पहले नारायणी कभी निराश नहीं दिखती थी। जब से उसका पति भूरा बढ़ई बीमार पड़ा है, तभी से वह खोई-खोई रहती है। पति की सेवा-सुश्र...

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अपना आकाश - 5 - आपका लक्ष्य? By Dr. Suryapal Singh

अनुच्छेद-5 आपका लक्ष्य? दशहरे के एक सप्ताह पूर्व कक्षाएँ प्रारम्भ हो गई। बी.एस-सी. प्रथम वर्ष की अन्तिम प्रवेश सूची में इण्टरमीडिएट में ६४.७ प्रतिशत से ऊपर जिनके अंक थे केवल उन्हीं...

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गाँव की शादियां By DINESH KUMAR KEER

पहले गाँव में न टेंट हाऊस थे और न कैटरिंग। थी तो केवल सामाजिकता व व्यवहारिकता। गांव में जब कोई शादी होती तो घर के अड़ोस-पड़ोस से चारपाई आ जाती थी, हर घर से थरिया, लोटा, कलछुल, कड़ाही...

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विवाह - एक पवित्र बंधन By DINESH KUMAR KEER

विवाह - एक पवित्र बंधन   माँ मैंने दिनेश को छोड़ने का मानस बना लिया है, आपके और पापा के कहने पर मैंने यह विवाह तो कर लिया, पर मगर अब और नही निभा पाउंगी । सीमा अपनी माँ से बोल र...

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कन्यादान By DINESH KUMAR KEER

  "अरे वधू के माता - पिता कहाँ हैं भाई ? उनको भी तो बुलाओ स्टेज पर । सभी के फोटो हो गए हैं सिर्फ वधू के माता - पिता ही रहे हैं । "   मैं फोटो वाला था, वरमाला स्टेज पर सभी...

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पिता व पुत्र की कहानी By DINESH KUMAR KEER

पिता ने बेटे से कहा, "तुमने बहुत अच्छे नंबरों से ग्रेजुएशन पूरी की है। अब क्यूंकि तुम नौकरी पाने के लिए प्रयास कर रहे हो , मैं तुमको यह कार उपहार स्वरुप भेंट करना चाहता हूँ , यह का...

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एहसास रिश्तों का By DINESH KUMAR KEER

एहसास रिश्तों का   पिता बेटी के सर पर, हाथ रख कर बोला :- "मैं तेरे लिए ऐसा पति खोजकर लाऊंगा, जो तुझे बहुत सारा प्यार करे, तेरी भावनाओं का सम्मान करे, तेरे दुख सुख को समझ सके,...

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आने से उसके आए बहार By sudha jugran

“आने से उसके आए बहार” पावनी और रवीना सुबह की सैर पर थीं। बचपन की दोनों सहेलियां गप्पे मारती हुई निर्जन सड़क पर चली जा रहीं थीं। वे गप्पों में इतनी मशगूल थीं कि उन्हें हल्की बूंदा-बा...

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हिन्दी एक भाषा ही नहीं - संस्कृति है...! इसी तरह हिन्दू भी धर्म नही - सभ्यता है By Devendra Kumar Jaiswal

विवाह उपरांत जीवन साथी को छोड़ने के लिए 2 शब्दों का प्रयोग किया जाता है 1-Divorce (अंग्रेजी) 2-तलाक (उर्दू) कृपया हिन्दी का शब्द बताए...??तब मैं... 'जनसत्ता' में... नौकरी क...

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सुन्दर बिटिया By swapnil pande

उस वक़्त की दुनिया ही लड़को के मुनासिब थी,दादीजी की नाराज़ी भी तब जायज़ थीदाई माँ ने जब सफ़ेद&n...

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राव हम्मीर देव चौहान By DINESH KUMAR KEER

रणथम्भौर "रणतभँवर के शासक थे । ये पृथ्वीराज चौहान के वंशज थे। इनके पिता का नाम जैत्रसिंह था । ये इतिहास में ''हठी हम्मीर के नाम से प्रसिद्ध हुए हैं। जब हम्मीर वि॰सं॰ 1339 (...

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राणा सांगा By DINESH KUMAR KEER

बाबर को हिंदोस्तान का ताज पानीपत जितने से नही मिला बल्कि जब खानवा में उसकी तोपों के सामने सांगा के राजपूत पीछे हटे और फिर कुछ समय बाद सांगा को किसी अपने ने ही विष देकर मार दिया तो...

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आश्वस्ति By Dr. Suryapal Singh

शंकर प्रसाद अपना डेढ़ एकड़ खेत गोण्डा के रजिस्ट्री कार्यालय में रमेश प्रधान को लिखकर गांव नहीं लौटे। उनके चचेरे भाई सरजू उन्हें गांव चलने के लिए प्रेरित करते रहे पर उनका मन उदास था...

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माँ की ममता By DINESH KUMAR KEER

माँ की ममता   माँ... घर पहुँचते ही बेशक माँ से... कुछ काम ना हो लेकिन... हमारा पहला सवाल यही... होता है माँ किधर है और... माँ के दिखाई देते ही... दिल को सुकून मिल जाता है... &...

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धांधू By Dr. Suryapal Singh

बैसाख की रात का पिछला प्रहर। गुलाबी ठंड । गांव में उषा के आगमन तक बिछी चांदनी। इमरती दाल दरने बैठ गई। दरेती की आवाज़ से सुर मिलाते हुए गा उठी................ कुहू कुहू बोलइ ई कारी...

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सलमा का स्वप्न By Dr. Suryapal Singh

रामधीरज को जो भी मिल जाता उसका हाल चाल पूछते। खुश रहते पर बात करते समय कुछ ज्यादा ही बोल जाते। किसी ने उन्हें 'गप्पू' कह दिया। अब यह नाम चल पड़ा। गांव जवांर ही नहीं नाते-रि...

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भालू नाच By Dr. Suryapal Singh

1859 ई० । गर्मियों के दिन सत्तावनी क्रान्ति दबा दी गई। आज कुछ इसकी असफलता पर प्रसन्न हैं कुछ दुखी। सबके अपने तर्क हैं कुछ कुतर्क भी। कुछ इसे राष्ट्रीय स्वतंत्रता आन्दोलन नहीं मानते...

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बुच्चू By Dr. Suryapal Singh

रात के बारह बजे थे। चाँद भले ही ऊबड़-खाबड़, धरातल वाला क्षेत्र हो पर उससे निःसृत चांदनी धरती पर रस बरसा रही थी। सिवान में खड़े पेड़-पौधे, ऊढ़ कभी कभी किसी मिथ्या भ्रम को पैदा कर दे...

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चले गांव कि ओर By नंदलाल मणि त्रिपाठी

पीली भीत उत्तर प्रदेश केतराई क्षेत्र का जिला है पीलीभीत की तहसील है पुरनपुर पूरनपुर तहसील का गांव मंगल का पुरवा पीलीभीत जनपद में पंजाबी जनसँख्या बहुत है जिनका मुख्य व्यवसाय खेती उन...

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पत्थरों का देवता By नंदलाल मणि त्रिपाठी

जीवेश एक साधारण परिवार की विरासत में पैदा हुआ था जीवेश के पिता जन्मेजय बहुत साधारण और सांस्कारिक व्यक्तित्व थे धर्म परायण और सच्चे इंसान जनमेजय की विनम्रता के किस्से जवार में मशहूर...

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जिन्दगी यहीं खत्म नहीं होती By Dr. Suryapal Singh

कल केन्द्र सरकार ने शासकीय कर्मचारियों, शिक्षकों के लिए छठे वेतन आयोग की संस्तुतियों को मंजूरी दे दी। आज के अखबार वेतन आयोग की रिपोर्ट पर अपनी टिप्पणियाँ देने में एक दूसरे से धक्का...

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नौ साल की लड़की By Dr. Suryapal Singh

गर्मियों के दिन। अन्ना अपने कमरे में दर्पण के सामने खड़ी अपने बालों को निहारती हुई। मन में थोड़ी उधेड़-बुन। उसने एक सफेद बाल को खींच लिया। आज रविवार है, छुट्टी का दिन। उसकी नौ साल...

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धर्म की दीवार.. By Saroj Verma

शाहिद लखनऊ एयरपोर्ट के बाहर आया,उसने सोचा कि किस होटल में कमरा लूँ,यहाँ तो मैं किसी को जानता भी नहीं,तभी एकायक उसके मन में विचार आया क्यों ना तिवारी मोहल्ले में ही कोई होटल तलाश कर...

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प्यार के जन्म हज़ार By नंदलाल मणि त्रिपाठी

ऐसी मान्यता है कि जो आत्मा आकस्मिक अपूर्ण इच्छा के साथ शरीर का त्याग करती है वह अपने शुक्ष्म अलौकिक अस्तित्व में ब्रह्मांड में विचरण करती है और अपने जीवन अस्तित्व की अत्रितप्ता की...

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नानी की कहानी By DINESH KUMAR KEER

आमतौर पर देखा गया है कि हम जो सामने देखते हैं उसे ही सच मान बैठते हैं बिना सोचे समझे सच्चाई जाने बगैर किसी को भी कोसने लगते हैं इसी तरह की एक घटना कुछ दिन पहले हमारे सामने आई जिसने...

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सांस्कार कि शिक्षा By नंदलाल मणि त्रिपाठी

एक गाँव मे एक गरीब ब्राह्मण रहते थे उस गरीब ब्राह्मण के पास अपनी छोपडी के अलावा खेती की कोई जमीन नही थी जिसके कारण पंडित जी अपने परिवार का भरण पोषण करने के लिये पांडित्य कर्म करते...

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युगांतर - भाग 32 By Dr Dilbagh Virk

'जन चेतना मंच' द्वारा उठाया गया नशे का मुद्दा भी सबसे ज्यादा शंभूदीन को प्रभावित कर रहा था। भ्रष्टाचार के आरोप तो पूरे राज्य में सभी दलों के लगभग सभी नेताओं पर लग रहे थे, ल...

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मुजाहिदा - ह़क की जंग - भाग 28 By Chaya Agarwal

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पहले गाँव में न टेंट हाऊस थे और न कैटरिंग। थी तो केवल सामाजिकता व व्यवहारिकता। गांव में जब कोई शादी होती तो घर के अड़ोस-पड़ोस से चारपाई आ जाती थी, हर घर से थरिया, लोटा, कलछुल, कड़ाही...

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विवाह - एक पवित्र बंधन By DINESH KUMAR KEER

विवाह - एक पवित्र बंधन   माँ मैंने दिनेश को छोड़ने का मानस बना लिया है, आपके और पापा के कहने पर मैंने यह विवाह तो कर लिया, पर मगर अब और नही निभा पाउंगी । सीमा अपनी माँ से बोल र...

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  "अरे वधू के माता - पिता कहाँ हैं भाई ? उनको भी तो बुलाओ स्टेज पर । सभी के फोटो हो गए हैं सिर्फ वधू के माता - पिता ही रहे हैं । "   मैं फोटो वाला था, वरमाला स्टेज पर सभी...

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पिता व पुत्र की कहानी By DINESH KUMAR KEER

पिता ने बेटे से कहा, "तुमने बहुत अच्छे नंबरों से ग्रेजुएशन पूरी की है। अब क्यूंकि तुम नौकरी पाने के लिए प्रयास कर रहे हो , मैं तुमको यह कार उपहार स्वरुप भेंट करना चाहता हूँ , यह का...

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राव हम्मीर देव चौहान By DINESH KUMAR KEER

रणथम्भौर "रणतभँवर के शासक थे । ये पृथ्वीराज चौहान के वंशज थे। इनके पिता का नाम जैत्रसिंह था । ये इतिहास में ''हठी हम्मीर के नाम से प्रसिद्ध हुए हैं। जब हम्मीर वि॰सं॰ 1339 (...

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माँ की ममता By DINESH KUMAR KEER

माँ की ममता   माँ... घर पहुँचते ही बेशक माँ से... कुछ काम ना हो लेकिन... हमारा पहला सवाल यही... होता है माँ किधर है और... माँ के दिखाई देते ही... दिल को सुकून मिल जाता है... &...

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पीली भीत उत्तर प्रदेश केतराई क्षेत्र का जिला है पीलीभीत की तहसील है पुरनपुर पूरनपुर तहसील का गांव मंगल का पुरवा पीलीभीत जनपद में पंजाबी जनसँख्या बहुत है जिनका मुख्य व्यवसाय खेती उन...

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पत्थरों का देवता By नंदलाल मणि त्रिपाठी

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नौ साल की लड़की By Dr. Suryapal Singh

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नानी की कहानी By DINESH KUMAR KEER

आमतौर पर देखा गया है कि हम जो सामने देखते हैं उसे ही सच मान बैठते हैं बिना सोचे समझे सच्चाई जाने बगैर किसी को भी कोसने लगते हैं इसी तरह की एक घटना कुछ दिन पहले हमारे सामने आई जिसने...

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सांस्कार कि शिक्षा By नंदलाल मणि त्रिपाठी

एक गाँव मे एक गरीब ब्राह्मण रहते थे उस गरीब ब्राह्मण के पास अपनी छोपडी के अलावा खेती की कोई जमीन नही थी जिसके कारण पंडित जी अपने परिवार का भरण पोषण करने के लिये पांडित्य कर्म करते...

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