नाटक कहानियाँ पढ़े और PDF में डाउनलोड करे

Stories and books have been a fundamental part of human culture since the dawn of civilization, acting as a powerful tool for communication, education, and entertainment. Whether told around a campfire, written in ancient texts, or shared through modern media, Drama in hindi books and stories have the unique ability to transcend time and space, connecting people across generations and cultures. Th...Read More


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  • Her Silent Secret - 31

    वर्षा के चेहरे पर एक अजीब सी चमक थी, लेकिन उसकी आँखों में वही जलन और कड़वाहट भी...

  • दो पतियों की लाडली पत्नी (Season 2) - 13

    उस दिन के बाद…श्रेया अंदर से पूरी तरह टूट चुकी थी…वो जितना खुद को मजबूत दिखाने क...

  • Devil की दास्तान - 50

    ( एक हल्की सी नीली रोशनी कमरे में फैली हुई है।कबीर अपने लैपटॉप पर तेज़ी से कोड ट...

अपनी ही माँ के रूप में पुनर्जन्म - भाग 1 By Insta

मेरा नाम अनाया है। मेरी मौत मेरे बाईसवें जन्मदिन पर हुई थी। एक सड़क हादसे में। उस दिन मैं कॉलेज से घर लौट रही थी। माँ ने मेरे लिए खीर बनाई थी। मुझे आज भी याद है, मेरी माँ सुनीता मु...

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Her Silent Secret - 31 By Sonam Brijwasi

वर्षा के चेहरे पर एक अजीब सी चमक थी, लेकिन उसकी आँखों में वही जलन और कड़वाहट भी झलक रही थी। वह ड्राइंग रूम में बैठी थी, हाथ में एक प्रेगनेंसी टेस्ट किट था जिस पर दो गहरी लाल लाइनें...

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DASTAN-E-KARB - भ्रम से परे क्या है? - Chapter 4 Scene 4 By Azoorey

"शेख़ बाबा हम्ज़ा की बहन आरामगाह में लाईं जा चुकीं है।" रुक्मणि ने उनके कमरे के दरवाज़े पर से उन्हें ख़बर दिया। हम्ज़ा की गुज़ारिश के मुताबिक़ इन्होंने मुंशीजी के ज़रिए शरबती के सा...

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दो पतियों की लाडली पत्नी (Season 2) - 13 By Sonam Brijwasi

उस दिन के बाद…श्रेया अंदर से पूरी तरह टूट चुकी थी…वो जितना खुद को मजबूत दिखाने की कोशिश करती…उतना ही अंदर से बिखरती जा रही थी…उसकी आंखों की नमी…अब छुपाए नहीं छुपती थी…पर फिर भी…वो...

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खामोशी के पीछे का सच By Nisha Choudhary

रात के 11:30 बज रहे थे। पूरे घर में गहरा सन्नाटा फैला हुआ था, और उस सन्नाटे को चीरती हुई सिर्फ दीवार पर टंगी घड़ी की 'टिक-टिक' की आवाज़ सुनाई दे रही थी।कमरे की लाइट बंद थी,...

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पापा की पुरानी साइकिल By Nisha Choudhary

"बेटा, जब तक यह साइकिल चल रही है, तब तक तेरा बाप खड़ा है।" पिता के इन शब्दों की असली कीमत मुझे उस दिन समझ आई, जब उस पुरानी साइकिल का पेडल हमेशा के लिए रुक गया और सिर से वो बरगद की...

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रोशनी जिंदगी की कैसी कशमकश - 18 By RAAHULL SHARMA

लंच ब्रेक: खामोशी के पीछे का शोरलंच की घंटी बजते ही पूरी क्लास में एक अजीब सी हलचल मच गई। आमतौर पर छात्र कैंटीन की तरफ भागते थे, लेकिन आज हर कोई रुक-रुक कर मोहित और रोशनी को देख रह...

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MTNL की घंटी - 36 By kalpita

सर...उस समय ड्यूटी डॉक्टर रुद्र नही डॉक्टर अनन्या थी""अनन्या.....मैने रुद्र को कहा भी था की अनन्या को दूर रखना मेरे केस से ...फिर भी"प्रकाश ने गहरी सांस ली, खुद को संभालने की कोशिश...

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Devil की दास्तान - 50 By Sonam Brijwasi

( एक हल्की सी नीली रोशनी कमरे में फैली हुई है।कबीर अपने लैपटॉप पर तेज़ी से कोड टाइप कर रहा है। स्क्रीन पर कुछ अजीब प्रोग्राम्स और डीएनए जैसे सिग्नल्स दिखाई देते हैं।)कबीर (धीरे से...

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सौतेली माँ का साया (भाग 3) By Nisha Choudhary

ममता की अंतिम परीक्षालेखक: निशा चौधरीस्पोर्ट्स डे की उस ऐतिहासिक जीत के बाद रोहन और सुनीता का रिश्ता किसी चट्टान की तरह मजबूत हो चुका था। समाज के ताने अब सुनीता के हौसले के सामने प...

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माटी की खुशबू और वो पुराना घर By Nisha Choudhary

आधुनिकता की अंधी दौड़ में जब शहर के कंक्रीट के मकान ऊंचे होते जा रहे थे, तब गाँव के मुहाने पर खड़ा वह पुराना घर दिन-ब-दिन और अकेला पड़ता जा रहा था। ईंटों की दरारों से झांकती घास और...

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प्यार की एक नई शुरुआत - 7 By Leela nagetiya

आदित्य और रोहित मायरा के पीछे चल ही रहे थे.मायरा कहती है, चलो हम लोग आइसक्रीम खाते हैं।दोनों ने तुरंत राहत की सांस ली और कहा, ठीक है।मायरा पार्लर से तीन मजेदार आइसक्रीम लेकर आती है...

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माँ का वह अनकहा खत (भाग 3) (अंतिम विस्तार) By Nisha Choudhary

रिया के कांपते हाथों ने जैसे ही उस पीले पड़ चुके कागज को खोला, उसकी आंखों के सामने मां के हाथ की वही गोल, साफ और सुंदर लिखावट तैरने लगी। खत के शब्द मानो कागज़ से निकलकर उसकी आत्मा...

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कुँवारी बिंदी - 1 By Prem Shankar

       -  लेखक: प्रेम शंकर️ लेखक का परिचय (Author Bio)प्रेम शंकर हिंदी साहित्य जगत में एक उभरते हुए और भावुक लेखक हैं। अपनी अनूठी सोच, जादुई कल्पनाशीलता और मानवीय संवेदनाओं को शब्द...

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माँ का वह अनकहा खत (भाग 1) By Nisha Choudhary

रात के 11 बज चुके थे। दिल्ली के एक छोटे से किराए के फ्लैट में लैपटॉप की नीली रोशनी के सामने बैठी रिया की उंगलियां कीबोर्ड पर लगातार चल रही थीं। ऑफिस की एक जरूरी प्रेजेंटेशन सुबह तक...

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दो पतियों की लाडली पत्नी - 71 - Session 1 The End By Sonam Brijwasi

कुछ दिनों बाद श्रेया और नवजात बच्ची को अस्पताल से घर ले आया गया…घर लौटते ही पूरा माहौल बदल गया था…जैसे घर में एक नई रौनक आ गई हो। अब घर में दो छोटे बच्चे थे शिवांश और उसकी नन्ही बह...

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अपनी ही माँ के रूप में पुनर्जन्म - भाग 1 By Insta

मेरा नाम अनाया है। मेरी मौत मेरे बाईसवें जन्मदिन पर हुई थी। एक सड़क हादसे में। उस दिन मैं कॉलेज से घर लौट रही थी। माँ ने मेरे लिए खीर बनाई थी। मुझे आज भी याद है, मेरी माँ सुनीता मु...

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Her Silent Secret - 31 By Sonam Brijwasi

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दो पतियों की लाडली पत्नी (Season 2) - 13 By Sonam Brijwasi

उस दिन के बाद…श्रेया अंदर से पूरी तरह टूट चुकी थी…वो जितना खुद को मजबूत दिखाने की कोशिश करती…उतना ही अंदर से बिखरती जा रही थी…उसकी आंखों की नमी…अब छुपाए नहीं छुपती थी…पर फिर भी…वो...

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खामोशी के पीछे का सच By Nisha Choudhary

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पापा की पुरानी साइकिल By Nisha Choudhary

"बेटा, जब तक यह साइकिल चल रही है, तब तक तेरा बाप खड़ा है।" पिता के इन शब्दों की असली कीमत मुझे उस दिन समझ आई, जब उस पुरानी साइकिल का पेडल हमेशा के लिए रुक गया और सिर से वो बरगद की...

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रोशनी जिंदगी की कैसी कशमकश - 18 By RAAHULL SHARMA

लंच ब्रेक: खामोशी के पीछे का शोरलंच की घंटी बजते ही पूरी क्लास में एक अजीब सी हलचल मच गई। आमतौर पर छात्र कैंटीन की तरफ भागते थे, लेकिन आज हर कोई रुक-रुक कर मोहित और रोशनी को देख रह...

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सर...उस समय ड्यूटी डॉक्टर रुद्र नही डॉक्टर अनन्या थी""अनन्या.....मैने रुद्र को कहा भी था की अनन्या को दूर रखना मेरे केस से ...फिर भी"प्रकाश ने गहरी सांस ली, खुद को संभालने की कोशिश...

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कुँवारी बिंदी - 1 By Prem Shankar

       -  लेखक: प्रेम शंकर️ लेखक का परिचय (Author Bio)प्रेम शंकर हिंदी साहित्य जगत में एक उभरते हुए और भावुक लेखक हैं। अपनी अनूठी सोच, जादुई कल्पनाशीलता और मानवीय संवेदनाओं को शब्द...

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माँ का वह अनकहा खत (भाग 1) By Nisha Choudhary

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दो पतियों की लाडली पत्नी - 71 - Session 1 The End By Sonam Brijwasi

कुछ दिनों बाद श्रेया और नवजात बच्ची को अस्पताल से घर ले आया गया…घर लौटते ही पूरा माहौल बदल गया था…जैसे घर में एक नई रौनक आ गई हो। अब घर में दो छोटे बच्चे थे शिवांश और उसकी नन्ही बह...

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