नाटक कहानियाँ पढ़े और PDF में डाउनलोड करे

Stories and books have been a fundamental part of human culture since the dawn of civilization, acting as a powerful tool for communication, education, and entertainment. Whether told around a campfire, written in ancient texts, or shared through modern media, Drama in hindi books and stories have the unique ability to transcend time and space, connecting people across generations and cultures. Th...Read More


Categories
Featured Books

Shakti ke Shiv - 4 By sheetal

शक्ति की नज़र कुछ सेकंड के लिए उस अंधेरे corridor पर टिक गई जहाँ से सब शुरू हुआ था।“Agar ye sirf ek part hai… to baaki network kahan hai?”थोड़ी देर खामोशी रही।“Aur sabse बड़ा सवाल—...

Read Free

पवित्र प्रेम या अभिशाप ? - 15 By Sonam Brijwasi

रात का जंगल…चारों तरफ घना अंधेरा फैला हुआ था। हवा इतनी तेज़ चल रही थी कि पेड़ों की शाखाएँ टूटने लगी थीं। कृष्णा अब भी राधा को अपनी बाँहों में उठाए भाग रहा था। उसकी साँसें तेज़ थीं…...

Read Free

बेहद दर्द - 1 By skd

“मैंने कुछ नहीं किया… मुझे मत मारो… बहुत दर्द हो रहा है।मैंने कोई गलती नहीं की। सच में मम्मी… वो तो विक्की अंकल ने मेरे साथ गलत व्यवहार किया था। मैं सच कह रही हूँ… मैंने कुछ नहीं क...

Read Free

50 दिन का सन्नाटा - एपिसोड 20 By Priya Chaudhary

(हेलिकॉप्टर के पंखों के घूमने की तेज़ और भयंकर आवाज़। हवा का शोर इतना है कि आर्यन को अपनी खुद की आवाज़ भी सुनाई नहीं दे रही। लोहे की चीखती हुई आवाज़ें जैसे हेलिकॉप्टर का ढांचा टूट...

Read Free

मंदिर में तुम - 2 By Sonam Brijwasi

अब ये रोज़ का सिलसिला बन गया था…सुबह की वो पवित्र घड़ी…मंदिर की वही सीढ़ियाँ…और सुनामी और कृतिक का यूँ मिलना…कभी भगवान के सामने खड़े होकर…तो कभी मंदिर के पीछे वाले शांत कोने में बै...

Read Free

MTNL की घंटी - 24 By kalpita

सारे दृश्य महक के ज़ेहन में तैरने लगे —गौरव  का चुप-चाप खिंचा-खिंचा रहना, हर बार पैसों की बात से किनारा करना, बच्चों की मासूमियत को नज़रअंदाज़ करना,और फिर एक दिन...बस यूँ ही...बिना...

Read Free

Devil की दास्तान - 4 By Sonam Brijwasi

ऑफिस का देर रात का सीन। घड़ी में रात के 12 बज रहे हैं। पूरा फ्लोर खाली है। टेबल पर फाइलें बिखरी हैं। सिमरन थकी हुई कुर्सी पर बैठी-बैठी सो जाती है। उसके मासूम चेहरे पर नींद की झलक ह...

Read Free

रोशनी जिंदगी की कैसी कशमकश - 3 By RAAHULL SHARMA

अपने घर पहुंच जाती हैं घर की बेरुखी और रोशनी की तन्हाईरोशनी हाँफती हुई घर पहुँची थी, उसका शरीर कांप रहा था और आँखों में खौफ था। उसने सोचा था कि दादी भले ही उसे पसंद न करती हों, लेक...

Read Free

दो पतियों की लाडली पत्नी - 34 By Sonam Brijwasi

रात, 2:15 AM — कमरे में हल्का अँधेराखिड़की पर चाँद की हल्की रोशनी गिर रही है। Kabir अपनी तरफ करवट लेकर सोने का नाटक कर रहा है। पर उसकी साँसें गवाह हैं कि वो जाग रहा है।Shreya उसकी...

Read Free

अनकहा जुनूँ - 7 By Priya Chaudhary

(घड़ी की सुई की टिक-टिक, धीरे-धीरे मद्धम होती हुई। कमरा पूरी तरह शांत, लेकिन एक अजीब सी भारीपन महसूस हो रहा है)नरेटर: खिलौना टूट चुका था, लेकिन घर के हर कोने में अभी भी निकी की मौजू...

Read Free

अजनबी - 3 By Sonam Brijwasi

अपने जैसी परछाइयों को सामने देखकर…दोनों के पैरों तले ज़मीन खिसक गई…वो दोनों परछाइयां…धीरे-धीरे हंसना बंद कर चुकी थीं…अब वो सिर्फ…उन्हें घूर रही थीं…बिल्कुल वैसी ही आंखों से… जैसी उ...

Read Free

मौत से भागती दुल्हन - 12 By Sonam Brijwasi

मैदान में चारों तरफ अफरा-तफरी मची हुई थी…धूल, चीखें और गोलियों की गूंज के बीच लड़ाई अपने चरम पर थी।━━━━━━━━━━━━━━━और तभी—धाँय!!!एक तेज़ गोली की आवाज़ आई। पूरा माहौल एक सेकंड के लिए...

Read Free

माफिया कि दुल्हनिया - भाग 3 By Mamta Sahani

अपने कमरे में खिड़की के पास खड़ी थी।बाहर हल्की बारिश हो रही थी… लेकिन उसके अंदर जैसे तूफान चल रहा था।“रिश्ता…”उसके कानों में बस यही शब्द गूंज रहा था।पापा नीचे बैठकर बड़े उत्साह से...

Read Free

धर्म की परिभाषा वेदांत 2.0 By Vedanta Life Agyat Agyani

वेदांत 2.0 – प्रस्तावना (Preface)मैं देह से मनीष कुमार हूँ, पर इस ग्रंथ में "अज्ञात अज्ञानी" के नाम से लिख रहा हूँ। यह नाम केवल छद्म नहीं, एक घोषणा है: यहाँ जो शब्द, सूत्र और विचार...

Read Free

Honted Jobplace - 11 By Sonam Brijwasi

ऑफिस — सीनियर्स के केबिन के अंदर। तीनों सीनियर्स ज़मीन पर बेहोश पड़े हैं। बाकी कर्मचारी दरवाज़े के बाहर खड़े डरे हुए देख रहे हैं। कृषांत धीरे से श्राव्या के कंधे पकड़कर उसे झकझोरता...

Read Free

Shakti ke Shiv - 4 By sheetal

शक्ति की नज़र कुछ सेकंड के लिए उस अंधेरे corridor पर टिक गई जहाँ से सब शुरू हुआ था।“Agar ye sirf ek part hai… to baaki network kahan hai?”थोड़ी देर खामोशी रही।“Aur sabse बड़ा सवाल—...

Read Free

पवित्र प्रेम या अभिशाप ? - 15 By Sonam Brijwasi

रात का जंगल…चारों तरफ घना अंधेरा फैला हुआ था। हवा इतनी तेज़ चल रही थी कि पेड़ों की शाखाएँ टूटने लगी थीं। कृष्णा अब भी राधा को अपनी बाँहों में उठाए भाग रहा था। उसकी साँसें तेज़ थीं…...

Read Free

बेहद दर्द - 1 By skd

“मैंने कुछ नहीं किया… मुझे मत मारो… बहुत दर्द हो रहा है।मैंने कोई गलती नहीं की। सच में मम्मी… वो तो विक्की अंकल ने मेरे साथ गलत व्यवहार किया था। मैं सच कह रही हूँ… मैंने कुछ नहीं क...

Read Free

50 दिन का सन्नाटा - एपिसोड 20 By Priya Chaudhary

(हेलिकॉप्टर के पंखों के घूमने की तेज़ और भयंकर आवाज़। हवा का शोर इतना है कि आर्यन को अपनी खुद की आवाज़ भी सुनाई नहीं दे रही। लोहे की चीखती हुई आवाज़ें जैसे हेलिकॉप्टर का ढांचा टूट...

Read Free

मंदिर में तुम - 2 By Sonam Brijwasi

अब ये रोज़ का सिलसिला बन गया था…सुबह की वो पवित्र घड़ी…मंदिर की वही सीढ़ियाँ…और सुनामी और कृतिक का यूँ मिलना…कभी भगवान के सामने खड़े होकर…तो कभी मंदिर के पीछे वाले शांत कोने में बै...

Read Free

MTNL की घंटी - 24 By kalpita

सारे दृश्य महक के ज़ेहन में तैरने लगे —गौरव  का चुप-चाप खिंचा-खिंचा रहना, हर बार पैसों की बात से किनारा करना, बच्चों की मासूमियत को नज़रअंदाज़ करना,और फिर एक दिन...बस यूँ ही...बिना...

Read Free

Devil की दास्तान - 4 By Sonam Brijwasi

ऑफिस का देर रात का सीन। घड़ी में रात के 12 बज रहे हैं। पूरा फ्लोर खाली है। टेबल पर फाइलें बिखरी हैं। सिमरन थकी हुई कुर्सी पर बैठी-बैठी सो जाती है। उसके मासूम चेहरे पर नींद की झलक ह...

Read Free

रोशनी जिंदगी की कैसी कशमकश - 3 By RAAHULL SHARMA

अपने घर पहुंच जाती हैं घर की बेरुखी और रोशनी की तन्हाईरोशनी हाँफती हुई घर पहुँची थी, उसका शरीर कांप रहा था और आँखों में खौफ था। उसने सोचा था कि दादी भले ही उसे पसंद न करती हों, लेक...

Read Free

दो पतियों की लाडली पत्नी - 34 By Sonam Brijwasi

रात, 2:15 AM — कमरे में हल्का अँधेराखिड़की पर चाँद की हल्की रोशनी गिर रही है। Kabir अपनी तरफ करवट लेकर सोने का नाटक कर रहा है। पर उसकी साँसें गवाह हैं कि वो जाग रहा है।Shreya उसकी...

Read Free

अनकहा जुनूँ - 7 By Priya Chaudhary

(घड़ी की सुई की टिक-टिक, धीरे-धीरे मद्धम होती हुई। कमरा पूरी तरह शांत, लेकिन एक अजीब सी भारीपन महसूस हो रहा है)नरेटर: खिलौना टूट चुका था, लेकिन घर के हर कोने में अभी भी निकी की मौजू...

Read Free

अजनबी - 3 By Sonam Brijwasi

अपने जैसी परछाइयों को सामने देखकर…दोनों के पैरों तले ज़मीन खिसक गई…वो दोनों परछाइयां…धीरे-धीरे हंसना बंद कर चुकी थीं…अब वो सिर्फ…उन्हें घूर रही थीं…बिल्कुल वैसी ही आंखों से… जैसी उ...

Read Free

मौत से भागती दुल्हन - 12 By Sonam Brijwasi

मैदान में चारों तरफ अफरा-तफरी मची हुई थी…धूल, चीखें और गोलियों की गूंज के बीच लड़ाई अपने चरम पर थी।━━━━━━━━━━━━━━━और तभी—धाँय!!!एक तेज़ गोली की आवाज़ आई। पूरा माहौल एक सेकंड के लिए...

Read Free

माफिया कि दुल्हनिया - भाग 3 By Mamta Sahani

अपने कमरे में खिड़की के पास खड़ी थी।बाहर हल्की बारिश हो रही थी… लेकिन उसके अंदर जैसे तूफान चल रहा था।“रिश्ता…”उसके कानों में बस यही शब्द गूंज रहा था।पापा नीचे बैठकर बड़े उत्साह से...

Read Free

धर्म की परिभाषा वेदांत 2.0 By Vedanta Life Agyat Agyani

वेदांत 2.0 – प्रस्तावना (Preface)मैं देह से मनीष कुमार हूँ, पर इस ग्रंथ में "अज्ञात अज्ञानी" के नाम से लिख रहा हूँ। यह नाम केवल छद्म नहीं, एक घोषणा है: यहाँ जो शब्द, सूत्र और विचार...

Read Free

Honted Jobplace - 11 By Sonam Brijwasi

ऑफिस — सीनियर्स के केबिन के अंदर। तीनों सीनियर्स ज़मीन पर बेहोश पड़े हैं। बाकी कर्मचारी दरवाज़े के बाहर खड़े डरे हुए देख रहे हैं। कृषांत धीरे से श्राव्या के कंधे पकड़कर उसे झकझोरता...

Read Free