बाल कथाएँ कहानियाँ पढ़े और PDF में डाउनलोड करे

Stories and books have been a fundamental part of human culture since the dawn of civilization, acting as a powerful tool for communication, education, and entertainment. Whether told around a campfire, written in ancient texts, or shared through modern media, Children Stories in hindi books and stories have the unique ability to transcend time and space, connecting people across generations and c...Read More


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    “सब्जी वाला लड़का” आर 0 के 0 लाल बाबूजी सब्जियां ले लीजिए, सस...

  • विकलांग मन

    लगातार दूसरी बार नमन आठवीं में फेल हो गया। उसके पापा ने उसकी डंडे से पिटाई की...

  • जंगल की परी !!

    बहुत समय पहले की बात हैं, चिंटू नाम का एक छोटा लड़का जो लगभग सात साल का था एक छोट...

हमें बचाओ By Kusum Agarwal

वह फाउंटेन पेन चलता-चलता फिर लड़खड़ा गया और नोटबुक के नाजुक बदन में बड़ी जोर से चुभते हुए रुक गया। रुकते-रुकते उसने अपने बदन में से कुछ इंक नोट बुक के साफ-सुथरे पन्ने पर गिरा दी। य...

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Untitled By r k lal

“सब्जी वाला लड़का” आर 0 के 0 लाल बाबूजी सब्जियां ले लीजिए, सस्ती और हरी सब्जियां ले लीजिए। मोहल्ले की गली में एक लड़का काफी देर से आवाज लगा रहा था । एकांशी किचेन...

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जादूगर जंकाल और सोनपरी (1) By राज बोहरे

जादूगर जंकाल और सोनपरी बाल कहानी लेखक.राजनारायण बोहरे जादूगर जंकाल और सोनपरी बहुत पुरानी बात है। जब इस देश में जादूगर और परी, बहुत सारे राजा...

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निदिया By Jyoti Prakash Rai

मनुष्य यदि किसी विषय पर चिंतन मनन करने लगे तो वह जरूर परिणाम प्राप्त कर सकता है और यदि कार्य पूरी मेहनत लगन और निष्ठा से किया गया हो तो निष्कर्ष मनुष्य को स्वयं संतुष्ट करने योग्य...

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दानी की कहानी - 10 By DrPranava Bharti

व्हाट इज़ दिस ? !(दानी की कहानी ) ------------------------------ बात बड़ी बहुत पुरानी है | जब दानी की शादी हुई थी तब दानी बीस वर्ष की थीं | उन दिनों हर घर में फ्रिज और टेलीफ़ोन...

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विकलांग मन By Swati Grover

लगातार दूसरी बार नमन आठवीं में फेल हो गया। उसके पापा ने उसकी डंडे से पिटाई की । माँ ने भी लाड नहीं दिखाया । "पापा बात नहीं समझते, आख़िर मैं पढ़ ही नहीं सकता तो पढ़ाई छुड़...

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जंगल की परी !! By zeba Praveen

बहुत समय पहले की बात हैं, चिंटू नाम का एक छोटा लड़का जो लगभग सात साल का था एक छोटे से घर में रहता था, उसके माँ-बाप नहीं थे, वह अपनी बूढी दादी के साथ रहता था जो हमेशा बीमार रहती थी |...

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नेहा का छाता By Kusum Agarwal

नेहा देखो मैं तुम्हारे लिए एक नया छाता लाई हूं। तुम इसे अपने बस्ते में रख लो ताकि जरूरत पड़ने पर यह तुम्हारे काम आए- माँ ने कहा।नेहा ने ध्यान से उस छाते को देखा। वह नीले रंग का...

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परी लोक का शहद By Pratima Pandey

परी लोक में रानी परी दूर-दूर तक मशहूर थीं। उन्हें परियों के गुरु रोसाव ने थैंक्यू शक्ति दी थी और जादुई तूलिका भी। वह जो चाहतीं, सबकी भलाई में वह कर सकती थीं। वह इसका भरपूर उपयोग...

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अपना घर, सबसे अच्छा ! By zeba Praveen

बहुत समय पहले की बात हैं, मानसरोवर जंगल में चंम्पू नाम का एक छोटा बंदर अपने माता -पिता के साथ रहता था | उस जंगल में किसी भी चीज़ की कमी नहीं थी, सभी जानवर मिल-जुल कर रहते थे, एक दिन...

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कहाँ गईं परियां? By Kusum Agarwal

गति चलो, अब सो जाओ। कल सुबह स्कूल भी जाना है ना। यदि सोने में देरी हो जाएगी तो तुम्हारी नींद पूरी नहीं होगी और तुम सुबह उठने में आनाकानी करोगी। मम्मी ने गति को समझाते हुए कहा और फ...

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प्रवासी पक्षी By Swati Grover

पूरे जंगल में हँसी ख़ुशी का शोर था। चिंकी बंदरिया की शादी सोनू बन्दर के साथ होने वाली थी। दोनों परिवारों की ओर से पूरे जंगल को न्यौता दिया गया था। हम्पी हाथी...

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बकरी और बच्चे - 3 मेव का चूना By Abhinav Bajpai

बकरी और बच्चे (भाग -०३) मेव का चूना जब बकरी ने शेर का पेट अपने सींगो पर लगे तेज, नुकीले चाकू से चीर दिया, तो बहुत दिनों तक शेर के घाव भरे ही नहीं और घाव भर जाने के बाद वह बहुत कमज...

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स्वप्न हो गये बचपन के दिन भी... (19) By Anandvardhan Ojha

स्वप्न हो गये बचपन के दिन भी (19)'शब्द-सहयोग की अनवरत कथा...'पूज्य पिताजी को दिन-रात लिखते-पढ़ते देखकर मैं बड़ा हुआ। मन में आता था कि उन्हीं की तरह कवि-लेखक बनूंगा। बाल्यका...

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अदृश्य गाँव का रहस्य - 3 By Mukesh nagar

वामन गुरु उत्तर की तरफ चले गए थे। वह कुएँ की निचली दीवार पर कभी ध्यान से कुछ देखते तो कभी अपनी अँगुलियों से उसे ठोकते। ऐसा लगता था कुछ खोजने का प्रयास कर रहे थे। नट्टू और बद्री की...

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बाल कथा हीरा मोती By Chaya Agarwal

बालकहानी हीरा-मोती एक गांव में बरगद के दो घने पेड़ घने थे। एक का नाम हीरा था और दूसरे का मोती था। दोनों में गहरी मित्रता थी। वह एक दूसरे के बगैर रहने की कल्पना...

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गुब्बारों की एकता By Kusum Agarwal

रामू गुब्बारे वाले ने गुब्बारे फुलाने शुरू किए। वह एक-एक के बाद एक ढेरों गुब्बारे फुलाता चला गया। फिर वह उन सब गुब्बारों को एक कमरे में बंद करके कुछ देर के लिए बाहर चला गया।रामू के...

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बिखरते सपने - 10 - अंतिम भाग By Goodwin Masih

बिखरते सपने (10) ‘‘बेटा, तुम रोज छत पर खड़ी होकर मुन्ना का खेल देखती हो, तो क्या तुम्हें खेल देखना अच्छा लगता है...?’’ ‘‘जी, जब मुन्ना को बैडमिन्टन खेलते हुए देखती हूं तो मेरा भी मन...

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वफादार मोती By Udita Mishra

वफादार मोती बहुत पहले की बात है एक छोटा सा गांव था उसकी सीमा खतम होने पर एक घना जंगल था। जिसमे बहुत से जंगली जानवर रहते थे पर कोई उस गांव मे नही आता था लेकिन दो भेड़िये रोज रात को प...

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मिठ्ठू और शानी By Udita Mishra

मिठ्ठू और शानी शानी अपने माता पिता के साथ रहती थी वह अपने माता पिता की अकेली संतान थी। वह पढ़ाई में शुरू से ही बहुत होशियार थी वह अपने मामा लोगों की तरह मशहूर डाॅक्टर बनना चाहती थी।...

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रघुवन की कहानियां - सतरंगी दवाई By Sandeep Shrivastava

रघुवन में गुड्डू गैंड़ाहाथी की पहचान भोजन के दुश्मन के नाम से होती थी | वो जिधर भी कुछ भी खाने योग्य देखता तो उसे ख़त्म कर देता| जो भी गुड्डू खाता देखता उसको यही लगता की मेरे लिए खान...

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दाई की माला By DrPranava Bharti

दाई की माला ------------ आज नन्ही मीनू सत्तर वर्ष की वृद्धा हो चली है |हँसी आती है न सत्तर वर्ष की उम्रदराज़ स्त्री को नन्ही मीनू कहते हुए | कभी तो सब ही नन्हे-मुन्ने हो...

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हमें बचाओ By Kusum Agarwal

वह फाउंटेन पेन चलता-चलता फिर लड़खड़ा गया और नोटबुक के नाजुक बदन में बड़ी जोर से चुभते हुए रुक गया। रुकते-रुकते उसने अपने बदन में से कुछ इंक नोट बुक के साफ-सुथरे पन्ने पर गिरा दी। य...

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Untitled By r k lal

“सब्जी वाला लड़का” आर 0 के 0 लाल बाबूजी सब्जियां ले लीजिए, सस्ती और हरी सब्जियां ले लीजिए। मोहल्ले की गली में एक लड़का काफी देर से आवाज लगा रहा था । एकांशी किचेन...

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जादूगर जंकाल और सोनपरी (1) By राज बोहरे

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निदिया By Jyoti Prakash Rai

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दानी की कहानी - 10 By DrPranava Bharti

व्हाट इज़ दिस ? !(दानी की कहानी ) ------------------------------ बात बड़ी बहुत पुरानी है | जब दानी की शादी हुई थी तब दानी बीस वर्ष की थीं | उन दिनों हर घर में फ्रिज और टेलीफ़ोन...

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विकलांग मन By Swati Grover

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जंगल की परी !! By zeba Praveen

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नेहा का छाता By Kusum Agarwal

नेहा देखो मैं तुम्हारे लिए एक नया छाता लाई हूं। तुम इसे अपने बस्ते में रख लो ताकि जरूरत पड़ने पर यह तुम्हारे काम आए- माँ ने कहा।नेहा ने ध्यान से उस छाते को देखा। वह नीले रंग का...

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बकरी और बच्चे - 3 मेव का चूना By Abhinav Bajpai

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स्वप्न हो गये बचपन के दिन भी... (19) By Anandvardhan Ojha

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बाल कथा हीरा मोती By Chaya Agarwal

बालकहानी हीरा-मोती एक गांव में बरगद के दो घने पेड़ घने थे। एक का नाम हीरा था और दूसरे का मोती था। दोनों में गहरी मित्रता थी। वह एक दूसरे के बगैर रहने की कल्पना...

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बिखरते सपने - 10 - अंतिम भाग By Goodwin Masih

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वफादार मोती By Udita Mishra

वफादार मोती बहुत पहले की बात है एक छोटा सा गांव था उसकी सीमा खतम होने पर एक घना जंगल था। जिसमे बहुत से जंगली जानवर रहते थे पर कोई उस गांव मे नही आता था लेकिन दो भेड़िये रोज रात को प...

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मिठ्ठू और शानी By Udita Mishra

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रघुवन की कहानियां - सतरंगी दवाई By Sandeep Shrivastava

रघुवन में गुड्डू गैंड़ाहाथी की पहचान भोजन के दुश्मन के नाम से होती थी | वो जिधर भी कुछ भी खाने योग्य देखता तो उसे ख़त्म कर देता| जो भी गुड्डू खाता देखता उसको यही लगता की मेरे लिए खान...

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दाई की माला By DrPranava Bharti

दाई की माला ------------ आज नन्ही मीनू सत्तर वर्ष की वृद्धा हो चली है |हँसी आती है न सत्तर वर्ष की उम्रदराज़ स्त्री को नन्ही मीनू कहते हुए | कभी तो सब ही नन्हे-मुन्ने हो...

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