बाल कथाएँ कहानियाँ पढ़े और PDF में डाउनलोड करे

Stories and books have been a fundamental part of human culture since the dawn of civilization, acting as a powerful tool for communication, education, and entertainment. Whether told around a campfire, written in ancient texts, or shared through modern media, Children Stories in hindi books and stories have the unique ability to transcend time and space, connecting people across generations and c...Read More


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  • अदृश्य गाँव का रहस्य - 4

    उन्होंने मन ही मन में कहा और सबके पास आकर बैठ गए।वामन देव के बैठने पर उनकी लंबी...

  • बरगद दादा

    बरगद दादा चारों ओर हरियाली से परिपूर्ण एक सुंदर सा उपवन, "नंदन वन "जैसा नाम वै...

  • झंडा ऊंचा रहे हमारा

    "ओ देबू, उठ न। कल 15 अगस्त है, आज चौराहे के पास खाना और सामान बंटेगा।" राजू ने...

सोलहवाँ साल (15) By ramgopal bhavuk

उपन्यास सोलहवाँ साल रामगोपाल भावुक सम्पर्क सूत्र- कमलेश्वर कॉलोनी (डबरा) भवभूति नगर, जिला ग्वालियर म.प्र. 475110 मो 0 -09425715707Email:- tiwariramgopal5@gm...

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आसमान में डायनासौर - 1 By राज बोहरे

आसमान में डायनासौर 1 बाल उपन्यास राजनारायण बोहरे यकायक हड़कंप सा मच गया था। उड़नतश्तरियां ही उड़नतश्तरियां!! आसमान भरा हुआ था उड़नतश्तरि...

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दाने दाने की एक कहानी By SAMIR GANGULY

धनी राम था एक मस्त पंसारी.अगर माप-तौल में डंडी मारता था तो बच्चों को रूंगा (थोड़ा ज़्यादा) भी देता था.उसकी दुकान में घरेलू इस्तेमाल का सारा सामान बिकता था. नून, तेल, गुड़ से लेकर दाल-...

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अदृश्य गाँव का रहस्य - 4 By Mukesh nagar

उन्होंने मन ही मन में कहा और सबके पास आकर बैठ गए।वामन देव के बैठने पर उनकी लंबी दाढ़ी जमीन को छू रही थी।बद्री ने उन्हें भी सत्तू खाने को दिया।नट्टू कुछ देर उन्हें देखता रहा। फिर बोल...

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रहो प्यार से By Anil jaiswal

रहो प्यार सेअनिल जायसवालमिंटू बंदर और चंपा बंदरिया भागते जा रहे थे। बड़ी मुश्किल से आज वे बनवारी मदारी की चंगुल से छूटे थे। उन्होंने तय कर लिया था कि अब कभी किसी की जाल में नहीं फस...

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बरगद दादा By टीना सुमन

बरगद दादा चारों ओर हरियाली से परिपूर्ण एक सुंदर सा उपवन, "नंदन वन "जैसा नाम वैसा ही वातावरण !गगन को छूते हुए भरे पूरे पेड़ ,अठखेलियां करते हुए जानवर ,उन्मुक्त उड़ते हुए पंछी | घर...

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झंडा ऊंचा रहे हमारा By Anil jaiswal

"ओ देबू, उठ न। कल 15 अगस्त है, आज चौराहे के पास खाना और सामान बंटेगा।" राजू ने झिंझोड़ते हुए देबू को उठाने का प्रयास किया।देबू ने आंखें खोलीं। दिन चढ़ने लगा था। फुटपाथ पर सोते-सोते...

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अरगनी के यार By Swapnil Srivastava Ishhoo

अरगनी के यार पार्ट 1 मेकअप पीहू कान पकड़े दीवार के पास खड़ी जोर- जोर से टेसुएं बहा रही थी, उधर मम्मी का गुस्सा था की शांत ही नहीं हो रहा था| होता भी कैसे, सात सौ रुपये की लिपस्टिक...

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केले का बगीचा By Anil jaiswal

अनिल जायसवालरेलगाड़ी धड़ाधड़ पटरियों पर दौड़ती जा रही थी। साथ में रामधन का मन भी उड़ता जा रहा था। पंद्रह साल बाद वह अपने गांव बिहार के हाजीपुर जा रहा था। बनारस से गाड़ी खुले एक घंट...

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छोटू By Swapnil Srivastava Ishhoo

छोटूएक समय की बात है, शहर के बाहरी हिस्से में बनी कालोनी के खँडहर से पड़े एक मकान में कुत्तों का परिवार रहता था | सफ़ेद रंग की सलोनी सबसे बड़ी थी और उसके तीन बच्चे थे | भूरे रंग का...

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मुँह देखी बात By Kusum Agarwal

दीपिका, तुम्हारी बेटी तराना कितनी क्यूट है और बेटा तन्मय भी। बिल्कुल विलायती गुड्डे-गुड़िया जैसे हैं। तुम भी कितने प्यार से रखती हो इनको। तुमने इनके नाम भी बहुत सुंदर रखें हैं- एकद...

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गलतफहमी By Kusum Agarwal

गेम्स पीरियड था। पर नेहा खेल के मैदान में न होकर कक्षा में अकेली बैठी थी। वह बेंच पर सिर टिका कर बैठी कुछ सोच रही थी।नेहा इस स्कूल में इसी वर्ष पढ़ने आई थी। उसे एडमिशन लिए महीना भर...

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दानी की कहानी - 12 By DrPranava Bharti

थोड़ा गरम कर दो न !(दानी की कहानी) ------------------------------------ अब तो दानी की शादी को पचास साल से ऊपर हो चुके हैं लेकिन यह बात तबकी है जब दानी की शादी हुई थी , उनकी...

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गणित के सुपरहीरोज By Pratima Pandey

गणित के सुपरहीरोजदरवाजा बंद होते ही ब्लैकबोर्ड ने राहत की सांस ली। मैथ्स की टीचर चली गई थीं। वह जब भी क्लास में आती थीं, मैथ्स का हौव्वा खड़ा कर देती थीं। सवाल पूछते ही सारे बच्चों...

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घंमडी अंतू By Abha Yadav

गणेश वन में दस हाथी अपने अपने परिवार के साथ रहते थे.ग्याहरवां हाथी अंतू अकेला ही रहता था.उसके बीबी-बच्चे नहीं थे.उसने शादी ही नहीं की थी.परिवार के झमेले उसे पसंद ही नहीं थे....

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सच्ची पूजा By Arjuna Bunty

चैनपुर एक छोटा सा गांव था, जिसमें एक नटखट लड़का अपने माता-पिता के साथ रहता था। जिसका नाम था नंद । नंद नटखट तो था पर होशियार भी था। अपने से बड़ों का सदा सम्मान और आदर किया करता था त...

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जादूगर जंकाल और सोनपरी (11) - अंतिम भाग By राज बोहरे

जादूगर जंकाल और सोनपरी बाल कहानी लेखक.राजनारायण बोहरे 11 यह नजारा देख शिवपाल ने देर नही की वह अपनी किलकारी तलवार को हाथ में ले बेधड़क गुफा में घुस गया। मुख्य गुफा खूब बड़े कमरे के...

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अनोखा चिड़ियाघर By Kusum Agarwal

छुट्टियों दिन थे। रिंकू के चचेरे भाई बहन मीनू-चीनू भी उनके घर आए हुए थे।उस दिन रिंकू ने अपने पापा से कहा- पापा, बहुत दिन हो गए हम कहीं घूमने नहीं गए। हमारी छुट्टियाँ हैं। यदि हम स...

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गुडहल का पेड़ By Kusum Agarwal

सुबह स्कूल जाने से पहले स्नेहा दौड़ी-दौड़ी बगिया में गई। वह एक खिला हुआ सुंदर फूल तोड़ना चाहती थी।“वाह! कितने सारे और कितनी प्यारे फूल हैं बगिया में।” बगिया देखते ही उसके मुंह से...

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नाक ऊँची हो गई By Sneh Goswami

नाक ऊंची हो गई एक दिन अचानक तेज हवाएँ चलने लगी। आँधी में पास पास उगे गेहूं और चने के पौधे बुरी तरह से हिल गये। और अचानक चने का पौधा जा टकराया गेहूं से। तुरंत अपने आप को संभाल...

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दीवाली का उपहार By Kusum Agarwal

पिया और उसके परिवार को ‘आकाश-गंगा’ सोसाइटी में शिफ्ट हुए एक महीना ही हुआ था। यह सोसाइटी शहर के बाहर बनी एक नई सोसाइटी थी। पिया के पापा ने अपनी कुछ जमा पूंजी तथा बैंक-लोन दोनों पैस...

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निवेदन पत्र... By सिमरन जयेश्वरी

"और ये पूरी ताकत के साथ बंटी ने लगाया सिक्स...!!!!!" छोटे कमेंटेटर बल्लू ने हाथ में पकड़ा हुआ बोटल वाले माइक पर चिल्लाकर कहा। और पूरी बच्चा पार्टी हुर्रे-हुर्रे!!! चिल्लाने लगी। "अर...

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सफाई-मंडली By Kusum Agarwal

जब से छुट्टियां हुईं हैं, बोर हो गया हूं। मन ही नहीं लगता। ऐसा लगता है जैसे बिल्कुल निकम्मा हो गया हूं। करूं तो क्या करूं? मनीष बड़बड़ाता हुआ इधर से उधर घूम रहा था कि मां ने आवाज...

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खाली हाथ नहीं लौटते... By सिमरन जयेश्वरी

खाली हाथ नहीं जाते... . . . . . "काका....???? ओ काका...!!! क्या लाये हो मेरे लिए....!!!" उसने काका के गाल पर उंगली फेरते हुए कहा। "अरे गुड्डे तेरे लिए, ये तो सबके लिए है...!!!!! फि...

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मैं भी हूं खास By Pratima Pandey

प्रतिमा पांडेय आज शाम से ही मिंकी उदास थी। उसे पता चला कि उसकी सबसे प्यारी सहेली श्वेता को स्कॉलरशिप मिली है। बस उसे उदासी ने आ घेरा। मन में सोच रही थी कि श्वेता कितनी इंटेलिजेंट ह...

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सोलहवाँ साल (15) By ramgopal bhavuk

उपन्यास सोलहवाँ साल रामगोपाल भावुक सम्पर्क सूत्र- कमलेश्वर कॉलोनी (डबरा) भवभूति नगर, जिला ग्वालियर म.प्र. 475110 मो 0 -09425715707Email:- tiwariramgopal5@gm...

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आसमान में डायनासौर - 1 By राज बोहरे

आसमान में डायनासौर 1 बाल उपन्यास राजनारायण बोहरे यकायक हड़कंप सा मच गया था। उड़नतश्तरियां ही उड़नतश्तरियां!! आसमान भरा हुआ था उड़नतश्तरि...

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दाने दाने की एक कहानी By SAMIR GANGULY

धनी राम था एक मस्त पंसारी.अगर माप-तौल में डंडी मारता था तो बच्चों को रूंगा (थोड़ा ज़्यादा) भी देता था.उसकी दुकान में घरेलू इस्तेमाल का सारा सामान बिकता था. नून, तेल, गुड़ से लेकर दाल-...

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अदृश्य गाँव का रहस्य - 4 By Mukesh nagar

उन्होंने मन ही मन में कहा और सबके पास आकर बैठ गए।वामन देव के बैठने पर उनकी लंबी दाढ़ी जमीन को छू रही थी।बद्री ने उन्हें भी सत्तू खाने को दिया।नट्टू कुछ देर उन्हें देखता रहा। फिर बोल...

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रहो प्यार से By Anil jaiswal

रहो प्यार सेअनिल जायसवालमिंटू बंदर और चंपा बंदरिया भागते जा रहे थे। बड़ी मुश्किल से आज वे बनवारी मदारी की चंगुल से छूटे थे। उन्होंने तय कर लिया था कि अब कभी किसी की जाल में नहीं फस...

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बरगद दादा By टीना सुमन

बरगद दादा चारों ओर हरियाली से परिपूर्ण एक सुंदर सा उपवन, "नंदन वन "जैसा नाम वैसा ही वातावरण !गगन को छूते हुए भरे पूरे पेड़ ,अठखेलियां करते हुए जानवर ,उन्मुक्त उड़ते हुए पंछी | घर...

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झंडा ऊंचा रहे हमारा By Anil jaiswal

"ओ देबू, उठ न। कल 15 अगस्त है, आज चौराहे के पास खाना और सामान बंटेगा।" राजू ने झिंझोड़ते हुए देबू को उठाने का प्रयास किया।देबू ने आंखें खोलीं। दिन चढ़ने लगा था। फुटपाथ पर सोते-सोते...

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अरगनी के यार By Swapnil Srivastava Ishhoo

अरगनी के यार पार्ट 1 मेकअप पीहू कान पकड़े दीवार के पास खड़ी जोर- जोर से टेसुएं बहा रही थी, उधर मम्मी का गुस्सा था की शांत ही नहीं हो रहा था| होता भी कैसे, सात सौ रुपये की लिपस्टिक...

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अनिल जायसवालरेलगाड़ी धड़ाधड़ पटरियों पर दौड़ती जा रही थी। साथ में रामधन का मन भी उड़ता जा रहा था। पंद्रह साल बाद वह अपने गांव बिहार के हाजीपुर जा रहा था। बनारस से गाड़ी खुले एक घंट...

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छोटू By Swapnil Srivastava Ishhoo

छोटूएक समय की बात है, शहर के बाहरी हिस्से में बनी कालोनी के खँडहर से पड़े एक मकान में कुत्तों का परिवार रहता था | सफ़ेद रंग की सलोनी सबसे बड़ी थी और उसके तीन बच्चे थे | भूरे रंग का...

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मुँह देखी बात By Kusum Agarwal

दीपिका, तुम्हारी बेटी तराना कितनी क्यूट है और बेटा तन्मय भी। बिल्कुल विलायती गुड्डे-गुड़िया जैसे हैं। तुम भी कितने प्यार से रखती हो इनको। तुमने इनके नाम भी बहुत सुंदर रखें हैं- एकद...

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गणित के सुपरहीरोजदरवाजा बंद होते ही ब्लैकबोर्ड ने राहत की सांस ली। मैथ्स की टीचर चली गई थीं। वह जब भी क्लास में आती थीं, मैथ्स का हौव्वा खड़ा कर देती थीं। सवाल पूछते ही सारे बच्चों...

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गणेश वन में दस हाथी अपने अपने परिवार के साथ रहते थे.ग्याहरवां हाथी अंतू अकेला ही रहता था.उसके बीबी-बच्चे नहीं थे.उसने शादी ही नहीं की थी.परिवार के झमेले उसे पसंद ही नहीं थे....

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जादूगर जंकाल और सोनपरी (11) - अंतिम भाग By राज बोहरे

जादूगर जंकाल और सोनपरी बाल कहानी लेखक.राजनारायण बोहरे 11 यह नजारा देख शिवपाल ने देर नही की वह अपनी किलकारी तलवार को हाथ में ले बेधड़क गुफा में घुस गया। मुख्य गुफा खूब बड़े कमरे के...

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नाक ऊंची हो गई एक दिन अचानक तेज हवाएँ चलने लगी। आँधी में पास पास उगे गेहूं और चने के पौधे बुरी तरह से हिल गये। और अचानक चने का पौधा जा टकराया गेहूं से। तुरंत अपने आप को संभाल...

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जब से छुट्टियां हुईं हैं, बोर हो गया हूं। मन ही नहीं लगता। ऐसा लगता है जैसे बिल्कुल निकम्मा हो गया हूं। करूं तो क्या करूं? मनीष बड़बड़ाता हुआ इधर से उधर घूम रहा था कि मां ने आवाज...

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