बाल कथाएँ कहानियाँ पढ़े और PDF में डाउनलोड करे

Stories and books have been a fundamental part of human culture since the dawn of civilization, acting as a powerful tool for communication, education, and entertainment. Whether told around a campfire, written in ancient texts, or shared through modern media, Children Stories in hindi books and stories have the unique ability to transcend time and space, connecting people across generations and c...Read More


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कितनी अजीब बात है ना? By SAMIR GANGULY

कितनी अजीब बात है ना?आलेख ने स़िर्फ दसवीं कक्षा ही तो पास की है और सिगरेट पीना भी शुरू करदिया.वैसा पीता तो वह चोरी-छिपे ही है, पर खबर किसे नहीं?दीपू के सारे दोस्त जानतेहैं कि उसका...

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मन बदला By Abha Yadav

केसर वन में लकड़बग्घे का एक परिवार रहता था, जो खानदानी चोर था.यानि रोजीरोटी जुटाने का कार्य चोरी से किया जाता. यह उनका पुश्तैनी धंधा था.इसे अपनाना परिवार के सभी सदस्यों के लि...

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सीमा पार के कैदी - 5 By राजनारायण बोहरे

सीमा पार के कैदी5 बाल उपन्यास राजनारायण बोहरे दतिया (म0प्र0) 5 तीनों अपने रास्ते बढ़े।...

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रामदूत को नमस्कार By SAMIR GANGULY

किसी ने सपने में भी नहीं सोचा था कि साई जी ऐसा करेंगे.काले मुंह वाले भयानक लंगूर को देख स्वयं को भूल, ‘रामदूत प्रणाम’ कहते हुएरिक्शे से कूद कर उससे लिपट पड़ेंगे, ऐसा कौन सोच सकता था...

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तमाशा मौत का By SAMIR GANGULY

स्टेशन से थोड़ा हटकर अचानक उसने लपक कर अर्थी को हाथ बढ़ा कर रोक लिया था. गरीब परिवार के जवान बेटे की अर्थी थी. सो प्रियजन रोते-कलपते, छाती पीटते उसे श्मशान तक लिए जा रहे थे.उसने उ...

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छूना है आसमान - 11 - अंतिम भाग By Goodwin Masih

छूना है आसमान अध्याय 11 मुख्य अतिथि के मंच पर पहुँचते ही प्रेक्षागार एक बार फिर तालियों की आवाज से गूँज उठता है। तालियों का शोर खत्म हो जाने के बाद उद्घोषक कहता है, ‘‘हमारे आने वाल...

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पिंकी जो डरपोक था By SAMIR GANGULY

पिंकू जब बहुत छोटा था, तब वह सबसे डरता था. कुत्ते, बिल्ली, मुर्गे, मेंढक औरखरगोशों से भी वह डरता था. कारखाने के भोंपू, फेरीवाले की हांक और यहां तककि तबले की तेज थाप भी उसे डरा दे...

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डयू का सबक By Abha Yadav

डयू और जैकी हरिमोहन की कोठी में रहते थे.दोनों हरिमोहन के पालतू कुत्ते थे.साथ रहते-रहते दोनों में दोस्ती हो गई थी.लेकिन, दोनों के स्वभाव में जमीन आसमान का अंतर था. जैकी गुस्सै...

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बैक बेंचर By Anil jaiswal

अनिल जायसवालस्कूल में आज बहुत हलचल थी। आधे छुट्टी के बाद सब सेमिनार हॉल मे इकट्ठे होने लगे। चारों तरह शोर था। सब स्कूल का नाम रोशन करने वाले आलोक भैया से मिलना चाहते थे। हाल ही में...

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मैं भी खेलूंगा By Anil jaiswal

अनिल जायसवालमोतीपुर राज्य के पहाड़ी इलाके में एक राक्षस रहता था। उसका एक छोटा बेटा था गुलटू। सुबह होते ही राक्षस और राक्षसी खाने की तलाश में चले जाते। पीछे रह जाता अकेला गुलटू। पहा...

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लाल हड्डी का रहस्य By SAMIR GANGULY

सचमुच ही हड्डी ने तीन रंग बदला था. सुबह यह सफेद आम हड्डियों जैसी ही थी, लेकिन दोपहर होते-होते उसमें पीलापन आने लगा था और अब रात के दस बजेयह चटक खूनी लाल रंग से चमक रही थी.चांज-दल क...

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पेड़ गायब By Anil jaiswal

अनिल जायसवालरोज का तरह अंशु स्कूल जाने के लिए मुंह अंधेरे उठा। उसके पिता लकड़ी के बड़े व्यापारी थे। बड़ा-सा बंगला था। उसके चारों तरफ हरियाली थी। अंशु की आदत थी, रोज सुबह उठकर बगीचे...

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जादुई ऐनक से शेर का मुकाबला By SAMIR GANGULY

जादुई ऐनक के सहारे शेर का मुकाबलाचारों को कमरे में घुसते देख साई जी ने तुरंत ही अपना सामान संदूक में डाल‘भड़ाम’ से उसे बंद कर डाला और उसके ऊपर बैठ कर आग्नेय नेत्रों से बच्चों कोघूरन...

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भूत कथा - तो क्या ? By SAMIR GANGULY

तो क्या...? तो क्या चंदन की बात सही है? क्या सचमुच रात के बारह बजे नगर की समूची टेलीफ़ोन व्यवस्था पर भूतों-जिन्नों और पिशाचों का कब्जा हो जाता है? वे सारी रात आपस में हंसते-बाते करत...

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आसमान में डायनासौर - 11 - अतिम By राज बोहरे

आसमान में डायनासौर 11 बाल उपन्यास राजनारायण बोहरे प्रो.दयाल ने चालक की ओर अपना हाथ हिलाकर इंजिन के चलाने के तेल के बारे में पूछा तो उसने इशारे से जमीन पर लगे पे...

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बस पांच मिनट By sudha bhargava

बालकहानी सुधा भार्गव बस पांच मिनट/सुधा भार्गव नादान अनारू समझ नहीं पा रहा है माँ को क्या हो गया है। उसके हर काम में देरी करती हैं।वह पहले की तरह तुरंत क्यों नहीं करती।...

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किताबों की क़ैद से आजाद By SAMIR GANGULY

मुनिया से गर्मी की दोपहर का वक्त काटे नहीं कटता.नानी मुटल्ली भरपेट दाल-भात खाकर खर्राटे लेकर सोने लगती है.मम्मी और डैडी ऑफिस.अब मुनिया करे तो क्या? बालकनी पर कितनी देर? और टीवी देख...

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रेत का घर By Rajesh Kumar

"रेत का घर", आज अचानक मेरी स्मृति में उभर आया, बचपन के उन सुनहरे औझल हुए पलों को स्मरण कर हृदय भर सा आया। एक अनोखी सी प्रसन्नता मेरे अंदर कौंध रही थी। शाम का समय आसमान में...

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मंगल ग्रह के जुगनू By Prabodh Kumar Govil

- अंगूर का रस। गिलहरी ने कहा। - आम का रस। कॉक्रोच चिल्लाया मेंढकी बोली- अनार का रस। तितली पंख फड़फड़ाते हुए बोली - गन्ने का रस! कबूतर कुछ कहने वाला था कि किसी के ज़ोर- ज़ोर से हंसन...

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ख़ुशी का ताबीज By SAMIR GANGULY

पिताजी का नाम यूं तो राजीव सेठ था, पर वे ज़्यादा मशहूर से थे कंजूस सेठ के नाम से.यह नाम बचपन में दादी ने यानी उनकी मां ने, जवानी में मम्मी ने और अधबुढ़ापे में बाकी बची सारी दुनिया ने...

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नीबाबाग By Jyoti Prakash Rai

किसी नगर में एक राजा और रानी राज किया करते थे। राजा को एक लड़का था वह बहुत ही सराराती था, रास्ते में आते जाते लोगों को अक्सर परेशान किया करता था। राजा उसका विवाह करा दिए तब पर भी उ...

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सोलहवाँ साल (18) - अंतिम By ramgopal bhavuk

उपन्यास सोलहवाँ साल रामगोपाल भावुक सम्पर्क सूत्र- कमलेश्वर कॉलोनी (डबरा) भवभूति नगर, जिला ग्वालियर म.प्र. 475110 मो 0 -09425715707Email:- tiwariramgopal5...

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आसमान में डायनासौर - 4 By राज बोहरे

आसमान में डायनासौर 4 बाल उपन्यास राजनारायण बोहरे जब जागे तो वे चौंक गये उन्होंने अपना यान पुच्छल तारे के पीछे लपकता हुआ लगाया था सो सबसे पहले उन्होंने शुक्र, पृथ्वी और पु...

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त्‍याग By Ramnarayan Sungariya

कहानी-- त्‍याग आर.एन. सुनगरया...

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डुगडुगी, छड़ी और मंतर By SAMIR GANGULY

एक जंगल में रहता था एक बंदर. मस्त कलंदर.सारा दिन बंदरपन करता फिरता. कभी सोते भालुओं के कान में चींख कर उन्हें डराता तो कभी डाल हिलाकर पक्षियों को उड़ाकर खिलखिलाता. अपनी शैतानियों से...

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बाढ़ और दादी By Anil jaiswal

अनिल जायसवाल"बागमती में पानी उफान मार रहा है। कभी भी किनारा तोड़कर पानी गांव में घुस आएगा। सरकार ने चेतावनी जारी की है। हमें सुबह तक गांव खाली करना है। सब तैयार रहना।" बुधिया चिल्ला...

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कितनी अजीब बात है ना? By SAMIR GANGULY

कितनी अजीब बात है ना?आलेख ने स़िर्फ दसवीं कक्षा ही तो पास की है और सिगरेट पीना भी शुरू करदिया.वैसा पीता तो वह चोरी-छिपे ही है, पर खबर किसे नहीं?दीपू के सारे दोस्त जानतेहैं कि उसका...

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मन बदला By Abha Yadav

केसर वन में लकड़बग्घे का एक परिवार रहता था, जो खानदानी चोर था.यानि रोजीरोटी जुटाने का कार्य चोरी से किया जाता. यह उनका पुश्तैनी धंधा था.इसे अपनाना परिवार के सभी सदस्यों के लि...

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सीमा पार के कैदी - 5 By राजनारायण बोहरे

सीमा पार के कैदी5 बाल उपन्यास राजनारायण बोहरे दतिया (म0प्र0) 5 तीनों अपने रास्ते बढ़े।...

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रामदूत को नमस्कार By SAMIR GANGULY

किसी ने सपने में भी नहीं सोचा था कि साई जी ऐसा करेंगे.काले मुंह वाले भयानक लंगूर को देख स्वयं को भूल, ‘रामदूत प्रणाम’ कहते हुएरिक्शे से कूद कर उससे लिपट पड़ेंगे, ऐसा कौन सोच सकता था...

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तमाशा मौत का By SAMIR GANGULY

स्टेशन से थोड़ा हटकर अचानक उसने लपक कर अर्थी को हाथ बढ़ा कर रोक लिया था. गरीब परिवार के जवान बेटे की अर्थी थी. सो प्रियजन रोते-कलपते, छाती पीटते उसे श्मशान तक लिए जा रहे थे.उसने उ...

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छूना है आसमान - 11 - अंतिम भाग By Goodwin Masih

छूना है आसमान अध्याय 11 मुख्य अतिथि के मंच पर पहुँचते ही प्रेक्षागार एक बार फिर तालियों की आवाज से गूँज उठता है। तालियों का शोर खत्म हो जाने के बाद उद्घोषक कहता है, ‘‘हमारे आने वाल...

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पिंकी जो डरपोक था By SAMIR GANGULY

पिंकू जब बहुत छोटा था, तब वह सबसे डरता था. कुत्ते, बिल्ली, मुर्गे, मेंढक औरखरगोशों से भी वह डरता था. कारखाने के भोंपू, फेरीवाले की हांक और यहां तककि तबले की तेज थाप भी उसे डरा दे...

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डयू का सबक By Abha Yadav

डयू और जैकी हरिमोहन की कोठी में रहते थे.दोनों हरिमोहन के पालतू कुत्ते थे.साथ रहते-रहते दोनों में दोस्ती हो गई थी.लेकिन, दोनों के स्वभाव में जमीन आसमान का अंतर था. जैकी गुस्सै...

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बैक बेंचर By Anil jaiswal

अनिल जायसवालस्कूल में आज बहुत हलचल थी। आधे छुट्टी के बाद सब सेमिनार हॉल मे इकट्ठे होने लगे। चारों तरह शोर था। सब स्कूल का नाम रोशन करने वाले आलोक भैया से मिलना चाहते थे। हाल ही में...

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मैं भी खेलूंगा By Anil jaiswal

अनिल जायसवालमोतीपुर राज्य के पहाड़ी इलाके में एक राक्षस रहता था। उसका एक छोटा बेटा था गुलटू। सुबह होते ही राक्षस और राक्षसी खाने की तलाश में चले जाते। पीछे रह जाता अकेला गुलटू। पहा...

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लाल हड्डी का रहस्य By SAMIR GANGULY

सचमुच ही हड्डी ने तीन रंग बदला था. सुबह यह सफेद आम हड्डियों जैसी ही थी, लेकिन दोपहर होते-होते उसमें पीलापन आने लगा था और अब रात के दस बजेयह चटक खूनी लाल रंग से चमक रही थी.चांज-दल क...

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अनिल जायसवालरोज का तरह अंशु स्कूल जाने के लिए मुंह अंधेरे उठा। उसके पिता लकड़ी के बड़े व्यापारी थे। बड़ा-सा बंगला था। उसके चारों तरफ हरियाली थी। अंशु की आदत थी, रोज सुबह उठकर बगीचे...

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जादुई ऐनक से शेर का मुकाबला By SAMIR GANGULY

जादुई ऐनक के सहारे शेर का मुकाबलाचारों को कमरे में घुसते देख साई जी ने तुरंत ही अपना सामान संदूक में डाल‘भड़ाम’ से उसे बंद कर डाला और उसके ऊपर बैठ कर आग्नेय नेत्रों से बच्चों कोघूरन...

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तो क्या...? तो क्या चंदन की बात सही है? क्या सचमुच रात के बारह बजे नगर की समूची टेलीफ़ोन व्यवस्था पर भूतों-जिन्नों और पिशाचों का कब्जा हो जाता है? वे सारी रात आपस में हंसते-बाते करत...

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आसमान में डायनासौर - 11 - अतिम By राज बोहरे

आसमान में डायनासौर 11 बाल उपन्यास राजनारायण बोहरे प्रो.दयाल ने चालक की ओर अपना हाथ हिलाकर इंजिन के चलाने के तेल के बारे में पूछा तो उसने इशारे से जमीन पर लगे पे...

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बस पांच मिनट By sudha bhargava

बालकहानी सुधा भार्गव बस पांच मिनट/सुधा भार्गव नादान अनारू समझ नहीं पा रहा है माँ को क्या हो गया है। उसके हर काम में देरी करती हैं।वह पहले की तरह तुरंत क्यों नहीं करती।...

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मुनिया से गर्मी की दोपहर का वक्त काटे नहीं कटता.नानी मुटल्ली भरपेट दाल-भात खाकर खर्राटे लेकर सोने लगती है.मम्मी और डैडी ऑफिस.अब मुनिया करे तो क्या? बालकनी पर कितनी देर? और टीवी देख...

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रेत का घर By Rajesh Kumar

"रेत का घर", आज अचानक मेरी स्मृति में उभर आया, बचपन के उन सुनहरे औझल हुए पलों को स्मरण कर हृदय भर सा आया। एक अनोखी सी प्रसन्नता मेरे अंदर कौंध रही थी। शाम का समय आसमान में...

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- अंगूर का रस। गिलहरी ने कहा। - आम का रस। कॉक्रोच चिल्लाया मेंढकी बोली- अनार का रस। तितली पंख फड़फड़ाते हुए बोली - गन्ने का रस! कबूतर कुछ कहने वाला था कि किसी के ज़ोर- ज़ोर से हंसन...

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नीबाबाग By Jyoti Prakash Rai

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सोलहवाँ साल (18) - अंतिम By ramgopal bhavuk

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त्‍याग By Ramnarayan Sungariya

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बाढ़ और दादी By Anil jaiswal

अनिल जायसवाल"बागमती में पानी उफान मार रहा है। कभी भी किनारा तोड़कर पानी गांव में घुस आएगा। सरकार ने चेतावनी जारी की है। हमें सुबह तक गांव खाली करना है। सब तैयार रहना।" बुधिया चिल्ला...

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