हिंदी Books and Novels are free to read and download

You are welcome to the world of inspiring, thrilling and motivating stories written in your own language by the young and aspiring authors on Matrubharti. You will get a life time experience of falling in love with stories.


श्रेणी
Featured Books

नम आँखे By Nandini Agarwal Apne Kalam Sein

मम्मीमम्मी - मम्मी -मम्मी कहाँ हो आप ' अभिनव अवाज देता हुआ घर में आता है। बेटा मैं यहां स्टोर मे हूं। दीवाली की सफाई कर रही हूँ। अभिनव ये क्या है ? बक्शे मे क्या टटॉल रही हो। म...

Read Free

कोख से अंत तक By ARTI MEENA

एक माँ आज रो रही है।
उसका दम घुट रहा है, वह धीरे-धीरे मर रही है।
क्या कोई उसकी पीड़ा को समझ पाएगा,
या यह दर्द उसे उसके अंत की ओर ले जाएगा?
मैं उसे देख रही हूँ…
क्योंकि मैं उसी...

Read Free

वरदान By Renu Chaurasiya

एक दिन उनके राज्य में एक भिखारी आ पहुँचा। उसके कपड़े फटे-पुराने थे और उसकी त्वचा पर बड़े-बड़े फोड़े-फुंसियाँ थीं, जिनसे निरंतर मवाद बह रहा था। उसके शरीर से दुर्गंध फैल रही । उसके ए...

Read Free

शब्द और सत्य By Shivraj Bhokare

1.प्रेम या व्यापार?

जिसे तुम प्रेम कहते हो, ज़रा उसकी तह में जाकर देखो,
क्या वो रूह का मिलन है, या बस एक गहरा समझौता?
तुमने जिसे अपना कहा, क्या उसे सच में जाना है?
या अपनी अध...

Read Free

इश्क. By om prakash Jain

वेदांत बीस बरस में बहुत तरक्की कर लिया है ।फ़िल्म निर्माता ,निर्देशक और उपन्यासकार लेखक भी है।वह बंगले के लॉन में मैना पक्षी के जोड़े को देखते ही रहा जाता है ।दोनों में इश्क हो रहा थ...

Read Free

तेरहवा द्वार By InkImagination

भाग 1

शापित हवेली

रात के ठीक 3 बजकर 13 मिनट हुए थे।

पूरा गाँव गहरी नींद में डूबा हुआ था। बाहर तेज़ हवा चल रही थी। पेड़ों की सूखी शाखाएँ एक-दूसरे से टकराकर अजीब आवाज़ें निक...

Read Free

पवित्र बहु By archana

रात गहरा चुकी थी। चाँदनी खिड़की से भीतर गिर रही थी, लेकिन कमरे के माहौल में एक अनकही बेचैनी थी।

चित्रा की नींद गहरी थी, चेहरे पर मासूमियत… पर दिव्यम पूरी रात सो नहीं पाया।

वह...

Read Free

तनुदा का अपहरण By Dr. Suryapal Singh

तकनीकी दृष्टि से नाटकों से अधिक सक्षम माध्यम आज उपलब्ध हैं। महान वृत्तान्तों के साथ स्थानीय चटकीले रंग, संयोजन-विखण्डन, रडार छवि- संस्कृति, अतियथार्थता के बीच नाटकों का स्थान कहाँ...

Read Free

वेदान्त 2.0 By Vedanta Life Agyat Agyani

1. प्रारंभिक स्वरूप
परंपरागत मानसिकता में पूजा–पाठ धर्म का आरंभिक और सबसे प्रचलित रूप है।
यह वह अवस्था है जहाँ व्यक्ति बाह्य देवताओं या प्रतीकों की आराधना करता है,
मंत्रोच्चार औ...

Read Free

मुंबई से यूपी तक: एक अनकहा सफर By Avinash

मुंबई की शामें कभी शांत नहीं होतीं। मरीन ड्राइव पर टकराती लहरों का शोर हो या लोकल ट्रेन की वो अंतहीन जद्दोजहद, यहाँ सुकून तलाशना रेत में सुई ढूँढने जैसा है। भार्गव, जो अंधेरी के एक...

Read Free

नम आँखे By Nandini Agarwal Apne Kalam Sein

मम्मीमम्मी - मम्मी -मम्मी कहाँ हो आप ' अभिनव अवाज देता हुआ घर में आता है। बेटा मैं यहां स्टोर मे हूं। दीवाली की सफाई कर रही हूँ। अभिनव ये क्या है ? बक्शे मे क्या टटॉल रही हो। म...

Read Free

कोख से अंत तक By ARTI MEENA

एक माँ आज रो रही है।
उसका दम घुट रहा है, वह धीरे-धीरे मर रही है।
क्या कोई उसकी पीड़ा को समझ पाएगा,
या यह दर्द उसे उसके अंत की ओर ले जाएगा?
मैं उसे देख रही हूँ…
क्योंकि मैं उसी...

Read Free

वरदान By Renu Chaurasiya

एक दिन उनके राज्य में एक भिखारी आ पहुँचा। उसके कपड़े फटे-पुराने थे और उसकी त्वचा पर बड़े-बड़े फोड़े-फुंसियाँ थीं, जिनसे निरंतर मवाद बह रहा था। उसके शरीर से दुर्गंध फैल रही । उसके ए...

Read Free

शब्द और सत्य By Shivraj Bhokare

1.प्रेम या व्यापार?

जिसे तुम प्रेम कहते हो, ज़रा उसकी तह में जाकर देखो,
क्या वो रूह का मिलन है, या बस एक गहरा समझौता?
तुमने जिसे अपना कहा, क्या उसे सच में जाना है?
या अपनी अध...

Read Free

इश्क. By om prakash Jain

वेदांत बीस बरस में बहुत तरक्की कर लिया है ।फ़िल्म निर्माता ,निर्देशक और उपन्यासकार लेखक भी है।वह बंगले के लॉन में मैना पक्षी के जोड़े को देखते ही रहा जाता है ।दोनों में इश्क हो रहा थ...

Read Free

तेरहवा द्वार By InkImagination

भाग 1

शापित हवेली

रात के ठीक 3 बजकर 13 मिनट हुए थे।

पूरा गाँव गहरी नींद में डूबा हुआ था। बाहर तेज़ हवा चल रही थी। पेड़ों की सूखी शाखाएँ एक-दूसरे से टकराकर अजीब आवाज़ें निक...

Read Free

पवित्र बहु By archana

रात गहरा चुकी थी। चाँदनी खिड़की से भीतर गिर रही थी, लेकिन कमरे के माहौल में एक अनकही बेचैनी थी।

चित्रा की नींद गहरी थी, चेहरे पर मासूमियत… पर दिव्यम पूरी रात सो नहीं पाया।

वह...

Read Free

तनुदा का अपहरण By Dr. Suryapal Singh

तकनीकी दृष्टि से नाटकों से अधिक सक्षम माध्यम आज उपलब्ध हैं। महान वृत्तान्तों के साथ स्थानीय चटकीले रंग, संयोजन-विखण्डन, रडार छवि- संस्कृति, अतियथार्थता के बीच नाटकों का स्थान कहाँ...

Read Free

वेदान्त 2.0 By Vedanta Life Agyat Agyani

1. प्रारंभिक स्वरूप
परंपरागत मानसिकता में पूजा–पाठ धर्म का आरंभिक और सबसे प्रचलित रूप है।
यह वह अवस्था है जहाँ व्यक्ति बाह्य देवताओं या प्रतीकों की आराधना करता है,
मंत्रोच्चार औ...

Read Free

मुंबई से यूपी तक: एक अनकहा सफर By Avinash

मुंबई की शामें कभी शांत नहीं होतीं। मरीन ड्राइव पर टकराती लहरों का शोर हो या लोकल ट्रेन की वो अंतहीन जद्दोजहद, यहाँ सुकून तलाशना रेत में सुई ढूँढने जैसा है। भार्गव, जो अंधेरी के एक...

Read Free