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मेरा जीवन साधारण परिस्थितियों में शुरू हुआ, लेकिन मेरे विचार कभी साधारण नहीं रहे...
वर्शाली अपनी आंखें पोंछती हूई कहती है--- अब मैं क्या करू एकांश जी मुझे अपनी बहन...
सुभाष चंद्र बोस की पत्नी के बारे में और एक कहानी: वे भारत क्यों न आ सकींसुभाष चं...
EPISODE 6हवेली का विद्रोह और राजसी फ़रमान अभिमान का जुनून उसके अपने ही परिवार म...
एपिसोड 9: दानव की दहलीजशहर की हलचल माया के कानों में एक धुंधली गूँज की तरह बज रह...
आईने के पीछेपुरानी हवेलियों की अपनी एक ज़ुबान होती है। वे हवाओं के झोंकों में फु...
इतिहास के पन्नों से 18 अल...
आधा तू आधा मैं:- इसके बाद के दिनों में नेहा से व्यवहार में भी रोहित सहज होते गया...
सुबह की पहली किरण अभी खिड़की तक पहुँची भी नहीं थी—कि नीचे से चीख़ने–चिल्लाने की...
अध्याय १: चाणक्य का 'दफ्तर' और रडार जैसे कान मंगलाचरण: एक रहस्यमयी...
गांव की सभी महिलाएं अपने कंगन तोड़ रही थी परंतु एक बुजुर्ग महिला जो की मृत शरीर था उसको कंगन पहनाये जा रहे थे। यह गतिविधि शहर से आए एक रिपोर्टर ने भी देखी और वह आश्चर्यचकित हुआ तथा...
मोहन खासते-खासते बोला दरवाजा खोलो सूरज बेटा। चंदा एकदम बौखला गई उसको लगा इस वक्त कौन आया होगा। मोहन बोला मैं चाचा मोहन आया हूं। चंदा झलाए हुए स्वर में कहा अच्छा-अच्छा रुको कपड...
कमरा छोटा है l एक पलंग, एक कुर्सी, एक तरफ की दीवाल पर बीचो-बीच, दीवाल की अंदर ही शेल्फ बना हुआ है, उस के अंदर कुछ किताबे, घड़ी, कुछ फ्रेम किए हुए फोटोग्राफ, भगवन के कुछ फोटो, सब सही...
चाय का कप हाथ में लेकर धीरे धीरे कांपकपाते पैरों से आराम कुर्सी तक का सफ़र मेरे लिए ऐसा लगा, जैसे एक किलोमीटर का सफ़र। आराम कुर्सी के बराबर में पुराने स्टूल पर चाय का कप रख कर अपने...
काश्मिरी पंडित धीरज और उनकी नववधू शालू ने अपनी शादी के बाद काश्मीर जाने का फैसला किया। धीरज ने शालू के साथ हनीमून मनाने की सोची थी, और इसलिए वे दोनों धीरज के गांव में जा रहे थे। धी...
मां ईश्वर की अनमोल सौगात है। जो संतानों पर करती ममता की बरसात है। मां सृजन करती है जो सृजन की प्रतिमूर्ति हैं। मां बच्चों को जन्म देती है। लालन पालन बड़ी ममता और दुलार से करती ह...
मां संतोषी की महिमा बड़ी अपरम्पार है। मां संतोषी व्रतहमने जब शुरू किया , उस समय हम पढ़ रहे थे। मुझेइच्छा हुई कि मैं संतोषी माता का व्रत करुं । मैंने मां सेकहा कि मैं व्रत शुरू कर ल...
टेलिफोन की घंटी बजती है एक आदमी इन्फेक्टर की वर्दी पहने हुए पुलिस थाने मे बैठा होता है टेलिफोन की घंटी सुनकर वो फोन उठाता है फोन पर बात करने के बाद वह पुलिस थाने से दो हेंड कांस्टे...
वर्षों बाद जब नटराजन अपने पुराने शहर में गया जहाँ उसका बचपन गुजरा था , उसे अपना पुराना घर देखने की इच्छा हुई …. एक सरकारी प्लांट में करीब 35 वर्ष काम करने के बाद कुछ दिन पहले...
राधिका ,राधिका वापस आओ।। बारिश होने वाली है, हमें घर चलना चाहिए ।देखो मौसम कितना खराब हो रहा है और तुम हो कि भीगने जा रही हो। आशी ने अपने बैग से छाता निकालते हुए राधिका की ओ...
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