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अध्याय 4: तूफ़ान... सुबह हवेली में एक अजीब सी खामोशी थी। नौक...
थाने की उस कालकोठरी में जहाँ अयान का खून फर्श की धूल में मिलकर धीरे-धीरे ठंडा पड...
तभी इन दोनो को खुसर - फुसर करता दैखकर कोमल कहती है --कोमल :- क्या खुसर - फुसर चल...
"" नन्हें बच "" "आदि आंटी के घर...
गांव की शाम का अपना ही मज़ा है। शहर में तो बस ट्रैफिक और हॉर्न सुनाई देते हैं, प...
"मायरा! रुको!" रुद्र की आवाज़ पूरे केबिन में गूंजी, लेकिन मैंने पीछे मुड़कर नहीं...
घना अंधेरा जंगल. रात का न जाने कौन- सा पहर था. चारों ओर ऐसा सन्नाटा पसरा हुआ था...
मम्मी की डायरीमम्मी को गुज़रे छह महीने हो गए थे। उस दिन मैं उनका कमरा साफ कर रहा...
---बुआ - महक की कहानी आज सबसे उपेक्षित रिश्ता है बुआ। कोई नहीं बुलाना चाहता बुआ...
समस्या नहीं, समाधान की चर्चाजड़ों को सींचने की आवश्यकतासमाज की अनेक समस्याओं पर...
त के ठीक 12 बजे…सड़क सुनसान थी… हवा में अजीब सी ठंडक घुली हुई थी… रिद्धि सिंह अपनी scooty पर घर लौट रही थी। हेलमेट के अंदर उसकी सांसें तेज़ चल रही थीं, जैसे उसे खुद नहीं पता कि वो...
दोपहर के तीन बज रहे थे। जून की इस चुभती हुई गर्मी में ऐसा लग रहा था मानो आसमान से आग बरस रही हो। दुकान इतनी छोटी थी कि वहां ढंग से खड़े होने की भी जगह नहीं थी, ऊपर से पुरानी किताबो...
बात उन दिनों की है जब मेरी नई नई शादी हुई थी। मेरे पिता जी अपनी ड्यूटी के चक्कर में पड़े हुए थे, अतः उनका हमारे परिवार की ओर ध्यान लगभग कम ही था अतः हमारा सयुंक्त परिबार दादीअम्मा...
तुम्हारे हिस्से का मौन मेरे हिस्से में आया.... और तेरा मन मेरे मन को भाया.....यामिनी की मृत्यु के सातवें दिन घर में अब पहले की तरह सन्नाटा नहीं रहा था।लोग थे,रिश्तेदार थे,बर्तन खनक...
मैं, सतोशी नाकामोतो, और एक लकड़ी का फलसफ़ा चारों तरफ घना अँधेरा। मैं एक अजीब सी जगह पर था। मैंने अपने हाथों को देखने की कोशिश की, पर वहाँ कुछ था ही नहीं, सिर्फ घुप्प अँधेरा। "...
रुद्रपुर की पहाड़ियों पर आज रात आसमां से पानी नहीं, बल्कि साक्षात कहर बरस रहा था। बादलों के गरजने की गूँज ऐसी थी मानो पहाड़ अपना सीना पीट रहे हों। मूसलाधार बारिश ने नीचे की घाटियों क...
“मैडम, क्या आप किसी का इंतज़ार कर रही हैं?” सफेद ड्रेस पहने और हाथ में टैब लिए वेटर ने काम्या से विनम्रता से पूछा। “हाँ… अपने बॉयफ्रेंड का इंतजार कर रही हूं.. वो बस आता ही होगा,...
उत्तर प्रदेश के छोटे से गांव मेहनूपुर की मिट्टी की खुशबू कहानीकहानी की शुरुआत: मेहनूपुर की गलियांमेहनूपुर एक ऐसा गांव है जहां सूरज की पहली किरण के साथ ही हल की आवाजें गूँजने लगती ह...
कृषांत ठाकुर (Hero) — 25 वर्ष का, सख्त मिज़ाज, कम बोलने वाला, लेकिन अंदर से बहुत सी बातें छिपाए हुए। श्रव्या सिंह (Heroine) — 23 वर्ष की, नई-नई जॉइन करने वाली, मासूम, डरपोक और ब...
मुंबई का एक मशहूर कॉलेज, कैंटीन की भीड़ और दोस्तों की मस्ती। एग्जाम्स खत्म हो चुके थे और सभी के चेहरों पर छुट्टियों की खुशी थी। राम, विनोद, सृष्टि, अनामिका, सौरभ, मेहुल और मोनिक...
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