Love Stories Books and Novels are free to read and download

You are welcome to the world of inspiring, thrilling and motivating stories written in your own language by the young and aspiring authors on Matrubharti. You will get a life time experience of falling in love with stories.


श्रेणी
Featured Books

अदृश्य पीया By Sonam Brijwasi

सुनीति ऑफिस से वापस आती है। उसके चेहरे पर थकान और उदासी साफ झलक रही है।
आज ऑफिस में बॉस ने उसे डाँट दिया था। पहली बार उसे अपने आप पर भरोसा टूटा हुआ लगा।
कमरे में आते ही वो ज़मीन पर...

Read Free

खामोश ज़िंदगी के बोलते जज़्बात By Babul haq ansari

सड़कों पर रोज़ की तरह भीड़ दौड़ रही थी।

हर कोई कहीं पहुंचने की जल्दी में था।

लेकिन उन्हीं चेहरों के बीच एक चेहरा ऐसा भी था, जो न दौड़ रहा था, न रुक रहा था — बस चल रहा था... अ...

Read Free

​मेरा प्यार By mamta

दरिया, परिंदे और वो अजनबी

​अज़ीम …. वह ज़ोया को जाते हुए देखता है और सोचता है— "यह कैसी अजनबी थी जो आई तो एक शोर की तरह थी (महंगी गाड़ी, रुतबा), पर छोड़ एक खामोशी गई। क्या यह...

Read Free

चुपके-चुपके आऊँगा By Std Maurya

यह कहानी कुछ ही दिन पहले की है।
एक दिन मैं अपनी डायरी में कहानी लिख रहा था। तभी मेरी खिड़की के पास एक बिल्ली आ गई। वह “म्याऊँ-म्याऊँ” कर रही थी।
मैंने उसे प्यार से “पूसी” कहकर बु...

Read Free

सिसकती वफ़ा: एक अधूरी मोहब्बत की मुकम्मल By Babul haq ansari

कभी-कभी ज़िंदगी वो सवाल पूछ लेती है... जिनका जवाब सिर्फ ख़ामोशी के पास होता है।
और मोहब्बत... वो अक्सर वहीं से शुरू होती है, जहाँ लोग टूट कर बिखर जाते हैं।

सहर की हल्की सी रौ...

Read Free

राधे..प्रेम की अनोखी दास्तां (सीज़न 2) By Soni shakya

इस शाम की तरह जिंदगी भी ढल रही थी राधा की....

शाम के 4:00 रहे थे, राधा अपने कमरे से निकल कर बाहर आती है।

क्या हुआ राधा कुछ चाहिए क्या तुम्हें?

तुम उठकर क्यों चली आई मुझे ब...

Read Free

मुलाक़ात - एक अनकही दास्तान By Aarti Garval

रात का दूसरा पहर था। जैसलमेर का सोनार किला चाँदनी में नहाया हुआ था, और रेगिस्तान की ठंडी हवा रेत के कणों को हल्के-हल्के उड़ा रही थी। दूर से लोक-संगीत की धुनें आ रही थीं—रावणहत्था क...

Read Free

Shaadi, Saazish aur Teen Dil By InkImagination

मुंबई का ताज महल पैलेस होटल आज रात किसी सपने की तरह चमक रहा था। ग्रैंड बॉलरूम को इतना शानदार सजाया गया था कि लग रहा था कोई बॉलीवुड की बड़ी फिल्म की शूटिंग चल रही है। छत से लटके क्र...

Read Free

बारिश के बीच एक अजनबी By Avinash

मुंबई की बारिश का कोई भरोसा नहीं होता। कभी यह सुकून देती है, तो कभी ज़िंदगी की रफ्तार थाम देती है। उस रात भी कुछ ऐसा ही था। आसमान से पानी की चादर गिर रही थी और शहर की चकाचौंध लाइटे...

Read Free

वेलेंटाइन- डे, एक अधूरी शुरुआत By vikram kori

सुहानी को भीड़ पसंद नहीं थी, लेकिन अकेलापन उससे भी ज़्यादा डराता था।
‎शहर की यह शाम भी कुछ वैसी ही थी—आधी भागदौड़ में डूबी हुई, आधी थकी हुई।

‎वह कैफ़े के कोने वाली कुर्सी पर ब...

Read Free

अदृश्य पीया By Sonam Brijwasi

सुनीति ऑफिस से वापस आती है। उसके चेहरे पर थकान और उदासी साफ झलक रही है।
आज ऑफिस में बॉस ने उसे डाँट दिया था। पहली बार उसे अपने आप पर भरोसा टूटा हुआ लगा।
कमरे में आते ही वो ज़मीन पर...

Read Free

खामोश ज़िंदगी के बोलते जज़्बात By Babul haq ansari

सड़कों पर रोज़ की तरह भीड़ दौड़ रही थी।

हर कोई कहीं पहुंचने की जल्दी में था।

लेकिन उन्हीं चेहरों के बीच एक चेहरा ऐसा भी था, जो न दौड़ रहा था, न रुक रहा था — बस चल रहा था... अ...

Read Free

​मेरा प्यार By mamta

दरिया, परिंदे और वो अजनबी

​अज़ीम …. वह ज़ोया को जाते हुए देखता है और सोचता है— "यह कैसी अजनबी थी जो आई तो एक शोर की तरह थी (महंगी गाड़ी, रुतबा), पर छोड़ एक खामोशी गई। क्या यह...

Read Free

चुपके-चुपके आऊँगा By Std Maurya

यह कहानी कुछ ही दिन पहले की है।
एक दिन मैं अपनी डायरी में कहानी लिख रहा था। तभी मेरी खिड़की के पास एक बिल्ली आ गई। वह “म्याऊँ-म्याऊँ” कर रही थी।
मैंने उसे प्यार से “पूसी” कहकर बु...

Read Free

सिसकती वफ़ा: एक अधूरी मोहब्बत की मुकम्मल By Babul haq ansari

कभी-कभी ज़िंदगी वो सवाल पूछ लेती है... जिनका जवाब सिर्फ ख़ामोशी के पास होता है।
और मोहब्बत... वो अक्सर वहीं से शुरू होती है, जहाँ लोग टूट कर बिखर जाते हैं।

सहर की हल्की सी रौ...

Read Free

राधे..प्रेम की अनोखी दास्तां (सीज़न 2) By Soni shakya

इस शाम की तरह जिंदगी भी ढल रही थी राधा की....

शाम के 4:00 रहे थे, राधा अपने कमरे से निकल कर बाहर आती है।

क्या हुआ राधा कुछ चाहिए क्या तुम्हें?

तुम उठकर क्यों चली आई मुझे ब...

Read Free

मुलाक़ात - एक अनकही दास्तान By Aarti Garval

रात का दूसरा पहर था। जैसलमेर का सोनार किला चाँदनी में नहाया हुआ था, और रेगिस्तान की ठंडी हवा रेत के कणों को हल्के-हल्के उड़ा रही थी। दूर से लोक-संगीत की धुनें आ रही थीं—रावणहत्था क...

Read Free

Shaadi, Saazish aur Teen Dil By InkImagination

मुंबई का ताज महल पैलेस होटल आज रात किसी सपने की तरह चमक रहा था। ग्रैंड बॉलरूम को इतना शानदार सजाया गया था कि लग रहा था कोई बॉलीवुड की बड़ी फिल्म की शूटिंग चल रही है। छत से लटके क्र...

Read Free

बारिश के बीच एक अजनबी By Avinash

मुंबई की बारिश का कोई भरोसा नहीं होता। कभी यह सुकून देती है, तो कभी ज़िंदगी की रफ्तार थाम देती है। उस रात भी कुछ ऐसा ही था। आसमान से पानी की चादर गिर रही थी और शहर की चकाचौंध लाइटे...

Read Free

वेलेंटाइन- डे, एक अधूरी शुरुआत By vikram kori

सुहानी को भीड़ पसंद नहीं थी, लेकिन अकेलापन उससे भी ज़्यादा डराता था।
‎शहर की यह शाम भी कुछ वैसी ही थी—आधी भागदौड़ में डूबी हुई, आधी थकी हुई।

‎वह कैफ़े के कोने वाली कुर्सी पर ब...

Read Free