The Download Link has been successfully sent to your Mobile Number. Please Download the App.
You are welcome to the world of inspiring, thrilling and motivating stories written in your own language by the young and aspiring authors on Matrubharti. You will get a life time experience of falling in love with stories.
भाग – 10शाम का समय था।सृष्टि की सिलाई मशीन आज कुछ ज़्यादा देर तक चलती रही।...
दहेज बिना शादी नहींलेखक: विजय शर्मा एरीशहर के पुराने मोहल्ले की तंग गलियों में...
घर जो कभी बेचा नहीं गयाशहर के सबसे चमकदार इलाके में, जहां हर तरफ़ गगनचुंबी इमारत...
एपिसोड 3: वफादारी की अग्निपरीक्षातालाब के किनारे सन्नाटा था, बस सनाया की तेज चलत...
ट्रेन धीरे-धीरे प्लेटफॉर्म पर आकर रुक रही थी। रात के नौ बज चुके थे और शहर की चका...
लाइब्रेरी की आखिरी किताबपुरानी दिल्ली की गलियों में छिपी एक प्राचीन लाइब्रेरी थी...
एकांकीरिश्ता पात्र परिचय रमेश : एक सामान्य कद काठी का नवयुवक, जिसके विवाह के लिए...
खिड़की का सायास्मृतियों का कोहराअगली सुबह जब माया की आँख खुली, तो उसके कमरे में...
"️ सामग्री चेतावनी (Content Warning)इस अध्याय में शारीरिक हिंसा, मानसिक प्रताड़न...
बेटा बड़ी थकान महसुस हो रही थी। रास्ते में कई बार कई पेड़ के नीचे बैठ कर सुस्ता चु...
हॉस्पिटल में आईसीयू के बाहर की हवा भारी थी, जिसमें फिनाइल की तीखी गंध और वेंटिलेटर की 'बीप-बीप' करती डरावनी आवाज़ मिली हुई थी। सान्वी वर्मा के हाथ में पकड़ा हुआ वह बीस लाख...
इटली जिसे माफिया का अड़ा कहा जा है वाह पर एक लड़की पूरे काले कपड़े पहने थी और चहरे पर केप ओर मुंह पर मास्क लगा रखा था वो इस टाइम एक बैंक के सामने खड़ी थी और उसे देख रही थी ये थ...
कहानियां कुछ कह सी जाती है, जो दिल की बात है वो बयां सी कर जाति है ऐसे ही मेरी पहली कहानी की कोशिश का पहला भाग..... 21st...
कुछ प्रेम मिलन के लिए नहीं होते,वे इतिहास बदलने के लिए जन्म लेते हैं।पितामगढ़ और रायगढ़, दो शक्तिशाली राज्य, जिनके बीच वर्षों से शत्रुता थी। कभी जिन राजाओं ने एक ही छाया में बचपन ब...
बारिश की हल्की बूँदें खिड़की के शीशे से टकरा रही थीं। हवा में मिट्टी की खुशबू घुली हुई थी, जैसे ज़मीन भी अपनी कहानी सुनाने को बेचैन हो। Prakhra ने अपनी किताब बंद की, खिड़की के पास...
आज थाने में बड़ा शोर था। एक मासूम सी,, लगभग 23 साल की एक औरत थी। "औरत तो क्या बोले वो उम्र से " एक लडकी ही थी। बदन पर पुरानी सी साड़ी और रंग साफ़,,,, मगर हाथ एक मजदूर क...
योगेश और संगीता का घर जगमगा रहा था। सुंदर बिजली की लड़ियाँ मानो बार-बार खिलखिला कर हँस रही थीं। आने-जाने वालों का मन मोहने वाली इस घर की सुंदरता में ताज़े फूलों की ख़ुशबू अपनी उपस्...
वेदांत बीस बरस में बहुत तरक्की कर लिया है ।फ़िल्म निर्माता ,निर्देशक और उपन्यासकार लेखक भी है।वह बंगले के लॉन में मैना पक्षी के जोड़े को देखते ही रहा जाता है ।दोनों में इश्क हो रहा थ...
पंद्रह दिन के हनीमून से वापिस घर लौटते हुए अधीर ने बीस दिन पहले सात फेरे लेने वाली पत्नी अवनी से बेड पर लेटे हुए गले में बाहें डालते हुए कहा- "अब तो शादी भी हो गई, हनीमून भी हो...
अब मान भी जाओ राधे ...!! राधा और देव कभी पड़ोसी हुआ करते थे। दोनों के पारिवारिक सबंध भी बहुत अच्छे थे। दोनों के पापा बिजनेसमैन थे।. दोनों साथ में खेलते ,कभी लड़ाई करते तो कभी...
लॉग इन करें
लॉगिन से आप मातृभारती के "उपयोग के नियम" और "गोपनीयता नीति" से अपनी सहमती प्रकट करते हैं.
वेरिफिकेशन
ऐप डाउनलोड करें
ऐप डाउनलोड करने के लिए लिंक प्राप्त करें
Copyright © 2026, Matrubharti Technologies Pvt. Ltd. All Rights Reserved.
Please enable javascript on your browser