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मंदिर में तुम By Sonam Brijwasi

सुबह का समय था…हल्की-हल्की ठंडी हवा चल रही थी…मंदिर की घंटियों की मधुर आवाज़ पूरे माहौल को पवित्र बना रही थी…राधा-कृष्ण के मंदिर में आज कुछ खास शांति थी…उसी मंदिर के दरवाज़े पर एक...

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पंखों का बोझ By Amardeep Kumar

कमरे में एसी चल रहा था, फिर भी संजना की हथेलियां पसीने से तर थीं। फोन को इतनी जोर से पकड़ा हुआ था कि उंगलियों के पोर सफेद पड़ गए थे — जैसे अगर उसने ज़रा भी ढील दी, तो कुछ छूट जाएगा...

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रोशनी जिंदगी की कैसी कशमकश By RAAHULL SHARMA

उत्तर प्रदेश के छोटे से गांव मेहनूपुर की मिट्टी की खुशबू कहानीकहानी की शुरुआत: मेहनूपुर की गलियांमेहनूपुर एक ऐसा गांव है जहां सूरज की पहली किरण के साथ ही हल की आवाजें गूँजने लगती ह...

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प्यार? एक अनकहा एहसास...!! By Anita

मेरे ख्वाबो मे जो आए,,,,
आ के मुझे छेड़ जाए,,,,,
उससे कहो मेरे....
सामने तो आए,,,
मेरे ख्वाबो मे जो आए ,,,,ऐ,,,,ऐ,,,,

तभी माँ ने अंदर से आवाज लगाई,...

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बंद लिफाफा By Digant J Patel

रात के ठीक 11:57 बजे थे।
मुंबई शहर बारिश में डूबा हुआ था।

अनिकेत अपनी कार पार्क करके अपार्टमेंट की ओर बढ़ रहा था। जैसे ही उसने मुख्य दरवाज़ा खोला, उसकी नज़र ज़मीन पर पड़े एक सफ...

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टाम ज़िंदा हैं By Neeraj Sharma

दुनिया सीधे लोगों की नहीं हैं.... चलाक बनो.. जानकारी उतनी ही इकठी करो जिसको तुम रख सकते हो.. जयादा जानकारी बहुत सेहत के लिए हानिकारक होती हैं.. हाँ मेरी बात अक्सर त्रिपाठी से होती...

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फ़ेक फ़िऑन्से चैलेंज By priyanka katiyar

बारिश की हल्की-हल्की बूंदें शहर को किसी फिल्म जैसा बना रही थीं।लेकिन उस खूबसूरत मौसम से बिल्कुल उलट थी अनन्या मिश्रा की हालत।"हे भगवान... आज ही लेट होना था!"वह एक हाथ में क...

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Objection, Ms. Singhania! By Aarushi Singh Rajput

रात का गहरा अंधेरा चारों तरफ फैला हुआ था।

सड़क लगभग सुनसान थी।

दूर-दूर तक कोई दिखाई नहीं दे रहा था।

एक काली कार तेज़ रफ्तार से सड़क पर दौड़ी चली जा रही थी।

उसकी हेडलाइट...

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Muhabbat Ek Sabaq By Afariya Faruqui

“शिफ़ा शिफ़ा....”,अनस सहन में खड़ा उसको आवाज़ कम दे रहा था और चि़ल्ला ज़्यादा रहा था।“क्या मुसीबत है, कभी तो चैन से खाना खाने दिया करो। हर वक़्त सर पर नाज़िल रहते हो”वह बड़बड़ाती ह...

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पवित्र बहु By archana

रात गहरा चुकी थी। चाँदनी खिड़की से भीतर गिर रही थी, लेकिन कमरे के माहौल में एक अनकही बेचैनी थी।

चित्रा की नींद गहरी थी, चेहरे पर मासूमियत… पर दिव्यम पूरी रात सो नहीं पाया।

वह...

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मंदिर में तुम By Sonam Brijwasi

सुबह का समय था…हल्की-हल्की ठंडी हवा चल रही थी…मंदिर की घंटियों की मधुर आवाज़ पूरे माहौल को पवित्र बना रही थी…राधा-कृष्ण के मंदिर में आज कुछ खास शांति थी…उसी मंदिर के दरवाज़े पर एक...

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कमरे में एसी चल रहा था, फिर भी संजना की हथेलियां पसीने से तर थीं। फोन को इतनी जोर से पकड़ा हुआ था कि उंगलियों के पोर सफेद पड़ गए थे — जैसे अगर उसने ज़रा भी ढील दी, तो कुछ छूट जाएगा...

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रोशनी जिंदगी की कैसी कशमकश By RAAHULL SHARMA

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प्यार? एक अनकहा एहसास...!! By Anita

मेरे ख्वाबो मे जो आए,,,,
आ के मुझे छेड़ जाए,,,,,
उससे कहो मेरे....
सामने तो आए,,,
मेरे ख्वाबो मे जो आए ,,,,ऐ,,,,ऐ,,,,

तभी माँ ने अंदर से आवाज लगाई,...

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बंद लिफाफा By Digant J Patel

रात के ठीक 11:57 बजे थे।
मुंबई शहर बारिश में डूबा हुआ था।

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टाम ज़िंदा हैं By Neeraj Sharma

दुनिया सीधे लोगों की नहीं हैं.... चलाक बनो.. जानकारी उतनी ही इकठी करो जिसको तुम रख सकते हो.. जयादा जानकारी बहुत सेहत के लिए हानिकारक होती हैं.. हाँ मेरी बात अक्सर त्रिपाठी से होती...

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बारिश की हल्की-हल्की बूंदें शहर को किसी फिल्म जैसा बना रही थीं।लेकिन उस खूबसूरत मौसम से बिल्कुल उलट थी अनन्या मिश्रा की हालत।"हे भगवान... आज ही लेट होना था!"वह एक हाथ में क...

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Objection, Ms. Singhania! By Aarushi Singh Rajput

रात का गहरा अंधेरा चारों तरफ फैला हुआ था।

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उसकी हेडलाइट...

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Muhabbat Ek Sabaq By Afariya Faruqui

“शिफ़ा शिफ़ा....”,अनस सहन में खड़ा उसको आवाज़ कम दे रहा था और चि़ल्ला ज़्यादा रहा था।“क्या मुसीबत है, कभी तो चैन से खाना खाने दिया करो। हर वक़्त सर पर नाज़िल रहते हो”वह बड़बड़ाती ह...

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पवित्र बहु By archana

रात गहरा चुकी थी। चाँदनी खिड़की से भीतर गिर रही थी, लेकिन कमरे के माहौल में एक अनकही बेचैनी थी।

चित्रा की नींद गहरी थी, चेहरे पर मासूमियत… पर दिव्यम पूरी रात सो नहीं पाया।

वह...

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