The Download Link has been successfully sent to your Mobile Number. Please Download the App.
You are welcome to the world of inspiring, thrilling and motivating stories written in your own language by the young and aspiring authors on Matrubharti. You will get a life time experience of falling in love with stories.
चित्रा का दर्दचित्रा की आँखों में आँसू आ गए…लेकिन आवाज़ स्थिर थी।“आप बुरा मत मान...
अध्याय 5 – 100 भूतों का दरबारसमय: रात्रि 07:25 PMअविन के शरीर का दर्द, सिंहासन क...
त्रिपूरारी को दैखकर आदित्य बहोत खुश हो जाता वो दौड़कर अपने मामा के पास जाता है औ...
--- एपिसोड 53 — “अंधेरी आर्या की शर्त और रूह की स्याही का सौदा”(सीरीज़: अधूरी कि...
निर्देशक: एस. शंकरमुख्य कलाकार: रजनीकांत, ऐश्वर्या रायजॉनर: साइंस फिक्शन, एक्शन,...
PART–2दिल्ली की सुबह गाँव की सुबह जैसी नहीं होती। यहाँ सूरज निकलने से पहले ह...
भूल-88 तो सांप्रदायिक आरक्षण होता अगर स्वतंत्रता के बाद कुछ प्रबुद्ध और वरिष्ठ न...
Prologue "मैंने किसी की हत्या की है, सुमित। मुझे यकीन है।"रश्मि की आवाज़ एक फुसफु...
शीर्षक: तारक मेहता का रहस्यमय सफरगोकुलधाम सोसाइटी में उस सुबह कुछ अलग ही बेचैनी...
ट्रिपलेट्स भाग 1 अमर – प्रेम – राजअध्याय 1 : अंधेरी रात, एक माँ और अधूरा सचबरसात...
इस रचना के सभी पात्र ओर घटनाएं काल्पनिक है इनका किसी धर्म ओर जाति ,मानव ,पशु से कोई लेना देना नहीं है । ये मात्र मेरे दिमाग ओर मेरी लेखनी की उपज है इस कहानी के सारे राइट्स मेरे अधी...
यह कहानी काल्पनिक है। इसका किसी जीवित या मृत व्यक्ति से कोई संबंध नहीं है। यदि किसी व्यक्ति, स्थान या घटना से कोई समानता मिलती है तो वह मात्र एक संयोग है।" वर्ष 2004एक आदमी...
एक भयानक खोज दिल्ली की पुरानी लाइब्रेरी, जहां धूल से भरे शेल्फ़ और पन्नों की हल्की महक थी, रिया का पसंदीदा ठिकाना था। 22 साल की रिया, इतिहास की छात्रा थी, और उसे लगता था कि हर पुर...
सुबह के छह बज रहे थे। शहर अभी पूरी तरह जागा नहीं था, लेकिन अंकित की ज़िंदगी में नींद के लिए जगह कब की खत्म हो चुकी थी। किराए के छोटे से कमरे में रखे एक पुराने से पलंग पर वह...
उस वक़्त मैं तीन साल का था, मेरा बड़ा भाई सुखेश पांच साल का था औऱ मेरी छोटी बहन भाविका केवल छह महिने की थी. उस वक़्त मेरी मा असाध्य बीमारी का शिकार हो गई थी. उन्हें कांदिव...
मित्रों ! प्रणाम जीवन की गति बहुत अदभुत है | कोई नहीं जानता कब? कहाँ?क्यों? हमारा जीवन अचानक ही बदल जाता है ,कुछ खो जाता है ,कुछ तिरोहित हो जाता है |हम एक आशा की प्रतीक्षा में खड़े...
नेहरू की भूलों की सूची में ‘आजादी से पूर्व की भूलों’ के तहत अधिक भूलें दर्ज नहीं हैं, जबकि उनकी ‘आजादी के बाद की भूलों’ की सूची काफी लंबी है और ऐसा शायद इसलिए है; क्योंकि आजादी से...
एक बार की बात है—निलेश, जय और पार्थ देर रात निलेश के घर पर पार्टी कर रहे थे। पार्टी खत्म होने के बाद जय और पार्थ अपने-अपने घर के लिए निकल पड़े। जय तो अपने घर पहुँच गया, लेकिन पार्थ...
आठ वर्ष पूर्व :- दूसरे दिन प्रात: ब्राह्म मुहूर्त से ही सेलेना की योग साधना प्रारंभ होनेवाली थी। सेलेना को रात्री भर निद्रा नहीं आई। कारण यह नहीं था कि पहाड़ पर सभी सुख सुविधा का...
अमावस्या की रात थी और रात के 11 बज रहे थे । भानपुर गांव का एक तांत्रिक अपनी तात्रिकं साधना करने के लिए सुंदरवन की तरफ जा रहा था । गांव मे ये मान्यता थी के जो कोई भी तात्रिकं अमावस्...
लॉग इन करें
लॉगिन से आप मातृभारती के "उपयोग के नियम" और "गोपनीयता नीति" से अपनी सहमती प्रकट करते हैं.
वेरिफिकेशन
ऐप डाउनलोड करें
ऐप डाउनलोड करने के लिए लिंक प्राप्त करें
Copyright © 2026, Matrubharti Technologies Pvt. Ltd. All Rights Reserved.
Please enable javascript on your browser