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    अध्याय 29, XXIX1 और सभी स्वर्गीय सैनिकों के लिए मैंने आग की छवि और सार की कल्पना...

  • नकल से कहीं क्रांति नहीं हुई - 6

    1966 में गोण्डा मुख्यालय में डिग्री कालेज खुल गया। थोड़े दिनों के लिए श्याम जी सा...

  • तेरे मेरे दरमियान - 48

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  • एक चाय वाला

    ──────────────────एक चाय वालालेखक : विजय शर्मा ‘एरी’आड़ा शहर की सबसे टेढ़ी सड़क...

  • इंतेक़ाम - भाग 28

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  • Raaz

    Promo ये कहानी है बनारस से आई 'कुहू' की जो मुम्बई आई है अपने बड़े बड़े स...

  • वो इश्क जो अधूरा था - भाग 21

    अपूर्व ज़ोर से चीखा। उसकी चेतना जैसे दो युगों के बीच फट गई थी। अब वो सिर्फ़ अपूर...

  • Krishna 3.0

    श्री कृष्ण 3.0 : वर्ष 3025 वर्ष 3025…यह वही पृथ्वी थी, लेकिन वैसी नहीं जैसी कभी...

  • तुमसे मिलने की छुट्टी - 11

    “पहला प्रोजेक्ट… और दिल से दिया गया सरप्राइज़”  का सुबह सूरज आज कुछ ज़्यादा ही च...

तेरे मेरे दरमियान By CHIRANJIT TEWARY

शाम का समय था । जानवी अपने पापा अशोक मुखर्जी से अपने पसंद के लड़के से शादी करने की जिद कर रही थी । जिस कारण से अशोक अपनी एकलौती बेटी जानवी को डांटता है । अशोक धनबाद शहर का एक जाना...

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इंतेक़ाम By Mamta Meena

आसमान में काले बादल छाए हुए थे ऐसा लग रहा था जैसे आज इंदर देव रूष्ट हो और अपना सारा कोप निकालना चाहते हो,बरसात आने की आशंका में सभी लोग अपना काम जल्दी-जल्दी समेट कर अपने घर पहुंचन...

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वो इश्क जो अधूरा था By Ashish Dalal

कुछ प्रेम कहानियाँ ज़मीन पर शुरू होकर आसमान में बिखर जाती हैं।
कुछ, मौत के बाद भी नहीं मिटती है ।
ये कहानी है एक ऐसे प्यार की, जो अधूरा रह गया…
और एक ऐसी रूह की, जो अब अधूरी नही...

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तुमसे मिलने की छुट्टी By soni

कॉफी से सुरु हुआ प्यार दिल्ली की शाम हमेशा शोर से भरी होती है हॉर्न ट्रॅफिक और भागती भीड़ पर जिया की शामे कुछ शांत थी वो रोज दप्तर से निकलकर उसी छोटे से कैफे मे आती है जहा कॉफी क...

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Ashvdhaama: एक युग पुरुष By bhagwat singh naruka

इस रचना के सभी पात्र ओर घटनाएं काल्पनिक है इनका किसी धर्म ओर जाति ,मानव ,पशु से कोई लेना देना नहीं है । ये मात्र मेरे दिमाग ओर मेरी लेखनी की उपज है इस कहानी के सारे राइट्स मेरे अधी...

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शापित फाटक By Md Ibrar pratapgarhi

यह कहानी काल्पनिक है। इसका किसी जीवित या मृत व्यक्ति से कोई संबंध नहीं है। यदि किसी व्यक्ति, स्थान या घटना से कोई समानता मिलती है तो वह मात्र एक संयोग है।"    वर्ष 2004एक आदमी...

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अधुरी खिताब By kajal jha

एक भयानक खोज
दिल्ली की पुरानी लाइब्रेरी, जहां धूल से भरे शेल्फ़ और पन्नों की हल्की महक थी, रिया का पसंदीदा ठिकाना था। 22 साल की रिया, इतिहास की छात्रा थी, और उसे लगता था कि हर पुर...

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‎समर्पण से आंगे By vikram kori

सुबह के छह बज रहे थे।
‎शहर अभी पूरी तरह जागा नहीं था, लेकिन अंकित की ज़िंदगी में नींद के लिए जगह कब की खत्म हो चुकी थी।

‎किराए के छोटे से कमरे में रखे एक पुराने से पलंग पर वह...

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यादो की सहेलगाह - रंजन कुमार देसाई By Ramesh Desai

उस वक़्त मैं तीन साल का था, मेरा बड़ा भाई सुखेश पांच साल का था औऱ मेरी छोटी बहन भाविका केवल छह महिने की थी. उस वक़्त मेरी मा असाध्य बीमारी का शिकार हो गई थी.

उन्हें कांदिव...

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उजाले की ओर By Pranava Bharti

मित्रों ! प्रणाम जीवन की गति बहुत अदभुत है | कोई नहीं जानता कब? कहाँ?क्यों? हमारा जीवन अचानक ही बदल जाता है ,कुछ खो जाता है ,कुछ तिरोहित हो जाता है |हम एक आशा की प्रतीक्षा में खड़े...

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तेरे मेरे दरमियान By CHIRANJIT TEWARY

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आसमान में काले बादल छाए हुए थे ऐसा लग रहा था जैसे आज इंदर देव रूष्ट हो और अपना सारा कोप निकालना चाहते हो,बरसात आने की आशंका में सभी लोग अपना काम जल्दी-जल्दी समेट कर अपने घर पहुंचन...

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वो इश्क जो अधूरा था By Ashish Dalal

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और एक ऐसी रूह की, जो अब अधूरी नही...

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शापित फाटक By Md Ibrar pratapgarhi

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उस वक़्त मैं तीन साल का था, मेरा बड़ा भाई सुखेश पांच साल का था औऱ मेरी छोटी बहन भाविका केवल छह महिने की थी. उस वक़्त मेरी मा असाध्य बीमारी का शिकार हो गई थी.

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मित्रों ! प्रणाम जीवन की गति बहुत अदभुत है | कोई नहीं जानता कब? कहाँ?क्यों? हमारा जीवन अचानक ही बदल जाता है ,कुछ खो जाता है ,कुछ तिरोहित हो जाता है |हम एक आशा की प्रतीक्षा में खड़े...

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