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एक छोटा लड़का हर साल अपने जन्मदिन पर एक ही सवाल पूछता था,“माँ, पापा इस बार आएँगे...
राधा का संगम - प्रकरण 13 दादू अपनी साली को बहन मानते थे....
*शीर्षक: अधूरा ख्वाब और एक साजिश* आसमान से गिरती बारिश की बूंदें फिजा में एक अज...
मुंबई का छोटा सा फ्लैट अब शानवी की नई दुनिया बन चुका था।लैपटॉप खुला रहता, फाइलें...
चांदनी रात का वादागांव का नाम था हरिया। बिहार के एक छोटे से कोने में बसा हुआ, जह...
एपिसोड 62: "दृष्टा का जागरण" — जब देखने वाला भी देखा गयाअनंत-दर्पण के उस पार, जह...
अभी तक हम पढ़ की एक राक्षस आर्या को अपने बाहों में उठा के ले जाता है जब वो बेहोश...
ऋगुवेद सूक्ति- (३०) की व्याख्या यह मन्त्र ऋग्वेद (मण्डल 7, सूक्त 32, मन्त्र 14)...
वेदान्त 2.0: शून्य की सत्ता और चेतना का आधुनिक विज्ञान — एक वृहद शोध रिपोर्ट प्र...
: : प्रकरण - 82 : कृष्णा मेरी लाडो ब...
पटना की गलियों में सुबह की पहली किरणें चाय की दुकानों को जगातीं। कचौड़ी-समोसे की खुशबू हवा में घुली हुई थी। इस जीवंत मोहल्ले में रिया का छोटा सा घर था – पुरानी ईंटों की दीवारें, ले...
अक्सर आपके मन में एक सवाल आता होगा कि आख़िर में क्षत्रिय में क्यों पैदा हुआ? या ब्राह्मण परिवार में क्यों पैदा हुआ उसका आख़िर मुझे क्या फ़ायदा? इससे तो अच्छा मैं किसी भी जाति म...
बॉस… आपने जैसा कहा था, काम हो गया है… वह उसी तरह एक पैर पर दूसरा पैर रखे, उस घने अंधेरे कमरे में कुर्सी को आगे-पीछे झुलाते हुए बैठा था। छह फीट से भी लंबा उसका शरीर मानो उस अंधेरे...
रात का समय था… रेगिस्तान अपनी गहरी खामोशी में डूबा हुआ था, लेकिन उस खामोशी के भीतर भी एक अजीब सी बेचैनी तैर रही थी। हवा आज कुछ ज़्यादा ही तेज़ चल रही थी ऐसी कि रेत के कण उड़-...
यह कहानी है एक ऐसे लड़के की जो रहस्यम्यी में शक्तियों के साथ पैदा हुआ सन् 2002 सर्दियों का मौसम नवंबर महीना 11 तारीख सुबह सूर्य की किरण के साथ 10:30 बजे भारत की राजधानी दिल्ली के ए...
बस्ती की तंग गलियों में धूल उड़ रही थी। सूरज की तपिश कच्ची छतों को झुलसा रही थी, लेकिन सात के नील के पैरों में जैसे पहिए लगे थे। "माँ! मैं खेलने जा रहा हूँ," उसने माथे क...
"नहीं! ऐसा मत करो, छोड़ दो please..... जाने दो! नहीं! नहीं!" "रात्रि उठ! ऐसा कहकर मेघा (रात्रि की मां) ने रात्रि को झकझोर दिया। कितनी बार कहा है इस लड़की को की छोड़...
इन हवाओ मे इन फिजाओ मे तुझ को मेरा प्यार पुकारे.. आजा आजा तुझ को मेंरा प्यार पुक रुक ना पाऊं मैं सजती आऊं मे दिल को ज़ब दिलदार पुकारे इस गीत की पंक्तियों न...
अभि और प्रज्ञा की लव मैरिज हुई है। उनका प्यार बहुत ही मीठा और नोक-झोंक वाला था। तीन साल के रिलेशनशिप के बाद आज उनकी शादी की पहली रात थी। प्रज्ञा मेहमानों के जाने के बाद कमरे में आत...
Heroine: शानवी सिंह Hero: कार्तिकेय (दिन में बिल्ली, रात में इंसान) शानवी सिंह को अकेलापन काटने दौड़ता था। बड़े शहर में छोटी सी नौकरी, छोटा सा कमरा और दिन भर का शोर… लेकिन रात...
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