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  • नया युग - 1

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दूसरी औरत... सीजन - 2 By निशा शर्मा

"हैलो! बेटा कैसा है? कितने दिन हुए तूने तो एक फोन भी नहीं किया और कई महीनों से तू घर भी नहीं आया! कोई परेशानी की बात तो नहीं है न बेटा और तेरी तबियत तो ठीक है न!!" जहाँ दूस...

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छुटकी दीदी By Madhukant

पात्र परिचय -

सलोनी - छुटकी दीदी

भाग्या - बड़ी बहन

ज्योत्सना - माँ

अमर - भाग्या का पति

देवी सहाय - नाना

शारदा देवी - नानी

सीताराम - माँ का चचेरा भाई

सुकांत...

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चाहत By sajal singh

"ओ रे पिया रे उड़ने लगा मन बावरा रे........." गाना म्यूजिक प्ले पर बज रहा है,और मैं इस गाने पर ज़ूम -ज़ूम कर डांस कर रही हूँ | तभी रूम में कोई आता है और म्यूजिक ऑफ कर देता ह...

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एक नया रास्ता By Kishanlal Sharma

"यह कौन है?"राजन के साथ आयी युवती को देखकर कल्पना बोली थी।
"यह सुनीता है,"राजन अपने साथ आयी युवती का परिचय कल्पना से कराते हुए बोला,"और सुनीता मेरी पत्नी है &#...

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मुझे न्याय चाहिए By Pallavi Saxena

शारीरिक विकलांगता किसी का मुंह नहीं देखती ना ही किसी में कोई लिंग भेद ही करती है. यहाँ मैं विकलांगता शब्द का प्रयोग कर रही हूँ जो देखने, पढ़ने, सुनने, आदि में कठोर शब्द है बहुत से ल...

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झांसी: सौदा, कर्ज और बदला By Piyu soul

कर्ज़ की दस्तक

गाँव में शाम हमेशा जल्दी उतर आती थी।सूरज अभी पूरी तरह डूबा भी नहीं था, लेकिन प्रताप सिंह बाजवा के घर में अंधेरा पहले ही पसर चुका था।

आँगन के बीच रखा मिट्टी का...

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Half Blood -The Hidden Truth By Vijay Sanga

ये कहानी जो मै आज आपके लिये लिख रहा हूँ, ये मैंने अपनी कल्पना से लिख रहा हूँ।

ये कहानी पूरी तरह से है।

कहानी की सुरुवात होती है उत्तराखंड से, जहाँ अचानक कई ऐसे हादसे होने लगे...

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कौन है ख़लनायक By Ratna Pandey

कभी कभी हम जीवन में ऐसे दो राहे पर आकर रुक जाते हैं कि समझ ही नहीं आता कि अब किधर जायें। ऐसे ही दो राहे पर खड़ी थी रुपाली जिसके एक तरफ़ प्रियांशु था और दूसरी तरफ़ अजय। उनमें से कौन उस...

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जहाँ चाह हो राह मिल ही जाती है By Ratna Pandey

सेठ हीरा लाल अपनी पत्नी गायत्री के साथ रोज़ की ही तरह आज भी प्रातः काल सैर पर निकले थे। बारिश के दिन थे, बहुत ही खूबसूरत मौसम, ठंडी पवन, शरीर और मन को लुभा रही थी। प्रातः के लगभग पा...

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मोतीबाई - (एक तवायफ़ माँ की कहानी) By Saroj Verma

"माँ" मेरे हिसाब से ये एक ही ऐसा शब्द है,जिस पर दुनिया टिकी हुई है,मानव इतिहास के जन्म के समय से ही स्त्री माँ बनती आई है और मातृत्व को जीती आई है,ये अलग बात है कि स्त्री...

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चौपड़े की चुड़ैलें By PANKAJ SUBEER

चौपड़े की चुड़ैलें (कहानी : पंकज सुबीर) (1) हवेली वैसी ही थी जैसी हवेलियाँ होती हैं और घर वैसे ही थे, जैसे कि क़स्बे के घर होते हैं। कुछ कच्चे, कुछ पक्के। इस क़स्बे से ही हमारी कहानी...

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जीवन ऊट पटाँगा By Neelam Kulshreshtha

ज़िंदगी होती है बेतरतीब, बड़ी ऊट पटाँग, थोड़ी सी बेढब, थोड़ी सी खट्टी मीठी, हंसी और आँसुओं की पोटली, अकल्पनीय बातें आपके रास्ते में फेंकती आपको बौखलाती हुई, ठगती हुई --अपनी तरह से भूल...

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सत्य ना प्रयोगों By Miss Chhoti

गांधीजी के बारे मे हर कोई जानता है पर बहोत कम लोग होंगे जिन्होंने उनकी आत्मकथा को पुरा पढ़ा होगा। इस लिए हम आपके लिए ये कहानी लेके आये है। गांधीजी के जीवन के कुछ मजेदार और दुःख प्र...

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तेरे शहर के मेरे लोग By Prabodh Kumar Govil

( एक )जबलपुर आते समय मन में ठंडक और बेचैनियों का एक मिला- जुला झुरमुट सा उमड़ रहा था जो मुंबई से ट्रेन में बैठते ही मंद- मंद हवा के झौंकों की तरह सहला भी रहा था और कसक भी रहा था।ईम...

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Dream Love By Hanika

हाय! कितना हैंडसम लड़का है। हे भगवान! बस एक बार मिलादो प्लीज।
हनिका जो की मिडिल क्लास फैमिली से है। जो खुद से ही बातें कर रही होती है। वो जिस लड़के की बात कर रही होती है, वो कोई...

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तेरी मेरी यारी By Ashish Kumar Trivedi

ग्रीनवुड पब्लिक स्कूल की छुट्टी का समय हो रहा था। स्कूल के बाहर आइसक्रीम बेचने वाले आकर खड़े हो गए थे। एक काले रंग की वैन दो बार स्कूल के सामने से गुज़र चुकी थी।

छुट्टी की घंटी...

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प्रेम न हाट बिकाय By DrPranava Bharti

कुहासों की गलियों में से गुज़रते हुए जीवन की गठरी न जाने कितनी बार नीचे गिरी, कितनी बार खुली, कितनी बार बिखरी और समेटी गई लेकिन गठरी की गाँठ बड़ी कमज़ोर रही फिर चिंदी बनकर उड़ने से उसम...

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इतिहास के पन्नों से By S Sinha

माना जाता है कि दुनिया का लगभग 97 % इतिहास समय के साथ लुप्त होते गया है . इतिहास का लिखित विवरण करीब 6000 वर्ष पूर्व आरंभ हुआ था . इतिहास तो अनंत है फिर भी उसके पन्नों में कुछ छो...

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रामचर्चा By Munshi Premchand

राम चर्चा प्रेमचंद द्वारा लिखी गयी बच्चो की पुस्तक है ये पुस्तक लिखने में उनका मुख्य उदेश्य था कि भगवान राम के गुणों को बच्चों तक पहुचाएँ इसी लिए एक वार्तालाप के रूप में इस पुस्त...

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असत्यम्। अशिवम्।। असुन्दरम्।।। By Yashvant Kothari

इस बार महाशिवरात्री और वेलेन्टाइन-डे लगभग साथ-साथ आ गये। युवा लोगों ने वेलेन्टाइन-डे मनाया। कुछ लड़कियों ने मनाने वालों की धज्जियां उड़ा दी और बुजुर्गों व घरेलू महिलाओं ने शिवरात्री...

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भीतर का जादू By Mak Bhavimesh

उम्ब्रालूना के एकांत द्वीप पर, जहाँ आपस में जुड़ी परछाइयाँ अनकहे रहस्य समेटे हुए थीं, एक मनोरम कहानी सामने आती हैं। इसके किनारे, कोमल उतार-चढ़ाव और एक रहस्यमय समुद्र के प्रवाह से द...

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हमें माफ़ कर देना रिहाना By Prahlad Pk Verma

आज सुबह प्रोफेसर आमिर खान केस की पहली सुनवाई है जिनके कत्ल इल्ज़ाम उनकी स्टूडेंट रिहाना पर हैं जो सउदी अरब का सबसे हाई प्रोफाइल केसों में से एक हैंईरानी न्यायालयईरानकी किंग फैसल य...

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चूँ चूँ का मुरब्बा By S Sinha

इस कहानी में पढ़िए - धनी परिवार की लड़की रूबी ने गरीब परिवार के लड़के रोमित को प्रोत्साहित कर उसे उसकी मंजिल तक कैसे पहुंचाया. कहानी - चूँ चूँ का मुरब्बा बरसात भी झमाझम बरसते...

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बेरहम सईया By riya pandey

बेरहम सईया यह उनकी तीसरी एनिवर्सरी थी और प्राची खुशी-खुशी अपने पति के लिए एक शानदार डिनर की तैयारी कर रही थी, नितिन काम के सिलसिले में बाहर था लेकिन वह कभी भी घर आ जाता था, जिससे व...

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रक्त भरें आँशु By Parveen Negi

यह कहानी पूर्ण रूप से काल्पनिक है किसी जाति धर्म इंसान से कोई मतलब नहीं रखती है फिर हम मनोरंजन की दृष्टि से से पढ़ें

चट्टानी पत्थरों से टकराकर , समुद्री लहरों का शोर उसके मन...

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प्यार ऐसा भी By सीमा बी.

मेरी कहानी का शीर्षक पढ़ कर आप सब सोच रहे होगें की लो एक और प्रेम कहानी!!
मैं आप सब से सिर्फ इतना ही कहना चाहूँगा कि ये है तो प्रेम पर कैसा?? वो आप पर छोड़ता हूँ।

मैं प्रकाश ह...

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पक्षीराज By Pooja Singh

इंसानी दुनिया से अलग है एक दूसरी दुनिया" पक्षीलोक "यहाँ के लोग दिखते तो आम लोग जैसे ही है पर आम इंसान जैसे है भी नही इनका आधा चेहरा पक्षी जैसा है और बड़े बड़े पंख है ।ये लो...

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यादो की सहेलगाह - रंजन कुमार देसाई By Ramesh Desai

उस वक़्त मैं तीन साल का था, मेरा बड़ा भाई सुखेश पांच साल का था औऱ मेरी छोटी बहन भाविका केवल छह महिने की थी. उस वक़्त मेरी मा असाध्य बीमारी का शिकार हो गई थी.

उन्हें कांदिव...

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स्पर्श By Saroj Verma

क्या कहा तुमने ? तुम सेठ रघुवरदयाल की बेटी के संग ब्याह नहीं करोगें,अगर तुम ऐसा नहीं कर सकते तो मेरे घर में तुम्हारे लिए कोई जगह नहीं है,रामनारायण जी अपने बेटे मधुसुदन से बोले।। बा...

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तेरी मेरी खामोशियां। By Mystic Quill

अम्मी! मेरा सफ़ेद दुपट्टा नहीं मिल रहा! नायरा ने कमरे से आवाज़ लगाई, तो रसोई से अम्मी की सधी हुई टोन आई— अरे! तेरी अलमारी में अगर कुछ मुक़ाम पर रखा होता, तो शायद तलाश ना करनी पड़ती...

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मैं पापन ऐसी जली! By Saroj Verma

सात सुरों के मेल को सरगम कहा जाता है,ये एक ऐसी ही लड़की की कहनी है जिसका नाम सरगम है,जिसका जीवन उसके नाम की तरह संगीतमय था जो स्वरबद्ध और तालबद्ध था लेकिन फिर उसके जीवन के सुरो का त...

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साथी By Pallavi Saxena

यह कहानी पूरी तरह से काल्पनिक है और सिर्फ़ मनोरंजन के उद्देश्य से बनाई गई है। कहानी में दर्शाए गए पात्र , संस्थाएं और घटनाएं काल्पनिक है। इनका उपयोग दृश्यों, पात्रों और घटनाओं को न...

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पश्चाताप. By Ruchi Dixit

"पश्चाताप " यह रचना मैने प्रतिलिपि पर वेवसीरीज के तौर पर लिखी थी जिसे अब बिना परिवर्तित करे मै उपन्यास की रूप मातृभारती पर देने जा रही हूँ | प्रतिलिपि पर मैने इसे दस भागो...

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हम दिल दे चुके सनम By Gulshan Parween

रात के तकरीबन 4:00 बज रहे थे, हर तरफ गहरी खामोशी छाई हुई थी। ठंड परने की वजह से सभी अपने-अपने बिस्तर में दुबके के हुए थे, कि अचानक अलार्म की आवाज ने चारों तरफ की खामोशी को तोड़ दिय...

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टॉम काका की कुटिया By Harriet Beecher Stowe

माघ का महीना है। दिन ढल चुका है। केंटाकी प्रदेश के किसी नगर के एक मकान में भोजन के उपरांत दो भलेमानस पास-पास बैठे हुए किसी वाद-विवाद में लीन हो रहे थे।

कहने को दोनों ही भलेमानस...

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ये तुम्हारी मेरी बातें By Preeti

"सुनो, कहां हो तुम"?

"सुबह घर से निकलते वक्त बता कर आया था , भूल गई "?

"सीधे सीधे जवाब देने में दिक्कत है क्या कोई "?

"आज अचानक से मेरी जासूसी...

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रामायण की कथा भजन के माध्यम से मेरे शब्दों में By Dave Rup

हम कथा सुनाते राम सकल गुणधाम की,
ये रामायण है पुण्य कथा श्री राम की।।

श्लोक – ॐ श्री महागणाधिपतये नमः,
ॐ श्री उमामहेश्वराभ्याय नमः।
वाल्मीकि गुरुदेव के पद पंकज सिर नाय,
सुमि...

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बेटी की अदालत By Ratna Pandey

18 साल की स्वीटी के सामने एक बहुत ही विकट समस्या थी। वह समस्या थी मम्मी या पापा किसके साथ उसे अपना आगे का जीवन बिताना है। उसकी मम्मी अलका और पापा गौरव के बीच रोज़ होते झगड़ों के कार...

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फरेब By Raje.

यह कहानी एक साधु है। जिसकी एक गीरोह होती है। वह अपने काम कि वजह से राजश्थान के चीरोली गाँव पहुचता है। और वहा उसे अपने पीछले जनम की प्रेमीका मीलती है। फिर उन दोनो के बीच प्रेम के लि...

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अधूरी मुलाकात... By Sonali Rawat

कुछ मुलाकातों की भी अपनी ही एक अलग किस्मत होती है जो एक तय मुकाम पर ही आकर रुकती है ।

ऐसी मुलाकातें जाने कब, कहां और कैसे हो जाएं, ये न तो हम जानते है और न ही वो जो इससे होकर गु...

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शेनेल लौट आएगी By Pradeep Shrivastava

ऐमिलियो डोरा को मैं आज भी अपनी पत्नी ही मानता हूं। वह आज भी मेरे हृदय के इतने करीब है, मुझमें इतना समायी हुई है कि मैं उसकी महक को महसूस करता हूं। मुझे अब भी ऐसा लगता है कि जैसे वह...

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संगम By Saroj Verma

ये किसे ले आया अपने साथ?मास्टर किशनलाल ने अपने नौकर दीनू से पूछा।
मालिक,हैजे से पत्नि चल बसी,ये अकेली जान कैसे रहता गांव में, कोई रिश्तेदार भी तो ऐसा भरोसेमंद नहीं है, जिसके पास इ...

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कर्तव्य By Asha Saraswat

व्यक्ति को अपने जीवन में माता-पिता,भाई -बहन का ध्यान रखना चाहिए; जब शादी हो जाये तो जीवन पर्यंत जीवन साथी का पूरा ध्यान और भरणपोषण करना चाहिए।जब बच्चे हों तो उनकी पूरी ज़िम्मेदारी...

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प्रेम दीवानी आत्मा By Rakesh Rakesh

आयु में अपने से दो वर्ष बड़ी पड़ोस में रहने वाली अंकिता को जब उसके कॉलेज में साथ पढ़ने वाला विक्रम बोलता है "आप गुलाबी साड़ी में बहुत खूबसूरत लग रही हो" तो उसकी यह बात सुनक...

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घर की मुर्गी By AKANKSHA SRIVASTAVA

अक्सर ससुराल में नई बहू के आते ही उसे जिम्मेदारी के नाम पर अकेले ही हजारों कामो के लिए सौप दिया जाता हैं। बिना यह सोचें कि वह अभी इस घर मे नयी है। हर लड़की को मायके की आजादी से निकल...

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प्रतिशोध- By Saroj Verma

दूर पहाड़ों के बीच बसा एक राज्य जिसका नाम पुलस्थ है, धन-धान्य से परिपूर्ण, जहां की प्रजा के मुंख पर सदैव प्रसन्नता वास करती है,उस राज्य के राजा है हर्षवर्धन,जो आज पड़ोसी राज्य के र...

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चोलबे ना By Rajeev Upadhyay

चच्चा खीस से एकमुस्त लाल-पीला हो भुनभुनाए जा रहे थे मगर बोल कुछ भी नहीं रहे थे। मतलब एकदम चुप्प! बहुत देर तक उनका भ्रमर गान सुनने के बाद जब मेरे अन्दर का कीड़ा कुलबुलाने लगा। अन्त म...

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हम कैसे आगे बढे By Rajesh Maheshwari

यह घटना मगध की है। मगध के एक छोटे से राज्य के राजा की कोई सन्तान नहीं थी। जब वे वृद्धावस्था के करीब पहुँचे तथा उन्हें लगा कि उनके जीवन का सूर्य अब अस्ताचल के करीब जा रहा है और सन्त...

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रॉ एजेंट By bhagwat singh naruka

इस कहानी के सभी पात्र काल्पनिक है इसका किसी जीवित, जंतु, मानव संसाधन से कोई लेना देना नही है अगर ऐसा होता है तो ये मात्र एक सयोग होगा ,,, जय हिन्द,
इस कहानी को लिखने का उद्देश्य क...

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दस्तक दिल पर By Sanjay Nayak Shilp

आज से एक कहानी श्रृंखला शुरू कर रहा हूँ, ये वो कहानी है जिसने मुझे लंबी कहानियों को लिखने की क्षमता प्रदान की थी और कहानीकार से उपन्यास कार बनने को प्रोत्साहित किया
"दस्तक दिल...

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दूसरी औरत... सीजन - 2 By निशा शर्मा

"हैलो! बेटा कैसा है? कितने दिन हुए तूने तो एक फोन भी नहीं किया और कई महीनों से तू घर भी नहीं आया! कोई परेशानी की बात तो नहीं है न बेटा और तेरी तबियत तो ठीक है न!!" जहाँ दूस...

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छुटकी दीदी By Madhukant

पात्र परिचय -

सलोनी - छुटकी दीदी

भाग्या - बड़ी बहन

ज्योत्सना - माँ

अमर - भाग्या का पति

देवी सहाय - नाना

शारदा देवी - नानी

सीताराम - माँ का चचेरा भाई

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चाहत By sajal singh

"ओ रे पिया रे उड़ने लगा मन बावरा रे........." गाना म्यूजिक प्ले पर बज रहा है,और मैं इस गाने पर ज़ूम -ज़ूम कर डांस कर रही हूँ | तभी रूम में कोई आता है और म्यूजिक ऑफ कर देता ह...

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एक नया रास्ता By Kishanlal Sharma

"यह कौन है?"राजन के साथ आयी युवती को देखकर कल्पना बोली थी।
"यह सुनीता है,"राजन अपने साथ आयी युवती का परिचय कल्पना से कराते हुए बोला,"और सुनीता मेरी पत्नी है &#...

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मुझे न्याय चाहिए By Pallavi Saxena

शारीरिक विकलांगता किसी का मुंह नहीं देखती ना ही किसी में कोई लिंग भेद ही करती है. यहाँ मैं विकलांगता शब्द का प्रयोग कर रही हूँ जो देखने, पढ़ने, सुनने, आदि में कठोर शब्द है बहुत से ल...

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झांसी: सौदा, कर्ज और बदला By Piyu soul

कर्ज़ की दस्तक

गाँव में शाम हमेशा जल्दी उतर आती थी।सूरज अभी पूरी तरह डूबा भी नहीं था, लेकिन प्रताप सिंह बाजवा के घर में अंधेरा पहले ही पसर चुका था।

आँगन के बीच रखा मिट्टी का...

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Half Blood -The Hidden Truth By Vijay Sanga

ये कहानी जो मै आज आपके लिये लिख रहा हूँ, ये मैंने अपनी कल्पना से लिख रहा हूँ।

ये कहानी पूरी तरह से है।

कहानी की सुरुवात होती है उत्तराखंड से, जहाँ अचानक कई ऐसे हादसे होने लगे...

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कौन है ख़लनायक By Ratna Pandey

कभी कभी हम जीवन में ऐसे दो राहे पर आकर रुक जाते हैं कि समझ ही नहीं आता कि अब किधर जायें। ऐसे ही दो राहे पर खड़ी थी रुपाली जिसके एक तरफ़ प्रियांशु था और दूसरी तरफ़ अजय। उनमें से कौन उस...

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जहाँ चाह हो राह मिल ही जाती है By Ratna Pandey

सेठ हीरा लाल अपनी पत्नी गायत्री के साथ रोज़ की ही तरह आज भी प्रातः काल सैर पर निकले थे। बारिश के दिन थे, बहुत ही खूबसूरत मौसम, ठंडी पवन, शरीर और मन को लुभा रही थी। प्रातः के लगभग पा...

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मोतीबाई - (एक तवायफ़ माँ की कहानी) By Saroj Verma

"माँ" मेरे हिसाब से ये एक ही ऐसा शब्द है,जिस पर दुनिया टिकी हुई है,मानव इतिहास के जन्म के समय से ही स्त्री माँ बनती आई है और मातृत्व को जीती आई है,ये अलग बात है कि स्त्री...

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चौपड़े की चुड़ैलें By PANKAJ SUBEER

चौपड़े की चुड़ैलें (कहानी : पंकज सुबीर) (1) हवेली वैसी ही थी जैसी हवेलियाँ होती हैं और घर वैसे ही थे, जैसे कि क़स्बे के घर होते हैं। कुछ कच्चे, कुछ पक्के। इस क़स्बे से ही हमारी कहानी...

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जीवन ऊट पटाँगा By Neelam Kulshreshtha

ज़िंदगी होती है बेतरतीब, बड़ी ऊट पटाँग, थोड़ी सी बेढब, थोड़ी सी खट्टी मीठी, हंसी और आँसुओं की पोटली, अकल्पनीय बातें आपके रास्ते में फेंकती आपको बौखलाती हुई, ठगती हुई --अपनी तरह से भूल...

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सत्य ना प्रयोगों By Miss Chhoti

गांधीजी के बारे मे हर कोई जानता है पर बहोत कम लोग होंगे जिन्होंने उनकी आत्मकथा को पुरा पढ़ा होगा। इस लिए हम आपके लिए ये कहानी लेके आये है। गांधीजी के जीवन के कुछ मजेदार और दुःख प्र...

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तेरे शहर के मेरे लोग By Prabodh Kumar Govil

( एक )जबलपुर आते समय मन में ठंडक और बेचैनियों का एक मिला- जुला झुरमुट सा उमड़ रहा था जो मुंबई से ट्रेन में बैठते ही मंद- मंद हवा के झौंकों की तरह सहला भी रहा था और कसक भी रहा था।ईम...

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Dream Love By Hanika

हाय! कितना हैंडसम लड़का है। हे भगवान! बस एक बार मिलादो प्लीज।
हनिका जो की मिडिल क्लास फैमिली से है। जो खुद से ही बातें कर रही होती है। वो जिस लड़के की बात कर रही होती है, वो कोई...

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तेरी मेरी यारी By Ashish Kumar Trivedi

ग्रीनवुड पब्लिक स्कूल की छुट्टी का समय हो रहा था। स्कूल के बाहर आइसक्रीम बेचने वाले आकर खड़े हो गए थे। एक काले रंग की वैन दो बार स्कूल के सामने से गुज़र चुकी थी।

छुट्टी की घंटी...

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प्रेम न हाट बिकाय By DrPranava Bharti

कुहासों की गलियों में से गुज़रते हुए जीवन की गठरी न जाने कितनी बार नीचे गिरी, कितनी बार खुली, कितनी बार बिखरी और समेटी गई लेकिन गठरी की गाँठ बड़ी कमज़ोर रही फिर चिंदी बनकर उड़ने से उसम...

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इतिहास के पन्नों से By S Sinha

माना जाता है कि दुनिया का लगभग 97 % इतिहास समय के साथ लुप्त होते गया है . इतिहास का लिखित विवरण करीब 6000 वर्ष पूर्व आरंभ हुआ था . इतिहास तो अनंत है फिर भी उसके पन्नों में कुछ छो...

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रामचर्चा By Munshi Premchand

राम चर्चा प्रेमचंद द्वारा लिखी गयी बच्चो की पुस्तक है ये पुस्तक लिखने में उनका मुख्य उदेश्य था कि भगवान राम के गुणों को बच्चों तक पहुचाएँ इसी लिए एक वार्तालाप के रूप में इस पुस्त...

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असत्यम्। अशिवम्।। असुन्दरम्।।। By Yashvant Kothari

इस बार महाशिवरात्री और वेलेन्टाइन-डे लगभग साथ-साथ आ गये। युवा लोगों ने वेलेन्टाइन-डे मनाया। कुछ लड़कियों ने मनाने वालों की धज्जियां उड़ा दी और बुजुर्गों व घरेलू महिलाओं ने शिवरात्री...

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भीतर का जादू By Mak Bhavimesh

उम्ब्रालूना के एकांत द्वीप पर, जहाँ आपस में जुड़ी परछाइयाँ अनकहे रहस्य समेटे हुए थीं, एक मनोरम कहानी सामने आती हैं। इसके किनारे, कोमल उतार-चढ़ाव और एक रहस्यमय समुद्र के प्रवाह से द...

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हमें माफ़ कर देना रिहाना By Prahlad Pk Verma

आज सुबह प्रोफेसर आमिर खान केस की पहली सुनवाई है जिनके कत्ल इल्ज़ाम उनकी स्टूडेंट रिहाना पर हैं जो सउदी अरब का सबसे हाई प्रोफाइल केसों में से एक हैंईरानी न्यायालयईरानकी किंग फैसल य...

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चूँ चूँ का मुरब्बा By S Sinha

इस कहानी में पढ़िए - धनी परिवार की लड़की रूबी ने गरीब परिवार के लड़के रोमित को प्रोत्साहित कर उसे उसकी मंजिल तक कैसे पहुंचाया. कहानी - चूँ चूँ का मुरब्बा बरसात भी झमाझम बरसते...

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बेरहम सईया By riya pandey

बेरहम सईया यह उनकी तीसरी एनिवर्सरी थी और प्राची खुशी-खुशी अपने पति के लिए एक शानदार डिनर की तैयारी कर रही थी, नितिन काम के सिलसिले में बाहर था लेकिन वह कभी भी घर आ जाता था, जिससे व...

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रक्त भरें आँशु By Parveen Negi

यह कहानी पूर्ण रूप से काल्पनिक है किसी जाति धर्म इंसान से कोई मतलब नहीं रखती है फिर हम मनोरंजन की दृष्टि से से पढ़ें

चट्टानी पत्थरों से टकराकर , समुद्री लहरों का शोर उसके मन...

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प्यार ऐसा भी By सीमा बी.

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मैं प्रकाश ह...

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पक्षीराज By Pooja Singh

इंसानी दुनिया से अलग है एक दूसरी दुनिया" पक्षीलोक "यहाँ के लोग दिखते तो आम लोग जैसे ही है पर आम इंसान जैसे है भी नही इनका आधा चेहरा पक्षी जैसा है और बड़े बड़े पंख है ।ये लो...

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यादो की सहेलगाह - रंजन कुमार देसाई By Ramesh Desai

उस वक़्त मैं तीन साल का था, मेरा बड़ा भाई सुखेश पांच साल का था औऱ मेरी छोटी बहन भाविका केवल छह महिने की थी. उस वक़्त मेरी मा असाध्य बीमारी का शिकार हो गई थी.

उन्हें कांदिव...

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स्पर्श By Saroj Verma

क्या कहा तुमने ? तुम सेठ रघुवरदयाल की बेटी के संग ब्याह नहीं करोगें,अगर तुम ऐसा नहीं कर सकते तो मेरे घर में तुम्हारे लिए कोई जगह नहीं है,रामनारायण जी अपने बेटे मधुसुदन से बोले।। बा...

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तेरी मेरी खामोशियां। By Mystic Quill

अम्मी! मेरा सफ़ेद दुपट्टा नहीं मिल रहा! नायरा ने कमरे से आवाज़ लगाई, तो रसोई से अम्मी की सधी हुई टोन आई— अरे! तेरी अलमारी में अगर कुछ मुक़ाम पर रखा होता, तो शायद तलाश ना करनी पड़ती...

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मैं पापन ऐसी जली! By Saroj Verma

सात सुरों के मेल को सरगम कहा जाता है,ये एक ऐसी ही लड़की की कहनी है जिसका नाम सरगम है,जिसका जीवन उसके नाम की तरह संगीतमय था जो स्वरबद्ध और तालबद्ध था लेकिन फिर उसके जीवन के सुरो का त...

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साथी By Pallavi Saxena

यह कहानी पूरी तरह से काल्पनिक है और सिर्फ़ मनोरंजन के उद्देश्य से बनाई गई है। कहानी में दर्शाए गए पात्र , संस्थाएं और घटनाएं काल्पनिक है। इनका उपयोग दृश्यों, पात्रों और घटनाओं को न...

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पश्चाताप. By Ruchi Dixit

"पश्चाताप " यह रचना मैने प्रतिलिपि पर वेवसीरीज के तौर पर लिखी थी जिसे अब बिना परिवर्तित करे मै उपन्यास की रूप मातृभारती पर देने जा रही हूँ | प्रतिलिपि पर मैने इसे दस भागो...

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हम दिल दे चुके सनम By Gulshan Parween

रात के तकरीबन 4:00 बज रहे थे, हर तरफ गहरी खामोशी छाई हुई थी। ठंड परने की वजह से सभी अपने-अपने बिस्तर में दुबके के हुए थे, कि अचानक अलार्म की आवाज ने चारों तरफ की खामोशी को तोड़ दिय...

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टॉम काका की कुटिया By Harriet Beecher Stowe

माघ का महीना है। दिन ढल चुका है। केंटाकी प्रदेश के किसी नगर के एक मकान में भोजन के उपरांत दो भलेमानस पास-पास बैठे हुए किसी वाद-विवाद में लीन हो रहे थे।

कहने को दोनों ही भलेमानस...

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ये तुम्हारी मेरी बातें By Preeti

"सुनो, कहां हो तुम"?

"सुबह घर से निकलते वक्त बता कर आया था , भूल गई "?

"सीधे सीधे जवाब देने में दिक्कत है क्या कोई "?

"आज अचानक से मेरी जासूसी...

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रामायण की कथा भजन के माध्यम से मेरे शब्दों में By Dave Rup

हम कथा सुनाते राम सकल गुणधाम की,
ये रामायण है पुण्य कथा श्री राम की।।

श्लोक – ॐ श्री महागणाधिपतये नमः,
ॐ श्री उमामहेश्वराभ्याय नमः।
वाल्मीकि गुरुदेव के पद पंकज सिर नाय,
सुमि...

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बेटी की अदालत By Ratna Pandey

18 साल की स्वीटी के सामने एक बहुत ही विकट समस्या थी। वह समस्या थी मम्मी या पापा किसके साथ उसे अपना आगे का जीवन बिताना है। उसकी मम्मी अलका और पापा गौरव के बीच रोज़ होते झगड़ों के कार...

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फरेब By Raje.

यह कहानी एक साधु है। जिसकी एक गीरोह होती है। वह अपने काम कि वजह से राजश्थान के चीरोली गाँव पहुचता है। और वहा उसे अपने पीछले जनम की प्रेमीका मीलती है। फिर उन दोनो के बीच प्रेम के लि...

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अधूरी मुलाकात... By Sonali Rawat

कुछ मुलाकातों की भी अपनी ही एक अलग किस्मत होती है जो एक तय मुकाम पर ही आकर रुकती है ।

ऐसी मुलाकातें जाने कब, कहां और कैसे हो जाएं, ये न तो हम जानते है और न ही वो जो इससे होकर गु...

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शेनेल लौट आएगी By Pradeep Shrivastava

ऐमिलियो डोरा को मैं आज भी अपनी पत्नी ही मानता हूं। वह आज भी मेरे हृदय के इतने करीब है, मुझमें इतना समायी हुई है कि मैं उसकी महक को महसूस करता हूं। मुझे अब भी ऐसा लगता है कि जैसे वह...

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संगम By Saroj Verma

ये किसे ले आया अपने साथ?मास्टर किशनलाल ने अपने नौकर दीनू से पूछा।
मालिक,हैजे से पत्नि चल बसी,ये अकेली जान कैसे रहता गांव में, कोई रिश्तेदार भी तो ऐसा भरोसेमंद नहीं है, जिसके पास इ...

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कर्तव्य By Asha Saraswat

व्यक्ति को अपने जीवन में माता-पिता,भाई -बहन का ध्यान रखना चाहिए; जब शादी हो जाये तो जीवन पर्यंत जीवन साथी का पूरा ध्यान और भरणपोषण करना चाहिए।जब बच्चे हों तो उनकी पूरी ज़िम्मेदारी...

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प्रेम दीवानी आत्मा By Rakesh Rakesh

आयु में अपने से दो वर्ष बड़ी पड़ोस में रहने वाली अंकिता को जब उसके कॉलेज में साथ पढ़ने वाला विक्रम बोलता है "आप गुलाबी साड़ी में बहुत खूबसूरत लग रही हो" तो उसकी यह बात सुनक...

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घर की मुर्गी By AKANKSHA SRIVASTAVA

अक्सर ससुराल में नई बहू के आते ही उसे जिम्मेदारी के नाम पर अकेले ही हजारों कामो के लिए सौप दिया जाता हैं। बिना यह सोचें कि वह अभी इस घर मे नयी है। हर लड़की को मायके की आजादी से निकल...

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प्रतिशोध- By Saroj Verma

दूर पहाड़ों के बीच बसा एक राज्य जिसका नाम पुलस्थ है, धन-धान्य से परिपूर्ण, जहां की प्रजा के मुंख पर सदैव प्रसन्नता वास करती है,उस राज्य के राजा है हर्षवर्धन,जो आज पड़ोसी राज्य के र...

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चोलबे ना By Rajeev Upadhyay

चच्चा खीस से एकमुस्त लाल-पीला हो भुनभुनाए जा रहे थे मगर बोल कुछ भी नहीं रहे थे। मतलब एकदम चुप्प! बहुत देर तक उनका भ्रमर गान सुनने के बाद जब मेरे अन्दर का कीड़ा कुलबुलाने लगा। अन्त म...

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हम कैसे आगे बढे By Rajesh Maheshwari

यह घटना मगध की है। मगध के एक छोटे से राज्य के राजा की कोई सन्तान नहीं थी। जब वे वृद्धावस्था के करीब पहुँचे तथा उन्हें लगा कि उनके जीवन का सूर्य अब अस्ताचल के करीब जा रहा है और सन्त...

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रॉ एजेंट By bhagwat singh naruka

इस कहानी के सभी पात्र काल्पनिक है इसका किसी जीवित, जंतु, मानव संसाधन से कोई लेना देना नही है अगर ऐसा होता है तो ये मात्र एक सयोग होगा ,,, जय हिन्द,
इस कहानी को लिखने का उद्देश्य क...

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दस्तक दिल पर By Sanjay Nayak Shilp

आज से एक कहानी श्रृंखला शुरू कर रहा हूँ, ये वो कहानी है जिसने मुझे लंबी कहानियों को लिखने की क्षमता प्रदान की थी और कहानीकार से उपन्यास कार बनने को प्रोत्साहित किया
"दस्तक दिल...

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