हिंदी की श्रेष्ठ किताबें, उपन्यास, कहानियाँ फ्री PDF में डाउनलोड करें

You are at the place of हिंदी Novels and stories where life is celebrated in words of wisdom. The best authors of the world are writing their fiction and non fiction Novels and stories on Matrubharti, get early access to the best stories free today. हिंदी novels are the best in category and free to read online.


श्रेणी
Featured Books

सत्या के लिए By Pradeep Shrivastava

वह उस बार में रोज़ ही देर शाम को बैठ कर घंटे भर तक व्हिस्की पीती है, जो शहर का एक ठीक-ठाक बार कहा जाता है। जगह ज़्यादा बड़ी होने के कारण शान्ति से देर तक बैठ कर पीने वालों का वह पसंद...

Read Free

ख्वाइशें By Kishanlal Sharma

योर वाट्सएप नम्बरमोबाइल पर वह यूटुबेर के वीडियो बहुत देखता था।इनमे राजनीतिक बहस और समाचार के ज्यादा होते थे।पाकिस्तान के भी काफी पत्रकार यूट्यूब पर वीडियो डालने लगें थे।जब से सोशल...

Read Free

सुनहरी तितलियों का वाटरलू By Pradeep Shrivastava

कोविड-१९ फ़र्स्ट लॉक-डाउन काल की सत्ताईसवीं सुबह है। रिचेरिया अपॉर्टमेंट की पाँचवीं मंज़िल पर अपने फ़्लैट की बालकनी में बैठी, दूर क्षितिज में एक केसरिया घेरे को बड़ा होता देख रही है।...

Read Free

Premier Amour By akriti choubey

सिटी ऑफ लेक"भोपाल"जनवरी की ठंड अपने चरम पर थी लेकिन लोगों की बिजी लाइफ वैसे ही चली जा रही थी। भोपाल से थोड़ा आउट में जंगल के बीचों बीच बना एक आलीशान फार्म हाउस जिसके चा...

Read Free

हर्ज़ाना By Anjali Deshpande

हर्ज़ाना अंजली देशपांडे (1) घंटी बजी, नौकर ने दरवाज़ा खोला और वापस आकर कहा, “चार लोग हैं साब.” उनके चेहरे की हर झुर्री प्रफुल्लित हो उभर आई. वे इतनी तत्परता से उठे कि रीढ़ ने प्रतिवाद...

Read Free

पी.के. By Roop Singh Chandel

पी.के. (1) बालभवन के पास चाय की दुकान पर वह मित्र के साथ चाय पी रहा था. उनके हाथों में चाय के छोटे गिलास थे और वे दुकान और सड़क के बीच दुकान के निकट ही बातों में मशगूल थे. लंबे समय...

Read Free

धूमकेतू By mayur pokale

अंधेरे का समय था।
रामपुर नाम का एक छोटा-सा गांव गहरी नींद में डूबा हुआ था। मगर अजय अब भी जाग रहा था। किसी चीज़ पर ध्यान लगाकर काम कर रहा था। और करता भी क्यों नहीं — वह पेशे से एक...

Read Free

क्रान्तिकारी By Roop Singh Chandel

क्रान्तिकारी (1) समस्या ज्यों-की त्यों विद्यमान थी. सात महीने सोचते हुए बीत गये थे, लेकिन न तो शैलजा ही कोई उपाय सोच पायी और न ही शांतनु. ज्यों-ज्यों दिन निकट आते जा रहे थे शैलजा क...

Read Free

नश्तर खामोशियों के By Shailendra Sharma

नश्तर खामोशियों के शैलेंद्र शर्मा 1. बार-बार उमड़ आते उफान से मेरी आँखें गीली हो जाती थीं. और सच, मैं इतने दिनों बाद महसूस कर रही थी कि मैं अभी भी पत्थर नहीं हुई हूँ...मगर कैसी अजीब...

Read Free

एक देह एक आत्मा By sangeeta sethi

मेरे द्वारा लिखी गयी कहानी फेसबुक मेरे कथा-संग्रह एक देह एक आत्मा से ली गयी है । फेसबुक की वर्चुअल दुनिया वास्तविक में किस तरह से मार्मिक हो जाती है यह इस कहानी में बताया गया है...

Read Free

Lunar Blood By Sameer Kumar

एलारिया की शांत और सुंदर दुनिया में, जहाँ हरे-भरे मैदान और घने जंगल फैले हुए थे, एक छोटा-सा गाँव लिलीवुड अपनी सादगी और खुशियों के लिए जाना जाता था। यहाँ के लोग प्रकृति के करीब रहते...

Read Free

जब रिश्ता प्यार बन जाए. By Priyam Gupta

शाम का वक्त था और Priyam अपने कमरे में खड़ी थी।
खिड़की से हल्की धूप आ रही थी, और कमरे में सन्नाटा था।
आज कुछ अलग सा लग रहा था।
दिल हल्का-हल्का धड़क रहा था, और मन में हल्की बेचैन...

Read Free

ईश्वरत्व का अहंकार By Mahesh Dewedy

मानव में ईश्वरीय आस्था बहुत कुछ ज्ञान-सापेक्ष होती है- जहां मानवीय ज्ञान की सीमा रेखा आ जाती है और अज्ञान के अंधकार का साम्राज्य प्रारम्भ होता है, वहीं मानव ईश्वर का अवलम्ब प्राप्त...

Read Free

सदफ़िया मंज़िल By Pradeep Shrivastava

सदफ़िया मंज़िल का दरवाज़ा खुला हुआ है। वह भी सदफ़िया की तरह बहुत बूढ़ा हो चुका है। जगह-जगह से चिटक गया है। यह चिटकन और बढ़ कर दरवाज़े को ज़मीन न सुँघा दे, इस लिए जगह-जगह टीन की पट्टियों को...

Read Free

समंदर और सफेद गुलाब By Ajay Sharma

समंदर और सफेद गुलाब पहला दिन 1 शताब्दी टे्रन को मैंने नई दिल्ली रेलवे स्टेशन पर छोड़ दिया और मैट्रो टे्रन लेने के लिए मैट्रो स्टेशन की तरफ बढऩे लगा। ट्रॉली बैग को पहियों पर घसीटता...

Read Free

वो कौन थी? By sapna

"दुनिया में कुछ चीज़ें ऐसी होती हैं जिन्हें हमारा दिमाग तो नहीं मानता, लेकिन हमारी रूह महसूस कर सकती है। हम अक्सर अंधेरे रास्तों पर चलते हुए पीछे मुड़कर देखते हैं, यह सोचकर कि...

Read Free

नागिन - का आखरी महायुध्द By Datta Shinde

काहाणी शुरु करते हैं ये काहाणी बोहत पुरानी हैं इस काहाणी में एक मंदिर हैं जो बोहत पुराना हैं लेकिन कोछ शेतान उस मंदिर को पाणा चाहाते हैं क्यो की वो मंदिर सोने का हैं तो काहाणी शुरु...

Read Free

मिडिल बर्थ By Ajay Kumar Awasthi

रात काफी हो चुकी थी ट्रेन अभी अभी प्लेटफार्म में आकर रुकी थी और मैं अपनी बर्थ पर आकर बैठ गया ,मेरी लोवर बर्थ थी । मेरे सामने की मिडिल बर्थ पर एक लड़की बैठी थी,वो अब तक जाग रही थी और...

Read Free

विनाशकाले.. By Rama Sharma Manavi

लाल जोड़े में सजी रेवती हाथों में जयमाल लेकर जब स्टेज पर आई तो बाराती-घराती उसके अप्सरा जैसे रूप को देखकर दूल्हे के भाग्य की सराहना करने लगे।शर्म से झुकी रेवती की पलकें जब जयमाल डाल...

Read Free

कब्र का रहस्य By Shubhanand

राजन, इकबाल, सलमा और शोभा देश के उभरते युवा नेता श्रीराम मूर्ति की संदेहास्पद मौत की शिनाख्त करने कर्णाटक पहुँचते हैं, जहाँ पर आने वाले चुनाव की जोर-शोर से तैयारियां चल रही हैं. खो...

Read Free

ईश्वर चुप है By Neela Prasad

ईश्वर चुप है नीला प्रसाद (1) रंजना मंदिर की सीढ़ियां चढ़ती ठिठक रही है। ईश्वर से उसका रिश्ता बहुत पेचीदा होता जा रहा है। उसे इस रिश्ते को रेशे - रेशे कर समझने का मन होता है। हर बार...

Read Free

Obession of my Girl By Noor

वो अब तक शराब के चार बोतल ख़तम कर चुकी थी। एक आलीशान कमरा… जिसमें दीवारों कुछ महंगी पेंटिंग्स लगे थे । वो कोई आम पेंटिंग्स नहीं थे, हर जगह अलग अलग जानवरों के पेंटिंग्स थे , जैसे...

Read Free

बड़े दिल वाला By Ratna Pandey

योगेश और संगीता का घर जगमगा रहा था। सुंदर बिजली की लड़ियाँ मानो बार-बार खिलखिला कर हँस रही थीं। आने-जाने वालों का मन मोहने वाली इस घर की सुंदरता में ताज़े फूलों की ख़ुशबू अपनी उपस्...

Read Free

शोर... एक प्रेमकहानी By अर्चना यादव

शोरएक कैफे कराओके क्लब जहाँ सैकड़ों भीड़ जमा हैं हर किसी के चहरे पर मुस्कान हैं और कुछ देर बाद चहरे के भाव बदल जा रहे हैं कभी हँस रहे तो कभी थोडा शांत हो जा रहे हैं साथ ही ताली भी बज...

Read Free

Ghost hunters By Rishav raj

Ghost hunter रात के 2:17 बजे दिल्ली के बाहरी इलाके में एक छोटा-सा ऑफिस बाहर से देखने पर बिल्कुल साधारण, लेकिन अंदर का माहौल अलग ही था। दीवारों पर अजीब-सी मशीनें, वायरिंग, EMF मीटर,...

Read Free

पर्दे के पीछे By ARTI MEENA

सुबह का समय था।शहर अभी पूरी तरह जागा नहीं था, लेकिन सड़कों पर भागती जिंदगी की आहट सुनाई देने लगी थी। चाय की केतली से उठती भाप के साथ मिश्रा जी बरामदे में कुर्सी डालकर अख़बार पढ़ रह...

Read Free

ग़रीबी के आचरण By Manjeet Singh Gauhar

इस संसार में सभी तरह के प्राणी रहते हैं। इन सभी प्राणियों में से एक प्राणी इन्सान भी है। जो भगवान द्वारा बनाई गयी सभी चीज़ों में बहुत ही ज़्यादा खूबसूरत है। इंसान से जुड़ी कु...

Read Free

Aapke Aa Jaane Se By Aamir Raza Khan

हर सुबह वही सूरज उगता है, पर उसकी रोशनी हर जगह अलग कहानी बुनती है। कहीं वो नरम सी किरणों के साथ धीरे-धीरे अंधेरे को मिटाता है, तो कहीं नई उम्मीदें जगाकर दिलों में ताज़गी भर देता है...

Read Free

दीवारें तोड़ती मोहब्बत By ADITYA RAJ RAI

सर्द हवा का एक झोंका खिड़की के खुले हिस्से से घुसा और अनायरा के करीने से सजे ऑफिस में हल्की-सी हलचल मचा गया। उसने अपने बाल एक कान के पीछे झटकते हुए सामने रखे डिज़ाइन पोर्टफोलियो पर...

Read Free

राधे..प्रेम की अनोखी दास्तां (सीज़न 2) By Soni shakya

इस शाम की तरह जिंदगी भी ढल रही थी राधा की....

शाम के 4:00 रहे थे, राधा अपने कमरे से निकल कर बाहर आती है।

क्या हुआ राधा कुछ चाहिए क्या तुम्हें?

तुम उठकर क्यों चली आई मुझे ब...

Read Free

पहली नज़र का जांदू By kajal jha

पटना की गलियों में सुबह की पहली किरणें चाय की दुकानों को जगातीं। कचौड़ी-समोसे की खुशबू हवा में घुली हुई थी। इस जीवंत मोहल्ले में रिया का छोटा सा घर था – पुरानी ईंटों की दीवारें, ले...

Read Free

काफला यूँ ही चलता रहा By Neeraj Sharma

काफला यूँ ही चलता रहा ---- ये उपन्यास भी सत्य घटना पर आधारित है, इसको भी सत्य ही समझा जाये, मेरी जिम्मेदारी है, मगर इसके पात्र जो है कल्पनिक, स्थान वही है।

ये कहानी की स्क्रिप्ट...

Read Free

लास्ट मर्डर By Jaidev chawariya

शाम के पांच बज रहे थे।
राहुल खन्ना अपने ऑफिस का काम कर रहा था । ऑफिस का रूम काफी बड़ा था ।

वह एक कुर्सी पर बैठा हुआ था और सामने रखी मेज पर काफी फाइले पड़ी हुई थी, इस समय वह अ...

Read Free

बाजी किस ने प्यार की जीती या हारी By S Sinha

यह एक प्रेम कहानी है जिसमें प्रेमी और प्रेमिका की शादी नहीं हो सकी और दोनों चष्टे ुए भी एक नहीं हो सके …



“ तुम मुझे बहुत अच्छी लगती हो . “ अमित ने अपने साथ पढ़ने वाली...

Read Free

मैं दादा-दादी की लाड़ली By sapna

मैं अपने बचपन में दादा-दादी की लाड़ली थी।उनकी आँखों का नूर, उनके आँगन की सबसे प्यारी हँसी।घर में अगर कोई सबसे पहले मेरी ओर देखता था,तो वे दादा-दादी ही होते थे।उनके लिए मैं केवल उनक...

Read Free

संगीत से बुनी प्यार की कहानी By Ritesh

रवि वर्षा के मौसम में एक सुबह उठकर अपने घर की तरफ बढ़ रहा था। उसका दिल खुशी से भरा हुआ था क्योंकि उसे अपनी प्रिय दोस्त के साथ पिकनिक जाने का मौका मिल रहा था। उसने दोस्तों के साथ सु...

Read Free

तुम मेरे हो By NEELOMA

सुबह की किरणें कमरे में फैल चुकी थीं। लगभग 45-46 का चौबे, पहलवान जैसा गठीला शरीर लिए, आँगन में कसरत कर रहा था। उसकी भारी आवाज़ गूँजी—

“नीचे आ जा और कसरत कर, वरना नाश्ता नहीं मिल...

Read Free

कहानी किससे ये कहें! By Neela Prasad

कहानी किससे ये कहें! नीला प्रसाद (1) 31 अगस्त 1991. सुबह-सुबह आसमान में छाए घने काले बादल इंगित कर रहे हैं कि किसी भी क्षण वर्षा शुरू हो जा सकती है। लगभग साढ़े तीन दशक लंबी नौकरी क...

Read Free

Red Love By BleedingTypewriter

मैं हूँ Jachu — एक writer, जो अब तक मर्डर, थ्रिलर और क्राइम की दुनिया में जीती आई है।
लेकिन आज... कुछ अलग है।
आज मैं एक love story लिखने जा रही हूँ। और नहीं, ये सिर्फ कहानी नहीं...

Read Free

अंधेरी गुफा By wow mission successful

एक रहस्यमयी भयावह कथा)
बिहार के एक छोटे से गाँव कुरहारी के पास, पहाड़ियों के बीच एक पुरानी गुफा थी — जिसे लोग “अंधेरी गुफा” कहते थे। कोई नहीं जानता था कि वो कितनी गहरी है, पर इतना...

Read Free

झग्गू पत्रकार By Deepak Bundela Arymoulik

आजकल की खबरें कोई खबरें हैं जो दिन भर शब्दों के हेर फेर करके ब्रेकग न्यूज़ के नाम पर पब्लिक को धमकाते और डराते रहते हैं जीके लिए ज्ञानी अज्ञानी और बुद्धिजीवी की एक पूरी की पूरी फौज...

Read Free

रंगून क्रीपर और अप्रैल की एक उदास रात By PANKAJ SUBEER

रंगून क्रीपर और अप्रैल की एक उदास रात (कहानी : पंकज सुबीर) (1) हवा में उदासी घुली हुई है। उदासी, जो मौसमों की थपक के साथ पैदा होती है। बाहर वसंत और पतझड़ क्या है, कुछ समझा नहीं जा...

Read Free

नागिन का आखरी इंतकाम By Appa Jaunjat

हे एक गाव मै एक लडकी और उसका पती और उसके मा बाबा रहथे थे लेकीन ऊन चारो को कोई तो मारदेता हे उसे किसने मारा देखेगे हम एक शहर में एक शुभांगी नाम की एक लडकी रेहती थी उसके घरमे program...

Read Free

ललित - The Master of Thikri By salman khatik

"कभी-कभी, जो काम सबसे मामूली लगता है, वही सबसे गहरी साजिशों से घिरा होता है।"

आपके हाथों में जो किताब है, वह सिर्फ एक कहानी नहीं, बल्कि हकीकत के कड़वे और रोमां...

Read Free

2 दिन चांदनी, 100 दिन काली रात By बैरागी दिलीप दास

"कभी हँसी डराती है, कभी डर भी हँसा देता है। लेकिन जब प्यार दोनों बन जाए, तो रातें गुदगुदाने लगती हैं..."? Scene: Jaipur, रात 11:47 PM

"तू फिर से आ गई?"शेखर ने मो...

Read Free

ख़ज़ाने का नक्शा By Naina Khan

लखनऊ की गलियों से लेकर राजस्थान की रेत तक, दो नौजवान — रैयान मीर और ज़ेहरा नाज़ — एक ऐसे नक़्शे की तलाश में निकलते हैं जो सदियों पुराने सुल्तान बहादुर शाह के गुमशुदा ख़ज़ाने तक पहु...

Read Free

अधूरी घंटी By Arkan

शहर से दूर, पुराने गाँव के कोने में एक हवेली थी, जिसे लोग “काली हवेली” कहते थे। वहाँ कभी किसी ज़मींदार का परिवार रहता था, लेकिन दशकों से वह वीरान थी। टूटी खिड़कियाँ, दरकती दीवारें...

Read Free

एक महान व्यक्तित्व By krick

मेरा जन्म गाव मे एक छोटे से परिवार मे हुआ था। मेरे पापा गुजराती विषय के अध्यापक है वो एक सरकारी हाईय स्कूल मे पढ़ाते है। मेरा पुरा परिवार शिक्षा क्षेत्र से जुड़ा हुआ है मेरे बडे पा...

Read Free

उलझे रिश्ते By Akash

बस में बहुत भीड थी, लोगों को खड़े खड़े सफर कर रहे थे। बैठने वाले भी दांत को कसके जा रहे थे। लेकिन उन्हीं बीच एक युवक जो दिखने में तो एक सीधा साधा २० २१ साल का जवान लड़का था, सरल सफ...

Read Free

इच्छाधारी शेरनी का बदला By Vijay Sharma Erry

रात का सन्नाटा था। पूरा जंगल ठंडी हवा और झींगुरों की आवाज़ से गूँज रहा था। गहरी अंधेरी घाटी के बीचोंबीच एक गुफा में जंगल का राजा – एक शक्तिशाली इच्छाधारी शेर – अपने परिवार के साथ र...

Read Free

सत्या के लिए By Pradeep Shrivastava

वह उस बार में रोज़ ही देर शाम को बैठ कर घंटे भर तक व्हिस्की पीती है, जो शहर का एक ठीक-ठाक बार कहा जाता है। जगह ज़्यादा बड़ी होने के कारण शान्ति से देर तक बैठ कर पीने वालों का वह पसंद...

Read Free

ख्वाइशें By Kishanlal Sharma

योर वाट्सएप नम्बरमोबाइल पर वह यूटुबेर के वीडियो बहुत देखता था।इनमे राजनीतिक बहस और समाचार के ज्यादा होते थे।पाकिस्तान के भी काफी पत्रकार यूट्यूब पर वीडियो डालने लगें थे।जब से सोशल...

Read Free

सुनहरी तितलियों का वाटरलू By Pradeep Shrivastava

कोविड-१९ फ़र्स्ट लॉक-डाउन काल की सत्ताईसवीं सुबह है। रिचेरिया अपॉर्टमेंट की पाँचवीं मंज़िल पर अपने फ़्लैट की बालकनी में बैठी, दूर क्षितिज में एक केसरिया घेरे को बड़ा होता देख रही है।...

Read Free

Premier Amour By akriti choubey

सिटी ऑफ लेक"भोपाल"जनवरी की ठंड अपने चरम पर थी लेकिन लोगों की बिजी लाइफ वैसे ही चली जा रही थी। भोपाल से थोड़ा आउट में जंगल के बीचों बीच बना एक आलीशान फार्म हाउस जिसके चा...

Read Free

हर्ज़ाना By Anjali Deshpande

हर्ज़ाना अंजली देशपांडे (1) घंटी बजी, नौकर ने दरवाज़ा खोला और वापस आकर कहा, “चार लोग हैं साब.” उनके चेहरे की हर झुर्री प्रफुल्लित हो उभर आई. वे इतनी तत्परता से उठे कि रीढ़ ने प्रतिवाद...

Read Free

पी.के. By Roop Singh Chandel

पी.के. (1) बालभवन के पास चाय की दुकान पर वह मित्र के साथ चाय पी रहा था. उनके हाथों में चाय के छोटे गिलास थे और वे दुकान और सड़क के बीच दुकान के निकट ही बातों में मशगूल थे. लंबे समय...

Read Free

धूमकेतू By mayur pokale

अंधेरे का समय था।
रामपुर नाम का एक छोटा-सा गांव गहरी नींद में डूबा हुआ था। मगर अजय अब भी जाग रहा था। किसी चीज़ पर ध्यान लगाकर काम कर रहा था। और करता भी क्यों नहीं — वह पेशे से एक...

Read Free

क्रान्तिकारी By Roop Singh Chandel

क्रान्तिकारी (1) समस्या ज्यों-की त्यों विद्यमान थी. सात महीने सोचते हुए बीत गये थे, लेकिन न तो शैलजा ही कोई उपाय सोच पायी और न ही शांतनु. ज्यों-ज्यों दिन निकट आते जा रहे थे शैलजा क...

Read Free

नश्तर खामोशियों के By Shailendra Sharma

नश्तर खामोशियों के शैलेंद्र शर्मा 1. बार-बार उमड़ आते उफान से मेरी आँखें गीली हो जाती थीं. और सच, मैं इतने दिनों बाद महसूस कर रही थी कि मैं अभी भी पत्थर नहीं हुई हूँ...मगर कैसी अजीब...

Read Free

एक देह एक आत्मा By sangeeta sethi

मेरे द्वारा लिखी गयी कहानी फेसबुक मेरे कथा-संग्रह एक देह एक आत्मा से ली गयी है । फेसबुक की वर्चुअल दुनिया वास्तविक में किस तरह से मार्मिक हो जाती है यह इस कहानी में बताया गया है...

Read Free

Lunar Blood By Sameer Kumar

एलारिया की शांत और सुंदर दुनिया में, जहाँ हरे-भरे मैदान और घने जंगल फैले हुए थे, एक छोटा-सा गाँव लिलीवुड अपनी सादगी और खुशियों के लिए जाना जाता था। यहाँ के लोग प्रकृति के करीब रहते...

Read Free

जब रिश्ता प्यार बन जाए. By Priyam Gupta

शाम का वक्त था और Priyam अपने कमरे में खड़ी थी।
खिड़की से हल्की धूप आ रही थी, और कमरे में सन्नाटा था।
आज कुछ अलग सा लग रहा था।
दिल हल्का-हल्का धड़क रहा था, और मन में हल्की बेचैन...

Read Free

ईश्वरत्व का अहंकार By Mahesh Dewedy

मानव में ईश्वरीय आस्था बहुत कुछ ज्ञान-सापेक्ष होती है- जहां मानवीय ज्ञान की सीमा रेखा आ जाती है और अज्ञान के अंधकार का साम्राज्य प्रारम्भ होता है, वहीं मानव ईश्वर का अवलम्ब प्राप्त...

Read Free

सदफ़िया मंज़िल By Pradeep Shrivastava

सदफ़िया मंज़िल का दरवाज़ा खुला हुआ है। वह भी सदफ़िया की तरह बहुत बूढ़ा हो चुका है। जगह-जगह से चिटक गया है। यह चिटकन और बढ़ कर दरवाज़े को ज़मीन न सुँघा दे, इस लिए जगह-जगह टीन की पट्टियों को...

Read Free

समंदर और सफेद गुलाब By Ajay Sharma

समंदर और सफेद गुलाब पहला दिन 1 शताब्दी टे्रन को मैंने नई दिल्ली रेलवे स्टेशन पर छोड़ दिया और मैट्रो टे्रन लेने के लिए मैट्रो स्टेशन की तरफ बढऩे लगा। ट्रॉली बैग को पहियों पर घसीटता...

Read Free

वो कौन थी? By sapna

"दुनिया में कुछ चीज़ें ऐसी होती हैं जिन्हें हमारा दिमाग तो नहीं मानता, लेकिन हमारी रूह महसूस कर सकती है। हम अक्सर अंधेरे रास्तों पर चलते हुए पीछे मुड़कर देखते हैं, यह सोचकर कि...

Read Free

नागिन - का आखरी महायुध्द By Datta Shinde

काहाणी शुरु करते हैं ये काहाणी बोहत पुरानी हैं इस काहाणी में एक मंदिर हैं जो बोहत पुराना हैं लेकिन कोछ शेतान उस मंदिर को पाणा चाहाते हैं क्यो की वो मंदिर सोने का हैं तो काहाणी शुरु...

Read Free

मिडिल बर्थ By Ajay Kumar Awasthi

रात काफी हो चुकी थी ट्रेन अभी अभी प्लेटफार्म में आकर रुकी थी और मैं अपनी बर्थ पर आकर बैठ गया ,मेरी लोवर बर्थ थी । मेरे सामने की मिडिल बर्थ पर एक लड़की बैठी थी,वो अब तक जाग रही थी और...

Read Free

विनाशकाले.. By Rama Sharma Manavi

लाल जोड़े में सजी रेवती हाथों में जयमाल लेकर जब स्टेज पर आई तो बाराती-घराती उसके अप्सरा जैसे रूप को देखकर दूल्हे के भाग्य की सराहना करने लगे।शर्म से झुकी रेवती की पलकें जब जयमाल डाल...

Read Free

कब्र का रहस्य By Shubhanand

राजन, इकबाल, सलमा और शोभा देश के उभरते युवा नेता श्रीराम मूर्ति की संदेहास्पद मौत की शिनाख्त करने कर्णाटक पहुँचते हैं, जहाँ पर आने वाले चुनाव की जोर-शोर से तैयारियां चल रही हैं. खो...

Read Free

ईश्वर चुप है By Neela Prasad

ईश्वर चुप है नीला प्रसाद (1) रंजना मंदिर की सीढ़ियां चढ़ती ठिठक रही है। ईश्वर से उसका रिश्ता बहुत पेचीदा होता जा रहा है। उसे इस रिश्ते को रेशे - रेशे कर समझने का मन होता है। हर बार...

Read Free

Obession of my Girl By Noor

वो अब तक शराब के चार बोतल ख़तम कर चुकी थी। एक आलीशान कमरा… जिसमें दीवारों कुछ महंगी पेंटिंग्स लगे थे । वो कोई आम पेंटिंग्स नहीं थे, हर जगह अलग अलग जानवरों के पेंटिंग्स थे , जैसे...

Read Free

बड़े दिल वाला By Ratna Pandey

योगेश और संगीता का घर जगमगा रहा था। सुंदर बिजली की लड़ियाँ मानो बार-बार खिलखिला कर हँस रही थीं। आने-जाने वालों का मन मोहने वाली इस घर की सुंदरता में ताज़े फूलों की ख़ुशबू अपनी उपस्...

Read Free

शोर... एक प्रेमकहानी By अर्चना यादव

शोरएक कैफे कराओके क्लब जहाँ सैकड़ों भीड़ जमा हैं हर किसी के चहरे पर मुस्कान हैं और कुछ देर बाद चहरे के भाव बदल जा रहे हैं कभी हँस रहे तो कभी थोडा शांत हो जा रहे हैं साथ ही ताली भी बज...

Read Free

Ghost hunters By Rishav raj

Ghost hunter रात के 2:17 बजे दिल्ली के बाहरी इलाके में एक छोटा-सा ऑफिस बाहर से देखने पर बिल्कुल साधारण, लेकिन अंदर का माहौल अलग ही था। दीवारों पर अजीब-सी मशीनें, वायरिंग, EMF मीटर,...

Read Free

पर्दे के पीछे By ARTI MEENA

सुबह का समय था।शहर अभी पूरी तरह जागा नहीं था, लेकिन सड़कों पर भागती जिंदगी की आहट सुनाई देने लगी थी। चाय की केतली से उठती भाप के साथ मिश्रा जी बरामदे में कुर्सी डालकर अख़बार पढ़ रह...

Read Free

ग़रीबी के आचरण By Manjeet Singh Gauhar

इस संसार में सभी तरह के प्राणी रहते हैं। इन सभी प्राणियों में से एक प्राणी इन्सान भी है। जो भगवान द्वारा बनाई गयी सभी चीज़ों में बहुत ही ज़्यादा खूबसूरत है। इंसान से जुड़ी कु...

Read Free

Aapke Aa Jaane Se By Aamir Raza Khan

हर सुबह वही सूरज उगता है, पर उसकी रोशनी हर जगह अलग कहानी बुनती है। कहीं वो नरम सी किरणों के साथ धीरे-धीरे अंधेरे को मिटाता है, तो कहीं नई उम्मीदें जगाकर दिलों में ताज़गी भर देता है...

Read Free

दीवारें तोड़ती मोहब्बत By ADITYA RAJ RAI

सर्द हवा का एक झोंका खिड़की के खुले हिस्से से घुसा और अनायरा के करीने से सजे ऑफिस में हल्की-सी हलचल मचा गया। उसने अपने बाल एक कान के पीछे झटकते हुए सामने रखे डिज़ाइन पोर्टफोलियो पर...

Read Free

राधे..प्रेम की अनोखी दास्तां (सीज़न 2) By Soni shakya

इस शाम की तरह जिंदगी भी ढल रही थी राधा की....

शाम के 4:00 रहे थे, राधा अपने कमरे से निकल कर बाहर आती है।

क्या हुआ राधा कुछ चाहिए क्या तुम्हें?

तुम उठकर क्यों चली आई मुझे ब...

Read Free

पहली नज़र का जांदू By kajal jha

पटना की गलियों में सुबह की पहली किरणें चाय की दुकानों को जगातीं। कचौड़ी-समोसे की खुशबू हवा में घुली हुई थी। इस जीवंत मोहल्ले में रिया का छोटा सा घर था – पुरानी ईंटों की दीवारें, ले...

Read Free

काफला यूँ ही चलता रहा By Neeraj Sharma

काफला यूँ ही चलता रहा ---- ये उपन्यास भी सत्य घटना पर आधारित है, इसको भी सत्य ही समझा जाये, मेरी जिम्मेदारी है, मगर इसके पात्र जो है कल्पनिक, स्थान वही है।

ये कहानी की स्क्रिप्ट...

Read Free

लास्ट मर्डर By Jaidev chawariya

शाम के पांच बज रहे थे।
राहुल खन्ना अपने ऑफिस का काम कर रहा था । ऑफिस का रूम काफी बड़ा था ।

वह एक कुर्सी पर बैठा हुआ था और सामने रखी मेज पर काफी फाइले पड़ी हुई थी, इस समय वह अ...

Read Free

बाजी किस ने प्यार की जीती या हारी By S Sinha

यह एक प्रेम कहानी है जिसमें प्रेमी और प्रेमिका की शादी नहीं हो सकी और दोनों चष्टे ुए भी एक नहीं हो सके …



“ तुम मुझे बहुत अच्छी लगती हो . “ अमित ने अपने साथ पढ़ने वाली...

Read Free

मैं दादा-दादी की लाड़ली By sapna

मैं अपने बचपन में दादा-दादी की लाड़ली थी।उनकी आँखों का नूर, उनके आँगन की सबसे प्यारी हँसी।घर में अगर कोई सबसे पहले मेरी ओर देखता था,तो वे दादा-दादी ही होते थे।उनके लिए मैं केवल उनक...

Read Free

संगीत से बुनी प्यार की कहानी By Ritesh

रवि वर्षा के मौसम में एक सुबह उठकर अपने घर की तरफ बढ़ रहा था। उसका दिल खुशी से भरा हुआ था क्योंकि उसे अपनी प्रिय दोस्त के साथ पिकनिक जाने का मौका मिल रहा था। उसने दोस्तों के साथ सु...

Read Free

तुम मेरे हो By NEELOMA

सुबह की किरणें कमरे में फैल चुकी थीं। लगभग 45-46 का चौबे, पहलवान जैसा गठीला शरीर लिए, आँगन में कसरत कर रहा था। उसकी भारी आवाज़ गूँजी—

“नीचे आ जा और कसरत कर, वरना नाश्ता नहीं मिल...

Read Free

कहानी किससे ये कहें! By Neela Prasad

कहानी किससे ये कहें! नीला प्रसाद (1) 31 अगस्त 1991. सुबह-सुबह आसमान में छाए घने काले बादल इंगित कर रहे हैं कि किसी भी क्षण वर्षा शुरू हो जा सकती है। लगभग साढ़े तीन दशक लंबी नौकरी क...

Read Free

Red Love By BleedingTypewriter

मैं हूँ Jachu — एक writer, जो अब तक मर्डर, थ्रिलर और क्राइम की दुनिया में जीती आई है।
लेकिन आज... कुछ अलग है।
आज मैं एक love story लिखने जा रही हूँ। और नहीं, ये सिर्फ कहानी नहीं...

Read Free

अंधेरी गुफा By wow mission successful

एक रहस्यमयी भयावह कथा)
बिहार के एक छोटे से गाँव कुरहारी के पास, पहाड़ियों के बीच एक पुरानी गुफा थी — जिसे लोग “अंधेरी गुफा” कहते थे। कोई नहीं जानता था कि वो कितनी गहरी है, पर इतना...

Read Free

झग्गू पत्रकार By Deepak Bundela Arymoulik

आजकल की खबरें कोई खबरें हैं जो दिन भर शब्दों के हेर फेर करके ब्रेकग न्यूज़ के नाम पर पब्लिक को धमकाते और डराते रहते हैं जीके लिए ज्ञानी अज्ञानी और बुद्धिजीवी की एक पूरी की पूरी फौज...

Read Free

रंगून क्रीपर और अप्रैल की एक उदास रात By PANKAJ SUBEER

रंगून क्रीपर और अप्रैल की एक उदास रात (कहानी : पंकज सुबीर) (1) हवा में उदासी घुली हुई है। उदासी, जो मौसमों की थपक के साथ पैदा होती है। बाहर वसंत और पतझड़ क्या है, कुछ समझा नहीं जा...

Read Free

नागिन का आखरी इंतकाम By Appa Jaunjat

हे एक गाव मै एक लडकी और उसका पती और उसके मा बाबा रहथे थे लेकीन ऊन चारो को कोई तो मारदेता हे उसे किसने मारा देखेगे हम एक शहर में एक शुभांगी नाम की एक लडकी रेहती थी उसके घरमे program...

Read Free

ललित - The Master of Thikri By salman khatik

"कभी-कभी, जो काम सबसे मामूली लगता है, वही सबसे गहरी साजिशों से घिरा होता है।"

आपके हाथों में जो किताब है, वह सिर्फ एक कहानी नहीं, बल्कि हकीकत के कड़वे और रोमां...

Read Free

2 दिन चांदनी, 100 दिन काली रात By बैरागी दिलीप दास

"कभी हँसी डराती है, कभी डर भी हँसा देता है। लेकिन जब प्यार दोनों बन जाए, तो रातें गुदगुदाने लगती हैं..."? Scene: Jaipur, रात 11:47 PM

"तू फिर से आ गई?"शेखर ने मो...

Read Free

ख़ज़ाने का नक्शा By Naina Khan

लखनऊ की गलियों से लेकर राजस्थान की रेत तक, दो नौजवान — रैयान मीर और ज़ेहरा नाज़ — एक ऐसे नक़्शे की तलाश में निकलते हैं जो सदियों पुराने सुल्तान बहादुर शाह के गुमशुदा ख़ज़ाने तक पहु...

Read Free

अधूरी घंटी By Arkan

शहर से दूर, पुराने गाँव के कोने में एक हवेली थी, जिसे लोग “काली हवेली” कहते थे। वहाँ कभी किसी ज़मींदार का परिवार रहता था, लेकिन दशकों से वह वीरान थी। टूटी खिड़कियाँ, दरकती दीवारें...

Read Free

एक महान व्यक्तित्व By krick

मेरा जन्म गाव मे एक छोटे से परिवार मे हुआ था। मेरे पापा गुजराती विषय के अध्यापक है वो एक सरकारी हाईय स्कूल मे पढ़ाते है। मेरा पुरा परिवार शिक्षा क्षेत्र से जुड़ा हुआ है मेरे बडे पा...

Read Free

उलझे रिश्ते By Akash

बस में बहुत भीड थी, लोगों को खड़े खड़े सफर कर रहे थे। बैठने वाले भी दांत को कसके जा रहे थे। लेकिन उन्हीं बीच एक युवक जो दिखने में तो एक सीधा साधा २० २१ साल का जवान लड़का था, सरल सफ...

Read Free

इच्छाधारी शेरनी का बदला By Vijay Sharma Erry

रात का सन्नाटा था। पूरा जंगल ठंडी हवा और झींगुरों की आवाज़ से गूँज रहा था। गहरी अंधेरी घाटी के बीचोंबीच एक गुफा में जंगल का राजा – एक शक्तिशाली इच्छाधारी शेर – अपने परिवार के साथ र...

Read Free
-->