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Featured Books

मुलाकात By दिलीप कुमार

शाम का समय था... हल्की हल्की हवाओं के साथ छोटी छोटी बारिस की बूंदे पड़ रही थी। बड़ा ही सुहाना मौसम था...मैं ग्राउंड में टहल रहा था अचानक मेरे कानों में आवाज आई ।ओ मिस्टर मैंने पलट क...

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तीन घोड़ों का रथ By Prabodh Kumar Govil

हिंदी सिनेमा का आगाज़ लगभग एक सदी पुराना है। एक सौ दस बरस के सेल्युलॉयड के इस सफ़र में देश के कौने कौने से अभिनय करके नाम कमाने के लिए हज़ारों लोग आए और चले भी गए। कुछ सफ़ल होकर सि...

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बुजुर्गो का आशिष By Ashish

बुजुर्गो ने मुझे बहुत सी कहानियाँ सुनाई है उसमें से कुछ....

आशिष / आशीर्वाद

*!! समस्या रूपी बंदर !!

*एक बार स्वामी विवेकानंद को बंदरों का सामना करना पड़ा था। वह इस आप बी...

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सौदे का सिन्दूर By Anil singh

हॉस्पिटल में आईसीयू के बाहर की हवा भारी थी, जिसमें फिनाइल की तीखी गंध और वेंटिलेटर की 'बीप-बीप' करती डरावनी आवाज़ मिली हुई थी। सान्वी वर्मा के हाथ में पकड़ा हुआ वह बीस लाख...

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Ye Ishq Bada Bedardi Hai By Vijay Sanga

दिल्ली, दोपहर के 3 बजे...

एक नौजवान लड़का अपनी hf deluxe बाइक से कहीं जा रहा होता है की तभी उसका ध्यान उसके पीछे चल रही कार पर जाता है। वो नोटिस करता है की वो कार बहुत देर से उस...

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आपकी आराधना By Pushpendra Kumar Patel

बेसहारा, गरीब और अनाथ ये तीनों शब्द आराधना को चुभ गये। उसके अंदर सिहरन सी पैदा हो गयी और उसके होंठ कंपकपाने लगे, मानो किसी ने उसे तीर मार दिया हो। आखिर क्या हुआ था उसके साथ? क्या ह...

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उस महल की सरगोशियाँ By Neelam Kulshreshtha

उस छोटी क्यूट सी सफ़ेद फ़िएट कार का दरवाज़ा खोलते हुये मीना देवी की बगल में बैठते हुये उसे रोमांच हो आया था। ये किसी राजपूती रजवाड़े की भूतपूर्व राजकुमारी एक लोकल चैनल की पी आर ओ थी। द...

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ब्रुन्धा-एक रुदाली By Saroj Verma

इन्सान सरलता से झूठी हंँसी हँस तो सकता है, लेकिन बिना बात के बड़े बड़े आंँसुओं के साथ उसके लिए रोना लगभग कठिन सा हो जाता है,अगर आपसे कोई कहे कि अब रोने लगो, तो शायद आपके लिए ऐसा कर प...

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श्री बप्पा रावल By The Bappa Rawal

बप्पा रावल जिसे कालभोज के नाम से भी जाना जाता है।8वीं शताब्दी में मेवाड़ (वर्तमान राजस्थान) के एक पराक्रमी शासक थे। उन्हें गुहिल राजवंश का संस्थापक माना जाता है और उन्हें भारत पर अ...

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वो जो मैं नहीं था By Rohan

स्थान: नासिक, महाराष्ट्र
वर्ष: 2031
---

नासिक के एक शांत मोहल्ले में सुबह की चाय की भाप के साथ एक नाम हवा में गूंजता है —
"आरव… उठ जा बे! आज फिर लेट हो जाएगा!"

22...

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डायरी ::कल्पना से परे जादू का सच By Swati Grover

यास्मिन ने देखा कि उसके चारों ओर बहुत डरावने चेहरे हैं । सभी लाल-काल-पीले मुँह वाले लोग उसकी तरफ बढ़ रहें हैं और उसके आसपास घेरा-सा बनता जा रहा हैं। वह ज़ोर से चिल्लाई बचाओं!!!! तभी...

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गूगल बॉय By Madhukant

गूगल बॉय (रक्तदान जागृति का किशोर उपन्यास) मधुकांत समर्पण : श्री बाँके बिहारी जी के उपासक श्री रामजी व बुआ माया देवी (बेरी वालों) को सादर समर्पित भूमिका सुबह-सुबह सब्ज़ी ख़रीदने जा...

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IIT Roorkee (अजब प्रेम की गज़ब कहानी) By Akshay Tiwari

दोस्तों इस प्रेम कहानी की शुरुआत होती हैं उत्तर प्रदेश के एक छोटे से गांव से निकल कर IIT रुड़की उत्तराखंड देवभूमि में पढ़ने गए एक साधारण लड़के से, जिसे नैनीताल से आई ठंडी हवा के झो...

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Fatty to Transfer Thin in Time Travel By Black

रश्मि अपने घर में बैठी अपनी फैमिली के साथ खाना खा रही थी। खाना खाते समय रश्मि अपनी फैमिली से बात करते हुए हंसी मजाक कर रही थी।

रश्मि अपनी फैमिली के साथ खुश थी और उसे कल का भी बे...

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एबॉन्डेण्ड By Pradeep Shrivastava

एबॉन्डेण्ड - प्रदीप श्रीवास्तव भाग 1 इसे आप कहानी के रूप में पढ़ रहे हैं, लेकिन यह एक ऐसी घटना है जिसका मैं स्वयं प्रत्यक्षदर्शी रहा हूं। चाहें तो आप इसे एक रोचक रिपोर्ट भी कह सकते...

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निरुत्तर By Ratna Pandey

वंदना एक बहुत ही कुशल प्रेरक वक्ता थी। वह अपने प्रेरणात्मक भाषणों से समाज को एक नई दिशा देने की जवाबदारी लेना उसका कर्तव्य समझती थी। लोगों को उसकी कही बातें बहुत अच्छी लगती थीं। ले...

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लिव इन लॉकडाउन और पड़ोसी आत्मा By Jitendra Shivhare

लिव इन लॉकडाउन और पड़ोसी आत्मा जितेन्द्र शिवहरे (1) धरम की गिनती असामाजिक तत्वों में होने लगी थी। परिवार वाले उसकी मारपीट और गुंडागर्दी से तंग आ आ गये। पुरे मोहल्ले में बेड ब्वॉय क...

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Rebirth of my Innocent Wife By Rani prajapati

बारिश बहुत तेजो से झमाझम बरस रही थी।

वही एक लड़की सड़क पर भागे जा रही थी। उसके पीछे एक लड़का हाथों में चाकू लिए उसके पीछे भाग रहा था।

वो लड़की बेहद ही सुंदर थी लेकिन इस वक्...

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इस सुबह को नाम क्या दूँ - महेश कटारे By राज बोहरे

रामरज शर्मा अभी अपना स्कूटर ठीक तरह से स्टैंड पर टिका भी नहीं पाए थे कि उनकी प्रतीक्षा में बैठा भगोना-चपरासी खड़ा हो, चलकर निकट पहुँच गया-'मालिक आपकी बाट देख रहे हैं ....बहुत जर...

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महावीर लचित बड़फूकन By Mohan Dhama

अपने महापुरुषों का स्मरण भारत में एक श्रेष्ठ परम्परा रही है। कथा-कहानियों से लगाकर पुस्तकों तक उनके कर्तृत्व और आदर्श जीवन का सजीव चित्रण किया गया है। यदा-कदा पर्वों के माध्यम से भ...

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अल्हड़ लड़की गीता By Shiv Shanker Gahlot

आप अकेले नहीं जो किसी खूबसूरत लड़की से प्यार करना चाहते हैं । कोई बिरला ही होगा जिसे ये चाहत न हो । पर ये वास्तव मे आधा सच है । आप किसी भी खूबसूरत लड़की से प्यार करने को तैयार हो ज...

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चुडैल की कामवासन By Mister Rakesh

आर्यन की जिंदगी हमेशा साधारण रही थी। दिल्ली के उत्तर-पूर्वी इलाके में एक छोटा सा अपार्टमेंट, एक मामूली नौकरी, और एक एकाकी जीवन। लेकिन उसके भीतर हमेशा एक खालीपन था, जिसे कोई भी चीज़...

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रक्तरेखा By Pappu Maurya

पत्तों की सरसराहट थम चुकी थी।

आसमान फट पड़ा था — और मानो देवताओं के क्रोध से बरस रहा था पानी।

हर पेड़, हर झाड़ी, हर तिनका काँप रहा था। हवा में मिट्टी, कीचड़ और काई की गंध घुल...

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मॉटरनी का बुद्धु By सीमा बी.

"मॉटर जी खाना लग गया है, आप जल्दी से आ जाओ हम दोनो को बहुत जोरों की भूख लगी है", आवाज सुनकर भूपेंद्र जी ने जल्दी से अपनी किताब बंद की और डायनिंग टेबल पर पहुँच गए, जहाँ उनका...

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सिसकती वफ़ा: एक अधूरी मोहब्बत की मुकम्मल By Babul haq ansari

कभी-कभी ज़िंदगी वो सवाल पूछ लेती है... जिनका जवाब सिर्फ ख़ामोशी के पास होता है।
और मोहब्बत... वो अक्सर वहीं से शुरू होती है, जहाँ लोग टूट कर बिखर जाते हैं।

सहर की हल्की सी रौ...

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बेवजह... By Harshad Molishree

बेवजह....भाग १....राजस्थान की जलाने देने वाली गर्मी मैं... एक लड़का जो महज १४ - १५ साल का होगा, सुनसान रास्ते पर लडखडाते हुए चल रहा है, पिघलादेने वाली गर्मी... सामने सब कुछ धुन्दला...

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अद्भुत प्रेम By Saroj Verma

कहीं दूर एक गांव में, शाम का समय,सूरज डूबने जा रहा है,सूरज की हल्की रोशनी से आकाश का रंग गहरे नारंगी रंग का हो गया है, पंक्षियो के झुंड भी दिनभर टहलकर अपने अपन आशियाने की ओर लौट रह...

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अबकी बार... लल्लन प्रधान By Bhupendra Singh chauhan

जगतपुरा....ऐसा गांव जो अब भी गांव है ।शहरों की चकाचौंध और आधुनिकता से दूर एकांत में बसे इस गांव की खूबी है कि यह अपने मे ही खुश हैं।इसकी अपनी दुनिया है।करीब...

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फिर से By Ambalika Sharma

यह कहानी एक लड़की रिया के बारे मे है जिसकी जिंदगी मे नवीन प्यार की बहार ले आता है उसे यकीन नही होता के कोई उसे इतना प्यार भी कर सकता है जब रिया नवीन से जीवन भर का साथ मांगती है त...

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जब एक प्लेन हवा में ही गायब हो गया By harshad solanki

समुद्रविज्ञानी माइकल पुरसेल अपने साथी वैज्ञानिकों सहित एटलान्टिक ओसन के पानी पर डेरा डाले कई हप्तों से पड़ा था. उन्हें किसी चीज की तलाश थी. बहुत दिनों से वे पानी की गहराइयों में उसे...

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बसंती की बसंत पंचमी By Prabodh Kumar Govil

ये दुख बरसों पुराना था। ये न मेरा था और न तेरा। ये सबका था। हर दिन का था। हर गांव का था। हर शहर का था।
नहीं- नहीं, ग़लती हो गई। शायद गांव का नहीं था, केवल शहर का था। जितना बड़ा शह...

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खौलते पानी का भंवर By Harish Kumar Amit

‘आठ हज़ार तो आप अब दे दीजिए और बाकी के आठ हज़ार आख़िरी सुनवाई से पहले दे देना.’’

कल शाम से यह वाक्य उसके दिमाग़ पर हथौड़े की तरह बज रहा था. कहाँ से लाए वह आठ हज़ार रुपए? उस जैसे पन्द...

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झंझावात में चिड़िया By Prabodh Kumar Govil

गोरा - चिट्टा, गोल - मटोल, आंखों से मुस्कराता सा खड़ा था।
पड़ोस की कोठी में काम करने वाली बूढ़ी औरत बोल पड़ी - काला टीका दे दो माथे पर!
- अरे नहीं - नहीं! ऊपर से नीचे तक बस वो टी...

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SUDESH By ANKIT YADAV

भुमिका :- उपन्यास में वर्णिन चरित, घटना, स्थान पूरी तरह काल्पनिक हैं। चरित्र का जीवित या मृत व्यक्ति से जुड़ाव, घटनाओ का सत्य प्रतीत, होना स्थानों का यर्थाथवादी स्थान लगना केवल संय...

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प्रेम - मेरे प्यार की शुरूआत By alaywritss

मेरे प्यार की शुरूआत कुछ इस तरह हुई की में कक्षा 10 के बाद मेरी स्कूल बदल गई और कक्षा 11 में मुझे एक लड़की पसंद आती हैं। वो बहुत ही सुंदर थी , उसकी सुंदरता कहूं तो यूं थी की वो एकद...

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समरादित्य महाकथा By Kapil Jain

समरादित्य महाकथा एक 2 आत्माओ की कहानी है कि कैसे 2 जीव अपने अपने व्यवहार में बदल जाते है और सिर्फ एक छोटी गलतफहमी के कारण दोनो आत्माओ को 9 भव का सफर करना पड़ता है उसमे से एक आत्मा अ...

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चंद्रिका एक नन्हीं जादूगरनी By Pooja Singh

ये कहानी शुरू होती हैं कंचनापुर से चंद्रिका को उसके भाई नीलेश ने एक गुप्त स्थान पर छुपा रखा है ताकि भावी जादूगरनी को कोई नुक़सान न पहुॅंचा सके।
चंद्रिका नादान सी इन सब बातो से अनज...

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पुर्णिमा By Soni shakya

मां _मां_ ओ __मां !!

देखो मेरा रिजल्ट पुरे 95 पर्सेंट मिले से मुझे।

मां मैं बहुत खुश हूं आज कहते हुए झुमने लगी पुर्णिमा ।

उसकी बातों में खनक और आंखों मे चमक थी।

आज वो स...

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हडसन तट का ऐरा गैरा By Prabodh Kumar Govil

हडसन नदी की सबसे बड़ी खूबी यह थी कि यह अत्यंत तेज़ वेग से बहती थी। और तो और, इसे मौसम के साथ बदलना भी खूब आता था। जाड़ों के मौसम में जब तेज़ हिमपात होता तो यहां ठंडे पानी में बर्फ़...

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पहली झलक:- आर्यन से मुलाकात By Silent Writer AK

होम थिएटर में ये वाला गाना चल रहा है, और साथ में एक लड़का ये गाना गाते हुए तैयार हो रहा है। तैयार होकर वो नीचे आता है वह पर उसे उसके पापा (राजवीर जी) की आवाज सुनाई देती है।

राजव...

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जो मिले तुमसे By M K

" मरहम बनकर जख्म गहरे दिए क्यों ?
आसान नहीं होता है किसी को दिल से भुला जाना "

थके हारे से एक नव युवक सड़क किनारे खड़ा था , रात के 8 बज रहे थे । आस पास से कई गाड़ियां ग...

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हंसता क्यों है पागल By Prabodh Kumar Govil

कुछ दिन पहले शाम को पार्क में अपने साथी सीनियर सिटीजंस के साथ टहल कर गप्पें लड़ाते समय पड़ौस में रहने वाले एक साथी ने बताया कि आज तो उनका सारा दिन बहुत आराम से बीत गया। उनका गीज़र...

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रिश्तो की कश्मकश By Naaz Zehra

जल्दी करो बहुत देर हो रही है पाता नहीं सुबह से क्या कर रहे थे जो अब इतना समय लग रहा है अरे आज ही हमें बारात लेकर निकलना है,,, और कितना समय लगाओगे जल्दी करो सुबह समझा रहीं हूं अपनी...

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सपना By Shivani Verma

ट्रेनों की गड़गड़ाहट के बीच, स्टेशन के पिछले हिस्से की तरफ रेलवे ट्रैक पर बैठी सपना की आंखों से झर-झर आंसू बह रहे थे. उधर से निकलने वाले लोग बार-बार उसे रेलवे ट्रैक से हटने की बात कह...

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सरजमीं By Saroj Verma

सरजमीं ,मुल्क,वतन,मातृभूमि,इन सब नामों से स्वदेश को सम्बोधित किया जाता है,कहते हैं जो देश पर फिद़ा होता है उसका नाम हमेशा-हमेशा के लिए अमर हो जाता है,अपने मुल्क के वास्ते शहीद हो ज...

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स्वतन्त्र सक्सेना की कहानियां - बद्री विशाल By बेदराम प्रजापति "मनमस्त"

स्वतन्त्र सक्सेना एक परिपक्व और विचारशील रचनाकार हैं, वे निबन्ध लेखक और कहानीकार हैं। उनकी कहानी जमीन से जुड़ी रहती हैं जो रोचक और विश्वसनीय भी होती हैं। भाषा पर उनका असाधारण अधिका...

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हक है सिर्फ मेरा By simran

एक नई कहानी , नए किरदार बस प्यार वही जो हर किसी के नसीब में नहीं !

अब इस कहानी में प्यार की कोई जगह है या नही ये जानने के लिए हम एक सफर शुरू करते है " हक है सिर्फ मेरा "...

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फैसला By Divya Shukla

फैसला (1) शाम की ट्रेन थी बेटे की अभी सत्ररह साल का ही तो है राघव पहली बार अकेले सफर कर रहा है उसे अकेले भेजते हुए मेरा कलेजा कांपा तो बहुत फिर भी खुद को समझा के उसे ट्रेन में...

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13वां दरवाज़ा By Vijeta Maru

गांव का नाम था भैरवपुर। चारों ओर ऊँचे पेड़ों से घिरा, एक ऐसा गांव जहां शाम ढलते ही लोग अपने दरवाज़े बंद कर लेते थे। गांव के बाहर एक पुरानी, टूटी-फूटी हवेली थी — राय हवेली। गांववालो...

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सरहद By Kusum Bhatt

चीड़ के पेड़ों की टहनियां तेज हवा के दबाव से जोरां से हिलती हैं सायं-सायं के कनफोडू षोर से काँंप उठती हूँ। इन चीड़ों से ढेर सूखी पिरूल भी लगातार झर रही है। ऊपर चढ़ने की कोशिश करते पाँव...

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मुलाकात By दिलीप कुमार

शाम का समय था... हल्की हल्की हवाओं के साथ छोटी छोटी बारिस की बूंदे पड़ रही थी। बड़ा ही सुहाना मौसम था...मैं ग्राउंड में टहल रहा था अचानक मेरे कानों में आवाज आई ।ओ मिस्टर मैंने पलट क...

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तीन घोड़ों का रथ By Prabodh Kumar Govil

हिंदी सिनेमा का आगाज़ लगभग एक सदी पुराना है। एक सौ दस बरस के सेल्युलॉयड के इस सफ़र में देश के कौने कौने से अभिनय करके नाम कमाने के लिए हज़ारों लोग आए और चले भी गए। कुछ सफ़ल होकर सि...

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बुजुर्गो का आशिष By Ashish

बुजुर्गो ने मुझे बहुत सी कहानियाँ सुनाई है उसमें से कुछ....

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सौदे का सिन्दूर By Anil singh

हॉस्पिटल में आईसीयू के बाहर की हवा भारी थी, जिसमें फिनाइल की तीखी गंध और वेंटिलेटर की 'बीप-बीप' करती डरावनी आवाज़ मिली हुई थी। सान्वी वर्मा के हाथ में पकड़ा हुआ वह बीस लाख...

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Ye Ishq Bada Bedardi Hai By Vijay Sanga

दिल्ली, दोपहर के 3 बजे...

एक नौजवान लड़का अपनी hf deluxe बाइक से कहीं जा रहा होता है की तभी उसका ध्यान उसके पीछे चल रही कार पर जाता है। वो नोटिस करता है की वो कार बहुत देर से उस...

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आपकी आराधना By Pushpendra Kumar Patel

बेसहारा, गरीब और अनाथ ये तीनों शब्द आराधना को चुभ गये। उसके अंदर सिहरन सी पैदा हो गयी और उसके होंठ कंपकपाने लगे, मानो किसी ने उसे तीर मार दिया हो। आखिर क्या हुआ था उसके साथ? क्या ह...

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उस महल की सरगोशियाँ By Neelam Kulshreshtha

उस छोटी क्यूट सी सफ़ेद फ़िएट कार का दरवाज़ा खोलते हुये मीना देवी की बगल में बैठते हुये उसे रोमांच हो आया था। ये किसी राजपूती रजवाड़े की भूतपूर्व राजकुमारी एक लोकल चैनल की पी आर ओ थी। द...

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ब्रुन्धा-एक रुदाली By Saroj Verma

इन्सान सरलता से झूठी हंँसी हँस तो सकता है, लेकिन बिना बात के बड़े बड़े आंँसुओं के साथ उसके लिए रोना लगभग कठिन सा हो जाता है,अगर आपसे कोई कहे कि अब रोने लगो, तो शायद आपके लिए ऐसा कर प...

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श्री बप्पा रावल By The Bappa Rawal

बप्पा रावल जिसे कालभोज के नाम से भी जाना जाता है।8वीं शताब्दी में मेवाड़ (वर्तमान राजस्थान) के एक पराक्रमी शासक थे। उन्हें गुहिल राजवंश का संस्थापक माना जाता है और उन्हें भारत पर अ...

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वो जो मैं नहीं था By Rohan

स्थान: नासिक, महाराष्ट्र
वर्ष: 2031
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नासिक के एक शांत मोहल्ले में सुबह की चाय की भाप के साथ एक नाम हवा में गूंजता है —
"आरव… उठ जा बे! आज फिर लेट हो जाएगा!"

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डायरी ::कल्पना से परे जादू का सच By Swati Grover

यास्मिन ने देखा कि उसके चारों ओर बहुत डरावने चेहरे हैं । सभी लाल-काल-पीले मुँह वाले लोग उसकी तरफ बढ़ रहें हैं और उसके आसपास घेरा-सा बनता जा रहा हैं। वह ज़ोर से चिल्लाई बचाओं!!!! तभी...

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गूगल बॉय By Madhukant

गूगल बॉय (रक्तदान जागृति का किशोर उपन्यास) मधुकांत समर्पण : श्री बाँके बिहारी जी के उपासक श्री रामजी व बुआ माया देवी (बेरी वालों) को सादर समर्पित भूमिका सुबह-सुबह सब्ज़ी ख़रीदने जा...

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दोस्तों इस प्रेम कहानी की शुरुआत होती हैं उत्तर प्रदेश के एक छोटे से गांव से निकल कर IIT रुड़की उत्तराखंड देवभूमि में पढ़ने गए एक साधारण लड़के से, जिसे नैनीताल से आई ठंडी हवा के झो...

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रश्मि अपने घर में बैठी अपनी फैमिली के साथ खाना खा रही थी। खाना खाते समय रश्मि अपनी फैमिली से बात करते हुए हंसी मजाक कर रही थी।

रश्मि अपनी फैमिली के साथ खुश थी और उसे कल का भी बे...

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एबॉन्डेण्ड By Pradeep Shrivastava

एबॉन्डेण्ड - प्रदीप श्रीवास्तव भाग 1 इसे आप कहानी के रूप में पढ़ रहे हैं, लेकिन यह एक ऐसी घटना है जिसका मैं स्वयं प्रत्यक्षदर्शी रहा हूं। चाहें तो आप इसे एक रोचक रिपोर्ट भी कह सकते...

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वंदना एक बहुत ही कुशल प्रेरक वक्ता थी। वह अपने प्रेरणात्मक भाषणों से समाज को एक नई दिशा देने की जवाबदारी लेना उसका कर्तव्य समझती थी। लोगों को उसकी कही बातें बहुत अच्छी लगती थीं। ले...

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लिव इन लॉकडाउन और पड़ोसी आत्मा By Jitendra Shivhare

लिव इन लॉकडाउन और पड़ोसी आत्मा जितेन्द्र शिवहरे (1) धरम की गिनती असामाजिक तत्वों में होने लगी थी। परिवार वाले उसकी मारपीट और गुंडागर्दी से तंग आ आ गये। पुरे मोहल्ले में बेड ब्वॉय क...

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Rebirth of my Innocent Wife By Rani prajapati

बारिश बहुत तेजो से झमाझम बरस रही थी।

वही एक लड़की सड़क पर भागे जा रही थी। उसके पीछे एक लड़का हाथों में चाकू लिए उसके पीछे भाग रहा था।

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इस सुबह को नाम क्या दूँ - महेश कटारे By राज बोहरे

रामरज शर्मा अभी अपना स्कूटर ठीक तरह से स्टैंड पर टिका भी नहीं पाए थे कि उनकी प्रतीक्षा में बैठा भगोना-चपरासी खड़ा हो, चलकर निकट पहुँच गया-'मालिक आपकी बाट देख रहे हैं ....बहुत जर...

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महावीर लचित बड़फूकन By Mohan Dhama

अपने महापुरुषों का स्मरण भारत में एक श्रेष्ठ परम्परा रही है। कथा-कहानियों से लगाकर पुस्तकों तक उनके कर्तृत्व और आदर्श जीवन का सजीव चित्रण किया गया है। यदा-कदा पर्वों के माध्यम से भ...

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अल्हड़ लड़की गीता By Shiv Shanker Gahlot

आप अकेले नहीं जो किसी खूबसूरत लड़की से प्यार करना चाहते हैं । कोई बिरला ही होगा जिसे ये चाहत न हो । पर ये वास्तव मे आधा सच है । आप किसी भी खूबसूरत लड़की से प्यार करने को तैयार हो ज...

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चुडैल की कामवासन By Mister Rakesh

आर्यन की जिंदगी हमेशा साधारण रही थी। दिल्ली के उत्तर-पूर्वी इलाके में एक छोटा सा अपार्टमेंट, एक मामूली नौकरी, और एक एकाकी जीवन। लेकिन उसके भीतर हमेशा एक खालीपन था, जिसे कोई भी चीज़...

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रक्तरेखा By Pappu Maurya

पत्तों की सरसराहट थम चुकी थी।

आसमान फट पड़ा था — और मानो देवताओं के क्रोध से बरस रहा था पानी।

हर पेड़, हर झाड़ी, हर तिनका काँप रहा था। हवा में मिट्टी, कीचड़ और काई की गंध घुल...

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मॉटरनी का बुद्धु By सीमा बी.

"मॉटर जी खाना लग गया है, आप जल्दी से आ जाओ हम दोनो को बहुत जोरों की भूख लगी है", आवाज सुनकर भूपेंद्र जी ने जल्दी से अपनी किताब बंद की और डायनिंग टेबल पर पहुँच गए, जहाँ उनका...

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सिसकती वफ़ा: एक अधूरी मोहब्बत की मुकम्मल By Babul haq ansari

कभी-कभी ज़िंदगी वो सवाल पूछ लेती है... जिनका जवाब सिर्फ ख़ामोशी के पास होता है।
और मोहब्बत... वो अक्सर वहीं से शुरू होती है, जहाँ लोग टूट कर बिखर जाते हैं।

सहर की हल्की सी रौ...

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बेवजह... By Harshad Molishree

बेवजह....भाग १....राजस्थान की जलाने देने वाली गर्मी मैं... एक लड़का जो महज १४ - १५ साल का होगा, सुनसान रास्ते पर लडखडाते हुए चल रहा है, पिघलादेने वाली गर्मी... सामने सब कुछ धुन्दला...

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अद्भुत प्रेम By Saroj Verma

कहीं दूर एक गांव में, शाम का समय,सूरज डूबने जा रहा है,सूरज की हल्की रोशनी से आकाश का रंग गहरे नारंगी रंग का हो गया है, पंक्षियो के झुंड भी दिनभर टहलकर अपने अपन आशियाने की ओर लौट रह...

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अबकी बार... लल्लन प्रधान By Bhupendra Singh chauhan

जगतपुरा....ऐसा गांव जो अब भी गांव है ।शहरों की चकाचौंध और आधुनिकता से दूर एकांत में बसे इस गांव की खूबी है कि यह अपने मे ही खुश हैं।इसकी अपनी दुनिया है।करीब...

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फिर से By Ambalika Sharma

यह कहानी एक लड़की रिया के बारे मे है जिसकी जिंदगी मे नवीन प्यार की बहार ले आता है उसे यकीन नही होता के कोई उसे इतना प्यार भी कर सकता है जब रिया नवीन से जीवन भर का साथ मांगती है त...

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जब एक प्लेन हवा में ही गायब हो गया By harshad solanki

समुद्रविज्ञानी माइकल पुरसेल अपने साथी वैज्ञानिकों सहित एटलान्टिक ओसन के पानी पर डेरा डाले कई हप्तों से पड़ा था. उन्हें किसी चीज की तलाश थी. बहुत दिनों से वे पानी की गहराइयों में उसे...

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बसंती की बसंत पंचमी By Prabodh Kumar Govil

ये दुख बरसों पुराना था। ये न मेरा था और न तेरा। ये सबका था। हर दिन का था। हर गांव का था। हर शहर का था।
नहीं- नहीं, ग़लती हो गई। शायद गांव का नहीं था, केवल शहर का था। जितना बड़ा शह...

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खौलते पानी का भंवर By Harish Kumar Amit

‘आठ हज़ार तो आप अब दे दीजिए और बाकी के आठ हज़ार आख़िरी सुनवाई से पहले दे देना.’’

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झंझावात में चिड़िया By Prabodh Kumar Govil

गोरा - चिट्टा, गोल - मटोल, आंखों से मुस्कराता सा खड़ा था।
पड़ोस की कोठी में काम करने वाली बूढ़ी औरत बोल पड़ी - काला टीका दे दो माथे पर!
- अरे नहीं - नहीं! ऊपर से नीचे तक बस वो टी...

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SUDESH By ANKIT YADAV

भुमिका :- उपन्यास में वर्णिन चरित, घटना, स्थान पूरी तरह काल्पनिक हैं। चरित्र का जीवित या मृत व्यक्ति से जुड़ाव, घटनाओ का सत्य प्रतीत, होना स्थानों का यर्थाथवादी स्थान लगना केवल संय...

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प्रेम - मेरे प्यार की शुरूआत By alaywritss

मेरे प्यार की शुरूआत कुछ इस तरह हुई की में कक्षा 10 के बाद मेरी स्कूल बदल गई और कक्षा 11 में मुझे एक लड़की पसंद आती हैं। वो बहुत ही सुंदर थी , उसकी सुंदरता कहूं तो यूं थी की वो एकद...

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समरादित्य महाकथा By Kapil Jain

समरादित्य महाकथा एक 2 आत्माओ की कहानी है कि कैसे 2 जीव अपने अपने व्यवहार में बदल जाते है और सिर्फ एक छोटी गलतफहमी के कारण दोनो आत्माओ को 9 भव का सफर करना पड़ता है उसमे से एक आत्मा अ...

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चंद्रिका एक नन्हीं जादूगरनी By Pooja Singh

ये कहानी शुरू होती हैं कंचनापुर से चंद्रिका को उसके भाई नीलेश ने एक गुप्त स्थान पर छुपा रखा है ताकि भावी जादूगरनी को कोई नुक़सान न पहुॅंचा सके।
चंद्रिका नादान सी इन सब बातो से अनज...

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पुर्णिमा By Soni shakya

मां _मां_ ओ __मां !!

देखो मेरा रिजल्ट पुरे 95 पर्सेंट मिले से मुझे।

मां मैं बहुत खुश हूं आज कहते हुए झुमने लगी पुर्णिमा ।

उसकी बातों में खनक और आंखों मे चमक थी।

आज वो स...

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हडसन तट का ऐरा गैरा By Prabodh Kumar Govil

हडसन नदी की सबसे बड़ी खूबी यह थी कि यह अत्यंत तेज़ वेग से बहती थी। और तो और, इसे मौसम के साथ बदलना भी खूब आता था। जाड़ों के मौसम में जब तेज़ हिमपात होता तो यहां ठंडे पानी में बर्फ़...

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पहली झलक:- आर्यन से मुलाकात By Silent Writer AK

होम थिएटर में ये वाला गाना चल रहा है, और साथ में एक लड़का ये गाना गाते हुए तैयार हो रहा है। तैयार होकर वो नीचे आता है वह पर उसे उसके पापा (राजवीर जी) की आवाज सुनाई देती है।

राजव...

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जो मिले तुमसे By M K

" मरहम बनकर जख्म गहरे दिए क्यों ?
आसान नहीं होता है किसी को दिल से भुला जाना "

थके हारे से एक नव युवक सड़क किनारे खड़ा था , रात के 8 बज रहे थे । आस पास से कई गाड़ियां ग...

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हंसता क्यों है पागल By Prabodh Kumar Govil

कुछ दिन पहले शाम को पार्क में अपने साथी सीनियर सिटीजंस के साथ टहल कर गप्पें लड़ाते समय पड़ौस में रहने वाले एक साथी ने बताया कि आज तो उनका सारा दिन बहुत आराम से बीत गया। उनका गीज़र...

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रिश्तो की कश्मकश By Naaz Zehra

जल्दी करो बहुत देर हो रही है पाता नहीं सुबह से क्या कर रहे थे जो अब इतना समय लग रहा है अरे आज ही हमें बारात लेकर निकलना है,,, और कितना समय लगाओगे जल्दी करो सुबह समझा रहीं हूं अपनी...

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सपना By Shivani Verma

ट्रेनों की गड़गड़ाहट के बीच, स्टेशन के पिछले हिस्से की तरफ रेलवे ट्रैक पर बैठी सपना की आंखों से झर-झर आंसू बह रहे थे. उधर से निकलने वाले लोग बार-बार उसे रेलवे ट्रैक से हटने की बात कह...

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सरजमीं By Saroj Verma

सरजमीं ,मुल्क,वतन,मातृभूमि,इन सब नामों से स्वदेश को सम्बोधित किया जाता है,कहते हैं जो देश पर फिद़ा होता है उसका नाम हमेशा-हमेशा के लिए अमर हो जाता है,अपने मुल्क के वास्ते शहीद हो ज...

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स्वतन्त्र सक्सेना की कहानियां - बद्री विशाल By बेदराम प्रजापति "मनमस्त"

स्वतन्त्र सक्सेना एक परिपक्व और विचारशील रचनाकार हैं, वे निबन्ध लेखक और कहानीकार हैं। उनकी कहानी जमीन से जुड़ी रहती हैं जो रोचक और विश्वसनीय भी होती हैं। भाषा पर उनका असाधारण अधिका...

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हक है सिर्फ मेरा By simran

एक नई कहानी , नए किरदार बस प्यार वही जो हर किसी के नसीब में नहीं !

अब इस कहानी में प्यार की कोई जगह है या नही ये जानने के लिए हम एक सफर शुरू करते है " हक है सिर्फ मेरा "...

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फैसला By Divya Shukla

फैसला (1) शाम की ट्रेन थी बेटे की अभी सत्ररह साल का ही तो है राघव पहली बार अकेले सफर कर रहा है उसे अकेले भेजते हुए मेरा कलेजा कांपा तो बहुत फिर भी खुद को समझा के उसे ट्रेन में...

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13वां दरवाज़ा By Vijeta Maru

गांव का नाम था भैरवपुर। चारों ओर ऊँचे पेड़ों से घिरा, एक ऐसा गांव जहां शाम ढलते ही लोग अपने दरवाज़े बंद कर लेते थे। गांव के बाहर एक पुरानी, टूटी-फूटी हवेली थी — राय हवेली। गांववालो...

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सरहद By Kusum Bhatt

चीड़ के पेड़ों की टहनियां तेज हवा के दबाव से जोरां से हिलती हैं सायं-सायं के कनफोडू षोर से काँंप उठती हूँ। इन चीड़ों से ढेर सूखी पिरूल भी लगातार झर रही है। ऊपर चढ़ने की कोशिश करते पाँव...

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