बाल कथाएँ कहानियाँ पढ़े और PDF में डाउनलोड करे

Stories and books have been a fundamental part of human culture since the dawn of civilization, acting as a powerful tool for communication, education, and entertainment. Whether told around a campfire, written in ancient texts, or shared through modern media, Children Stories in hindi books and stories have the unique ability to transcend time and space, connecting people across generations and c...Read More


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इतिहास का वह सबसे महान विदूषक - 27 By Prakash Manu

27 यह है मेरे परदादा का हाथी राजा कृष्णदेव राय के समय में विजयनगर की कार्ति-पताका दूर-दूर तक लहराने लगी थी। विजयनगर राज्य की कलाओं और धन-धान्य का कोई जवाब न था। इसलिए लोग ‘धर...

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आई हेट यू, पापा! By Anand Vishvas

आई हेट यू, पापा! -आनन्द विश्वास कबीर के घर से कुछ दूरी पर ही स्थित है सन्त श्री शिवानन्द जी का आश्रम। दिव्य अलौकिक शक्ति का धाम। शान्त, सुन्दर और रमणीय स्थल। जहाँ ध्यान, योग और ज्ञ...

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भूरिया और मिनका By Monty Khandelwal

एक गांव में भूरिया और मीनका रहते थेभूरिया एक कुत्ते का नाम है और मीनका एक बिल्ली कावे दोनों बहुत ही अच्छे मित्र थे | मीनका जब छोटा था तब उसके गांव में बाढ़ आई थी तो मीनका अपने परिव...

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देवम की चतुराई By Anand Vishvas

देवम की चतुराई -आनन्द विश्वास बहुत दिनों से देवम और उसकी मम्मी की इच्छा सोमनाथ-दर्शन की हो रही थी। पर कभी तो देवम के पापा के ऑफिस का काम, तो कभी देवम की पढ़ाई। बस, प्रोग्राम बन ही...

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डोर टू डोर कैंपेन - (अंतिम भाग) By Prabodh Kumar Govil

जंगल में इतना दिलचस्प मुकाबला आज तक कभी नहीं हुआ था। लोगों में ग़ज़ब का उत्साह था। नदी के दोनों किनारे दर्शकों से खचाखच भर चुके थे। जानवर तो जानवर, नदी किनारे इंसानों की भी भारी भी...

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तिरंगा झंडा By karan kumar

तारीख 24 और जनवरी का महीना था पूरी कड़ाके की ठण्ड पड़ रही थी।एक 60 62 साल का व्यक्ति पिछले 2 घंटे से बार बार घडी को देख रहा था। पर इस बार घडी को देख उसकी आँखों में चमक सी आ गयी।और वो...

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अबोध बालक By Anand Vishvas

 अबोध बालक -आनन्द विश्वास कबीर का घर स्कूल से थोड़ी ही दूरी पर है। वह अक्सर अपने साथियों के साथ पैदल ही या कभी-कभी साइकिल से स्कूल आया-जाया करता है। और जब कभी पापा के पास समय होता...

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बर्थ-डे गिफ्ट By Anand Vishvas

बर्थ-डे गिफ्ट -आनन्द विश्वास बच्चों को कुछ भी याद रहे या न रहे, पर वे अपना बर्थ-डे तो कभी भी भूलते ही नही और उसकी तैयारी में तो वे कोई कोर कसर भी नही छोड़ते। पिछले बर्थ-डे से ज्याद...

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स्कूल पिकनिक By Anand Vishvas

“स्कूल पिकनिक” -आनन्द विश्वास जिस दिन बच्चों को पढ़ना न पड़े और मौज-मस्ती, सैर-सपाटा करने का मौका मिले, उस दिन से अच्छा दिन और कौन-सा हो सकता है, बच्चों के लिए। पूरा का पूरा स्वतंत...

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फूल नहीं तोड़ेंगे हम By Anand Vishvas

"फूल नहीं तोड़ेंगे हम" -आनन्द विश्वास 14 नवम्बर, बाल दिवस, बच्चों के प्यारे चाचा नेहरू का जन्म-दिवस, कबीर के स्कूल में बड़ी धूमधाम के साथ मनाया जाता है। सभी छात्र बड़े उत्साह और उम...

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श्री क्षय पारो By Anand Vishvas

"श्री क्षय पारो" -आनन्द विश्वास सोसायटी के ग्राउन्ड में कबीर और उसके साथी क्रिकेट खेल रहे थे। कबीर बैटिंग कर रहा था, अधिक ज़ोर से शॉट लगने के कारण बॉल कम्पाउड वॉल के बाहर चली गई। ब...

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चिड़िया फुर्र.. By Anand Vishvas

चिड़िया फुर्र.. -आनन्द विश्वास अभी दो चार दिनों से कबीर के घर के बरामदे में चिड़ियों की आवाजाही कुछ ज्यादा ही हो गई थी। चिड़ियाँ तिनके लेकर आती, उन्हें ऊपर रखतीं और फिर चली जातीं,...

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एक आने के दो समोसे By Anand Vishvas

“एक आने के दो समोसे” -आनन्द विश्वास बात उन दिनों की है जब एक आने के दो समोसे आते थे और एक रुपये का सोलह सेर गुड़। अठन्नी-चवन्नी का जमाना था तब। प्राइमरी स्कूल के बच्चे पेन-पेन्सिल...

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जंगल चला शहर होने - 13 (अंतिम भाग) By Prabodh Kumar Govil

चर्चा जारी थी।तभी राजा साहब ने कहा - क्या ये सब समस्याएं इंसानों में नहीं आतीं? वो भी तो अलग अलग रंग, आकार और हैसियत के होते हैं? वो इन समस्याओं का हल कैसे करते हैं। कुछ उनसे पता ल...

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इतिहास का वह सबसे महान विदूषक - 27 By Prakash Manu

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