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कानून और न्याय एक प्रोफेसर अपनी कक्षा शुरू करने से पहले एक छात्रा से उसका नाम पू...
कहानी का नाम: मायाजाल (The Professional Brides) "मीठी बातों का ज़हर और लालच का फं...
वर्शाली को देखकर एकांश कहता है-->" वर्शाली तुम यहां ? वर्शाली एकांश से कहती है--...
अध्याय 1: प्रतिज्ञा और पुराना घरभविष्य की चकाचौंध और अत्याधुनिक तकनीक से लैस शहर...
पुस्तक समीक्षाबोलती रचनाओं का काव्य संग्रह - अभिव्यक्ति अल्फाजों की ...
पुस्तक चर्चा पाखंड के विरुद्ध विजी श्रीवास्तव का निर्भीक शब्द-युद्ध .. "ए जी!...
वर्तमान समय असुर वंश = आज के आधुनिक आतंकी संगठन,और उनकी उत्पत्ति जोड़ दी जाए...
Aab takराधा एक बहुत ही अच्छी लड़की है लेकिन नैना राधा को बिल्कुल ही पसंद नहीं कर...
यह साल 2800 है। पृथ्वी का वह चेहरा, जिसे कभी 'नीला ग्रह' कहा जाता था, अब...
सुदूर इलाकों के अंदर गहरे नाले के पार, एक सुंदर गाँव, जिसे "नीलाम्बरा" के नाम से...
मुंबई की चकाचौंध भरी दुनिया में एक नाम ऐसा था जो खुद ही चमक का पर्याय बन चुका था— आदित्य मेहरा। आदित्य सिर्फ़ एक टीवी एक्टर नहीं, बल्कि करोड़ों दिलों की धड़कन था। उसकी गहरी आँखें,...
स्थान: गांव का चौपाल समय: शाम ढलने का वक्त बड़ा पीपल का पेड़ झूम रहा है। कुछ बुज़ुर्ग और नौजवान बैठे हैं। महिलाएं थोड़ी दूरी से सुन रही हैं। बच्चे खेलते-खेलते धीरे-धीरे पास आ रहे...
इंस्पेक्टर सुखी सुबह के 6 बजे शुख की नींद में थे, कि अचानक उनके मोबाइल की रिंग बजी..आँखें मलते हुए..हाथ में मोबाइल लेकर बोले “नाम सुखी है लेकिन दुनिया शुख से रहने नहीं देती..इस मोब...
एलारिया की शांत और सुंदर दुनिया में, जहाँ हरे-भरे मैदान और घने जंगल फैले हुए थे, एक छोटा-सा गाँव लिलीवुड अपनी सादगी और खुशियों के लिए जाना जाता था। यहाँ के लोग प्रकृति के करीब रहते...
अस्पताल में दवाओं का गंध हमेशा बना रहता था | और रक्तांश खुराना को इससे हमेशा से नफ़रत थी लेकिन इस वक्त वह उस गंध को मेहसूस नही कर पा रहा था | रक्तांश इस वक्त वीआईपी वार्ड...
"साहब, इस बिल्डिंग में बारह ही मंज़िलें हैं। तेरहवीं कभी बनी ही नहीं।" वॉचमैन की आवाज़ में न जाने कैसा कंपन था जो विशाल को बेचैन कर गया। सुबह की पहली किरण अभी ठीक से ज़...
रात के 11:42 हो चुके थे। सोसाइटी की सारी लाइटें बुझ चुकी थीं। हवा में अजीब सी सर्दी थी, जो जून की गर्मी में भी अजनबी लग रही थी। अर्जुन एक नया डिलीवरी बॉय था। आज उसे एक ऑर्डर मिल...
बनारस का वो महीना सावन का था, और आसमान में छाई थी हल्की हल्की धुंध। शहर की सबसे पुरानी यूनिवर्सिटी में पहला दिन था काव्या का। नीली सलवार-कुर्ता, एक हाथ में किताबें, दूसरे में छतरी...
आज शनिवार की शाम दिल्ली के कनॉट प्लेस की सड़कों पर जहाँ ट्रैफिक जाम था, वहीं क्लब पैराडाइस में अमन भी अपने दोस्तों के साथ जाम से जाम टकरा रहा था I उसके दोस्त, नयन, रोहि...
वह लड़का उस जगह से बेतहासा भागने की कोशिश कर रहा था। उसे अपने सामने एक सीधी सड़क नजर आ रही थी। और चारों तरफ बस अंधेरा। सामने से देखने से लग रहा था कि वह सड़क कभी खत्म नहीं होगी। वह...
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