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Mr. & Ms. FakeEpisode 26 – The Girl Who Knew Saanviअगली सुबह...सूरज निकल चुका था...
हम ने उड़ना सीख लियालेखक: विजय शर्मा एरीहिमाचल प्रदेश के एक छोटे से पहाड़ी गाँव...
चैप्टर 3: अंजान आवाजसमीर की आँखें एक अचानक लगे झटके के साथ खुल गईं। उसकी सांसें...
ये कहानी है चार लड़कियों की, जो अपनी-अपनी ज़िंदगी की परेशानियों से दूर भागकर आर...
मां रसोई के चौखट पर शांत खड़ी थीं, लेकिन उनकी नम आँखों में बरसों का सारा दर्द छल...
अधूरी किताब – सीजन 2एपिसोड 49 : पहली अधूरी कहानीअनन्या के हाथ से अधूरी किताब लगभ...
EPISODE:-3कडा धाम के उस शापित लाल कुएं के पास हवा...
मैं इसे पुस्तक के रूप में अध्याय-दर-अध्याय दूँगा। जहाँ पाठ की परंपरा के अनुसार...
दो शहर एक सपनारायगढ़ की लाल मिट्टी से निकला था रघु। उसके हाथों में फावड़ा था और...
मूसलाधार बारिश पूरे शहर पर कहर बरपा रही थी।काले बादलों ने आसमान को पूरी तरह निगल...
W-22 : The Door That Should Not Exist SEASON 1 – “The First Crossing” कहते हैं कुछ जगहें खाली नहीं होतीं, बस हमारी आँखें उन्हें देख नहीं पातीं। अरावली के जंगलों के बीच एक टूटा...
उत्तरी साम्राज्य की वे बर्फीली हवाएँ उस रात साधारण नहीं थीं। उनमें एक ऐसी कड़वाहट थी, जैसे वे पहाड़ियों की गहराइयों में दबे किसी प्राचीन अभिशाप को सोखकर आई हों। हवा का हर झोंका इज़...
यह कहानी काल्पनिक है। इसका किसी जीवित या मृत व्यक्ति से कोई संबंध नहीं है। यदि किसी व्यक्ति, स्थान या घटना से कोई समानता मिलती है तो वह मात्र एक संयोग है।" वर्ष 2004एक आदमी...
मुंबई की शाम हमेशा किसी फिल्म के सेट जैसी लगती थी. ऊँची बिल्डिंग्स की चमकती खिडकियाँ, गाडियों का लगातार शोर, और बीच- बीच में समुद्र की आवाज. उसी समुद्र किनारे खडी थी आयरा मेहता. उस...
शाम के 5.30 बज रहे थे, रीना ऑफिस में काम खतम करके बाहर सड़क किनारे इंतजार करते रहती है, तभी अक्षय अपनी ऑल्टो कार उसके सामने ला कर खड़ा कर देता है । रीना अक्षय की गर्ल फ्रेंड ह...
मुंबई की शाम हमेशा किसी फिल्म के सेट जैसी लगती थी। ऊँची बिल्डिंग्स की चमकती खिड़कियाँ, गाड़ियों का लगातार शोर, और बीच-बीच में समुद्र की आवाज़। उसी समुद्र किनारे खड़ी थी आयरा मे...
सागरपुर नाम का शहर, जो न तो पूरी तरह गाँव था और न ही पूरी तरह महानगर। यहाँ न तो मेट्रो की गूंज थी और न ही ऊँची-ऊँची इमारतों की चकाचौंध। लेकिन यहाँ के लोग अपनी ज़िंदगी जीने के लिए स...
अहमदाबाद के थलतेज इलाके में स्थित एक शानदार कॉफी शॉप। 28 मार्च, 2015 की शाम का समय। अभिमन्यु सिंह अपनी बिजनेस मीटिंग खत्म करके बाहर निकल रहा था। 45 साल की उम्र में भी उसकी शख्सियत...
गाँव के किनारे खड़ी पुरानी हवेली को लोग “खामोश हवेली” कहते थे। दशकों से वहाँ कोई नहीं रहता था। दीवारों पर उगी काई, टूटी खिड़कियाँ और जंग लगे गेट देखकर लगता था मानो हवेली साँस ले रह...
रात का सन्नाटा था। पूरा जंगल ठंडी हवा और झींगुरों की आवाज़ से गूँज रहा था। गहरी अंधेरी घाटी के बीचोंबीच एक गुफा में जंगल का राजा – एक शक्तिशाली इच्छाधारी शेर – अपने परिवार के साथ र...
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