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# आस्था की छाया## *एक दार्शनिक नाटक - अंधविश्वास और सत्य की यात्रा*---## **पात...
जीतेशकान्त पाण्डेय- कक्षा पाँच उत्तीर्ण कर आपने मिडिल स्कूल में प्रवेश लिया। मिड...
उत्तर प्रदेश के Pratapgarh जिले में बसे छोटे और शांत गाँव Kusumi की एक अलग ही पह...
नंद...
बचपन की आख़िरी चिट्ठी(एक हिस्सा, पर पूरी कहानी)हमारा पहला दिन था प्लेस्कूल का।मै...
रोमी के बोले शब्द विजय के दिमाग में घूम रहे थे आज वह अकेले में बैठ कर बहुत रोया...
जानवी :- आप कहना क्या चाहते हो पापा ?अशोक : - बेटी ये सब आदित्य के वजह से हो रहा...
सिय्या मुंबई की भीड़ में भी अकेली सी चल रही थी। हाथ में फाइल, चेहरे पर हल्की थका...
ससुराल से एक साल बाद मायके पहुँची थी |बरामदे की चौखट पार की ही थी कि सामने से फू...
रात का माहौल और गहरा गया था। करन बिस्तर से उठने की कोशिश कर रहा था, अनाया उसके प...
मै एक नवीन लेखक अपनी इन लघु कहानियों से एक समाज की भिन्न - २ समस्याओ से ग्रस्त छवि को दिखाने का प्रयत्न करूँगा। मै हर समस्या के मध्य रह व मुझसे जूडे अनुभवो की भ्रांतियो को अपने लेख...
आज तारू अपने घर आने वाली थी। घरमे कोई खुश नही था उसके आनेसे। तारू पूरे चार साल अपने परिवार से दूर रही है। तारू को भी उसके परिवार से लगाव नही था वी भी...
मौसम की आवारगी में खोई हू और आज भी मै डायरी में तुम्हारे आने की उम्मीद में लिख रही हूं , यह डायरी जिसमें तुमसे जुड़ी हर बात लिखते ही जा रही , मुझे यकीन है कि तुम आओगे जरूर , 1946 क...
काहाणी शुरु करते हे हम ऐसी काहाणी लेकर आए हे जो आपने कभी भी नहीं सोनी होगी तो काहाणी शुरु करते हे एक मंदिर के पास एक लडकी आती है और बोलती हे शिवजी मुझे बचाए तब वाहा उसका पती आता...
ये काहाणी एक प्यार से जुडी हे तो काहाणी शुरु करते हे तो चलो एक शहर मे शुभम नाम का लडका खाना बनाने के स्पर्धा मे जा रहा था तब वाहा पे कुछ गुंडे आते है तब वो सबको मारते हे तब एक जान्...
रात के बारह बजने वाले थे। करीबी रिश्तेदारों तथा वर-वधू परिवारों के लोगों को छोड़कर विवाह समारोह में आमंत्रित लगभग सभी लोग खा-पीकर तथा बधाई-शुभकामनाएँ देने का फ़र्ज़ निभाकर जा चुके...
ये काहाणी एक डरावणी हे ये शो का नाम रात का खेल चले हे तो चलो देखे . एक गाव था तब एक आत्मा आती है और बोलती हे मे अपनी काहाणी बताने जा रही हो तब वो काहाणी बताती हे एक गाव मे मेरा परि...
जगतपुरा....ऐसा गांव जो अब भी गांव है ।शहरों की चकाचौंध और आधुनिकता से दूर एकांत में बसे इस गांव की खूबी है कि यह अपने मे ही खुश हैं।इसकी अपनी दुनिया है।करीब...
દિપક એમ. ચિટણીસ dchitnis3@gmail.com -: જીવન-સંગીની :- ---------------------------------------------------------------------- સપના છેલ્લા ઘણા સમયથી બદલાયેલી બદલાયેલી લાગી રહી છે. એ...
मान्यता के घर उसकी बचपन की सहेली शीला आई हुई थी .वह अपने फ्लैट की बालकनी में उसके साथ बैठी चाय पी रही थी . शीला शादी के बाद पहली बार मान्यता से मिली थी .शीला का पति सेना में कैप्...
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