The Download Link has been successfully sent to your Mobile Number. Please Download the App.
You are welcome to the world of inspiring, thrilling and motivating stories written in your own language by the young and aspiring authors on Matrubharti. You will get a life time experience of falling in love with stories.
दोहा : 21कबीर माया तजी तो क्या भया, मान तजा नहीं जाय।मान बड़े मुनिवर गिले, मान स...
बस अपनी रफ़्तार से लखनऊ की सड़कों पर दौड़ रही थी। खिड़की से आती ठंडी हवा पूरे मा...
समर्पित उन सभी स्त्रियों को जो किसी न किसी बंधन में जकड़ी हुई हैं।प्रस्तावनायह क...
वाजिद हुसैन सिद्दीक़ी की कहानीहेड पोस्ट ऑफिस की पुरानी इमारत शहर के...
Ep-1 दो दुनिया एक किस्मतदिल्ली.सुबह के ठीक आठ बजे.सर, नौ बजे लंदन ब...
**भाग सात: हवेली की चौखट पर**दरवाज़े पर पड़ने वाली वो ज़ोरदार दस्तक और पल्लवी के मा...
रामपुर गाँव की गलियों में शाम का वक़्त था। सूरज पहाड़ों के पीछे छिप रहा था और आस...
वो लड़की जो कभी नहीं हारीअध्याय 10 — पहली जीत, पहली परीक्षासुबह की धूप आज कुछ अल...
ापित वीडियोभाग 1मेरा नाम राहुल है और यह मेरी कहानी है।यह बात तब की है जब मैं बस...
Welcome all Shayri's Shivam Varshney इकतरफा मोहब्बत का इजहा...
अभिशप्त रूह का तांडवदुनिया के नक्शे पर कुछ जगहें ऐसी होती हैं जिन्हें कुदरत ने शायद स्वर्ग का द्वार बनाने के लिए रचा था, लेकिन इंसानी फरेब और खून ने उन्हें नर्क का रास्ता बना दिया।...
प्रिया पाठको,, यह एक सामाजिक कहानी है । जिसे मैंने अपने शब्दों के मोती में पिरोकर माला बनाने की कोशिश की है । अपना स्नेह और आशीर्वाद बनाए रखिएगा ?? ....... .......
झूठ बोल कर निकली, ये कहानी शुरू होती है एक झूठ से, प्रतिज्ञा ने अपने घर पर सबको बोला था, कि वो कॉलेज ट्रिप पर जा रही है, लेकिन सच ये था कि, ये कोई आम कॉलेज ट्रिप नहीं थी, ये एक कपल...
लोकतंत्र की ज़मीनी सच्चाई और युवाओं की पुकार— सत्येंद्र कुमार "एस.टी.डी. मौर्य" कटनी मध्य प्रदेश क्या आप जानते हैं कि देश में क्या चल रहा है? यदि नहीं, तो क्यों नहीं? हम...
हर दिन एक ही कॉल, ठीक 12 बजे, और फिर सन्नाटा। और जब भी कोई कॉल उठाए, सिर्फ एक आवाज़ "मुझे क्यों मारा?" ये सिलसिला कुछ सालों तक यूँ ही चला, लेकिन एक दिन कुछ ऐसा हुआ जिसने स...
गुलाबी शहर की धूप और टोक्यो की यादें दृश्य 1: जापान (टोक्यो) – निहाल का पेंटहाउस – सुबह का समय टोक्यो की सुबह हमेशा की तरह मशीनी और तेज़ थी। खिड़की के बाहर चमकती मेट्रो ट्रेनें और...
कुसुम सामने बैठे शीशे में खुद को घूरे जा रही थी। उसने खुद को देखा ! लाल साड़ी, बड़े-बड़े झुमके, माथे पे बिंदी, खुले बाल जो कमर तक थे, हाथों में चूड़ियाँ ! वो खुद को देख ही रही थी ज...
वेदांत बीस बरस में बहुत तरक्की कर लिया है ।फ़िल्म निर्माता ,निर्देशक और उपन्यासकार लेखक भी है।वह बंगले के लॉन में मैना पक्षी के जोड़े को देखते ही रहा जाता है ।दोनों में इश्क हो रहा थ...
हमारा समाज एक ऐसे दौर से गुजर रहा है, जहाँ रूढ़िवादिता और अंधविश्वास का खौफ इस कदर फैल गया है कि लोग इससे बाहर निकलना ही नहीं चाहते। मैं देखता हूँ कि समाज को आगे बढ़ाने के लिए बड़ी...
सेठ रत्नाकर अपने समय के धनाढ्य व्यक्तियों में से थे। अच्छा खासा नाम था उनका। सब कुछ घर मे था, नौकर चाकर घर जायदाद घोड़े गाड़ियों के अंबार! और प्रभु महादेव जी की अपार कृपा थी कि किस...
लॉग इन करें
लॉगिन से आप मातृभारती के "उपयोग के नियम" और "गोपनीयता नीति" से अपनी सहमती प्रकट करते हैं.
वेरिफिकेशन
ऐप डाउनलोड करें
ऐप डाउनलोड करने के लिए लिंक प्राप्त करें
Copyright © 2026, Matrubharti Technologies Pvt. Ltd. All Rights Reserved | Powered by Custom Web Development Company India.
Please enable javascript on your browser